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मैंने अपनी कुँवारी चूत को चाचा के नाम कर दिया

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New Sex Stories हेल्लो दोस्तों मेरा नाम शालू है और मैं *** की रहने वाली हूँ। और मेरी उम्र 19 साल। मैं indiansexkahani.com की नियमित पाठिका रही हूँ। मैं देखने में ठीक ठाक ही हूँ न तो बहुत ही ख़राब और न बहुत अच्छी। मेरा फिगर तो बहुत ही फिट है जोकि 32 – 24 – 36 है। मैं आप सभी को अपनी चुदाई को उस कहानी के बारे बताने जा रही हूँ जो मेरे शिवा कोई नही जनता है। मैंने अपनी जिन्दगी में किसी भी लड़के से नही चुदवाया है और न किसी लड़के को अपने करीब आने दिया था। लेकिन किस्मत की अजब दास्ताँ है मुझे भी एक लड़के से प्यार हो ही गया। वो मेरे घर के पास में ही रहता था। उसका नाम राजू था। मैं पहले उसे देखती भी नही थी लेकिन एक बार उसने मेरी मदत कर दी और फिर हमारी दोस्ती हो गई। धीरे धीरे दोस्ती और भी आगे बढ़ने लगी और वो प्यार में बदल गई। एक दिन मैंने उससे कह दिया मैं तुमसे प्यार करती हूँ क्या तुम भी मुझसे प्यार करते हो?? इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम  कुछ देर उसने मुझसे कहा – “मैं भी ये बात कहने वाला था लेकिन मुझे थोडा डर लग रहा था कहीं मैं तुम्हारी दोस्ती भी न खो दूँ इसीलिए मैं नही बोल रहा था”। फिर उसके बाद हम मिलने लगे और खूब सारी भी बातें करने लगे। धीरे धीरे जब कुछ दिन बीत गया तो राजू ने मुझे कहा मेरा मन तुम्हे किस करने को कर रहा है क्या मैं किस कर सकता हूँ।
तो मैंने उससे कहा – “पहली बात तो इतने दिनों के बाद तुमने किस की बात और अब पूछ रहे हो क्या मैं किस कर सकता हूँ। मेरा मन भी कर रहा है कोई मुझे किस करे”। फिर राजू ने मुझे उस दिन पहली बार किस किया। किस करते हुए वो जोश में आ गया था और वो मेरे मम्मो को दबाने लगा।

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मैंने भी उसको कास कर पकड लिया और बहुत देर तक हमने किस किया। धीरे धीरे मेरा मन कर रहा था राजू मेरी चुदाई करे और उसका मज़ा हम दोनों ले लेकिन मेरी किस्मत में उसका लंड लिखा ही नही था तो कैसे मिल जाता। एक दिन रात को राजू के घर के पीछे हम दोनी किस कर रहे थे और न जाने कहाँ से मेरे चाचा जी वहां आ गए और हमको रंगे हाथो पकड लिया। वहां तो चाचा ने मुझे और राजू को कुछ नही कहा और घर पर उन्होंने कुछ नही बताया।
दुसरे दिन वो मेरे कमरे में आये और मुझसे कहा – “मैं चाहता तो ये बात सबको बता सकता था लेकिन मैंने इसलिए नहीं बताया की तुम्हारे मम्मी पापा को ये न लगे की मेरी लड़की ये सभी करती और उनकी नजरो में तुम्हारी इज्ज़त कम हो।  मैंने चाचा से कहा – आप बताइए मैं आप के लिए क्या कर सकती हूँ?? मैं आप की बात मानूगी लेकिन आप ये बात किसी को मत बताना।
तो चाचा ने मुझसे कहा – “मैं तुम्हारे साथ एक रात सोना चाहता हूँ। और ये बात किसी को पता नही चलेगी। मैंने चाचा से चुदने के लिए हाँ कर दिया और उनसे कहा – मैं तैयार हूँ लेकिन ये बात किसी को पता नही चलनी चाहिये। चाचा ने मुझसे कहा – ठीक है तुम कल दोपहर में मेरे घर आ जाना मेरे घर पर कोई नही रहेगा। तुम चुपके से आ जाना जाना और किसी को बताना मत मैं कहना जा रही हूँ ताकि कोई यहाँ तुम्हे बुलाने ना आये।

