चेतावनी : इस वेब साइट पर सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है। कहानियां सिर्फ आप के मनोरंजन के लिए है, कहानियां काल्पनिक हो सकती है। कहानियां पढ़ कर इसे वास्तविक जीवन में आजमाने की कोशिस ना करें। सेक्स हमेशा आपसी सहमति से करें।

मौसी का खाता खोला

loading...

मेरा नाम रॉकी है और में दिल्ली में रहता हूँ और में एक मल्टीनेशनल कम्पनी में नौकरी करता हूँ। अब मेरी उम्र लगभग 22 साल है और भगवान की दुआ से एक अच्छा ख़ासा शरीर भी है। में आज आपके साथ अपनी एक सच्ची घटना शेयर करने जा रहा हूँ।

loading...

बात उन दिनों की है जब मेरी छुट्टियाँ चल रही थी। एक दिन हमारे घर मेरी मौसी आई.. उन्होने मेरी मम्मी को नमस्ते किया और अंदर आई। उस समय में कोचिंग जाने के लिये तैयार हो रहा था इसलिये

मैंने उन्हे नमस्ते किया और में कोचिंग चला गया.. क्योंकि वो मेरी मम्मी के मामा की लड़की थी (यानी दूर की मौसी.. इसलिये में उन्हे जानता नहीं था) शाम को जब में घर आया तो मैंने मम्मी से पूछा तो उन्होने बताया कि उन्होंने यही पास में एक रूम किराये पर लिया है और अब वो यही रहेगी और

उनका नाम सीमा है। अभी तक मेरे मन में उनके लिये कोई बुरे ख्याल नहीं आये थे इसी तरह लगभग 45 दिन निकल चुके थे और मैंने उनसे अभी तक ज़्यादा बात नहीं की थी बस थोड़ी बहुत बात की थी।

एक दिन शाम को मेरे मामा का फोन आया और बताया कि मेरी मामी की तबीयत खराब है और उन्हें जयपुर के एक हॉस्पिटल मे भर्ती करा दिया गया है तो मेरे पापा मम्मी ने जयपुर जाने का फैसला लिया.. क्योंकि मुझे खाना बनाना नहीं आता था तो उन्होने मेरी सीमा मौसी को मेरे साथ रहने को कह दिया था। मेरी मौसी मेरे घर आ गई थी और उन्होंने मेरे लिये खाना बनाया और वो अपने ऑफिस चली गई थी। वो शाम को लगभग 7 बजे वापस आई.. उस समय में टी.वी देख रहा था। उन्होने खाना बनाया हमने खाना खाया और में टी.वी देखने लगा और वो बर्तन साफ करने चली गई ( अभी तक हमारी ज़्यादा बात नहीं हुई थी) और वो फिर रात को 9 बजे आई। में एक नई मूवी देख रहा था तो वो भी मेरे साथ देखने लगी। कमरे का ए.सी. चालू था इसलिये मैंने कंबल ओड़ रखा था और वो भी मेरे साथ कंबल ओड़कर बैठ गई। मुझे टी.वी देखते देखते कब नींद आ गई मुझे पता ही नहीं चला। रात को करीब 1 बजे मेरी नींद खुली तो मैंने पाया कि मौसी मुझसे चिपकी हुई है इस वजह से उनके बूब्स मेरी पीठ को टच हो रहे थे।

इससे मेरा लंड खड़ा हो गया.. मैंने सोचा कि ए.सी. की वजह से वो मुझसे चिपकी थी। मैंने थोड़ी हलचल की तो उन्होने अपनी करवट बदल ली फिर लगभग आधे घंटे बाद दुबारा फिर चिपक गई। फिर मुझे नींद आ गई फिर सुबह 3 बजे के करीब मैंने देखा कि में उनसे चिपका हुआ हूँ और मेरा लंड उनकी गांड के होल से चिपका हुआ है और पूरी तरह से खड़ा है। उस रात मैंने डर के मारे कुछ नहीं किया.. फिर अगले दिन वो नहाकर टॉवल लपेटकर बाहर आई तो मेरी नज़र पहली बार उनके फिगर पर पड़ी जो कि करीब 34-24-34 का होगा। मेरा लंड तो उनको देखते ही खड़ा हो गया। फिर उन्होंने मेरे लिये खाना बनाया और ऑफिस चली गई। शायद उन्हें रात के बारे में कुछ पता नहीं था लेकिन.. जब में बाथरूम में गया तो मैंने देखा कि उनके झांट के बाल पड़े हुए थे तो मैंने सोचा कि शायद उन्हें रात के बारे में सब कुछ पता था।

