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मामा से चुदवाकर चूत की खुजली मिटाई

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मेरा नाम सुधा है और मेरी उम्र 20 साल है और मैं नवाबो के शहर लखनऊ में रहती हूँ। मैं indiansexkahani.com की नियमित पाठक रही हूँ और मैं आज आप सभी को अपने मामा के साथ की चुदाई के बारे में बताने जा रही हूँ। दोस्तों मैं बचपन से ही अपने मामा के घर पर रह रही हूँ क्योकि मेरे मम्मी और पापा का बचपन में ही मौत हो गई थी। मेरे तीन मामा है और केवल एक ममी क्योकि अभी दो मामा की शादी नही हुई थी। मेरे सबसे छोटे वाले मामा की उम्र लगभग मुझसे दो साल बड़ी थी लेकिन वो मेरे बराबर ही लगते थे। मैं और मेरे छोटे वाले मामा दोनों बचपन से ही साथ में खेलते थे जिससे मैं और छोटे वाले मामा अलोक हमेशा साथ में रहते थे लेकिन जैसे जैसे हम बड़े हुए वैसे वैसे हम दूर भी होने लगे थे। जब मैं जवान हुई तो मैं देखने में बहुत अच्छी लगती थी तो अलोक मामा हमेशा मेरी तारीफ करते रहते थे। मेरी जवानी में मैं बहुत ही मस्त माल थी जो भी मुझे देखत था वो देखता ही रह जाता था। क्योकि मैं काफी गोरी और मेरा छोटा चहरा लाल लाल होठ और बड़ी बड़ी आंखे। जिसकी वजह से लड़के हमेशा मुझ पर कमेन्ट मरते रहते थे।

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दोस्तों जब मैं 12 क्लास में थी तो मेरे ही क्लास में एक लड़का पढता था, वो देखने में बहुत स्मार्ट थी और पढने भी तेज था। क्लास की सारी लड़कियां उस पर मरती थी लेकिन वो मुझ पर मरता था क्योकि मैं उसे जरा भी लाइन नहीं देती थी। इसलिए वो मुझे लाइन देने लगा था। मैं भी उसे पसंद करती थी लेकिन मैं नही चाहती थी की मैं उसे प्रपोस करू। धीरे धीरे समय बिता और एकक दिन उसने मौका देख कर मुझ क्लास में रोक लिया और मुझे प्रपोस कर दिया। मैंने उससे कहा – मैं तुम्हारे प्रपोसल को एक्सेप्ट कर सकती हूँ लेकिन ये बात किसी को पता नही चलनि चाहिए। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम  वो भी तैयार हो गया। उस वक़्त मेरी उम्र लगभग 18 साल थी। कुछ दिन बाद जब किस हो गया उसने मेरे मम्मो को भी दबा लिय तो उसने मुझे चुदाई के बारे में बात की। मैं भी चुदाई के बारे में बहुत सुना था इसलिए मैं उससे चुदने के लिए मान गई। लेकिन जब मेरी पहली चुदाई हुई तो मुझे बहुत मज़ा आया और साथ में मेरी सील दर्द भी हुआ लेकिन मैं उस चुदाई को हमेशा याद करती हूँ। उसके बाद मैंने उससे कई बार चुदवाया।

