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माँ, पापा, जूही आंटी और राकेश अंकल – बीवियों की अदला बदली भाग-1

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दोस्तों मेरा नाम सुनील पटेल हे मैं गुजरात के भावनगर में रहता हूँ. आज की ये xxx kahani कोई मनघडत बात नहीं हे. बल्कि मैंने अपनी आँखों से देखा हुआ एक सेक्स और भोग का नजारा हे. कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं आप को इसके किरदारों से रूबरू करवा दूँ. पापा का नाम लवेश हे वो 39 साल के हट्टेकट्टे आदमी हे. रेग्युलर जिम जाते हे. मम्मी का नाम मोहिनी हे और वो 35के करीब की हे. मम्मी का फिगर किसी जवान लड़की के जैसा ही हे. वो भी पापा के साथ रेग्युलर जिम और जोगिंग करती हे. मम्मी के कुल्हे बॉडी के अनुपात में काफी बड़े बड़े हे. वो अक्सर टाईट जींस पहनती हे और तब सब उसकी गांड देखना पसंद करते हे.

राकेश अंकल और जूही आंटी घर के सामने ही रहनेवाला एक देसी कपल हे. जूही मम्मी के जितनी हॉट तो नहीं हे पर वो दिखने में काफी सेक्सी हे. पापा, मम्मी, अंकल आंटी अक्सर लेट नाईट तक तास खेलते थे. मेरे पापा के बेडरूम में ही वो चारो बैठते थे. सब कुछ सहज चल रहा था. लेकिन एक दिन मैंने तास के पत्तों के पीछे की असलियत पकड ली. शाम से ही जूही और राकेश अंकल घर पर आये थे. वो लोग शाम के खाने के बाद पहले हॉल में और फिर बेडरूम में तास खेलने के लिए चले गए. कभी कभी वो लोग मोर्निंग में ही घर जाते थे इसलिए मुझे भी कुछ अजीब नहीं लगा. मेरे इंटरनल एक्साम्स थे इसलिए मैं पढने के लिए अपने बेडरूम में खाने के बाद ही चला गया था. वैसे मुझे सुबह जल्दी उठ के पढाई करने की आदत हे. लेकिन उस दिन मैं लेट तक जागने का मन बना चूका था.

मेरा पूरा एक चेप्टर रिविसन में छुट रहा था. इसलिए मैंने सोचा की इसे पढ़े बिना नहीं सोऊंगा. पढ़ाई करीब साढ़े बारह तक चली. मैंने फिर सोने का सोचा. बोतल सिराहने रखने लगा तो देखा उसमे पानी कम था. मैं फ्रिज से नया बोतल लेने के लिए गया. रस्ते में ही पापा का बेडरूम था. कमरे की नाईट लेम्प मैंने दूर से ही जली हुई देखी. कमरे से कुछ खुसपुस सुना तो मुझे लगा की शायद ये लोग अब सोने का कर रहे होंगे. लेकिन कमरे के करीब आया तो खुसपुस मुझे आराम से सुनाई देने लगी. ठंडी की रात में वैसे भी आवाज के तरंग दूर तक फैलते हे.

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वो आवाज राकेश अंकल की थी.

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अंकल: वो देखो, जूही कैसे लव का लवड़ा दबा के बैठी हे अपने मुहं में, साली एक नम्बर की छिनाल हे. तुम ऐसे हिला के चुसो ना.

मम्मी: अरे तुम्हे तो कभी सबर ही नहीं आता हे राकेश, कभी गांड हिल्वाते हो तो कभी लंड चटवाते हो. वो दोनों चुपचाप कर रहे हे ऐसे करो ना!

अंकल: अरे मेरी जान गुस्सा क्यूँ होती हे, ये ले इसे मुहं में डाल ले.

और फिर दबी सी आवाज आई. मैंने पोर्न मुविस देखी हे इसलिए मैं समझ गया की वो छोटी छोटी आवाज लंड और मुहं के बिच घर्षण की थी! तो क्या अन्दर वाइफ स्वेपिंग चालु था? क्या तास के वो पत्ते एक बड़े जुए के लिए बिछाए जाते थे? बाप रे मेरा बदन जैसे एक झटका खा गया. मैंने सोचा की लाओ देखूं तो सही की अन्दर हो क्या रहा हे. वैसे अन्दर जो हो रहा था उसकी लाइव कमेंट्री मुझे मिल चुकी थी.

कीहोल से देखा तो बदन थर थर काँप उठा. बेड के साइड के सोफे में पापा एकदम न्यूड पड़े हुए थे. जूही आंटी उनकी दोनों टांगो के बिच में थी. और आंटी के मुहं में पापा का बड़ा लंड पड़ा था.

बेड का आधा हिस्सा ही मुझे दिख रहा था. वहाँ पर राकेश अंकल की टांगे थी. और मम्मी की मोटी और गोल गांड मेरे सामने थी. वो अंकल के लौड़े को चाट रही थी. मेरा लंड भी इस सिन को देख के कडक हो रहा था. मैंने ठान लिया की आज तो ये वाइफ स्वेप को पूरा ही देखूंगा!

