चेतावनी : इस वेब साइट पर सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है। कहानियां सिर्फ आप के मनोरंजन के लिए है, कहानियां काल्पनिक हो सकती है। कहानियां पढ़ कर इसे वास्तविक जीवन में आजमाने की कोशिस ना करें। सेक्स हमेशा आपसी सहमति से करें।

मोटे लंड को देखकर चूत में खुजली हुई

loading...

sex story हेल्लो दोस्तों मेरा नाम रोहिणी है. मैं अमृतसर में रहती हूँ. मेरे को अच्छे पर्सनालिटी के लड़के बहुत पसंद हैं. मेरी उम्र की लगभग सारे फ्रेंड्स की शादी हो चुकी थी. एक मै ही कुवारी चूत वाली लड़की बची थी. मैंने अपने जिंदगी में कुछ सपने सजा कर रखे थे. मै भी शादी के दिन अपने पति के साथ खूब मजा करना चाहती थी. मेरा चेहरा कुछ खास अच्छा नहीं था इसलिए जहाँ भी रिश्ता लेकर जाते थे मेरे को वो लोग रजेक्ट कर देते थे. मेरे को बहुत चिंता रहती थी. मेरी जवानी भी अब उछल रही थी। दूध बड़े बड़े हो गए थे लेकिन उन्हें कोई पीने वाला ही नहीं मिल रहा था. चिकनी चूत में भरे रस को कोई निकालना ही नहीं चाहता था. मेरे को चुदने की बड़ी तड़प हो रही थी. मै रोज रात में ऊँगली डाल कर मुठ मारती थी. कभी कभी तो पूरा हाथ घुसा लेती थी. मै 23 वर्ष की कुवारी कन्या हो गयी थी. लेकिन मेरी जवानी के गुलशन का कोई भी माली बनने को तैयार नहीं था.

एक दिन मेरे चूत का राजा आ ही गया. वो मेरे भाभी का देवर था. उसका नाम आयुष था. मेरे को उसकी चलने का स्टाइल, बात करने का तरीका बहुत पसंद आया. मुझे तो पहले से ही लड़को के मोटे तगड़े शरीर को देखकर उन पर मर मिटने की बीमारी थी. घर आते ही उससे हेल्लो हाय हुआ. उसके बाद हम लोग पास ही बैठकर बात करने लगे. मै बार बार उसकी तरफ देख कर हंस रही थी. वो भी हलकी सी स्माइल दे रहा था. बात करते शाम हो गयी और हमे पता भी नहीं चला. मैने कई बार नोटिस किया कि वो आयुष मेरी बूब्स की तरफ कुछ ज्यादा ही ध्यान दे रहा था. शाम के 5 बजे थे भैया अपने ऑफिस से आ गए. वो आयुष को साथ लेकर मार्केट में घुमाने लेकर चले गए. मै रात के करीब 8 बजे घर पर बैठी पढ़ रही थी. उस समय मैं बैंक की तैयारी कर रही थी. मेरे को मैथ समझ में नहीं आता था. रोज रोज मै कैलकुलेशन रॉंग(गलत) कर देती थी. इसीलिए मेरा क्वेश्चन फंस जाता था. उस दिन कुछ ऐसा ही हुआ. पढ़ते पढ़ते 9 बज गए. भाभी ने हमे खाने को बुलाया. मैंने भाभी को क्वेश्चन के बारे में बताया. तो भाभी ने आयुष से पूछने को कहने लगी. हम लोग खाना खा ही रहे थे की भाभी ने आयुष से मुझे सवाल बताने को कहने लगी.

