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लंड की प्यासी भाभी ने मेरे कुंवारे लंड का शिकार किया

यह स्टोरी है मेरे और मेरे पड़ोस वाली भाभी के बीच की. की कैसे उन्होंने मुझ में एक प्लेजर पार्टनर ढूंढा और कैसे मुझे वर्जिनिटी एक परी के द्वारा खोने का मौका मिला. तो स्टोरी पर आते हैं, मैं जैसे की पिछली स्टोरी में बताया मैंने कि मैं कॉलेज जाता हुआ एक मस्त मौला लड़का हूं, ६ फुट लंबा हूं. अब आते हैं कहानी की ओर, कहानी की हीरोइन या मेरे शब्दों में परी पर जैसा मैंने कहा भाभी का नाम रुपाली, और भाभी की उम्र २८ लेकिन दिखने में एकदम २३ कि. किसी कॉलेज गोइंग लड़की जैसी, गोरी चिट्टी और कातिलाना बदन, ऐसा जैसे किसी मूर्तिकार की उत्तम कला हो.

भाभी मेरे पास वाले बंगलों में रहती है, भाभी के हस्बेंड बिजनेसमैन है और उनकी गारमेंट की फैक्ट्री है. उनकी फैक्ट्री दो शिफ्ट में चलती है, इसी कारण भाभी के हस्बेंड फैक्ट्री में ज्यादा और भाभी पर कम ध्यान देते थे, और भाभी की अरेंज मैरिज थी. और भैया का पहले से चक्कर, तो भाभी में उनको इंटरेस्ट नहीं था और भाभी हमारी बेचारी अपने आप से ही संतुष्ट रहती थी. मैं कभी कभी भाभी की मदद कर दिया करता था, कॉलेज में रहने के कारण ज्यादा आता जाता नहीं था उनके वहां. भाभी भी मेरे घर वालों को जानती थी अच्छे से.

एक दिन जब मैं कॉलेज से लौटा, तो देखा कि भाभी घर पर बैठी है और मां से बातें कर रही है, मैंने हाय कहा और रूम में चेंज करने चला गया, वापस आया तो मां ने कहा कि भाभी को थोड़ा काम है तो उनको हेल्प कर दो.

में उनके साथ उनके घर पर चला गया, घर पहुंचते ही.

मैं – हां भाभी क्या काम है?

भाभी – ज्यादा नहीं बस वह बेग उतरना है उपर से.

मैं – बस बेग? मुझे स्टूल दो में उतार देता हूं.

भाभी – यह लो स्टूल और संभलकर बैग थोड़ा भारी है.

मैं – कोई नहीं, उतार लूंगा टेंशन नहीं.

जैसे मैं ऊपर चढ़ा और यह बताने के लिए घुम के स्टूल पकड़ना, मुझे एक अद्भुत नजारा दिखा.

गोरा गोरा ब्लाउज से चिपका हुआ और पल्लू से बचा हुआ भाभी का पर्फेक्ट क्लीवेज  ऐसी गली जहां मेरा हथियार जाना चाहेगा, यह देखते ही अरमान जाग गये और हथियार ने हल्की सी सलामी दी, भाभी ने देखा और एक हल्की सी नॉटी वाली स्माइल दी, बैग मेंने उतार कर वापस रख दी, बैग में भाभी के पुराने कपड़े थे जिसमें जींस हॉट पेंट और टीशर्ट भी थी. जाते वक्त मैंने उनसे पूछा तो उन्होंने मुझे कहा कि वह यह सब डोनेट कर रही है क्योंकि उनके हस्बैंड को नहीं पसंद है यह सब.

मैं काफी उदासी वाला चेहरा बनाया और कहा कभी पहनिए तो सही उनके सामने, फ़िदा हो जाएंगे वह आपपे, इतनी अच्छी लगेगी आप. और यह सुनकर वह थोड़ा शरमा गई और फिर मैं वहां से चला गया. फिर थोड़े दिनों बाद मैं फिर उनके घर गया ऐसे ही मिलने, तो देखा कि वह एक लंबा सा प्लाय सेट कर रही थी पर हो नहीं रहा था. तो मैं हेल्प करने चला गया, लेकिन मुझे दूसरी तरफ पकड़ना था और बीच में भाभी थी तो मैं धीरे से निकल कर जा रहा था कि मेरा लंड उनकी गांड से घिसा, मेरा लंड पहले से ही सलामी दे रहा था उनकी गांड और नवल देख कर मन कर रहा था पीछे से पकड़कर ड्रिल कर दूं भाभी को.

