चेतावनी : इस वेब साइट पर सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है। कहानियां सिर्फ आप के मनोरंजन के लिए है, कहानियां काल्पनिक हो सकती है। कहानियां पढ़ कर इसे वास्तविक जीवन में आजमाने की कोशिस ना करें। सेक्स हमेशा आपसी सहमति से करें।

मामा विदेश गये तो मामी के साथ रासलीला करने को मिली

loading...

New Sex Stories हेलो दोस्तों मैं आप सभी का इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम में स्वागत करता हूँ। मेरा नाम पाठक है। सब लोग मुझे इसी नाम से बुलाते है। मैं 24 साल का जवान मर्द हूँ और लंगोट से मैं बहुत कच्चा हूँ। खूबसूरत लकड़ियों या औरतों को देखकर मैं उनके पीछे पीछे किसी कुत्ते की तरह दुम हिलाने लगता हूँ और तरह तरह से डाईलोग मारकर मैं उनको पटा कर चोद लेता हूँ। मैं चूत का पुजारी आदमी हूँ। जब मैं चूत मारना बंद कर देता हूँ तो मेरी तबियत ही खराब हो जाती है। इससे आप लोग अंदाजा लगा सकते है की मैं कितना सेक्सी और ठरकी आदमी हूँ। हर रात जब भी मैं सपना देखता हूँ सपने में भी किसी ना किसी लड़की को मैं चोद रहा होता हूँ। मैं बिना बुर चोदे जिन्दा नही रह सकता हूँ। मेरा घर सहारनपुर में रहता है। मेरे सारे रिश्तेदार यही पर रहते है। मैं आजकल अपने मामा के यहाँ रहता हूँ। आज आपको अपनी स्टोरी सुना रहा हूँ।
दोस्तों बी ए करने के बाद मेरी समझ में नही आ रहा था की कौन सा काम पकड़ा जाए। फिर मेरे मामा जी ने मुझे अपने कारोबार में लगा दिया। मैं मामा के घर में सहारनपुर में ही रहने लगा। मामा का एक्सपोर्ट इम्पोर्ट का काम था। वो रेडीमेड गारमेंट बनवाकर विदेश भेजते थे। सबसे जादा निर्यात अफ्रीकी देशो में होता था। वहां पर मामा की कम्पनी सबसे जादा माल भेजती थी। शर्ट, पेंट, टी शर्ट, टोपी, जींस, हर तरह के कपड़े कारीगरों से सिलवाकर विदेश भेजे जाते थे। मैं मामा के साथ काम करने लगा। वो मुझे 15 हजार महीने देने लगे। एक दिन मैं दोपहर में घर लंच करने आया था। घर का दरवाजा खुला हुआ था। मामा ने मुझे घर लंच लाने के लिए भेजा था। तभी मैंने देखा की स्नेहा मामी घर की छत पर एक पडोस के आदमी से चुदवा रही है। ये सब देखकर मेरा तो होश उड गया। मेरी मामी अल्टर है और पडोस के मर्दों से चुदवा लेती है ये राज की बात मुझे आज पता चली। उस पडोस के आदमी से मामी को जल्दी जल्दी साड़ी और पेटीकोट उठाकर चोद लिया और दीवाल फांदकर चला गया। मामी ने जल्दी से अपनी साड़ी ठीक हूँ और नीचे सीढ़ी से नीचे उतरने लगी तो मुझे देख के डर गयी।

loading...

