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मम्मी को समधी ने अपने मोटे लंड से चोदा

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New Sex Stories मेरे घर में 4 लोग है। मेरी दो दीदियाँ अनुपमा और ममता, मैं और मम्मी। मेरी सबसे बड़ी अनुपमा दीदी की शादी पिछले साल ही आगरा में हुई है। ममता दीदी अभी पढ़ रही है। वो अभी कुवारी है। अनुपमा दीदी के पति यानी मेरे जीजा जी बैंक में नौकरी करते है। जीजा जी के पापा अब रिटायर हो चुके है। वो भी बैंक में नौकरी करते थे। अब घर पर रहते है। जीजा जी के पापा रिश्ते में मेरी मम्मी के समधी लगते है। वो बहुत मजाकिया किस्म के आदमी है। मेरे पापा अब गुजर चुके है। इसलिए मेरी मम्मी ही घर में सबसे बड़ी है।
दोस्तों जब भी कोई त्यौहार होता था समधी जी मेरे घर आते थे। धीरे धीरे मुझे पता चल गया की वो मेरी मम्मी को चोदना चाहते है। आपको बता दूँ की मेरी मम्मी की उम्र 42 साल है पर आज भी बहुत खूबसूरत लगती है। लगता है की अभी कोई 25 साल की जवान लड़की सामने खड़ी हो। मेरी मम्मी को सेक्स करना बहुत पसंद है। मेरे मोहल्ले के कई अंकल लोग मम्मी को अपने मोटे लंड से चोद चुके है। धीरे धीरे हमारे समधी जी मेरी मम्मी को लाइन देंने लगा। हर त्यौहार में वो हमारे घर आ जाते थे। मम्मी के लिए हर बार कोई नई साड़ी लेकर आते थे। आगरे का पेठा भी लेकर आते थे। दोस्तों कुछ दिनों बाद रक्षाबंधन का त्योहार आ गया था। हमारे समधी जी मेरी दीदी को अपनी मोटर साइकिल पर ही बिठा के ले आये। उनके घर आते ही मेरी मम्मी उनकी सेवा में जुट गयी।
“अरे समधन जी!! आपको जब तक देख नही लेता मुझे चैन नही मिलता। चलिए कमरे में चलते है” समधी बोले और हंसकर मम्मी की आँख से इशारा किया
मैं वहीँ पर पानी का गिलास लिए खड़ा था। मेरी मम्मी भी हंसने लगी। समधी जी को लेकर कमरे में चली गयी। दरवाजा मम्मी ने पता नही क्यों बंद कर लिया। मुझे उसी समय शक हो गया की दाल में कुछ काला है। मैं दूसरी तरफ से गया और खिड़की से झांककर देखने लगा। मेरी आँखें फटी की फटी रह गयी। समधी जी ने मेरी जवान और चुदासी मम्मी को बाहों में भर लिया था। वो आलिंगन में थे। एक दुसरे को चूम रहे थे।

