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मराठी हाउसवाइफ की चूत और गांड की चुदाई

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सेक्स की कहानियाँ पढने वाले सभी दोस्तों को मेरा प्रणाम और प्यार. indiansexkahani.com  मेरा नाम अजय पाटिल है और मैं नयी मुंबई का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र अभी 20 साल है और मैं एक नार्मल लड़का हूँ. मैं अभी कोलेज स्टूडेंट हूँ. आज की ये कहानी मैंने पहली बार ही लिखी है और अगर आप को इसमें कोई गलती नजर आये तो प्लीज मुझे माफ़ कर देना दोस्तों.
चलिए अब सीधे ही स्टोरी पर आता हूँ. ये कहानी मेरे जीवन के एक सच्चे अनुभव पर आधारीत है. और इस अनुभव ने मुझे पूरा के पूरा चेंज कर दिया. पहले मैं एक सीधा और शर्मिला लड़का हुआ करता था जिसे लड़कियों और औरतों के साथ बात करने में शर्म आती थी.
एक दिन मैं अपने कोलेज के एक दोस्त के घर पर खारनगर गया हुआ था. उसका नाम महेश (बदला हुआ नाम) है. मैं कोलेज के कुछ असाइमेंट के कुछ काम से उसके घर पर आया उया था. पहली नजर में ही मुझे उसका घर बड़ा सुंदर लगा. और घर में उसकी सेक्सी माँ थी.
महेश की माँ का नाम मीनाक्षी था. और वो करीब 38 साल की टिपिकल मराठी हाउसवाइफ थी. और मीनाक्षी आंटी का फिगर एकदम पटाखा था यारो. उसकी चमड़ी एकदम दूध के जैसी गोरी थी. और उसके बड़े बूब्स कीसी तोतापुरी आम के जैसे बड़े और टाईट थे. उसकी गांड भी एकदम बड़ी, चौड़ी और सेक्सी थी. वो नियमित योगा कर के खुद की बॉडी को ऐसे शेप में रखे हुए थी. आप यह चुदाई स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
जैसे ही मैं घर में घुसा, और उसकी माँ ने मुझे अंदर बुला लिया. मैं और महेश दोनों कोलेज और पढ़ाई की बातें करने लगे. कुछ मिनिट के बाद मीनाक्षी आंटी हमारे लिए चाय और कुछ नास्ता ले के आई. वो आ के मेरे सामने ही बैठ गई. और वो मेरे को मेरे और मेरी फेमली के बारे में पूछने लगी. मैंने आंटी की सब बात का जवाब दे दिया.
मैं तो अपनी आँखों को आंटी की क्लीवेज के ऊपर से हटा ही नहीं पा रहा था. और आंटी के बूब्स इतने बड़े और चौड़े थे की मैंने पहले कभी अपनी लाइफ में नहीं देखे थे. और मेरे दिमाग में उसी वक्त आंटी को चोदने के ना जाने कितने ही ख़याल आ रहे थे.