आयुष भी मान गया. खाना खाने के बाद हम और आयुष कमरे में जाकर कुर्सी लगाकर पढ़ने लगे. वो मेरे जस्ट सामने ही बैठा था. आयुष कुछ देर तक तो अच्छे से सवाल बताकर मेरे को समझाया. जब भी मैं नीचे टेबल पर झुकाकर लिखती तो आयुष को मेरे मम्मे अच्छे से दिखने लगते. मैंने जान बूझकर उस दिन खूब ढीली ढीली टी शर्ट और हॉफ लोवर पहनी थी. गर्मी भी बहुत हो रही थी. मैंने उसका लंड देखने के लिए अपना पेन नीचे गिरा दिया. झुककर पेन उठाने के बहाने उसका लंड ताड़ने लगी. उसका लंड तो मार्कर से भी बड़ा और मोटा लग रहा था. जैसे उसके पैजामे के अंदर कोई डंडा लगा हो. मै मन में उससे चुदने का सोचने लगी। काश!! ये अपना लंड मेरी चूत में डालकर मेरी गर्मी को मिटा दे. आयुष को वो बड़ी चुदासी नजरो से देख रहा था. मैं सही से बैठ कर लिखने लगी. कुछ ही देर बाद वो अपना पैर मेरे पैर में लगाने लगा. मेरे को थोड़ा थोड़ा समझ में आने लगा. वो भी मेरे जैसा ही सोच रहा है. मैं भी अपना पैर उसके पैर से लगाने लगी. वो धीरे धीरे मेरे से सेक्सी बातें करने लगा. उसे भी पता चल गया. मै भी सेक्स की प्यासी हूँ.

loading...
loading...

आयुष: रोहिणी तुम बहुत सेक्सी लग रही हो
मैं: थैंक यू
लेकिन उसकी आँखे कहने के साथ साथ सेक्स करने को भी बयान कर रही थी. मेरे को भी उससे चुदने का मन हो चला. वो डायरेक्ट मेरे से कहने लगा. रोहिणी तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो. क्या मैं तुम्हे एक किस कर सकता हूँ. मैंने सर हिलाकर हाँ बोल दिया. वो अपनी चेयर से उठकर मेरे पास आ गया. उसने मेरे को किस क़िया. उसके बाद वो चला गया. किस करना तो लोगो के लिए आम बात थी. मैं तो चुदवाने को बेकरार थी. रात के 1 बज गए. हम लोगो को पता भी नहीं चला. रोज मै पहले ही सो जाती थी.
आयुष: मेरे को आ रही है नींद. मै सोने जा रहा हूँ  इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
मै: तेरे को सोना है तो मेरे ही बेड पर सो जाओ मेरा कोई क्वेश्चन फसेगा तो तुम्हे जगाकर पूछ लूंगी.

वो मान गया. बगल में पड़े मेरे बिस्तर पर ही जाकर लेट गया. कुछ देर बाद मैंने भी नींद का नाटक करते हुए उसी बिस्तर पर जाकर लेटने वाली थी. आयुष का लंड खड़ा था. हमे लगा की आयुष सो रहा होगा. मैंने उसके पैजामे के ऊपर हाथ रख कर उसका लंड छू रही थी. वो कुछ नहीं कह रहा था. मेरे को यकीन हो गया कि वो सो गया है. मेरी हिम्मत बढ़ती जा रही थी। मेरे को कुछ पता ही नहीं चल रहा था मैं क्या कर रही हूँ. मैंने चुपके से उसके पैजामे का नाडा खोलकर धीरे धीरे पैंजामा नीचे कर रही थी. आयुष में आँखे खोल दी. वो मेरे को रंगे हाथों पकड़ना चाहता था.