जब मेरा लंड घिसा, मैंने भाभी को आहें भरते हुए सुना. फिर हमने वह प्लाय सेट किया और मैं सोफे पर जाकर बैठा, भाभी के साथ. भाभी फिर उठकर पानी लेने गई और जब जा रही थी क्या बताऊं क्या नजारा था?? ऐसा लग रहा था जैसे ऐसी गांड कभी देखी ही ना हो, परफेक्ट साइज और लेफ्ट राइट लेफ्ट राइट हो रही थी. और जब पानी लेकर आई तो और भी गजब लग रही थी, बाल बढ़े हुए, गोरा-चिट्टा पर्फेक्ट चेहरा, भूरी आंखें, परफेक्ट नाक, मस्त गुलाबी रसीले होंठ, लंबी नेक, परफेक्ट ३४  के बूब्स, ३२ की कमर यहां वहां हील रही थी, पायल की आवाज के साथ.

भाभी – चेक आउट कर रहे हो? मैं नहीं नहीं कुछ सोच रहा था.

भाभी – झूठे मैं जब जा रही थी, पानी लेने तो मेरी कमर के साथ तुम्हारी गर्दन भी हिल रही थी.

मैं – नहीं नहीं ऐसा कुछ नहीं है.

और मैं वहां से भाग गया.

रात को मेरे मोबाइल पर एक मैसेज आता है – हाय.

मैं – आप कौन है.

भाभी – वही जिसे तुम चेक आउट कर रहे थे आज.

मैं – भाभी ऐसा कुछ नहीं है, गलती नादानी में हो जाती है सॉरी.

भाभी – कोई नहीं, आई डोंट माइंड.

मैं – अच्छा मेरा नंबर कहां से मिला?

भाभी – तुम्हारी मम्मी से लिया था कि कोई काम होगा तो बुलाने के लिए.

मैं – अच्छा आप इतनी रात तक जाग रही हो?

भाभी – हस्बेंड आये नहीं है अब तक.

मैं – अकेले अकेले कैसे रहते हो आप?

भाभी – आप दूर कर दो अकेलापन इतनी चिंता है आपको तो.

मैं – बोलिए क्या करें सेवक हाजिर है?

भाभी – टाइम आने पर बताऊंगी, मुकर मत जाना.

मैं – नहीं, बोला तो बोला बात खत्म.

ऐसे ही बात चलती रही कई दिनों तक और फिर एक रात.

भाभी – तुम्हें प्रॉमिस याद है?

हां – बोलो क्या करना है?

भाभी – कल मेरा बर्थडे है, कल कॉलेज बंक कर दो.

मैं – बस इतना? कर देंगे उसमें क्या.

भाभी – सिर्फ वह नहीं है और बहुत है.

मैं – और क्या है?

भाभी – ११ बजे मुझे मिलो इसका पता मैं तुम्हें सेंड करूंगी, मुझे सुबह मैसेज आया वह एक होटल का एड्रेस था, मैंने रास्ते में जाते वक्त केक  लिया और कुछ पफ्लोवर ले लिए. मैं जैसे ही पार्किंग में पहुंचा मुझे ऑलरेडी मैसेज आया हुआ था, जिस में रूम नंबर था, मैं सीधा रूम में चला गया.

मैंने रूम ढूंढा और बेल बजाई.

और दरवाजा खुलते ही एक परी थी मेरे सामने. वाइट टी शर्ट और ब्लू जींस के हॉट पैंट में. वह नशीली भूरी आँखे, वह गुलाबी होंठ और वह बूब्स, उन्होंने अंदर पर्पल ब्रा पहनी थी, जिसका स्ट्रैप ऊपर विजिबल था. गोरी गोरी टांगें जैसे मलाई बहता हो, मैं वहीं पर उनसे इंप्रेस होकर चेकआउट करता रहा, उन्होंने चुटकी बजाई और मेरा ध्यान आया. और उन्होंने पूछा कैसी लग रही हूं? ..सेक्सी मेरे मुंह से अपने आप निकल गया.

उन्होंने अंदर आने को कहा टीवी चालू था, मैं बेड के पास वाले सिंगल सोफे पर बैठ गया और उन्हें केक पकड़ाया वह खुश हो गई फिर उन्होंने कहा.

भाभी – थैंक यू आज मैं अपना बर्थडे कितने सालों बाद मना रही हूं, मेरे हस्बैंड ने मुझे विश भी नहीं किया.

मैं – कोई नहीं भाभी रिलेक्स.

भाभी – लेट्स कम टू युअर कमिटमेंट नाउ

हां – जी बोलो.

भाभी – फेवर चाहिए, मना तो नहीं करोगे?

मैं – बोलो क्या करना है?

