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किराए पर रहने आयी चुदक्कड़ लड़की की चुदाई

indiansexkahani.com हेल्लो दोस्तों मेरा नाम विशाल सिंह है. मैं दिल्ली में रहता हूँ. मेरे को बचपन से ही प्रोपर्टी डीलर का काम बहुत पसंद था. आज भी में मै उसी काम से बड़ा आदमी बन गया हूँ. दिल्ली में मेरा बहुत बड़ा घर है. उसमें कई किराए लोग रहते हैं. उसी में मेरे को एक चुडक्कड़ लड़की मिल गयी. उसकी अभी तक शादी नहीं हुई थी. उसकी उम्र 25 साल की लग रही थीं. उसका नाम सुप्रिया था. वो पास के ही एक फैक्ट्री में मैनेजर थी। मेरे को भी वो बहुत पसंद थी. उसके गोल गोल मम्मो ने हमे दीवाना बना दिया लेकिन मैं तो ठहरा शादी शुदा आदमी. मेरी शादी को 2 साल हो गए थे. मेरी बीबी का नाम आराधना है. वो भी एक नंबर की आवारा कुतिया निकली. पता नहीं कहाँ कहाँ मुह मार के आयी थी. सुहागरात वाली रात में उसकी चुदाई करते ही पता चल गया था. जब मेरा लंड उसकी चूत में नहाने धोने के लिए घुसा. उसकी ढीली चूत चोदने कुछ मजा ही नहीं आ रहा था. मैं भी अपना 7 इंच का लंड उसकी चूत में घुसा कर बाहर निकाल रहा था.

उससे ज्यादा मजा तो मेरे को मुठ मारने में आता था. शादी मेरी मम्मा की जिद की वजह से हुई थी. मेरे यहां आयी नयी किराएदार बहुत ही खूबसूरत थी. सुप्रिया बहुत गजब की माल दिखती थी. मैंने उसे सबसे ऊपर अपने फ्लैट में कमरा दे रखा था. मेरा कमरा उसके कमरे के आमने सामने था. वो अपने रूम में किसी को भी लेकर आती मै कुछ नहीं कहता था. हर दूसरे तीसरे दिन एक नया लड़का लेकर आती थी. मेरे को उसकी मटकती गांड बहुत पसन्द थी. सारे मोहल्ले में बस उसी के चर्चे हो रहे थे. पूरा मोहल्ला उसकी हुस्न का दीवाना था. बूढ़े भी उसे चोदने की दुआ करते थे. मै जब सुबह उठकर रूम से बाहर निकलता तो वो मेरे को ब्रश करते मिलती थी. पता नहीं क्यों!! सुबह सुबह लंड मेरा खड़ा हो जाता है. जब भी मै सुबह उठता हूँ तो मेरे उठने से पहले मेरा लंड उठा मिलता है. मैं जब भी बाहर निकलता तो सुप्रिया मुझे देख के हंस के गुड मॉर्निंग बोलती थी. मेरे कच्छे पर एक नजर वो जरूर डालती थी. मुझे भी ऐसा हर रोज करने में ख़ूब मजा आता था. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

मेरा भी मन अब उसे जल्दी ही चोदने को कर रहा था. लेकिन मेरी माँ और मेरी बीबी ने मेरी बैंड बजा रखी थी. वो मुझे कभी भी घर में अकेले रहने का मौका ही नहीं देती थी. मैं हर दिन सुप्रिया को याद कर करके मुठ मारता रहता था. वो नहा धो कर अपना कपड़ा छत पर सूखने के लिए फैला आती थी. हर रोज जाकर उसकी 36 की ब्रा के साथ खेलकर खूब मजा लेता था. सुप्रिया की पैंटी से अजीब सी मादक खुशबू आती थी. सुप्रिया कुछ दिन के लिए कही गयी हुई थी. मैं हर दिन ऑफिस में उससे फ़ोन करके उसके आने के बारे में पूछता था. मेरे को उसकी बहुत फिक्र हो रही थी. आखिर कर एक दिन वो मेरे को दिख ही गयी. जब मैं सुबह सुबह उठा तो हर दिन की तरह उसने मेरे से गुड मॉर्निंग बोली. मै तो चौंक कर बड़ी प्यारी नजरो से उसे देखने लगा.
दो तीन दिन बीत गया. एक दिन मै ऑफिस में बैठा था कि सुप्रिया का फ़ोन आ गया.

