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मौसी की लड़की का नाड़ा खोला

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Sex Stories मेरा नाम पप्पी मिश्रा है। मैंने अमेठी का रहने वाला हूँ। सब लोग मुझे पप्पी कहकर ही बुलाते है। प्रेमा मेरी सगी मौसी की लड़की । मौसी का घर अमेठी में हमारे घर के पास था। मेरी मम्मी 2 बहने थे। दोनों की शादी यही इसी शहर में हुई थी। प्रेमा बहुत सुंदर थी। मैं हफ्ते में एक बार तो मौसी के घर चला ही जाता था। जब भी मैं प्रेमा को देखता था मेरा लंड खड़ा हो जाता था। दिल करता था उसको चोद डालूं। पर मैं क्या करता दोस्तों। प्रेमा रिश्ते में मेरी मौसेरी बहन लगती थी। एक तरह से सगी बहन जैसी लगती थी।
धीरे धीरे प्रेमा B. A final ईयर में पहुच गयी। अब वो बच्ची नही रह गयी थी। उसका जिस्म अब पूरी तरह से भर गया था। चुदने और लंड खाने को मौसी की लड़की अब तैयार हो गयी थी। मैं प्रेमा से अक्सर मजाक करता रहता था। जब भी मैं प्रेमा के साथ अकेले रहता उसे लाइन देने लगता। मौसी अब उसकी शादी करना चाहती थी, ये बात सुनकर वो नाराज हो जाती थी। वो रोने लगती थी। एक दिन वो रो रही थी। मैं उसको चुप कराने गया। प्रेमा अपने कमरे में बैठकर रो रही थी।
“बहन!! इसमें रोने की जरूरत क्या है। अभी तो तुमको ससुराल जाना है। जीजा जी से मिलना है। उनका मोटा लंड खाना है” मैंने कहा
मेरी बात सुनते ही वो चुप हो गयी और लंड खाने वाली बात को सोचकर हँसने लगी।
“पप्पी!! ये कैसी बात कर रहे हो??” प्रेमा ने कहा
“बहन! अपना जिस्म देखो। किस तरह गदराया गया है। अब तुम जवान लड़की हो चुकी हो। अब शादी के बाद जीजा जी तुमको रात रात भर नंगा करके चोदेंगे। तुमको मजा देंगे” मैंने कहा
मौसी की लड़की प्रेमा मेरी बात ध्यान से सुन रही थी। मैं 1 घंटे तक उससे चूत चुदाई की बाते करता रहा। धीरे धीरे प्रेमा मुझसे ही प्यार करने लगी। एक दिन जब मैं मौसी के घर गया मौसी बाहर गयी हुई थी। प्रेमा मुझे अपने कमरे में ले गयी और चूत चुदाई की बाते करने लगी। धीरे धीरे वो मेरे हाथ को पकड़कर किस करने लगी।

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“पप्पी!! मुझे चुदाई के बारे में सब कुछ विस्तार से बता दो जिससे मुझे ससुराल में किसी तरह की दिक्कत न हो” प्रेमा ने कहा
“बहन! तुम्हारी शादी होने के बाद जीजा जी तुमको नंगा कर देंगे। तुम्हारी मस्त मस्त चूची मुंह में लेकर चूस लेंगे। फिर तुम्हारी चूत चाटेंगे। उसके बाद तुम्हारी चुदाई कर डालेंगे। तुमको बड़ा मजा मिलेगा” मैंने कहा
धीरे धीरे प्रेमा का चुदाई का दिल करने लगा।
“चलो पप्पी!! आज तुम मुझे चुदाई सिखा दो जिससे बाद में सुसराल में मुझे कोई दिक्कत ना हो” प्रेमा बोली
उसने मुझे पकड़ लिया और किस करने लगी। धीरे धीरे मेरा लंड भी खड़ा हो गया। प्रेमा चुदने लायक सामान हो गयी थी। दोस्तों आज उसने गुलाबी रंग का सलवार सूट पहन रखा था। वो लेट गयी। मैं उसके उपर चढ़ गया। मैं उसके लब चूसने लगा। मेरी मौसी की लड़की मस्त माल थी। उसके दूध 34” से भी जादा बड़े थे। उसके होठ गुलाबी थे। प्रेमा की मदमस्त जवाबी देखकर कितने लकड़े सडका मार लेते थे। सब उसकी चूत और गांड चोदना चाहते थे। आज मैं उसको चोदने जा रहा था। इस वक़्त मैंने प्रेमा के गुलाबी होठो का गुलाबी रस पी रहा था। धीरे धीरे हम दोनों भाई बहन मुंह चला चलाकर एक दूसरे के लब चूसने लगे। कुछ ही देर में प्रेमा गरमा गयी। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। मैंने उसकी चुन्नी हटा दी। प्रेमा के मदमस्त दूध उपर से गोल गोल झलक रहे थे। मैं उस पर हाथ रख दिया। उपर से ही उसके कबूतर दबाने लगा। प्रेमा “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” करने लगी। उसको अपने कबूतर दबवाने में आनंद आ रहा था। मैं उसके कबूतर को हाथ से कस कसके किसी टमाटर की तरह दबा रहा था। वो कसमसा रही थी।
“बहन!! आज मैं तुमको चुदाई की पूरी पढाई पढ़ा दूंगा। जब तुम जीजा जी से चुदवाओगी तुमको कोई दिक्कत नहीं होगी” मैंने लाइन चिपकाई
“पप्पी भाई!! आज तुम मुझे चोद डालो!!” प्रेमा गरमा कर बोली
“कपड़े उतार!!” मैंने कहा

