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माँ, पापा, जूही आंटी और राकेश अंकल – बीवियों की अदला बदली भाग-2

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मैंने भी अपने लंड को मर्दन करना चालू कर दिया था. राकेश अंकल ने अब मम्मी की बुर से अपना लंड निकाला और बोले, चलो उलट जाओ. मम्मी ने अपनी गांड को ऊपर की तरफ ले ली अंकल ने अपने लंड के ऊपर थूंक लगा के उसे और चिकना कर दिया. मम्मी की गांड के छेद को देख के वो बोले, तुम्हारी गांड बड़ी काली हे! मम्मी ने अंकल का लंड अपने हाथ में पकड के कहा, तुम्हें इस से थोड़ी फिल्मो में एक्टिंग करवानी हे.

ये सुन के चारो के चारो हंस पड़े. मम्मी ने अंकल का लंड थोडा हिलाया. और फिर उसे उसने अपनी गांड के छेद पर रख दिया. अंकल ने अपने दोनो हाथ से मम्मी के कुल्हें खोल दिए. और फिर सुपाडे को धीरे से अन्दर रख दिया. मम्मी के मुहं से दर्द की आवाजें निकल पड़ी, राआआअकेश्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह धीरेईईए से प्लिस्स्स्सस्स्स्स.  राकेश अंकल ने जोर का चांटा मारा मम्मी के दाहिने कुल्हे पर और बोले, हर बार गांड में लेने में एक्टिंग करती हे कुतिया! मम्मी ने अपनी गांड को शायद सांस दबा के ढीली कर दी. अंकल ने कूल्हों को और फाड़ा, और जहाँ पर लंड और गांड का संगम हुआ था वहां ऊपर से थूंक दिया. और थूंक से चिकनाहट बढ़ सी गई. और फिर अंकल ने धक्का लगा के मेरी माँ के एसहोल को अपने लौड़े से भेद दिया. माँ की गांड में लंड ऐसे समा गया जैसे मख्खन के अन्दर छुरी घुस गई हो. माँ कराह रही थी लेकिन उसने आवाज को दबा लिया था!

उधर पापा ने भी अब जूही आंटी की चूत से अपने लौड़े को बहार निकाल दिया था. जूही आंटी पापा के दोनों लेग्स के बिच में आ बैठी. और उसने पापा का लौड़ा अपने मुहं में भर लिया. चूत और लंड के रस से मिश्रित गंदे लंड को वो पता नहीं कैसे चूस रही थी. और वो चहरा ऐसे बना रही थी जैसे जाफरान वाला कस्टर्ड दूध पी रही हो. पापा ने जूही आंटी के बाल पकड़ लिए और बोले, एक बूंद भी रहे न लंड के ऊपर मेरी रंडी!

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राकेश अंकल ने मम्मी की चुंचियां हाथ आगे कर के पकड ली. और अब उनकी गांड मारने की स्पीड एकदम से बढ़ गई थी. वो पूरा लंड बहार निकाल के सीधा माँ की गांड में भर देते थे. और जब पूरा लंड गांड में घुसता था तो माँ की गांड पर उनकी जांघ लड़ने से ठप की आवाज आती थी. और साथ ही में माँ उसी सेकंड एक आह भी निकाल देती थी. अब इतना बड़ा लंड माँ गांड में कैसे आराम से ले सकती थी. कुछ देर तक माँ की गांड फकिंग ऐसी ही चलती गई. और उधर पापा ने अपने लंड को चटवा के पूरा साफ़ करवा दिया. पापा का लंड एकदम क्लीन कर के अब जूही आंटी मम्मी और अंकल के पास आ गई. उसने अपना फेस गांड और जांघ के बिच में रख दिया. जब अंकल का लंड गांड से बहार आता था तब आंटी फटाक से उसके उपर अपनी जबान घुमा देती थी.

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सच में मैंने किसी पोर्न मूवी में भी ऐसे सिन्स नहीं देखे थे जो आज मैं अपनी मम्मी पापा के सेक्स में देख रहा था. कुछ देर मे ही राकेश अंकल का भी हो गया. उन्होंने झटके से अपना लोडा मम्मी की गांड से निकाला और उसे अपने हाथ से स्ट्रोक करने लगे अभी उन्होंने तिन चार ही स्ट्रोक किये होंगे और उनके लंड से मलाई निकल पड़ी. जूही आंटी ने अंकल के सामने भिखारी के जैसे अपना मुहं खोला हुआ था. अंकल ने कुछ बुँदे माँ की गांड पर गिराई और बाकी का माल उन्होंने जूही आंटी के मुहं में दे दिया.

जूही आंटी ने लंड पर अपनी जबान को घुमा के एक एक बूंद को चाट ली. उधर माँ ने अपने हाथ को पीछे कर के अंकल के वीर्य को अपने एसहोल और चूत पर घिस लिया. जैसे वो कोई चमत्कारी मलम हो और गांड और चूत को सुन्दरता देनेवाला हो!

चारो के चारो अब चित से हो गए थे. पापा और राकेश अंकल सामने सोफे के ऊपर बैठ गए. दोनों ने सिगरेट सुलगा ली थी. जूही आंटी ने पेंटी पकड के पहननी चाहि तो अंकल ने उसे खिंच लिया और बोले, आज तो पूरी रात न्यूड रहने का प्रोमिस किया था तुम दोनों ने भूल गई.

