चेतावनी : इस वेब साइट पर सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है। कहानियां सिर्फ आप के मनोरंजन के लिए है, कहानियां काल्पनिक हो सकती है। कहानियां पढ़ कर इसे वास्तविक जीवन में आजमाने की कोशिस ना करें। सेक्स हमेशा आपसी सहमति से करें।

मामा की बेटी मीनाक्षी को चोदा

loading...

indiansexkahani.com की कहानियाँ पढनेवाले सभी दोस्तों को मेरा प्रणाम. मेरा नाम प्रमोद है और मैं इंदौर में रहता हूँ. मेरे को सेक्स कहानियाँ पढने का बहुत सौख है और मैं अब तक बहुत साईट के ऊपर कहानियां पढ़ी हुई है. मेरी शादी अभी नहीं हुई है और मेरे को ऑनलाइन फ्रेंडशिप कर के सेक्स चेट करने का सौख है. अगर किसी को मेरे साथ सेक्स चेट या वीडियो चेटिंग पर मेरा लंड देखना हो तो मेरे को कमेन्ट कर के बता सकती है! (गे लौंडे प्लीज मेरे से दूर रहे क्यूंकि मैं स्ट्रेट आदमी हूँ.)
दोस्तों आज की ये कहानी मेरी और मेरे कजिन के बिच में हुए सेक्स की है जो बिना किसी प्लानिंग के हुआ था. सब से पहले मैं आप को अपने कजिन के बारे में बता देता हूँ. उसका नाम मीनाक्षी है और उसकी उम्र 21 साल की है. उसका फिगर 32 30 34 का है. दिखने में वो इतनी अच्छी नहीं हैं लेकिन उसका फिगर बड़ा ही सेक्सी है. मेरी हाईट 5 फिट 8 इंच है और मैं गोरा हूँ. मैं गुड लुकिंग हूँ और किसी भी औरत को चुदाई में संतुष्ठ कर सकता हूँ. अब मैं सीधे वर्णन को छोड़ के सीधे ही चुदाई की कहानी पर आता हूँ.

ये बात आज से 2 साल पहले की है. मीनाक्षी ने 12वी पास कर ली थी. उसने उसके बाद पीएमटी की एग्जाम के लिए फॉर्म भरा था. और उसका एग्जाम सेंटर इंदौर आया था. वैसे तो हमारे बिच में इस सब की शरुआत बचपन से ही हो गई थी जब हम घर घर खेला करते थे और वो मेरी पत्नी बनती थी और हम थोडा बहुत ऊपर ऊपर से ही मजा कर लेते थे. बस उस टाइम कम उम्र होने की वजह से उतनी जानकारी नहीं थी. उस समय मोबाइल नहीं थे तो हम सेक्स विडियोस में भी नहीं समझते थे.
मैं इंदौर में अकेला ही रहता हूँ और मेरे मम्मी पापा गाँव में रहते है. एक दिन मामा जी ने हमारे घर कॉल किया और बोला की मीनाक्षी का एग्जाम है तो वो उसे लेकर इंदौर आ रहे है और उन्होंने कहा की वो हमारे फ्लेट पर ही रुकेंगे. उन्होंने मेरे को सेंटर का एड्रेस भेज दिया और मैंने दो दिन पहले जाकर सेंटर ढूँढ लिया. सेंटर हमारे फ्लेट से करीब साड़े तिन चार किलोमीटर जितना दूर था. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम  वो लोग एग्जाम के एक दिन पहले ही आ गए मोर्निंग में और तब तो सब कुछ नोर्मल था. दी मैं सब सो रहे थे सब से कोर्नर में मामा जी, फिर मीनाक्षी, फिर मै. मेरे मन में उसके लिए कोई भी गलत भावना नहीं थी उस वक्त तो. मैंने कभी भी उसके बारे में बड़े होने के बाद गलत नहीं सोचा था. पर जब मीनाक्षी ने मेरी तरफ करवट ली तो मुझे उसके बूब्स दिखने लगे. उसने शायद अंदर ब्रा नहीं पहनी थी तो मुझे क्लिवेज बड़े अच्छे से दिख रहे थे.
मेरे दिमाग में अब गलत ख़याल आने लगे थे. मैंने खुद पर कंट्रोल करने की कोशिश की लेकिन नहीं कर पाया. मैने धीरे से उसके बूब्स को टच कर लिया. वो शायद गहरी नींद में थी. मामा जी भी गहरी नींद में ही थे रातभर सफर करके आये थे तो थकान होना लाजमी ही था.