“भांजे तुम यहाँ कैसे???” स्नेहा मामी घबराकर बोली
“क्यों मामी आज तो तुम्हारी चोरी पकड़ी गयी। कौन था वो मर्द जिसके मोटे लंड की सेवा तुम ले रही थी??? कितने दिनों से ये रासलीला चल रही है?? बोलो ??” मैंने पूछा
“भांजे! मैं तुमको सब बताती हूँ। पर भगवान के वास्ते अपने मामा से इसके बारे में मत कहना” मामी गिडगिड़ाती हुई बोली
“मामी तुम अगर मुझे चूत दे दो तो मैं अपना मुंह बंद रखूंगा। मेरे जैसे गबरू जवान मर्द के होते हुए तुम किसी बाहर वाले की सेवाये हुए ले रही हो। तुम मुझे मौका दो और मुझसे चुदाकर अपनी हवस शांत कर लो” मैंने कहा
उसके बाद स्नेहा मामी से बताया की मेरे मामा अपने काम के सिलसिले में बहुत व्यस्त रहते है और 6 -6 महीने हो जाते है मामी को चोदते ही नही। इसलिए स्नेहा मामी ने पडोस में एक मर्द सेट कर लिया था। उन्होंने सारी बात बताई। दोस्तों अब मेरा स्नेहा मामी को चोदने का बड़ा दिल कर रहा था पर मौका नही मिल रहा था। सुबह से रात तक एक्सपोर्ट हॉउस में मैं मामा के साथ काम करवाता था। मैं सुपरवाइसर का काम करता था। कारीगरों से काम करवाना मेरी जिम्मेदारी थी। कुछ दिनों बाद मेरे मामा जी अफ्रीका चले गये। उनको कुछ नये क्लाइंट से मीटिंग करनी थी। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“भांजे!! देखो मैं 1 हफ्ते के लिए अफ्रीका जा रहा हूँ। देखो ध्यान से काम करना। इन कारीगरों को देखे रहना” मामा ने कहा और अफ्रीका चले गये।
उस दिन मैं काम पर गया ही नही। मैंने छुट्टी ले ली। मामा के जाते ही मैंने स्नेहा मामी को आंख मारी। वो समझ गयी की अब उनका भांजा उनको चोदने वाला है। वो बाथरूम में नहाने चली गयी और अच्छी तरह से उन्होंने अपनी चूत की झाटो को शेव कर लिया। अब उनकी चूत बहुत सुंदर और बहुत रसीली लग रही थी। मैं बेडरूम में चला गया और इधर मैंने भी अपनी झांटे छीलना शुरू कर दी। कुछ ही देर में मैं सफा चट हो गया था। अपने लंड के आस पास के सारे बाल मैंने अच्छे से साफ़ कर दिए थे। दोस्तों अब मेरा लंड भी बहुत सुंदर और गोरा लग रहा था। करीब एक घंटे बाद स्नेहा मामी बेडरूम में आ गयी। मामी सिर्फ टोवेल में थी। उन्होंने अपनी छातियों के उपर टोवेल बाँध रखी थी।

“भांजे!! आज मैं भी तुम्हारा मोटा लंड खाना चाहती हूँ। मैं लंड की भूखी हूँ” स्नेहा मामी बोली
“कोई बात नही मामी!! आज मैं तुम्हारी सेक्सी की भूख को मिटा दूंगा” मैंने कहा
फिर स्नेहा मामी का हाथ पकड़कर मैं उनको बिस्तर में खींच लिया और गले लगा लिया। वो सुबह की ओश की तरह फ्रेश लग रही थी। मैंने उनको किस करने लगा। कुछ देर में उनकी टोवेल अपने आप खुल गयी और स्नेहा मामी पूरी तरह से मेरे समक्ष नंगी हो गयी। ओह्ह गॉड!! कितनी मस्त चुदासी औरत थी मेरी मामी। उनकी जवानी और गदरया जिस्म देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया और उनको सलामी देने लगा। मैंने मामी को कलेजे से लगा लिया और सब जगह किस करने लगा। मैंने उनको नंगा नंगा की पकड़ किया और गाल, गले, होठो पर चुम्बन देने लगा। धीरे धीरे हम दोनों गर्म होने लगे।
“भांजे आराम से कही ऐसा न हो की मुझे चोदने से पहले ही तुम्हारा माल झड़ जाए” स्नेहा मामी बोली
“अरे मामी!! ये लौड़ा असली मर्द का है। तुम्हारे जैसी 10 सुन्दरी भी जा जाए तो भी ये लौड़ा पहले नही झड़ेगा। सबको चोदने के बाद ही ये आउट होगा” मैंने कहा
उसके बाद दोस्तों हम दोनों प्यार में डूब गये। मामी नीचे और मैं उपर था। उनके होठो का जबरदस्त चुबन हुआ। वो मुंह चला चलाकर मेरे लब चूसने लगी। मैं भी पीने लगा। खूब मजा मिला। फिर मैंने मामी के मुंह में जीभ डाल दी। वो चूसने लगी। मैं उनकी जीभ जब चूस रहा था तो हम दोनों अचानक से गर्म हो गये। उसके बाद उनकी हरी भरी चूचियों को मैंने मसलना शुरू कर दिया। स्नेहा मामी “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” करने लगी। उनकी सफ़ेद चिकनी चूचियां देखकर मैं उपर वाले को धन्यवाद दे रहा था जो उसने मेरी मामी को कितनी सुंदर माल बनाया। बड़ी बड़ी गोल गोल मम्मो को देखकर तो *** के लंड की खड़े हो जाए और वो भी बस स्नेह मामी को चोद लेना चाहे। इसकी खूबसूरत दूध थे मामी के।