धीरे धीरे समय बीता और मेरी पढाई पूरी हो गई और मैं घर पर ही रहने लगी। दोस्तों जब मैं घर पर रहने लगी तो मैं अपने चुदाई के बारे में सोचती थी की मैं किससे चुदवा सकती हूँ। लेकिन वहां पर सब मेरे रिश्ते वाले ही थे जिसके वजह से मैं चुदने के लिए तडपने लगी थी। मैंने कभी भी नहीं सोचा था कि मेरे छोटे मामा अलोक भी चोदना चाहते है।
दोस्तों कुछ पहले की बाद मैं चुदाई की लिए थी और मैं अपने चूत की गर्मी को करने के लिए बहुत कुछ करती थी लेकिन मेरी चूत की गर्मी कम नही हो रही थी। एक दिन मैं अपने कमरे में सो रही थी और मैंने उस दिन ब्रा नही पहना था, मैंने केवल सूट पहना था जिसकी वजह से मेरी मेरे सूट थोडा सा बाहर निकला हुआ था और अलोक मुझे जगाने आया था। लेकिन उसकी नजर मेरी चूची पर पड़ने के बाद उसने कुछ देर मुझे नहीं जाया और वो मेरी चूची को देख रहा था। कुछ देर बाद जब उसका लंड हो गया तो वो अपने आप को रोक नही पाया और मेरे को छूने लगा। कुछ देर उसने मेरी चूची दबाई मुझे ऐसा लग रहा था मैं सपना देख रही हूँ, लेकिन कुछ देर मेरी चूची दबाने के बाद जब उसने मुझे जगाया तो पहले तो मैं अपनी चूची को ठीक किया और फिर मेरे दिमाग में आया कहीं अलोक तो मेरी चूची नही दबा रहा था। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
उस दिन के बाद अलोक रोज मुझे जगाने आने लगा और वो इसी बहाने मेरी चूची भी दबा लेता था क्योकि मेरी चूची को दबाने के बाद उसके मन में मेरी चुदाई की सोच पैदा हो गई थी। एक दिन मैं अपने कमरे में थी और उस दिन मैं सुबह जल्दी ही उठ गई थी लेकिन मैं उस दिन भी लेटी हुई थी। देर बाद अलोक आया उसे लगा मैं सो रही हूँ वो मेरे पास आया और उसने अपने हाथ को मेरे मम्मो पर रख कर मेरी चूची को दबाने लगा। जब उसने मेरी चूची छुई तो मेरे मन भी चुदाई की आग भड़कने लगी। मैंने कुछ देर चूची दबवा ली लेकिन मैं अचानक से उठ गई जिसकी वजह से अलोक बहुत ज्यादा दर गया उसने मुझसे कहा – सुधा ये बात किसी को मत बताना वरना मेरी बहुत पिटाई होगी। तुम जो कहोगी मैं वो करने के लिए तैयार हूँ। मैंने सोचा अब क्या करूँ। पहले तो मैंने उससे कुछ पैसे लिए और फिर उससे अपने काम भी करवाया।

एक दिन अलोक अपने कमरे में चुपचाप बैठा हुआ था मैं उसके पास गई और उससे कहा – तुम मेरा एक कम करना है अगर नही करोगे तो मैं वो वाली बात सबको बता दूंगी। तो अलोक ने कहा अच्छा पहले काम तो बताओ। तो मैंने उससे कहा – जो तुम कर रहे थे उस दिन उससे आगे का काम भी पूरा करो। तो अलोक ने कहा – तुम ये तो नही कहना चाहती हो कि मैं तुम्हारी चुदाई भी करूँ। मैं ऐसा नही करूँगा क्योकि अगर किसी को भी पता चला तो मुझे घर से निकाल देंगे। तो मैंने उससे कहा – अगर मैं वो बात बता दूंगी तो भी घर से बाहर हो जाओगे। और वैसे भी तुम चुप्के से मेरे कमरे में आ जाना रात में कोई भी नही जान पायेगा। कुछ देर बाद अलोक ने मुझसे कहा – ठीक है मैं आ जाऊंगा। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
रात हुई और मैं अलोक का अपने कमरे में आने का इंतजार कर रही थी। रात के 11 बज गए लेकिन वो नही आया। जब 11 बजकर 40 मिनट हुआ तो अलोक चुपके से मेरे कमरे में आया। मैंने उसको देखा तो मैं बहुत खुस हो गई थी। उसने दरवाज़ा बंद किया और फिर मेरे बगल में आ कर लेट गया और उसने मुझसे कहा – जल्दी से जो करवाना है करवा लो मुझे जा भी है।
कुछ देर बात के बाद मैंने अपने कपडे निकाल दिए और फिर मैंने अलोक के भी कपडे निकाल दिए। हम दोनों बिलकुल नंगे ही साथ में थे और फिर अलोक ने मेरे चिकने बदन को सहलाते हुए अपने हाथ को मेरी चूची पर ले आया और फिर उसने मेरे मम्मो को दबाते हुए अपने होठ से लगते हुए मेरे होठ को चूमने लगा, और कुछ देर बाद वो मेरी पतली और रसीली होठ को पीने लगा। कुछ देर बाद मैंने भी उसने होठ को पीना शुरू किया और उससे लिपटते हुए उसके होठ को पीने लगी। मुझे बहुत ही आनंद था, उसके होठ को पीने से। अलोक भी मेरी चूची को दबाते मेरे होठ को काट काट कर पी रहा था। वो मेरे होठ को किसी प्याले की तरह से पी रहा था और पीता ही जा रहा था ऐसा लग रहा था जिअसे वो जितना मेरे होठ को पी रहा है उसे उतना ही नशा चढ़ रहा था।