फिर मैंने धीरे से उसके बूब्स को सहलाना चालू कर दिया. और उसकी सांसे तेज होने लगी. ये मेरा पहली बार था तो मैं बहुत एक्साइट हो गया. तो एक्साइटमेंट में मैंने उसके बूब्स को और भी जोर से दबा दिया. उसने अब आंखे खोली और अपनी आँखे उसने मामा जी की तरफ दिखाई और बताया की वो जाग सकते थे.
मैं डर गया और फिर मैं और मीनाक्षी दोनों सो गए. मैंने कुछ नहीं किया शाम को मामा जी शोपिंग करने जा रहे थे तो उन्होंने मुझे बोला शोपिंग पे साथ में जाने के लिए. लेकिन मेरे टेस्ट चल रहे थे तो मैंने मेरे एक फ्रेंड को मामी जी के साथ मार्किट भेज दिया. अब फ्लेट में मैं और मीनाक्षी अकेले ही थे. हम दोनों कोई बात नहीं कर रहे थे वो अपनी पढ़ाई कर रही थी और मैं भी. लेकिन फिर मेरे से खुद पर कंट्रोल नहीं हुआ और मैं उठ के उसके पास गया और पीछे से उसे घूरता रहा. वो जानती थी की मैं पीछे हूँ लेकिन वो कुछ भी नहीं बोली. तो मैंने हिम्मत कर के अब अपने एक हाथ को पीछे से उसके कुर्ते में डाल दिया. मुझे पहले तो लगा की मीनाक्षी गुस्सा करेगी लेकिन जब उसने कुछ नहीं बोला तो मेरी हिम्मत और भी बढ़ गई. और फिर मैंने उसे पीछे की तरफ खिंच के उसके होंठो को अपने होंठो से मिला दिया. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
10 मिनिट तक हमारा किस चला फिर मैंने उसे लिटा दिया. मीनाक्षी के पुरे कपडे उतारने में बड़ा रिक्स था मामा जी शोपिंग कर के कभी भी वापस आ सकते थे. तो मैंने अपनी कजिन की लेगिंग को निचे किया और उसके कुर्ते को ऊपर की और उठा दिया और उसके सेक्सी बूब्स के ऊपर भूखे शेर के जैसे टूट पड़ा. और उन दोनों को खूब चूसा!
मीनाक्षी भी आह्ह्ह अह्ह्ह की आवाजें निकालने लगी थी और बोल रही थी और जोर जोर से चुसो भैया! और जोर जोर से करो और खा जाओ इन्हें मैं बहुत तड़प रही हूँ भैया. आज मेरी सब प्यास को आप बुझा दो. फिर मैं किस करते करते निचे की तरफ गया और उसकी चूत को चाटने लगा और वो मेरे सर को जोर जोर से अपनी चूत पे दबा रही थी और अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह की आवाजें निकाल रही थी.

loading...
loading...

फिर मैंने उसकी चूत में एक ऊँगली डाली जो आसानी से चली गई अंदर तक. फिर मैंने दो ऊँगली डाली तो वो थोडा कसमसाई. फिर मैं अपनी दो उँगलियों को अन्दर बहार करने लगा और साथ ही उसकी चूत को मैं अपनी जबान से चाट भी रहा था. वो बस पागल हुए जा रही थी और जोर जोर से चिल्ला रही थी मजे आ रहे थे इसलिए.
मुझे ये डर था की कही मामा जी लौट के ना आ जाए और हमरे अधूरे में ना रुकना पड़े अपनी चुदाई में. और ये ही सोचते सोचते मैं अपनी ऊँगली को मीनाक्षी की चूत में अंदर बहार कर रहा था. और फिर एक जोरदार आह के साथ वो झड गई. मैंने अपने हाथ रुमाल से मीनाक्षी की चूत को साफ़ कर दिया. मेरा लंड अब पूरी तरह से खड़ा था और उसकी एक एक नस बहार दिखने लगी थी. पूरा गरम हो गया था मैं.
फिर मैं अपनी जगह से खड़ा हुआ और अपना चड्डा और अंडरवियर निकाल दिया एक साथ ही. और मैंने अपने लंड को कपड़ों की गिरफ्त से आजाद कर दिया. मैंने मीनाक्षी को अपना लंड पकड़ने के लिए बोला. तो उसने अपने नाजुक हाथो से मेरे लंड को हाथ में पकड के आगे पीछे सहलाना चालू किया. और फिर मैंने उसे लंड को मुहं में लेने के लिए बोला तो वो मेरे को मना कर रही थी.
पर मेरे बहुत रिक्वेस्ट करने पर उसने पहले एक हल्का सा किस दे दिया मेरे लंड को. और फिर वो उसे मुहं में ले के चूसने लगी. मैंने उसके बाल पीछे से पकड़ लिया और उसके मुहं में अपने लंड के झटके देने लगा. वो अब बड़े ही सही ढंग से मेरे लंड को चूस रही थी. शायद उसे भी लंड मुहं में लेने में मजा आ रहा था. वो अब पुरे तरीके से गरम होने लगी थी. थोड़ी देर लंड को चूसने के बाद वो बोली की अब और सहा नहीं जाता है भाई अपने लंड को अब जल्दी से मेरी चूत के अन्दर डाल दो ना!