मैं दुसरे दिन दोपहर में चुपके से चाचा के घर चली आई और वहां जाने के बाद पता चल वहां तो बहुत से लोग आये हुए थे। कुछ देर रुकने के बाद मैं फिर से घर चली आई। हम को फिर चाचा जी आये और मुझसे कहा – आज तो बहुत मेहमान आ गए थे लेकिन कल कोई नही होगा तुम कल आ जाना। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
मैं फिर से दुसरे दिन उनके घर गई। उस दिन उनके घर कोई नही था, चाचा मुझको अन्दर वाले कमरे में ले गए और मुझसे कहा – तुम अपने कपड़ो को निकालो तब तक मैं आता हूँ नहा कर। मैंने एक एक करके अपने कपड़ो को निकाल दिया और केवल ब्रा और पैंटी में मैं बेड पर बैठी हुई थी, कुछ देर बाद चाचा जी वहां केवल अंडरवियर में आये उनका लंड मेरी चुदाई के बारे में सोचा कर पहले से ही खडा था। चाचा जी के सामने पहले मुझे थोडा शर्म आ रहा था लेकिन कुछ देर बाद मैंने सोचा जब ये मेरे चाचा हो कर मुझे चोदने में नही शर्मा रहे है तो मैं इनसे चुदने में क्यों शर्मा रही हूँ।मैं उनके बगल में ही बैठी हुई थी वो अपने हाथो को मेरे पैरो से सहलाते हुए अपने हाथ को मेरी चूत के ऊपर रख दिया और मेरी चूत को दबाने लगे। और कुछ देर बाद फिर अपने हाथ को मेरे मेरी कमर से होते हुए मेरे मामो तक ले आये और फिर मेरे चुचिओयं को दबाने लगे और फिर अपने हाथो से मेरे होठ को खीचने लगे। कुछ देर बाद उन्होने मेरे गर्दन को पकड़ा और फिर मेरे होठो को पर किस करने लगे और मेरे होठ को पीने लगे। पहले तो मेरा मन जरा भी नही था की मैं उनके होठ को पीउँ लेकिन कुछ देर बाद जब वो मेरे होठ को अपने दांतों से काट काट कर पीने लगे तो मैं मदहोश होने लगी और कुछ देर बाद मैंने भी उनके होठ को पीना शुरू कर दिया। मैंने उनके होठ को काटने उनके जीभ को भी अपने मुह में लेकर पीने लगी थी। कुछ देर किस करने मैं और चाचा दोनों ही जोश में आ गये थे।
चाचा ने लगभग 30 मिनटों तक मेरे होठ को काट काट कर पीते रहे और फिर उन्होंने मुझे बेड पर लिटा दिया और अपने हाथ को मेरे गले से लाते हुए मेरे ब्रा के अंदर दाल दिया और ब्रा के ऊपर से ही मेरे मम्मो को काटने लगे और साथ में दबाने भी लगे। कुछ देर बाद उन्होंने मेरे ब्रा को निकाल दिया और मेरे गोर सुडोल और सोने की तरह चमकती चूची को चूमने लगे और फिर मेरी चुचियों को अपने दोनो हाथो से दबाने लगे और मेरी चूची के निप्पल को अपने मुह से चुमते हुए काटने लगे। मुझे पहले तो काफी मज़ा आ रहा था लेकिन जब कुछ देर बाद वो मेरे मम्मो को दोनों हाथो से दबाते हुए अपने मुह के अंदर ले कर पी रहे थे तो मैं बहुत ज्यादा कामुक हो गई अपने चूत को सहलाने लगी। कुछ देर बाद चाचा मेरे मम्मो को जोर जोर से काटने लगे और जोर जोर से दबाने लगे जिससे मैं अपने आप को चीखने से रोक नही पी और जोर जोर सिसकते हुए….. आह्ह्हह्ह …आह आह … उफ्फ्फ ऊफ उम उफ़…. उफ़ उफ़…. ओह ओह ओह… करके चीखने लगी।