भाभी – पति बन जाओ मेरे आज के लिए.

मैं शोक्ड रह गया, और समझ नहीं आया,

मैं – क्या चाहिए आपको?

भाभी – सेक्स लॉन्ग सेक्स एंड एडवेंचर.

मैं – मैंने कभी कुछ ऐसा नहीं किया, आई एम वर्जिन. मैं कैसे कर सकता हूं?

भाभी – मैं हूं ना.

मैं – यह गलत है.

भाभी – गलत नहीं है, तुम्हें पता है मैं कब से ऐसी प्यासी हूं, और अब तुम मिले हो तो क्या यह मेरा हक नहीं है कि मैं अपना जीवन जीयु?

और वह रोने लगी कहने, लगी थक गई हूं मैं मेरे पति ने हाथ भी नहीं लगाया है मैं ऐसे ही जी रही थी ३ साल से. प्लीज मना मत करो, और उन्होंने मुझे हग कर लिया टाइट, मेरे भी अरमान जागे. मैंने भी रिस्पांस किया, भाभी के फेस पर से आंसू पोंछे और उन्हें किस किया, और किस करते करते फ्रेंच किसिंग करने लगा. और एक हाथ मेरा एक बूब पर था और दूसरा चूत पर फिर रहा था, उनका भी हाथ मेरे लंड पर बाहर से घूम रहा था.

मैंने धीरे से उनकी टी शर्ट उतारी और उन्होंने मेरी, और वह जुक के मेरे निप्पल को काटने लगी और चाटने लगी. मुझे सोफे पर बैठा कर अब वह भूखी शेरनी की तरह मेरे लंड के और बढ़ी और मेरा पेंट खोल दिया, और मेरे लंड को बाहर निकाल कर तुरंत उसे मुंह में ले लिया. और क्या बताऊं दोस्तों? मुझे तो बहुत मजा आ रहा था  वह ऐसे ही चूस रही थी जैसे कोई कल ना हो, और चूसते चूसते आवाज भी निकाल रही थी. थोड़ी देर बाद मैंने कहा कि मेरा निकलने वाला है, तो उसने कहा छोड़ दो. और मेरा पूरा कम वह पि गई. और लंड ऐसे चूस के साफ कर दिया कि जैसे कुछ नहीं हुआ हो. अब मेरी बारी थी मैंने उसे बेड पर लेटाया और उस को गर्म करते हुए उसके हॉट पैंट का एक बटन खोला, और धीरे धीरे उसे टीज करते हुए उतारा, अब वह बोल रही थी बेबी आह्ह औऊ ईई प्लीज प्लीज टीज मत करो.. प्लीज शुरू करो.. मुझे प्लेजर दो.. और आज इतना चोदो जितना चोद सकते हो.. मैं आज तुम्हारी हूं.

मैंने पेंट निकाल फेंका और देखा तो पर्पल कलर की पैंटी पूरी भीगी हुई थी नीचे से. मैंने पैंटी निकाली और देखा तो पूरी क्लीन शेव चूत और एक दम गुलाबी और भरी हुई, मैंने एक उंगली करना शुरु किया और धीरे से अंदर डाली, वह प्लेजर के साथ बोली अहहह औऊ अह्ह्ह इआआ बेबी प्लीज फक मी.. प्लीज फक मी.. मैं बहुत प्यासी हूं, प्लीज आज मैं पूरी तुम्हारी हूं, बीवी समझो या रखेल, बस आज मेरी इच्छाओं को पूरी कर दो, प्लीज. मैंने फिंगर चालू रखी और दूसरी ऊँगली भी डाल दी सेक्स ना मिलने के कारण उसकी चूत बहुत टाइट थी. अब फिंगरिंग के बाद आया असली टाइम छोटे भाई का पहली बार चूत से मिलन करवाने का, मैं डरा हुआ था पर उसने मेरा लंड पकड़ा चूत पर रखा और अपने आप को धक्का दे दिया, मेरे लंड पर मुझे थोड़ा दर्द हुआ, उसे भी हुआ. और फिर अंदर बाहर करने के बाद छप छप छप की आवाज़ गूंज रही थी रुम में, और साथ आह्ह औउ उऔ उय्याय गूंज रही थी, मेरे परी की सिसकियां, प्लीज फक मी.. प्लीज बेबी और फिर मैंने पूछा कहां निकालूं? उसने कहा मैं तुम्हारी पत्नी हूं अंदर ही निकालो, और मैंने वही अपना वीर्य छोड़ दिया. हम दोनों एक दूसरे को लिपट कर सोए और फिर हमने शाम तक ४  सेशन किए.

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