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मल्लू मैडम ने मुझे अपनी चूत के दर्शन करवाए

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मैं चंदू हूँ मुंबई से और दोस्तों मेरी हाईट 5 फिट 11 इंच हे और रंग मीडियम हे. बॉडी ठीक ठाक ही हे. ये तो मेरे बारे में हुआ, अब आप को इस सेक्स कहानी की आइटम यानि की हिरोइन के बारे में बताऊँ. दोस्तों वैसे मेरा नेटिव मुंबई हे लेकिन पापा की जॉब की वजह से मैं मंगलोर में अपनी 12वी की पढाई करता था तब की ये बात हे. वहां पर एक मल्लू मेडम थी उसका नाम प्रिय था! मल्लू माल कैसे होते हे वो आप को पता ही हे दोस्तों.

उसके बूब्स एकदम मोटे थे और हमारे स्कुल में केमिस्ट्री लेब की अटेंडेंट थी. उसकी लम्बाई साढ़े पांच फिट जितनी होगी. दिखने में वो टिपिकल मल्लू आइटम थी. और उसके बूब्स सब से बड़ा अट्रैक्शन था उसकी बॉडी में. उसके बूब्स ऐसे बहार आये थे की कोई उसे देखें तो सब से पहली नजर वही पर जानी थी. चलिए अब जिस दिन ये कांड हुआ उसकी बात करूँ. दोपहर को हमारी लेब थी और जून महीने की गरमी पढ़ रही थी. मैं पढ़ाइ में काफी सिंसियर था और टाइम से पहले ही मैं लेब पहुँच गया. मैंने देखा की अभी कोई नहीं आया था. और प्रिया अपने साइड वाले रूम में थी. मैंने दरवाजे के पास गया तो अन्दर से कुछ आवाजें आ रही थी. मैंने दरवाजे को नोक नहीं किया और अन्दर झाँका तो मेरे होश ही उड़ गए. प्रिया अपनी बड़ी चुंचियां पकड के दबा रही थी और मोअन कर रही थी साथ में!

मैंने देखा की उसके कान में इयरफोन लगी हुई थी और वो मोबाइल में कुछ देख रही थी. शायद पोर्न देख के उसके बदन में आग लगी हुई थी. मैंने देखा तो उसका दूसरा हाथ भी काम में लगा हुआ था. वो अपन सलवार के अन्दर हाथ कर के अपनी चूत को हिला रही थी. मेरे बदन में आग सुलग गई. 18 का होने के बाद मैं चोदना चालू कर दिया था. और सब से पहले घर की कामवाली को भी मैंने चोदा था. मैं भी इस सिन में खो सा गया था. तभी मैंने देखा की प्रिया मेडम मेरी तरफ मुड गई. मैंने वहां से भागना ही मुनासिब समझा. उस दिन की प्रेक्टिकल मैंने जानबूझ के मिस कर दी. और उस शाम को मैंने मेडम के नाम की मुठ मारी. उसके सेक्सी मल्लू बूब्स और चूत की कल्पना मात्र से लंड खड़ा हो गया था. एक हफ्ता भर मैं प्रिया मेडम से नहीं मिला. लेकिन अगले हफ्ते फिर से केमिस्ट्री लेब का दिन था. मैं लेब गया लेकिन मेड से दुरी बनाई रखी. मैंने उसे देखा एकाद बार और वो बड़े गुस्से से मुझे देख रही थी. मैंने ऐसे एक्टिंग की जैसे मैं उसे नहीं देख रहा हूँ.

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प्रेक्टिकल खत्म होने के बाद सब लोग घर निकलने लगे थे तब मेडम ने मेरे नाम की आवाज लगाई. और उसन कहा चंदू लेब के बाद मुझे मेरी केबिन में मिलो. मेरे पास कोई चोइस नहीं थी इसलिए सब के जाने के बाद मैं उसकी केबिन में गया. वो बोली बैठ जाओ कुर्सी में. मैं बैठा और वो उठ के लेब का मुख्य दरवाजा अन्दर से बंध कर के आ गई.

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मैंने उस से पूछा, मेडम दरवाजा क्यूँ बंध कर दिया?

वो बोली, शट अप यु रास्कल! नीच, साले गन्दी नाली की पैदावार.

मैंने कहा, अरे मेडम क्या हुआ ऐसे सब क्यूँ कह रही हो मुझे?

वो बोली, पिछली लेब में क्यूँ झाँक रहे थे मेरे केबिन में?

मैंने कहा. मेडम मैं तो पिछले हफ्ते आया ही नहीं था लेब के लिए!

वो बोली, चुप कर मुझे पता हे तू आया था. अगर ज्यादा नौटंकी की तो सीसीटीवी चेक करवा लुंगी, उसमे तो तू आ ही जाएगा. और फिर मैं कम्प्लेन करुँगी तो स्कुल वाले तेरी गांड में लिविंग सर्टिफिकेट घुसेड देंगे!

मैंने निचे देखा और कहा, सोरी मेडम!

वो बोली, क्या देखा?

मैंने कहा, कुछ खास नहीं.

वो बोली, मतलब मेरे मम्मे खास नहीं हे!

मैं बोला, नहीं नहीं मेडम ऐसा नहीं हे!

वो फिर बोली, तो क्या खास हे?

मैं बोला, मेडम आप मुझे सुंदर लगती हो.

वो बोली, तभी चुपके से मेरी चुंचियां देख के भागा था उस दिन.

मैं बोला, मेडम सोरी बोला ना, एक बार फिर से सोरी बस.