और तभी महेश के मोबाइल के ऊपर उसके किसी और दोस्त का अर्जेंट कॉल आ गया. और उसने कहा की यार तू बैठ मेरे को अभी जाना है और मैं कुछ देर में वापस आता हूँ. अब घर में मैं और आंटी ही थे. और अब मेरे पास चांस था की मैं आंटी को सेड्युस कर लूँ और उसके करीब होने की कोशिश करूँ. और ये काम में मुझे महारथ भी हाशिल थी.
महेश के जाने के बाद अब मैंने आंटी के साथ अलग अलग टोपिक पर बातें करना चालू कर दिया. और आंटी को भी मेरे साथ बात करने में बड़ा मज़ा आ रहा था. मैं भी जानता था की वो बड़ी ही होर्नी टाइप की औरत थी. और महेश के डेड यानी की अंकल जी सिटी से दूर थे इसलिए आंटी भी अकेली ही थी. और उसे भी मेरे जैसे किसी की जरूरत ही थी.
आंटी ने उस वक्त एक मेक्सी पहनी हुई थी और मैं मन ही मन उसे फाड़ के आंटी की बड़ी चूचियां चाटने के मूड में था. मैंने आंटी के साथ एकदम डीप आई कोंटेक बनाया. और वो स्माइल के साथ उसे अवोइड करने की ट्राय कर रही थी. मैं जानता था की अकेली तो वो भी थी और उसे भी ये अच्छा लग रहा था. पर शायद वो शर्मा रही थी बस. फिर वो किचन में खाना बनाने के लिए चली गई. और जब वो चल रही थी तो उसकी चौड़ी गांड ऊपर निचे ठुमक ठुमक हो रही थी जिसे देख के मेरा लंड और भी पागल होने लगा था. मैं ये भी जानता था की आंटी को पटाने के लिए मेरे पास ज्यादा वक्त नहीं था, महेश किसी भी वक्त वापस आ सकता था.
मैं भी आंटी के पीछे पीछे किचन में चला गया और उसके साथ और फ्रेंडली होने की कोशिश करने लगा. और अब आंटी मुझे मेरी लाइफ के बारे में पूछने लगी. उसने मेरे को पूछा की मेरी कोई गर्लफ्रेंड है की नहीं. मैंने कहा कोई नहीं है. आंटी ने कहा अरे तुम तो इतने मस्क्यूलर और हेंडसम लड़के हो फिर क्यूँ नहीं है कोई? तुम तो किसी भी लड़की को एकदम आराम से पटा सकते हो! मैंने आंटी की आँखों में एकदम डीप देख के कहा मेरे को लड़की से ज्यादा औरतें अच्छी लगती है आंटी! आंटी ये बात सुन के एकदम जोर से हंस पड़ी और मैं भी.
फिर मैंने आंटी को बोला आंटी अक्सर मैं महेश को कॉल करता हूँ तो उसका नम्बर आउट ऑफ़ रिच ही होता है, तू आप अपना नम्बर मेरे को दे दो ना. और आंटी भी मान गई और उसने अपना मोबाइल नम्बर मेरे को दे दिया. आप यह चुदाई स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
फिर थोड़ी देर में ही महेश आया. मैंने उसे कहा की चल यार मैं निकलता हूँ मेरे को लेट हो रहा है. और फिर महेश और उसकी माँ को गुड बाय बोल के मैं वहां से निकल गया. लेकिन मैं खुश था की मुझे मीनाक्षी आंटी का नम्बर मिल गया था. और अब मुझे बस सब्र रखनी थी और अच्छे सही मौके का इन्तजार करना था बस.
और फिर कुछ दिन के बाद मैंने धीरे धीरे से आंटी के साथ व्हाटसएप्प पर चेटिंग करना चालू कर दिया. पहले पहले तो मैं उसे महेश के बारे में ही पूछता था. और फिर उसके बाद मैं उसे गुड मोर्निंग और गुड नाईट के मेसेज भी भेजने लगा. और फिर मैं उसके साथ एकदम फ्रेंक हो गया और उसके साथ फेमलीयर हो गया. और फिर मैं डेली उसके साथ चेटिंग करने लगा और वो भी मेरे को बहुत सब मेसेज भेजती थी.

एक दिन महेश ने मेरे को कॉल किया. और उसने मेरे को बताया की मेरी मा गिर गई है और उसके पाँव की हड्डी में छोटी फ्रेक्चर हुआ है. और उसे अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने जाना था. इसलिए उसने मेरे को रिक्वेस्ट किया को देखेगा जब तक मैं उसे मिल के आऊं. और मुझे लगा की आज ही शायद वो दिन है जब मैं मीनाक्षी आंटी को चोद सकता हूँ. मैंने उसे कहा की मैं अभी आता हूँ. और फिर मैं तुरंत उसके घर पर जाने के लिए निकल गया. मैं जैसे ही उसके घर पहुंचा तो महेश पहले से ही निकल गया था और मीनाक्षी आंटी मेक्सी पहन के बेड पर लेटी हुई थी. उसने मेरे को कहा देखो ना महेश को कुछ काम है और वो बोला की तुम आ रहे हो. उसने कहा सोरी तुम को ट्रबल हुआ. मैंने कहा अरे आंटी कोई ट्रबल नहीं है.
मैं आंटी के पास बैठ गया बेड के ऊपर. उसको पाँव में दर्द हो रहा था इसलिए वो रो रही थी. मुझे बहुत बुरा लगा.
आंटी को सच में पाँव में इतना दर्द हो रहा था की उसके आंसू बहार आ गए. मैंने आंटी का हाथ पकड़ लिया और एकदम टाईट पकड लिया. मैंने आंटी को बोला आप घबराओ मत आंटी सब ठीक हो जाएगा. आंटी ने हंस के मेरे को थेंक यु बोला.
मैंने अपनी सब हिम्मत इकठ्ठा कर ली और आंटी के होंठो के ऊपर किस कर लिया. पहले तो आंटी ने पीछे हट के किस तोड़ने का प्रयास किया. लेकिन मैंने उसे ऐसा करने नहीं दिया. और फिर वो भी मेरे को रेस्पोन्स देने लगी थी और वो मेरे को किस कर रही थी. आप यह चुदाई स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
आंटी की किस की वजह से मेरा लंड अब खड़ा हो गया था और उसके अंदर कम्पन आने लगे थे. मैं आंटी के ऊपर चढ़ गया और वो मेरे को और भी मस्त ढंग से किस दे रही थी. और फिर मैंने मीनाक्षी आंटी की मेक्सी को धीरे से खोलना चालू कर दिया.. और आंटी के मस्त सेक्सी बड़े बूब्स मेरे सामने थे. मैंने आंटी के बूब्स को चूसना चालू कर दिया और बूब्स के अंदर से मस्त खुसबू आ रही थी और उसका टेस्ट भी एकदम अच्छा था. आंटी के मुहं से अहह अह्ह्ह अह्ह्ह ईई अह्ह्ह्ह की मोअनिंग आ रही थी.
अब मैंने आंटी की पेंटी को भी निकाल दिया और उसकी चूत की तरफ देखा. आंटी की चूत के ऊपर हलके हलके बाल थे. आंटी ने शर्म की वजह से अब अपनी आँखे बंद कर ली थी और मैं अब निचे हो के आंटी की चूत को किस करने लागा. मैंने अपने माथे को आंटी की चूत में घुसा दिया और उसे मजे से चूसने और चाटने लगा. आंटी अब एकदम जोर जोर से मोअन करने लगी थी. और आंटी ने अब मेरे को बोला और जोर से करो अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह! और फिर कुछ सेकंड के बाद वो मेरे मुहं में ही झड़ गई. आंटी का पूरा बदन एकदम जोर से हिल रहा था. मैंने अपनी जबान से चाट चाट के आंटी के चूत का सब रस पी लिया. आंटी की चूत के पानी का सवाद बड़ा ही सेक्सी था.