मै: हेल्लो हाँ सुप्रिया जी बताइए??
सुप्रिया: क्या बताएं?? जब मैं चली गयी थी तो आप रोज फ़ोन करते थे. लेकिन अब नहीं करते हो
मै: तुमसे बात करने का तब बहाना मिला था. लेकिन अब किस बहाने से बात करूं?
सुप्रिया: बहाना ढूंढने की कोई जरूरत नहीं है. आप कभी भी बात कर सकते हो
इसी तरह से कुछ देर मैंने उससे नॉर्मली कुछ बात की. उसके बाद फ़ोन रख दिया. दुसरे दिन मैंने खुद फ़ोन करके उससे बात की और इस प्रकार मेरा सुप्रिया से बात करने का सिलसिला शुरू हुआ. हम लोग एक दूसरे से फ्रैंकली बात करने लगे. एक दिन मैं सीढ़ी पर चढ़ रहा था. वो भी नीचे तेजी से आ रही थीं. वो सीधे आकर मेरे से टकरा गई. मैं नीचे गिरते गिरते बचा. कुछ देर तक मै सुप्रिया को देखता ही रह गया.

आज इतनी करीब से उसे देखने का मौका मिला था. मैंने उसे चिपका कर किस कर लिया. उसके सॉफ्ट सॉफ्ट चुच्चो को दबाया. उसके बाद वो हँसते हुए नीचे चली गयी . मै भी ऊपर आ गया. एक दिन उसका बर्थडे था. उस दिन वो अकेली ही थीं उसके साथ कोई भी लड़का नहीं आया था. मेरे रूम में आकर मुझे मेरे बीबी मम्मी को बर्थडे सेलिब्रेट करने आने को कहा. सबसे पहले मैं ही उसके रूम में पहुचा. सुप्रिया को देखते ही मेरा लंड तेजी से एक झटके में उठ गया. क्या जबरदस्त माल लग रही थी. उसने काले रंग की साडी ब्लाउज पहन रखी थी. उसके दूध से गोरे बदन पर बहोत जच रही थी.
सुप्रिया: मेरे लिए कोई गिफ्ट नहीं लाये.
मैंने उसे किस किया और कहा: ‘लो जी हो गया तुम्हारा गिफ्ट’

सुप्रिया: बहुत स्वीट गिफ्ट है
मैंने जल्दी से उससे दूर होकर सोफे पर बैठ गया. वो मेरे को बस घूरे ही जा रही थी. तभी मेरी मम्मी और खूंखार बीबी आराधना आ गयी. सुप्रिया ने केक काटा और उसके बाद हमने खाना खाया. मम्मी और मेरी बीबी ने सुप्रिया को ढेर सारा गिफ्ट भी दिया. मेरे सुप्रिया के बीच की दीवार कुछ दिन के लिए ख़त्म होने वाली थीं. शादियों का सीजन था. मेरी बीबी और मम्मी अपने अपने मायके चली गईं. अब मैं फ्री हो गया. मम्मी और मेरी बीबी के जाने के एक दिन बाद ऑफिस भी कुछ दिन के लिए बंद हो गया. मै घर आ गया. सुप्रिया के रूम का दरवाजा खुला हुआ था. वो भी आज कही नहीं गयी हुई थी। मैने डायरेक्ट उसके रूम में एंट्री मारी.