प्रेमा बैठ गयी। उसने जल्दी से अपना सूट उतार दिया। फिर सलवार उतार दी। उसके मस्त मस्त सफ़ेद रंग की ब्रा में कैद थे। मौसी की लड़की ने उसे भी उतार दिया। फिर पेंटी उतार दी। मैंने भी एक एक करके सारे कपड़े उतार दिए। मेरा लंड 5” से भी जादा लम्बा था। मैंने प्रेमा के उपर लेट गया। उसके जिस्म को किस करने लगा। मैं उसके कंधे, पेट, गले, मत्थे, आखे सब जगह किस कर रहा था। प्रेमी मेरे सीने से चिपकी हुई हुई। भगवान कसम क्या हॉट माल लग रही थी। मेरा तो दिमाग की काम नही कर रहा था। कहीं उसे चोदने से पहले मैं झड ना जाऊं इस बात का डर था।
मैंने उसे सब जगह उपर से नीचे तक सहला रहा था। उपर वाले से मेरी मौसी की लड़की को बड़ी फुसत में बनाया था। कोई भी मर्द अगर एक नजर उसे देख लेता तो बिना चोदे नही छोड़ता। प्रेमा इतनी हॉट और सेक्सी सामान थी। मैंने उसके नंगे पेट को खूब हाथो से सहलाया। उसकी नाभि में ऊँगली करने लगा। बार बार किस करता। प्रेमा “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…”करती। अभी उसकी उम्र सिर्फ 21 साल थी। धीरे धीरे मैंने उसके कबूतर को हाथ से मसलना शुरू कर दिया। खुदा का अनूठा अजूबा थी मेरी बहन। चूचियां बेहद गोल गोल और गर्व से तनी हुई थी। निपल्स मेरे हाथ का स्पर्श पाकर टनटना गयी थी। खड़ी हो गयी थी। मैंने दबा रहा था। मसल रहा था। प्रेमा की निपल्स के चारो ओर लाल लाल बड़े बड़े गोले बेहद सेक्सी लग रहे थे। धीरे धीरे मैंने उसके कबूतर चुसना शुरू कर दिया। मुंह में लेकर मैं चूस रहा था। प्रेमा को चुदाई वाली मस्ती चढ़ रही थी। वो मस्तानी हो रही थी। मैं अब चूसने लगा। प्रेमा करवटे लेने लगी। मैं हाथ से दबा दबाकर उसकी गर्व से तनी छातियों को दबा रहा था। प्रेमा “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” बोल रही थी।
उसे भी मजा आ रहा था। वो तडप रही थी। मैं जल्दी जल्दी किसी बच्चे की तरह उसके दूध चूस रहा था। धीरे धीरे मेरी मौसी की लड़की सरेंडर हो गयी। मेरे सिर पर प्यार से हाथ घुमाने लगी।