“जान कहाँ थे तुम??? सुबह ने तुम्हारा फोन कितनी बाद लगाया है मैंने। सारी रात तुम्हारी याद कर करके अपनी चूत में ऊँगली करती रही” मम्मी ने समधी जी से कहा
फिर दोनों गले लग गये।
“समधन !! किसी को शक तो नही होगा की तुम मुझसे सेट हो गयी है???” उन्होंने पूछा
“अरे नही!! कोई परेशानी की बात नही है! आज चलो तुमको चूत देती हूँ” मेरी मम्मी ने कहा और दोनों बिस्तर पर चले गये
दोस्तों अब मुझे सब राज पता चल गया था। आखिर क्यों मेरे समधी जी हर महीने मेरे घर आते थे। वो तरह तरह का गिफ्ट मम्मी के लिए क्यों लाते थे अब मुझे मालूम चल गया था। मैं खिड़की के पीछे छुपा हुआ था। मेरी दीदी अपने कमरे में जाकर आराम कर रही थी। वो यात्रा करके काफी थक गयी थी। मैं मम्मी और समधी जी की जासूसी कर रहा था। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
धीरे धीरे समधी जी और मम्मी बिस्तर पर लेट गये। दोनों गरमा गर्म किस होठो पर कर रहे थे। मेरी मम्मी तो वैसे ही जवान और खूबसूरत जिस्म वाली औरत थी। कितने मर्दों के लंड मम्मी की जवानी देखकर खड़े हो जाते थे। धीरे धीरे समधी ने जी मम्मी को बाँहों में भर लिया और चुम्मा पर चुम्मा लेने लगे। धीरे धीरे मम्मी भी चुदने को रेडी हो गये। समधी जी मेरे मम्मी की साड़ी का पल्लू हटा दिया और ब्लाउस के उपर से उनके दूध हाथ से मसलने लगे। मम्मी “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की सेक्सी आवाजे निकालने लगी।
धीरे धीरे दोनों अपना मौसम बना रहे थे। समधी जी 60 साल के थे पर अब भी उनके जिस्म में काफी ताकत थी। अब भी जवान औरतों की चूत मारते रहते थे। वो बड़े छैला टाइप के आदमी थे। रोज शेव करते थे। जींस टी शर्ट पहनते थे। सफ़ेद बालों को हमेशा काली डाई से रंगकर रखते थे। महंगे महंगे जूते पहनते थे। नये नये महंगे मोबाईल फोन रखना समधी जी का शौंक था। इतना मेकअप करते थे की नये नये लौंडे ही शर्मा जाए। धीरे धीरे समधी जी ने मेरी मम्मी के नीले रंग का कसा कसा बेहद चुस्त ब्लाउस की बटन खोल दी और ब्लाउस उतार दिया।
“समधन!! कितने दिन हो गये तुम्हारे मम्मे नही चूसे!! आज पिलाओ ना जान” समधी जी मेरी मम्मी से बोलो

“मैं तो तुम्हारी ही हूँ जानू!! आज तुम खुलकर मेरी जवां चूचीयों को मसल लो और मुंह में लेकर चूस लो। मैं तुम्हारी हूँ…सिर्फ तुम्हारी” मेरी मम्मी बोली
दोस्तों ये सब देखकर मेरी गांड फट गयी। उपर से मेरी माँ कितनी पतिव्रता औरत बनती है। हमेशा सादगी से जीवन जीती है पर असल में वो एक नम्बर की अल्टर औरत है और चूत में मोटा लंड खाने की उसकी आदत है। आज मैंने अपनी मम्मी का दूसरा चेहरा देखा था। मैं खिड़की के पीछे छुपा हुआ था। धीरे धीरे समधी जी ने मम्मी की ब्रा के हुक हो खोल दिया और उतार दी। अब मम्मी का दुधिया जिस्म चम्म चम्म चमक रहा था। समधी जी ने मेरी मम्मी को बाहों में भर लिया और चूचियों को अपने हाथ से सहलाने लगे।
“ओह्ह समधन!! यू आर सो सेक्सी!!” समधी जी बोले फिर जल्दी जल्दी मम्मी के दूध को हाथ से मसलने लगा। ये देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया। दोस्तों मेरे मम्मी के बूब्स 38” बड़े बड़े गोल गोल थे। बिलकुल कुवारी कच्ची अनचुदी माल लग रही थी मम्मी। समधी जी तेज तेज अपने हाथों से दबा रहे थे। मम्मी “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। धीरे धीरे समधी जी ने मम्मी के दूध मुंह में दबोच लिए और जल्दी जल्दी चूसने लगी। मेरी मम्मी उनका पूरा सपोर्ट कर रही थी। जी भरकर चूसा रही थी। मम्मी को भी खूब मजा मिल रहा था। समधी की मेरी मम्मी की जवानी और यौवन पर पूरी तरह से आसक्त हो गये थे। एक हाथ से मम्मी की दाई चूची को मसल रहे थे और बायीं को मुंह में भरकर चूस रहे थे। इस तरह दोनों खूब मजे लूट रहे थे। ऐसा लग रहा था समधी जी को कई महीने से कोई बुर चोदने को नही मिली है।