मम्मी ने अंकल के हाथ से सिगरेट ले लिए और उसे फूंकते हुए बोली, आज तेरी गांड का गु लव न निकाल दे तो मेरा नाम बदल देना!

जूही आंटी हंस पड़ी. और फिर दोनों ने ही सिगरेट के कश खींचे. सिगरेट के खतम होने से पहले ही पापा और राकेश अंकल के लौड़े खड़े हो गए थे. दोस्तों मैं लिखना भूल गया की मेरा वीर्य जब मम्मी की गांड पर वीर्य गिरा तभी निकल गया था. मैंने अपनी नाईट पेंट में ही सब माल छोड़ दिया था.

मम्मी अंकल के लंड को चूस रही थी और वो जूही आंटी की गांड को अपने एक हाथ से टच कर के हिला रही थी. जूही आंटी ने भी एक हाथ मम्मी की गांड पर रख के उसके छेद को हिलाया. क्या मम्मी फिर से गांड में राकेश अंकल का बड़ा लंड लेगी?

मैं वो सोच ही रहा था की अंकल खड़े हो गए. उन्होंने मम्मी को कहा, चलो अपने चुंचे दोनों साइड से दबा दो. मम्मी ने ऐसा ही किया. अंकल ने अपने लंड को दोनों बूब्स के बिच में डाल दिया. मम्मी की बड़ी चुचिया राकेश अंकल अपने लौड़े से चोद रहा था.

उधर जूही आंटी को पापा ने उठा के सिफे के पास में कुतिया बना दिया. कोल्ड क्रीम अपने लंड पर और आंटी की गांड पर लगा दी उन्होंने. ऑफ फिर आंटी ने अपनी गांड को दोनों हाथ से खोल दिया. पापा ने अपना लंड आंटी के एसहोल में डाल दिया. आंटी के मुहं से आह निकल गई. पापा का लंड अभी तो आधा ही गांड के अन्दर घुसा था!

पापा ने बोला, ढीली करो न अपनी गांड को, अंदर घुसने ही नहीं दे रही.

मम्मी बूब्स कस के पकड़े हुए बोली, जूही मरवा ले इस बड़े लंड से अपनी गांड को, अभी तो लव ने स्टार्ट किया हे!

जूही आंटी थोडा पीछे हुई और उसने अपने दोनों पैर को फैला दिया. शायद ऐसा करने से उसकी गांड ढीली हुई होगी. क्यूंकि अब पापा का लंड आंटी की गांड में पूरा घुस गया था. पापा ने आंटी की कमर को दोनों हाथ से पकड़ा हुआ था. और वो उसे धक्के दे रहे थे. जूही आंटी भी अपनी कमर को हिला रही थी जिस से उसकी गांड में पापा का लंड अन्दर बहार हो सके.

पापा ने कुछ १० मिनिट्स तक जूही आंटी की गांड मारी. और फिर जब उन्होंने अपना लंड बहार निकाला तो सच में उसके ऊपर आंटी का यलो कलर का गु लगा हुआ था. गु को देख के मम्मी बोली, देखा लव ने गांड फाड़ डाली न तेरी. पापा ने एक टिस्यू से अंड और लंड को साफ़ किया और फिर वो मुठ मारने लगे. जूही आंटी अपना मुह खोले हुए पापा के सामने अपने घुटनों पर बैठी हुई थी. और एक मिनिट में ही पापा के लंड से गाढ़ी क्रीम निकल के आंटी के मुहं में समा गई. आंटी ने लौड़े को चाट के मस्त साफ़ कर दिया और बोली, मजा आ गया.

उधर बूब्स चुदाई के बाद राकेश अंकल ने अब अपना लंड मम्मी के मुहं में भर दिया था. मम्मी के बालों को पकड़ के वो उसका मुहं चोद रहे थे बड़ी ही जोर जोर से. मम्मी गुऊऊन गूऊउन के सिवा कुछ बोल ही नहीं सकती थी. उसके मुहं में लंड था और निचे राकेश अंकल के टट्टे भी बार बार मुहं पर लग रहे थे.

फिर अंकल ने माँ का माथा पकड़ के अपने लंड पर जोर से दबा दिया. माँ बेहाल सी हो गई थी. अह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह करते हुए राकेश अंकल माँ के मुहं में ही सब माल छोड़ बैठे.

और मम्मी ने भी सब के सब स्पर्मस को पी के ही अपना मुहं खोला.

चारो नंगे बेड पर लेट गए. राकेश अंकल ने कहा, अब क्या इरादा हे तुम दोनों का.

मम्मी ने कहा, कल सुबह जल्दी उठना हे मुझे सुनील के एक्साम्स जो हे. मैं सो जाती हूँ तुम तीनो करो करना हे तो.

जूही बोली, नहीं चलो सब सो जाते हे, वैसे भी हम लोग हफ्ते में 2 बार तो मिलते ही हे फिर रात जगे का क्या फायदा!

और वो लोग अपने अपने लंड चूत को संभाल के सो गए. मैं भी दबे पाँव अपने लिए पानी ले के वापस लौट गया. आप को कहने की जरूरत नहीं हे की मेरा एक्साम्स ख़राब हुआ था!

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