और फिर मैंने भी सोचा की ये एकदम सही मौका है उसे चोदने का. मामा जी के आ जाने का डर भी था लेकिन फ्लेट का डोर बंद था. मैंने अब मीनाक्षी को निचे लिटाया और उसकी दोनों टांगो को पूरा के पूरा फैला दिया और अपने लिए जगह बना दी. फिर उसकी दोनों टांगो के बिच में बैठ के मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर सेट कर दिया. और एक धक्का मार के लंड को अंदर करना चाहा तो मेरा लंड फिसल गया. मुझे छेद नहीं मिल रा था चूत का और ये बात मीनाक्षी को भी समझ में आ गई थी. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम  इसलिए फिर उसने अपने हाथ से मेरे लौड़े को अपनी चूत के छेद पर सेट कर दिया और मुझे धक्का देने के लिए बोला. मैंने एक जोरदार झटका मारा और उसके मुहं से एक जोर की आह निकल गई. मेरा लोडा एक ही बार में अंदर चला गया था. उसकी चूत की सिल पहले से टूटी हुई थी तो मैं समझ गया की मीनाक्षी ने पहले भी किसी और का लंड जरुर लिया होगा.

लेकिन मेरे को उस से क्या! मैंने उसे कुछ भी नहीं पूछा इसके बारे में. और अपने लंड के धक्के लगाने लगा उसकी चूत के अंदर. वो अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह ओह ओह उईइ माँ ह्ह्ह्हह बहुत बड़ा है भाई अह्ह्ह्ह मर गई अह्ह्ह की आवाजें निकाल रही थी. और मैं झटको पर झटके दे के उसे चोद रहा था. मेरे चोदने की स्पीड हर एक सेकंड बढ़ रही थी. मामा जी का कॉल आया तभी मेरे मोबाइल पर और उन्होंने बोला की उन्हें आने में अभी एक डेढ़ घंटा और लगेगा. मैंने जल्दी जल्दी ओके ओल के फोन काट दिया और फिर से मीनाक्षी को जोर जोर से चोदने लगा. उसके बड़ी साइज के बूब्स को मसल के चोदने का मजा ही कुछ और था. और मेरी ये सेक्सी कजिन भी अपनी गांड को हिला के और बूब्स को उछाल उछाल के चुदाई में मेरा साथ दे रही थी. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम वो अब तक दो बार झड चुकी थी मेरी मस्त चुदाई से और मेरे लंड का पानी भी एन पॉइंट तक आके रुका हुआ था. मैं भी झड़ने को ही हुआ था. मैंने मीनाक्षी को बोला की मेरा पानी निकलने वाला है तो उसने कहा की मुझे लंड का पानी पीना है. तो मैंने जल्दी से लंड को उसकी चूत से निकाला और उसके मुहं में दे दिया. वो मेरे लंड को मजे से चूसने लगी थी. मैं एक झटके के साथ उसके मुहं में ही झड़ गया और मीनाक्षी लंड को चाट चाट के मेरा सब माल पी गई.

फिर हम एक दुसरे को हग कर के लेटे रहे. तब मैंने मीनाक्षी को पूछा की तूने पहले किसी और से चुदवाया है की नहीं? तो उसने कहा की नहीं आप पहले ही मुझे चोदनेवाले. तो मैंने बोला की जूठ मत बोल मुझे सब पता है मेरा लंड एक ही झटके में तेरी चूत में घुस गया और तेरे को दर्द भी नहीं हुआ, तो मेरे को सच सच बताओ जो भी है. तो उसने बोला की मैं स्कुल में थी तब मेरा एक बॉयफ्रेंड थे और वो मुझे बहुत चोदता था.
फिर उसने मेरे को अपने बॉयफ्रेंड के साथ किये सेक्स के बारे में बताया की कैसे वो मिले और कैसे और कहाँ पर चुदाई करते थे. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
फिर हमने कपडे पहन लिये और फिर से पढाई करने लगे. अगले दिन उसकी एग्जाम हो गई और रात की बस से वो मामा के साथ चली गई वापस! लेकिन सच में जाते ही उसने जिस नजर से मुझे देखा उस से मुझे पता था की अगली बार जब भी मौका मिलेगा तो वो मजे से मेरा लंड फिर से ले लेगी!

कहानी शेयर करें :
loading...