वो बिस्तर पर लेटे लेते टीवी देख रही थी। मैं उसके पास गया तो वो उठकर बैठ गयी. वो चादर ओढ़ कर लेटी थीं. वो मेरे को पास आकर बैठने को कहा. मैने अपना जूता निकाला और उसके बगल जाकर बैठ गया. मैंने उसके कंधे पर हाथ रखकर उसे चिपका लिया. वो भी मेरे कंधे पर अपना सर रखे हुए थी. मैंने उसे किस किया. उसने टीवी बंद मेरी तरफ देखने लगी. धीरे धीरे हम दोनों सरकते हुए बिस्तर पर अच्छे से सर रखकर लेट गए. उसका चेहरा मेरे चेहरे के सामने था. मुझे कंट्रोल नहीं हो था. कुछ देर तक बात क़िया. जब भी बोलते हुए उसके होंठ देखता तो उसके होंठ काट खाने का दिल करता था. मुझसे ज्यादा देर रहा नहीं गया. मैंने उसके लिप से अपने लिप को चिपका दिया. उसके गुलाबी होंठ को चूसने में बहुत मजा आ रहा था. वो भी मेरा साथ दे रही थी. हम दोनों चिपक कर एक दूसरे को किस कर रहे थे. उसके दोनों बूब्स मेरे सीने से सटे हुए थे. उसके गुलाबी होंठ को पी पी कर अपने होंठ की प्यास बुझाई. मेरा लंड खड़ा होकर टाइट हो रहा था।

इतने दिनों की तड़प आज बुझने वाली थी। मेरे को सुप्रिया की चूत पाने का बहुत ही इन्तजार करना पड़ा. मैंने उसकी चादर हटा दिया. उसने नीचे गाउन पहना हुआ था। मैंने उसे निकाल कर उसे ब्रा पैंटी में कर दिया. क्या मस्त हॉट सेक्सी दिख रही थी. उसके गोरे गोरे बूब्स उसकी ब्लू कलर की ब्रा में बहुत ही आकर्षक लग रही थी. मै सुप्रिया की दूध को हाथ में लेकर दबाने लगा. सॉफ्ट सॉफ्ट चूंचियो को दबाने में बहुत मजा आ रहा था. मैंने उसके ब्रा को निकाल कर निप्पल को पीने लगा. वो“..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” की मीठी आवाज निकाल रही थी. मेरे को उसका दूध पीने में बहुत मजा आ रहा था. उसके मोटे मोटे निप्पल को काट कर उसे गर्म कर रहा था. सुप्रिया गर्म होकर मेरे को अपने बूब्स से दबा रही थी. लगभग 10 मिनट तक दूध पीने के बाद उसके निप्पल कड़े होकर खड़े हो गए. मैंने भी अपना पैंट शर्ट निकाल कर सिर्फ अंडरबियर और बनियान में हो गया. मेरे लंड को अंडरबियर के ऊपर से वो दबाने लगी. मै बेड से नीचे खड़ा था और सुप्रिया बेड पर बैठे बैठे ही मेरे अंडरवियर को निकाल कर मेरे लंड को घूरने लगी.  इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

सांवले रंग के लंड के किनारे काले काले छोटे बाल बहुत ही जबरदस्त लग रहे थे. वो मेरे लंड को अपने हाथो से पकड़ कर मुठ मारने लगी. कुछ देर बाद उसने जीभ लगाकर चाटा एयर धीरे धीरे मुह में रखकर चूसने लगी. मेरे को उसके लंड चुसाई ने बहुत उत्तेजित कर दिया. मेरा उत्तेजित लंड उसकी चूत में घुसने को तड़प रहा था. मैंने अपना लंड उसके मुह से निकाल कर उसकी पैंटी निकाल दी. सुप्रिया भी अपनी चूत चटवाने के लिए बैठे बैठे हो अपनी टांगो को खोल दिया. टाँगे खोलते ही मेरे को उसकी चूत के दर्शन हो गया. मै नीचे बैठ कर उसकी चूत में अपना मुह लगा दिया. दूध की तरह उसकी चूत भी बहुत सॉफ्ट थी. मैंने अपना जीभ चूत पर लगा लगा कर उसकी चूत चटाई कर रहा था. वो भी चूत को बड़े मजे से चटवा कर “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की सिसकारी भर रही थी. चूत के दाने को काटते ही वो जोर से सिसकती थी. कुछ देर तक चूत चाटने के बाद मैंने उसे लिटा दिया. सुप्रिया ने अपनी टाँगे खोलकर मुझे चुदाई करने का सिग्नल दे दिया. मैंने भी अपना लंड उसकी चूत पर रखकर चार पांच बार ऊपर से नीचे रगड़ा. उसके बाद मैंने उसकी चूत में अपना टोपा घुसा दिया.