आयुष: क्या कर रही हो तुम??
मै: कुछ नही तुम्हारे पैजामे में हमे कुछ लगा तो उसे देख रही थी
आयुष: वो मेरा लंड है
मै: बाप रे!!! इतना बड़ा लंड मेरे को भी दिखा दो
आयुष: मेरी एक शर्त है
मै: क्या शर्त है??
आयुष: तुम्हे कुछ भी करके मेरे लंड को गिराना होगा
मै: ठीक है

आयुष ने अपना पैजामा निकाल कर अंडरबियर निकालने लगा. उसने 7 इंच का मोटा ताजा गोरा गोरा लंड मेरे सामने पेश कर दिया. मैंने उसे छूकर उसकी गर्माहट को महसूस किया. उसका लंड मेरे छूते ही और भी बड़ा हो गया. बार बार नीचे दबा रही थी लेकिन छोडते ही एक झटके में ऊपर हो जाता था किसी स्प्रिंग की तरह. मै उसे झुकाते झुकाते थक चुकी थी. तभी आयुष कहने लगा.-अब मेरी बारी है. मैं भी तुम्हे कुछ करना चाहता हूँ. तुम मना ना करना: ऐसा आयुष बोला. मैंने हाँ भर दी. वो मेरे को पकड कर जोरदार किस मेरे लिप्स पर करने लगा. मेरे मोटे मोटे होंठो को चूसने में उसे बहुत मजा आ रहा था. मेरे होंठो को वो पी पी कर उसका सारा रस निकाल रहा था. मै भी इसका साथ दे रही थी.

आयुष के होंठ को मैं भी चूस रही थी. मेरा साथ पाते ही वो जोर जोर से मेरे होंठ पीने लगा. कुछ देर तक ये सिलसिला चलता रहा. उसके बाद वो मेरे को गले पर प्यार करने लगा. मेरे को कुछ होने लगा. मैने उसे गले पर किस करने से मना नहीं किया. मै भी बहकने लगी. मैंने उसे कस कर दबा लिया. मेरे दोनों मम्मे उससे चिपक गए. मेरे बड़े बड़े दूध उसे स्पर्श होते ही उसने दोनों दूध पकड़ लिया. उसने मेरी टी शर्ट निकाल कर मुझे पिंक कलर की ब्रा में कर दिया. मेरे दोनों दूध ब्रा में फसे हुए थे. मेरे को उसने बिस्तर पर लिटा दिया. उसके बाद आयुष मेरे को प्यार करने लगा. मेरे जिस्म पर हाथ फेरते हुए उसने मेरी ब्रा को निकाल दिया। मेरे को आधा नंगा कर दिया. मेरे दूध को दबाते हुए निप्पल को अपने मुह में भर लिया. दोनों निप्पलों को चूस चूस करके पीने लगा. मेरे से रहा नहीं जा रहा था. मैं “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” की सिसकारियां भर रही थी. मेरे को उसकी दूध चुसाई ने बहुत गर्म कर दिया. वो निप्पल को चूसते चूसते अपने दांत गड़ा देता था. ये कार्यक्रम भी कुछ ही देर तक चला. उसने मेरे दूध को दबा दबा कर ढीला कर दिया. मेरे दोनों निप्पल खड़े हो गए.