वो बोली, नहीं मैं तुझे स्कुल से बहार फिकवा के रहूंगी.

मैंने कहा, सोरी मेडम मैं आप के पाँव पड़ता हु प्लीज़ जाने दो ना!

वो बोली, एक काम करो मैं 10 तक गिनती हूँ तब तक तुम अपने सबी कपडे खोलो. और अगर ऐसा नहीं हुआ तो मैं 10 गिन के सीधे प्रिंसिपल के पास जाउंगी.

मेडम ने गिनती चालु की एक दो तिन!!!

मैंने कहा. मेडम प्लीज आप क्या करवा रही हो मेरे से!

वो बोली, चार पांच छे.

मैंने कहा ठीक हे मेडम आप कहती हे तो उतार देता हूँ. मैंने जल्दी से अपने सब कपडे खोले और मेडम के सामने नंगा खड़ा हो गया. मेरा लंड आलरेडी कडक हो गया था जिसे मेडम ने देखा. वो बोली, साले देखने से लगता नहीं की तेरा लंड इतना बड़ा होगा! और देख तेरा लौड़ा भी मेरे मम्मे ताड़ रहा हे!

मैंने कहा. मेडम मैं आप के मम्मे एक बार पकड लूँ, मुहे बहुत पसंद हे.

सच कहूँ तो नंगे होने के बाद मेरा कॉन्फिडेंस बढ़ गया था.

वो बोली, बड़ा आया मम्मे पकड़ने वाला मादरचोद. चल पहले मेरी चूत को चाट ले. और फिर बताती हूँ की बूब्स पकड़ने हे या नहीं.

मेडम ने लंड के ऊपर मारा और बोली, ले चाट मेरी चूत को. और ये कह के उसने अपनी टांगो को खोल दिया. और साली ने निचे पेंटी भी नहीं पहनी थी. मैं घुटनों के ऊपर जा बैठा और उसके चूत के होंठो को अपन टंग से चाटने लगा. प्रिया मेडम बड़ा एन्जॉय कर रही थी!

प्रिया: अह्ह्ह अह्ह्ह्ह ह्म्म्मम्म ह्म्म्मम्म चाट जोर जोर से चंदू अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ईईई अह्ह्ह्ह ऊऊऊ अह्ह्ह्ह!

मैंने प्रिया मेडम को एक लम्बा पुसी लिकिंग सेसन करवाया. सच कहूँ तो पहले मुझे चूत चाटना उतना अच्छा नहीं लगा लेकिन फिर मैं उसकी चूत की खुसबू, टेस्ट सब को एन्जॉय करने लगा!

वो मेरे माथे को पकड के अपनी चूत पर घिस रही थी. और मैं और भी अंदर तक अपनी जबान को घुसेड के चाटने लगा था. प्रिया मेडम की सिसकियाँ एकदम बढ़ गई थी. और वी अपनी कमर को हिला के मेरी टंग के ऊपर चूत को घिस सी रही थी. तभी उसकी चूत से पानी निकल पड़ा. साली की चूतरस का स्वाद खारी नमकीन लस्सी के जैसा था. और फिर वो खड़ी हो गई. और उसने मेरे होंठो के ऊपर अपने होंठो को लगा के चुम्मा दे दिया. और अपने हाथ से मेरे हाथ को पकड़ के मम्मो पर रख के बोली, अब दबाओ उन्हें! क्या मस्त सॉफ्ट बूब्स थे मेडम के. मैं उन्हें जोर जोर से दबाने लगा. उसने एक हाथ ही रखवाया था लेकिन मैं दुसरा हाथ भी वहां ले आया. और दोनों हाथ से मैं जोर जोर से मम्मे मसलने लगा. कुछ देर मस्त मम्मे मसलवाने के बाद वो बोली, चल कुर्सी पर बैठ जा मैं तेरा चुसुंगी. मैं बैठा और वो अपने घुटनों के ऊपर बैठ के लंड को पकड के हिलाने लगी. फिर उसने अपनी निपल्स के ऊपर भी लंड को घिसा. मैंने कहा, मेडम चूसने से पहले अपने बूब्स के बिच में दबाओ ना मेरे पेनिस को.

वो हंस पड़ी और उसने लंड को अपने दोनों मम्मे के बीच में दबा के वो बोली, ले चोद ले.

मैंने आधा उठा और प्रिया मेडम के शोल्डर्स को पकड़ लिए.

मैंने बूब्स को चोदे तो वो और भी खुश हो गई. वो सेक्सी आवाजें कर रही थी. कुछ देर बूब्स चोदने के बाद मैंने प्रिया मेडम को कुर्सी पकडवा के खड़ा कर दिया. पीछे से मैंने अपना लंड उसकी मल्लू चूत में डाल दिया. वो बड़ी चुदासी हो गई थी. और अपनी गांड को जोर जोर से हिला के मरवा रही थी. पांच मिनिट की मस्त चुदाई के अन्दर ही मेरे लौड़े का पानी निकल के प्रिया की चूत में टपक गया. वो खुश हो गई. उसने फटाक से कपडे पहने और बोली, तुम भी जल्दीस इ कपडे पहन के निकल जाओ. कोई आ ना जाए. दोस्तों उस दिन मैंने पहली बार प्रिया मेडम की चूत का सवाद लिया. और फिर वो रेग्युलर मुझे बुलाने लगी अपने घर पर. मुझे उसके घर जा के पता चला की वो एक डिवोर्सस लेडी थी और घर में अपनी बूढी माँ के साथ अकेली रहती थी. वो ट्यूशन के बहाने मुझे घर पर बुला के कमरे में चुदवाती थी!

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