“पप्पी भाई!! और चूसो!! मजा आ रहा है” प्रेमा बोली
मैंने करीब 10 मिनट तक उसकी दोनों चूची को चूस चूसकर लाल कर दिया। अब मैं उसके सेक्सी और पतले पेट को किस कर रहा था। हाथो से सहला रहा था। प्रेमा का जिस्म काफी सेक्सी, पतला और छरहरा था। धीरे धीरे मैं उसकी चूत की तरह बढ़ने लगा। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
अचानक उसने मेरे लंड को पकड़ लिया और जल्दी जल्दी फेंटने लगी।
“पप्पी भाई!! लंड चुसाओ ना??” प्रेमा बोली
“चूस ले बहन!! मेरे लंड को अपना ही समझो” मैंने कहा
मैंने सीधा लेट गया। प्रेमा मेरे लंड को जल्दी जल्दी फेटने लगी। आज पहली बार कोई कुवारी लड़की मेरे लंड को फेट रही थी। मैंने अपने दोनों हाथ मोड़कर अपने सिर के नीचे रख लिए। प्रेमा जल्दी जल्दी फेटने लगी। वो मेरे बगल की करवट करके लेती हुई थी। कुछ ही देर में मेरा लंड 5.5” का खड़ा हो गया। चैले की तरह सख्त हो रहा था। प्रेमा लेटकर मेरे लंड को जल्दी जल्दी मुंह में लेकर चूसने लगी। मुझे अनोखा सुख मिल रहा था। ओह्ह गॉड!! मेरी मौसी की लड़की कितनी हॉट और सेक्सी माल है। धीरे धीरे उसे मेरे मोटे लंड की आदत हो गयी। अपने गुलाबी होठो से जब जब वो चूसने मैं सिर्फ उसको ही देखता। ओह्ह गॉड! सबको प्रेमा की तरह चुदासी और सेक्सी बहन मिले। मैं मन ही मन में इश्वर से कहता। इस तरह प्रेमा ने 5 मिनट तक जल्दी जल्दी मेरे लंड को फेटा और मुंह में लेकर किसी रंडी की तरह चूसा।
“भाई!! अब देर मत करो!! आओ मुझे चुदाई सिखा दो” प्रेमा बोली
वो लेट गयी। उसने अपनी दोनों नंगी टागों को खोल दिया। मैंने लेटकर उसकी बुर चाटने लगा। दोस्तों मेरी बहन की चूत बड़ी सेक्सी थी। बिलकुल गद्देदार और फूली फूली थी। इस अनोखी चूत को देखकर मैं ललचा गया। जल्दी जल्दी चाटने लगा। प्रेमा “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” करने लगी। मैं जल्दी जल्दी अच्छे से उसका भोसड़ा पी रहा था। प्रेमा के चूत के दाने पर काला तिल था। मैं जल्दी जल्दी उसको चूस रहा था। वो तडप रही थी। बार बार अपनी गांड और कमर उठा देती थी।

मैं उसके चूत के दाने को जल्दी जल्दी चूस रहा था। अब प्रेमा चुदने को तडप रही थी। मेरे सिर के बाल हाथ से पकड़कर नोच रही थी।
“भाई!! मत तडपाओ!! चोद डालो अपनी छिनाल और आवारा बहन को। फाड़ दो आज मेरी गुलाबी चूत को। देखो रहम मत करना। फाड़ दो इसे आज” इस तरह से पागल पागलों की तरह चिल्ला रही थी।
मैंने 7 मिनट उसकी बुर का अमृतपान किया। फिर अपना 5.5” का मजबूत लंड उसके चूत के दरवाजे पर रख दिया। एक जोर का धक्का मारा और लंड सीधा अंदर। “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…” प्रेमा चीख पड़ी। मैंने जल्दी जल्दी उसको चोदने लगा। मैं तो सिर्फ उसकी बुर की तरफ ही देख रहा था। उसकी चुद्दी से सील टूटने के बाद खून निकल रहा था। मैं रुका नही। जल्दी जल्दी उसको पेलता रहा। करीब 5 मिनट बाद उसका दर्द कम हो गया। वो कमर उठा उठाकर चुदाने लगी। अब उसको आनंद आ रहा था। मैं जल्दी जल्दी अपने पुट्ठे आगे पीछे करके उसकी चूत का बाजा बजा रहा था। अपनी मौसी की लड़की को चोद रहा था। मैंने कुछ देर उसे और लिया। फिर चूत में माल गिरा दिया। उसके बाद मैंने उसे 3 बार और चोदा और चूत की पढाई पढ़ा दी। DMCA.com Protection Status

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