मेरे होठ को पीने के बाद अलोक ने अपने हाथ को मेरे निप्पल के चारो तरफ करते हुए मेरी चूची को को बड़े जोश में सहलते हुए दबाने लग और साथ में मेरी चूची को उसने चूमना भी शुरू कर दिया। कुछ देर बाद जब उसने मेरी चूची को पीना शुरू किया तो मैं धीरे धीरे मदहोश होने लगी और अपनी चूची को अलोक के हाथ के ऊपर से पकड कर मैं अपनी चूची को और तेजी से अलोक से दबवाने लगी। उसने एक हाथ से मेरी चूची को दबाते हुए दूसरी चूची को अपने मुह से पी रहा था। कुछ देर बाद वो मेरी चूची को अपने दोनों हाथो से दबाते हुए मेरी चूची से दूध निकालने की कोशिश करने लगा जिससे मैं सिसके लगी। कुछ देर बाद अलोक मेरे दूध को बड़े जोश से पीने लगा जिससे उसके दांत मेरी चूची ले लग जाते थे और मैं सिसकते हुए तड़प उठती थी।
मेरे मम्मो को पीने के बाद अलोक मामा ने मेरे कमर को और नाभि को चुमते हुए मेरी चूत के तरफ बढ़ने लगे। उसने मेरी कमर को सहलाते हुए अपने हाथ को मेरी चूत पर रख दिया और मेरी फुद्दी को सहलाने लगा। जब वो मेरी चूत को सहला रहा था तो मैंने उससे कहा – पहले मुझे अपने लंड को चुसाओ फिर मेरी चुदाई करना। मेरी बात सुनकर उसने अपने कड़क, मोटे लंड को अपने हाथो से सहलाते हुए मेरे मुह में लगा दिया और मैंने उसके लंड को सहलाते हुए अपने मुह में ले लिया। और उसके लंड को चुसने लगी। उसका मोटा और मांसल लंड चूसने में बहुत मजा आ रहा था।

बहुत देर अपने लंड को मुझे चूसाने के बाद अलोक ने फिर से मेरी चूत को सहलाने लगा जिससे मैं और भी ज्यादा कामातुर होने लगी थी। फिर अलोक ने मेरे दोनों पैरो को फैलाते हुए और अपने हाथ से मेरी चिकनी जांघ को सहलाते हुए मेरी चूत को अपने मुह से चाटने लगा और मेरी चूत के गुलाबी दाने को अपने जीभ से चाटते हर मुझे पागल कर रहा था जिससे मैं अपने मम्मो को दबाते हुए आपने आप को अपने जिस्म की गर्मी से तड़पने से रोक रही थी लेकिन मैं अपने आप को रोक नही पा रही थी। कुछ देर मेरी चूत को चटाने के बाद अलोक ने अपने लंड को मेरे बुर के चारो ओर करते हुए अपने लंड को मेरी चूत के छेद में लगते हुए धीरे से अपने लंड को मेरी चूत में डाला। जब उस लंड मेरी चूत के अंदर चला गया तो मुझे अच्छा लग रहा था। पहली बार लंड डालने के बाद अलोक ने मुझे चोदना शुरू किया। वो अपने लंड को मेरी चूत में जोर लगा कर डालने लगा और मेरी चूत की गर्मी को बुझाने की कोशिश करने लगा। वो अपने लंड को बार बार तेजी से मेरे लंड में डालने लगा और मेरी चूत उसके लंड की मोटाई से फैल और सिकुड़ रही थी। कुछ देर बाद जब वो अपनी पूरी ताक़त से मेरी चुदाई करने लगा तो मेरी चूत फटने लगी और मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कोई मेरी चूत में मशीन डाल रहा है और मेरी फुद्दी को फाड़ने की कोशिश कर रहा है। तेजी से चुदाई करने से मेरी चूत में दर्द होंने लगा और मैं अपने पीठ को उठा कर चुदवाने लगी और जोर जोर से आह आह आह्ह …… मम्मी मम्मी ….. हूँ उहं उन्ह हूँ हुंह …. उफ़ उफ्फू फू उ ऊ ऊऊ …….आराम से आआआआ हा…. अहह ह्ह्ह ……….करके चीखने लगी। कुछ देर बाद अलोक भी झड़ने वाला था तो उसने अपने लंड को मेरी चूत से निकाल कर मुठ मरने लगा। मुठ मरने के बाद उसने फिर से अपने उंगलियों ने मेरी चूत में उंगली करने लग और मेरी चूत से पानी निकालने लगा। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
उस दिन के बाद जब भी हमारा मन होता था हम खूब चुदाई करते थे।

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