आयुष: अब तेरी बारी है. आकर मेरा लंड चूसो!!
मैं: नहीं मुझे बहुत गंदा लगता है   इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
आयुष ने अपना लंड मेरे मुह में दाल दिया. कुछ देर तो नाक बंद करके चूस रही थी. लेकिन बाद मे मेरे को भी मजा आ रहा था. मेरे को उसका लंड चूसने में बहुत आनंद आया. मैं मुठ मार मार कर उसका लंद चूस थी। उसके लंड का अगला सिरा बहुत ही गुलाबी हो गया. पूरा लंड गर्म रॉड की तरह लग रहा था. अचानक उसके लंड ने मेरे मुह में अपना गरमा गरम माल निकाल दिया. उसने मेरे पैंटी सहित लोवर को निकाल दिया. दोनों टांगों को उठाकर चूत के दर्शन करने लगा. मेरी चूत के बाल कुछ बडे हो गए थे। फिर भी उसने अपना मुह लगा ही दिया. आयुष मेरे कमल की पंखुडियो जैसी चूत पर अपनी जीभ लगाकर चाटने लगा. मैं खुद को बिस्तर पर बिछी चादर को बार बार दबा रही थी. मै अपनी कमर को उठा कर उससे अपनी चूत चटवा रही थी. मेरे को उसने चूत चाटकर बहुत गर्म कर दिया. चूत के दाने को दांतो से पकड़कर खींच रहा था. मैं जोर से “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की आवाज निकाल रही थी. कुछ ही पल में आयुष का लंड फिर से तैयार हो गया. उसने मुझे टेबल के सहारे खड़ा किया. मेरी एक टांग को अपने हाथो से पकड़कर ऊपर उठाये हुए थी.  इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
मै एक टांग पर खड़ी थी. उसके बाद आयुष ने अपने खड़े लंड को मुठियाते हुए मेरी चूत पर रगड़ने लगा. चूत से स्पर्श होते ही उसका लंड और भी टाइट हो गया. आयुष के लंड रगड़ते ही मेरी चूत में जोर से खुजली होने लगी। उसने चूत के द्वार पर अपना लंड लगा दिया. जोरदार झटका मार कर मेरी चूत में अपना लंड घुसा दिया. आधा लंड ही घुसा था कि मै जोर से चिल्लाने वाली थी की उसने मेरे मुह पर हाथ लगाकर आवाज को दबा लिया. फिर भी मैं दर्द के मारे धीरे धीरे “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” कह रही थी. आयुष फिर से धक्का मार कर अपना पूरा लंड मेरी चूत में घुसा दिया. अब वो धीरे धीरे आगे पीछे होकर मेरी चुदाई करने लगा.;एक हाथ से मेरी टांग पकडे था और दूसरी से मेरा मुह दबाये हुए थे. धीरे धीरे उसकी गाड़ी अपनी रफ़्तार पकड़ रहीं थी. कुछ देर में वो अपना लंड जल्दी जल्दी घुसाकर निकालने लगा. तेज चुदाई करते ही उसका लंड बार बार निकल जाता था. मेरी दोनों बूब्स उछल रहे थे.

उसकी जबरदस्त चुदाई से मेरे को राहत मिल रही थी. मेरे को बहुत बुरी तरह से चोद रहा था. पूरी चूत को फाड़कर ही वो दम लिया. बार बार की चूत फडाई से अब मेरे को दर्द नहीं हो रहा था. मै अपने हाथों से चूत की मालिश कर रही थी. आयुष के तगड़े लंड से मेरे को चुदवाने में बहुत मजा आ रहा था. मैं “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की सुरीली आवाज निकाल रही थी. आयुष तो बहुत ही बेकरारी से मेरे को चोद रहा था. लेकिन एक पैर पर खड़े खड़े मै थक गयी थी. आयुष ने बिस्तर पर लेट कर मुझे अपने लंड पर बिठा लिया. उसका लंड मैंने अपनी चूत में घुसा लिया. अब मैं उसके लंड पर बैठकर उछल उछल कर चुदाई कर रही थी. मेरे को इस तरह की चुदाई में बड़ा मजा आ रहा था. जोर जोर की उछल कूद ने मेरी चूत से पानी निकाल दिया. फिर भी मैं “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाज के साथ चुदाई करवा रही थी. बार बार मैंने झड़कर अपनी चूत से उसके लंड को भीगा दिया.  इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

लगभग 10 मिनट बाद आयुष ने भी मेरी चूत में अपना माल स्खलित कर दिया. मुझे अपनी चूत में उसके गिरने का एहसास हुआ. मैंने धीरे से उसका लंड निकालने लगी. मेरी चूत से सारा माल झरने से उसके लंड पर गिरने लगा. उसका पूरा लंड सफ़ेद हो गया. पास रखे कपडे से मैंने उसके लंड को साफ़ करके चूत को साफ़ किया. मेरे को आयुष के साथ चुदाई से बहुत मजा आया. उसके बाद दूसरे दिन मौक़ा पाकर मेरी गांड भी मारी.

कहानी शेयर करें :
loading...