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अब मैंने अपना लंड निकाला जो कडक और लम्बा हो गया था. आंटी ने अपने मुहं को खोला और मैंने उसके मुहं में पूरा का पूरा लंड भर दिया. और आंटी बड़े ही मजे से लंड को चूस रही थी. और मैं आंटी के गले तक लंड को भर के चूस रहा था. आंटी के मुहं से लंड चूसने के मस्त साउंड आ रहे थे.. और फिर मैं 2 मिनिट के अंदर मैं उसके मुहं में ही झड़ गया. आंटी ने सब का सब वीर्य गटक लिया ख़ुशी ख़ुशी! आप यह चुदाई स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
और फिर मैंने टाइम वेस्ट किये बिना अब मैंने आंटी को उठा के बेड में सीधे लिटा दिया और उसकी टांग को पूरा खोल दिया. आंटी की चूत में पूरा लंड घुसा दिया और उसके मुहं से अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह, और जोर से अह्ह्ह्ह अहह्ह्ह निकल गई. मैंने अब अपनी स्पीड को बढ़ा दिया और एकदम जोर जोर से आंटी को चोदने लगा. मैं एकदम जोर जोर से आंटी को करीब 30 मिनिट तक ऐसे ही चोदता रहा और फिर मैं आंटी की चूत में ही झड़ गया. आंटी भी एकदम जोर से मोअन कर रही थी.

और फिर कुछ देर तक मैं ऐसे ही पडा रहा. और फिर मैंने आंटी को गांड में लेने के लिए कहा. आंटी मान गई और वो बोली लेकिन मेरे पैर में दर्द होगा. मैंने कहा आप सिर्फ गांड के निचे तकिया लगा लो. और फिर वो गांड के निचे तकिया लगा के थोडा ऊपर हुई. मैंने उसकी दोनों टांगो को ऊपर किया और लंड गांड में घुसाने की जगह बना ली. और हलके से अपने लंड को उसकी गांड पर घुसा और थूंक भी लगाया. आंटी की गांड बहुत ही टाईट थी और लंड अंदर गया तो काफी गर्म गर्म लगा मुझे. आंटी को बहुत दर्द हुआ और वो मेरे से लिपट गई. आप यह चुदाई स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
मैं जोर जोर से धक्के देने लगा और वो अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह करने लगी. करीब 20 मिनट तक मैंने आंटी की गांड मर के अपने लंड का पानी उसके अन्दर ही छोड़ दिया.
और बस उस दिन से ही महेश की माँ के साथ मेरा चक्कर चालु हो गया. अक्सर वो मुझे घर पर बुला के आगे पीछे सब छेद चोदने देती है!!!

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