फिर पूरा दिन मेरा हाल बुरा हो रहा था और पूरा दिन मेरा लंड खड़ा हुआ था। फिर मैंने सोचा की आज तो मौसी को चोद दूँगा लेकिन…..कैसे इतना सब कुछ सोचते हुए शाम हो गई और मौसी वापस आ गई। में उस दिन भी मूवी देख रहा था वो भी मेरे साथ मूवी देखने लगी। अभी भी मेरा लंड खड़ा था.. लेकिन डर के मारे मैंने उनसे बात तक नहीं की.. आज फिर मुझे नींद आ गई और वो मुझे से चिपकी हुई थी। तब मैंने सोचा कि वो जानबूझ कर ऐसा कर रही है मैंने थोड़ी सी हलचल की तो उन्होंने करवट बदल ली और मैंने थोड़ी देर बाद अपना लंड उनकी गांड पर रख दिया और में उनसे चिपक गया। उन्होंने कोई हलचल नहीं की। फिर मैंने अपना लंड थोड़ा उनकी गांड पर और दबा दिया.. क्योंकि उन्होने टी-शर्ट पहन रखी थी जो कि थोड़ी ऊपर हो रही थी। मैंने अपना हाथ उनके पेट रखा तो उनके मुँह से सीईइ की आवाज़ निकल गई। में समझ गया कि वो जाग रही है। 

फिर मैंने अपना लंड थोड़ा ढीला छोड़ा तो उन्होने अपनी गांड दबा दी। अब में बिल्कुल पक्का था कि वो जाग रही है। में बिल्कुल खुश हो गया और मन कर रहा था कि उन्हे चूम लूँ लेकिन.. मैंने ऐसा नहीं किया। फिर में अपना मुँह उनकी गर्दन की तरफ ले गया और इस तरह रख दिया कि मेरी सांसे उनकी गर्दन को टच करती रहे। फिर में थोड़ी देर ऐसे ही रहा फिर उन्होंने अपना हाथ अपनी चूत की तरफ बढाया। फिर मैंने उनका हाथ पकड़ लिया तो उन्होंने मेरी तरफ देखा और मैंने उनके लिप्स पर अपने लिप्स रख दिये और अपना एक हाथ उनकी टी-शर्ट में डाल दिया और उनके बूब्स दबा दिये और उन्होने अपना हाथ मेरे पजामे में डाल दिया और अंडरवियर के ऊपर से ही लंड को सहलाने लगी.. क्या बताऊँ दोस्तो? मुझे कितना मज़ा आ रहा था। मैंने अपना लंड अंडरवियर से बाहर निकाला और उनकी टी-शर्ट उतार दी और उनके बूब्स चूसने लगा। मैंने उनके निपल को काटा तो वो सिसकारियां लेने लगी.. उनकी सी अहह उम्म्म्म जैसी आवाज़े पूरे कमरे में गूंजने लगी। फिर मैंने उनकी पेंट खोली और अंडरवियर उतारी तो उनकी चूत से एक बहुत अच्छी महक आने लगी।

फिर मैंने अपना मुँह उनकी चूत से सटा दिया और चूसने लगा। करीब 10 मिनट बाद वो झड़ गई और में उनका सारा रस पी गया वो बहुत नमकीन था लेकिन अच्छा था। फिर मैंने अपना लंड उनके मुँह में दिया और कहा कि..

में – मौसी इसे चूसो ना।

मौसी – कितना बड़ा लंड है.. आज मेरा ख़ाता इसी लंड से खुलेगा। फिर मौसी मेरे लंड को चूसने लगी.. वो अपनी गर्म जीभ को मेरे लंड के ऊपर फेरने लगी.. में तो स्वर्ग मे था। करीब 7-8 मिनिट बाद मेरे मुँह से आवाज़ निकली हह्ह्ह्ह और में झड़ गया मौसी मेरा सारा पानी पी गई। फिर में दुबारा उनके बूब्स को चूसने लगा तो करीब 5 मिनिट बाद मौसी बोली कि..

मौसी – साले चोदेगा या नहीं।

में – अभी चोद देता हूँ मौसी।

फिर मैंने मौसी को कुत्तिया बनने को कहा फिर मेरी नज़र उनकी गांड के होल पर पड़ी और मैंने अपना लंड उनकी गांड में दे दिया.. वो चिल्लाई अहह मार डाला रे निकाल बाहर में मर गई। फिर में थोड़ी देर तक लंड को धीरे धीरे ऊपर नीचे करने लगा। फिर करीब 10 मिनिट बाद में उन्हें ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा तो मौसी के मुँह से दुबारा आवाज़ें निकलने लगी। फिर मैंने उनकी चूत को चोदा.. उस रात मैंने उन्हे 3 बार चोदा और फिर मैंने उन्हे 3 दिन तक रोज चोदा। फिर मेरे मम्मी पापा वापस आ गये। अब उनकी शादी हो चुकी है मैंने शादी के बाद उन्हे सिर्फ़ 2 बार चोदा है ।।

कहानी शेयर करें :
loading...