कुछ देर तक जूही आंटी पापा के लंड को चुस्ती रही. और फिर वो साइड में पड़े टिस्यू से अपना मुहं पोंछते हुए उठी.

आंटी: बाल कभी नहीं निकालते हो आप लंड के. या वहां कबूतर बिठाने हे.

जूही आंटी की गांड पर हाथ मार के पापा बोले, डार्लिंग तेरी दीदी को बालवाला लंड जो पसंद हे.

मम्मी ने लंड मुहं से निकाला और वो बोली, ही ही ही साली को चिकना और बीवी को बालवाला, लव करे तो क्या करे!

जूही आंटी की चूत से पानी टपक सा गया था. वो टिस्यू से चूत को भी साफ कर के फिर से पापा के पास आ गई. लेकिन अब की उसने अपने बड़े चूतड पापा के मुह पर रख दिए. पापा की जबान इंग्लिश कुत्ते के जैसे बहार आ गई चूत को जबान के ऊपर दबा के आंटी मस्त बैठ गई. पापा लंड से जबान को चाट रहे थे. और उनके हाथ आंटी के मस्त मम्मे भी दबा रहे थे.

उधर राकेश अंकल ने अब मम्मी को बेड पर लिटा दिया. अब वो दोनों मुझे पुरे दिख रहे थे. उन्होंने मम्मी को टाँगे खुलवा के अपने लंड से चूत पर घिसाव चालू कर दिया था. मम्मी के मुहं से मादक सिसकारियाँ निकल रही थी. और वो अपने हाथ से पलंग की चद्दर को मरोड़ रही थी. राकेश अंकल ने कहा, डालू अंदर?

मम्मी ने बिना शर्म के कहा, डाल ही दो ना, अब तुम तो चूत चाटने से रहे.

राकेश अंकल ने धक्का दे के सुपाड़ा और उसके साथ आधा लंड मम्मी की चूत में कर दिया. और वो बोले, मुझे वीर्य से सनी ही चूत चाटनी पसंद हे मेरी जान.

मम्मी ने कहा, हाँ तब तक तो मैं थक गई होउंगी मेरे राजा.

उधर पापा ने अब आंटी की गांड में एक ऊँगली डाल दी थी. वो चूत को चाट रहे थे और गांड को ऊँगली से पेल रहे थे. आंटी अपनी बॉडी को हिला के चूत को जैसे माथे के ऊपर घिस रही थी. राकेश अंकल मम्मी के मम्मे मसल के उन्हें पूरा लंड चूत में दे चूका था. मम्मी ने अपनी टाँगे पूरी खोल दी थी. उसकी सेक्सी जांघ को देख के मैं अपना लंड बहार निकालने से खुद को रोक नहीं सका!

पूरा कमरा मादक सिस्कारियों से भर गया था. मम्मी चुदाई होने की वजह से सिस्कारियां भर रही थी. और जूही आंटी चुदाई करवाने के लिए सिस्कारियां भर रही थी!

पापा को भी शायद आंटी की सिस्कारियों पर दया आ गई. वो उठ खड़े हुए और सोफे को पकड़वा के उन्होंने आंटी को वही पर कुतिया बना दिया. फिर उन्होंने वही पड़ी हुई कोल्ड क्रीम निकाल के अपने लंड पर लगाईं. आंटी के कूल्हों को फाड़ के उन्होंने उसके अन्दर थूंक दिया. गांड के छेद से बह के थूंक जब चूत की दरार पर गया होगा तो आंटी मदहोश ही हो गई होंगी! और पापा ने दरार के गिले होते ही अपने लंड को छेद पर मार दिया! जूही आंटी के बदन में करंट लग गया जैसे! वो लंड के अन्दर घुसने को अपना बदन हिला के अभिवादन सा कर रही थी. पापा ने आंटी की गांड पकड़ ली और वो गुजरात क्विन ट्रेन के जैसे धक्के लगाने लगे! मैं कीहोल से अपने पापा का बड़ा लंड आंटी की चूत में अन्दर बहार होते हुए देख रहा था!

आंटी भी अपनी गांड को हिला हिला के चुदवा रही थी. उधर मम्मी की हालत राकेश अंकल ने ख़राब कर दी थी. वो कस कस के ऐसे धक्के लगा रहे थे जैसे वो मेरी माँ की चूत को फाड़ ही देंगे. मम्मी के बूब्स नाईट लेम्प की रोशनी में उछलते हुए बड़े ही सेक्सी लग रहे थे.

मेरा लंड भी बवाल मचा चूका था. मैंने अपने हाथ से उसे धीरे धीरे मसलना चालू कर दिया था.

दोस्तों मम्मी पापा की वाइफ स्वेपिंग कहानी अगले भाग में भी जारी रहेगी!

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