धीरे धीरे मैंने सहला और दबा रहा था। फिर मैंने पीना शुरू कर दिया। मामी की बायीं चूची को मुंह में भरा और चूसने लगा। मामी मस्ताने लगी। उनको मस्ती चढ़ रही थी। मैंने मौका ताडकर उनके आम को दबाना शुरू कर दिया। वो “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” करने लगी। कितने मुलायम, बड़े बड़े बूब्स थे स्नेहा मामी के। मैं मुंह चला चलाकर पी रहा था। मुझे अभूतपूर्व आनंद की प्राप्ति हो रही थी। इतना मजा तो मुझे आजतक नही आया था। मैं जल्दी जल्दी उनकी चूची का रस चूस रहा था। कुछ देर बाद मैं मामी की दाई चूची पीने लगा। वो कराहने लगी। मेरे सिर को प्यार भरे अंदाज से सहला रही थी। मुझे प्यार कर रही थी। मामी की आँखों में सेक्स वाला मीठा नशा भर गया था। उनकी आँखे भारी हो गयी थी। दोस्तों मैंने आज सारे अरमान पूरे कर दिए। उनकी चूचियों को काट काटकर मैं चूस और पी रहा था। उसकी सफ़ेद छातियों में कई जगह मैं जोश में आकर काट लिया था। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। मेरे दांत के निशान साफ़ साफ बन गये थे।
““आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई…. भांजे अब चोद मुझे!! अब कितना वेट करवाएगा। मेरी चूत प्यासी है रे.. ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” स्नेहा मामी कहने लगी
मैंने उनके पैर खोल दिए। ओह्ह कितनी सुंदर गोल मटोल सफ़ेद और चिकनी जांघे। मैं मामी के पैरों को हाथ से सहलाने लगा। उनकी जांघो को चूमने और सहलाते मैं चूत पर पहुच गया। हाय रे!! इतनी बड़ी और उभरी हुई ब्रेड की तरह फूली और बला की खूबसूरत चूत। दोस्तों मेरी लार टपकने लगी मामी की भोसड़ी देखकर। मैं लेट गया और चूत को हाथ लगाने लगा। मामी सिसकने लगी। मैं जीभ लगाकर चाटना शुरू कर दिया। मामी बेचैन होने लगी। मैं जल्दी जल्दी किसी डौगी की तरह उनका भोसड़ा चाटने लगा। उनको मजा आ रहा था। स्नेहा मामी ने अपनी ऑंखें बंद कर ली और मचलने लगी।

“……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा—भांजे!! तू अच्छा कर रहा है। चाट चाट और चाट …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” वो बोल रही और पैरों को और खोल रही थी जिससे मैं आराम से उनकी चूत पी सकूं। मैंने 10 मिनट उनकी फुद्दी चाटी फिर चूत में 2 ऊँगली सरका दी और जल्दी जल्दी उनकी चूत फेटने लगा। अब तो मामी को बड़ा सेक्सी फील हो रहा था। वो बार बार अपनी गांड उठा रही थी। अपना पेट मरोड़ रही थी। मैंने बड़ी मेहनत से उनकी चूत में ऊँगली की और उनको भरपूर मजा दिया। उसके बाद मैंने अपना 8” का लंड उसके भोसड़े में डाल दिया और जल्दी जल्दी उनको चोदने लगा।
खुले बालों में मामी किसी बोलीवुड की हीरोइन की तरह दिख रही थी। जैसे माधुरी। मैं जल्दी जल्दी उनका गेम बजा रहा था। मेरा लंड उसकी भोसड़ी में जल्दी जल्दी सरपट सरपट दौड़ रहा था। “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…” की तेज कराहों के बीच स्नेहा मामी चुदा रही थी। हम दोनों के जिस्म दो सम्भोग रत साँपों की तरह आपस में लिपटे हुए थे। भरपूर आनंद आ रहा था अपनी सगी मामी की बुर चोदकर। दोस्तों अभी उनके बच्चे नही हुए थे इसलिए चूत टाईट थी। मैं जल्दी जल्दी मामी को चोद रहा था। उनका शरीर अकड़ खा रहा था। उनको खूब यौन मस्ती चढ़ रही थी। मैं तेज और गहरे धक्के उसकी टाईट बुर में दे रहा था। इसी तरह 50 मिनट तक हम दोनों से सेक्स और वासना का खेल खेला। अंत में मैं झड़ गया और माल स्नेहा मामी की चूत में छोड़ दिया। मेरे मामा जी 2 हफ्तों बाद अफ्रीका से लौटकर आये तब तक मैं स्नेहा मामी को 24 बार चोद चुका था। कहानी आपको कैसे लगी

DMCA.com Protection Status

कहानी शेयर करें :
loading...