बहुत देर तक मेरे मम्मो को पीने के बाद चाचा ने मुझे फिर से अपने लंड को मेरे मुह के अंदर डाल दिया और मुझे अपने लंड को चूसाने लगे। मुझ्हे उनके लंड को अपने मुह में लेने का मन नही कर रहा था लेकिन चुपचाप उनके लंड को चूसने लगी। कुछ देर मैं खुद ही चाचा के लंड को चूस रहा थी लेकिन कुछ देर बाद चाचा और भी मूड में आ गए और वो मेरे सिर को पकड़ कर जल्दी से अपने लंड को मेरे मुह में डालने लगे। वो अपने लंड को मेरे मुह में तेजी से मेरे गाल के तरफ जल्दी जल्दी से डाल रहे थे जिससे उनका लंड मेरे गाल को अंदर से फैला रहा था। कुछ देर के बाद तो हद ही गो गई वो अपने लंड को मेरे मुह पूरी तरह से डाल देते उए कुछ देर निकालते ही न जिससे कभी कभी तो ऐसा लगता था कि कहीं मुझ उलटी न होने लगे।
लगभग 10 मिनट तक अपने लैंड को चुसाने के बाद चाचा मेरे कमर को चुमते हुए मेरे नाभि को पीते हुए मेरी चूत तक गये और मेरे पैंटी को ऊपर से मेरी चूत को दबाने लगे और कुछ देर बाद मेरे पैंटी को निकाल दिया और फिर मेरे सटी हुई चूत में अपने उँगलियों से सहलाते हुए मेरी चूत में धीरे धीरे से डालने लगे। मेरी चूत की अभी तक सील भी नहीं टूटी थी इसीलिए उनकी उंगलियाँ मेरी चूत के अंदर नहीं जा रही थी। कुछ देर बाद चाचा जी ने अपने लंड को मेरी चूत में लगाया और मेरी फुद्दी पर रगड़ने लगे। वो मरे मम्मो को दबाते हुए धीरे से अपने लंड को मेरे बुर में डालने लगे धीरे से उन्होंने अपने लंड को दबाते हुए मेरी चूत के अंदर कर रहे थे लेकिन मेरी चूत बहुत टाइट थी इसीलिए ठीक से उनका लंड भी न जा रहा था। कुछ देर बाद चाचा ने एक बार जोर लगाकर एक झटका दिया और अपने लंड को मेरी चूत के अंदर डाल दिया। जिससे ही उनका लंड मेरी चूत के अंदर गया मैं चीख पड़ी और पीछे के तरफ खिसक गई। उनके लंड से मेरी चूत की सील टूट गई और मेरे चूत से खून निकलने लगा। खून को देख कर मैं डर गई लेकिन चाचा ने एक कपडे से मेरी चूत साफ की और फिर मेरी चुदाई करने के लिए फिर से अपने लंड को मेरे चूत में लगा कर धीरे धीरे से डालने लगे। मुझे बहुत दर्द हो रहा जिससे मैं तड़प रही थी और चाचा जोर जोर से मेरी चुदाई कर रहे थे। कुछ ही देर मे मेरी चूत से सफ़ेद पदार्थ निकालें लगा और चाचा के लंड में पूरी तरह से लग गया और फिर चाचा लैंड मेरी चूत के अंदर तक जाने लगा। वो मुझे जानवर की तरह से चोदने लगे थे उनके चुदाई से कमरे में चट चट चट चट।।।। की आवाज़ आ रही थी।

कुछ देर बाद चाचा खुद बेड से नीचे उतर गए और फिर मेरे पैरो को उठा कर अपने लंड से मेरी फुद्दी को फाड़ने लगे। वो मेरे मम्मो को दबाते हुए जोर जोर से मेरी चूत में अपने लंड को डालने लगे और कुछ देर बाद वो मुझे जानवर की तरह से चोदने लगे और मेरी चूत तो फैलती जा रही थी और मैं भी जोर जोर… से.. आआआआअह्हह्हह…ईईईईईईई….ओह्ह्ह्हह्ह…. उ उ उ ऊऊऊ ….ऊँ..ऊ…ऊँ…. माँ माँ…ओह…. हूँ… हमममम अहह्ह्ह्हह…अई….अई…. आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी.. आराम से चोदो आह आहा …. बहुत दर्द ही हा है ,,……आह आह करके तड़पने ने लगी थी। ऐसा लग रहा था कि अगर कुछ देर और ऐसे चुदाई चलती रही तो मेरि चूत फट जायेगी। लेकिन कुछ देर बाद चाचा का भी माल निकालने लगा और फिर उन्होंने ने अपने लंड को निकाल लिया और मुठ मर कर अपने माल को मेरे पेट पर गिरा दिया।  इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
मेरी चुदाई करने के बाद भी बहुत देर तक चाचा ने मेरे दूध को पिया और मेरी चूत से पानी भी निकाला

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