वो मेरे लंड के थोड़ा सा अंदर घुसते ही जोर से “आआआअह्हह्ह ह…..ईईईईईई ई…. ओह्ह्ह्…अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….”, चिल्लाने लगी. मैं अपना लंड उसकी चूत में अंदर तक घुसाता गया. पूरा लंड अंदर घुसाने के बाद मैंने उसकी चुदाई करनी शुरू कर दी. मेरे को मेरी बीबी से तो लाख गुना सुप्रिया की चुदाई करने में मजा आ रहा था. वो भी हसी ख़ुशी से चुदवा रही थी. उसे भी मुझसे चुदवाने में मजा आ रहा था. मेरा लंड जल्दी जल्दी उसकी चूत में घुस कर निकल रहा था. उसने मेरे गले को पकड़ कर किस करते हुए चुद रही थी. पहली बार मुझे सेक्स का इतना मजा मिल रहा है. सुप्रिया भी अपनी कमर को उठा उठा कर “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्ह ह ..अई …अई…अई…..” की चीखों के साथ चुद रही थी. मेरा मौसम बहुत जबरदस्त बन गया था. पूरा बेड पर हिल रहा था. खूब जोर जोर से हचक हचक की चुदाई करते ही वो चिल्लाने लगी. मैंने उसे उठा दिया. कुछ देर तक तो मैने खड़े होकर ही उसकी चुदाई की.  इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम   ..उसके बाद मैंने उसे अपनी गोद में उठाकर उसे चोदने लगा. मैंने उसकी चूत में अपना लंड जड़ तक घुसाकर उसकी चुदाई करने में मस्त था. वो भी मेरे गले को पकड़ कर उछल रही थी. मै झड़ने की कागार पर पहुच चुका था लेकिन उससे पहले चुदाई रोककर उसे किस करने लगा. मेरे लंड से दो चार बूँद वीर्य निकाला और लगभग पांच मिनट बाद मैं फिर से काम पर लग गया. मैंने इस बार उसे झुकाकर चोदना शुरू किया. उसके पेट को पकड़कर मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत में घुसाकर चोदने लगा. उसके दोनों दूध हिला रहे थे. मेरे लंड की दोनों गोलियां उसकी चूत पर लड़ रहे थे. जोर जोर से लंड घुसाने पर उसकी चीखे निकलने लगी. वो तेज तेज से “आऊ….. आऊ…. हमममम अहह्ह्ह्हह… सी सी सी सी.. हा हा हा..” की आवाज से पूरा कमरा भर दी. उसकी गांड पर हाथ फेर कर उसको भी उत्तेजित कर रहा था. उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया.

चूत के पानी से मेरा पूरा लंड भीग गया. मेरा भीगा लंड उसकी चूत में और भी तेजी से चुदाई कर रहा था. मेरा लंड भी ज्यादा देर तक उसकी चूत की रगड़ नहीं सह पाने वाला था. वो भी कुछ ही देर में झड़ने वाला था. मै जोर से उसकी चूत में लंड घुसा रहा था. सुप्रिया की चूत बार बार अपना पानी छोड़ रही थी. मै भी स्खलित होने वाला था। मैंने अपना लंड उसकी चूत से निकाल कर उसके मुह में रख दिया. कुछ ही पल में मेरा सारा माल उसके मुह में छूट गया. सुप्रिया ने मेरे माल को पीकर मेरे लंड को चाट कर साफ़ किया. मै सुप्रिया को मौक़ा मिलते ही जरूर चोदता हूँ. उसे बीबी की तरह प्यार करता हूँ. आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज indiansexkahani.com पर पढ़ते रहना. आप स्टोरी को शेयर भी करना.

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