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वो चूत के प्यासे लग रहे थे। वो बेताबी साफ़ साफ़ झलक रही थी। वो जल्दी जल्दी मेरे मम्मी के सफ़ेद दूध चूस रहे थे। जी भरकर पी रहे थे। धीरे धीरे मम्मी “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…” की तेज आवाजे निकाल रही थी। वो इस वक़्त बहुत चुदासी फील रही थी। समधी जी भरपूर मजा लुट रहे थे। मैं जानता था की आज वो मेरी मम्मी को बुरी तरह चोद डालेंगे। मैं ये बात जानता था। इस तरह से वो कितने देर तक प्यार करते रहे। मम्मी की निपल्स को चबा रहे थे, चूस रहे थे और दांत से काट रहे थे। मम्मी गर्म गर्म सांसे छोड़ रही थी। बार बार किसी रंडी की तरह मुंह खोल देती थी। उनको मजा मिल रहा था। फिर समधी जी ने अब दाई चूची को मुंह में भर लिया और जल्दी जल्दी चूसने लगे। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
कुछ ही देर में उनका लंड उसकी पेंट के अंदर ही खड़ा हो गया था। वो बार बार मम्मी को बाहों में भर लेते थे। बार बार उसकी नंगी पीठ पर हाथ घुमाते थे, पीठ पर चुम्मा लेते थे और पेट को किस करते रहते थे। धीरे धीरे समधी जी मम्मी की नाभि में ऊँगली करने लगे। मम्मी …..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। समधी जी बड़ी देर तक मम्मी की सेक्सी और गहरी नाभि में ऊँगली करते रहे। फिर उसमे अपनी जीभ डालने लगे।
“ओह्ह जान!! तुम बहुत सेक्सी हो!!” मम्मी बोली और मचलने लगी
समधी जी किसी कुत्ते की तरह चूत के प्यासे पुरुष लग रहे थे। वो मेरी मम्मी को आज जी भरकर चोद लेना चाहते थे। इस वक्त वो मम्मी के पेट को हाथों से बड़े प्यार से सहला रहे थे और गहरी सेक्सी नाभि में जीभ घुसा रहे थे।
“जान!! लगता है आज तुम मुझे ज़िंदा नही छोड़ोगे” मम्मी ने अपनी आँखें मटकाकर किसी रंडी की तरह कहा
धीरे धीरे समधी जी अपनी टी शर्ट और जींस उतारने लगे।
“समधन!! जल्दी से नंगी हो जाओ!!” समधी जी बोले
मेरी मम्मी भी चुदने के फुल मूड में थी। वो अपनी कमर से साड़ी की गाठ खोलने लगी। उधर समधी जी सम्पूर्ण रूप से नंगे हो गये। अपना लंड पकड़कर वो जल्दी जल्दी फेटने लगे। दोस्तों जब मैंने उस खिड़की के पीछे से समधी जी का लौड़ा देखा तो वो विश्वास ही नही हो रहा था। 10” लम्बा और 2” मोटा लौड़ा था समधी जी का। वो जल्दी जल्दी उसे फेटकर खड़ा कर रहे थे। सेट कर रहे थे। मैं बार बार ये बात सोच रहा था की कैसे इतना मोटा लौड़ा मेरी माँ के भोसड़े में जा पाएगा। उधर मेरी मम्मी पूरी तरह से नंगी हो गयी। उन्होंने अपनी पेंटी भी उतार दी। फिर वो बिस्तर पर जाकर लेट गयी। मम्मी की चूत पर कोई बाल नही था। दोस्तों बिलकुल चिकनी सफाचट चूत थी मेरी मम्मी की। उसके बाद समधी जी आकर मम्मी के उपर ली लेट गये।

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मम्मी ने अपने दोनों पैर खोल दिए। समधी जी जल्दी जल्दी मम्मी की चूत चूसने लगे। मम्मी “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” की तेज सिसकियाँ निकाल रही थी। समधी जी पूरी तरह से मेरी मम्मी की चूत के आशिक लग रहे थे। जल्दी जल्दी बुर चाट रहे थे। 15 मिनट बाद उन्होंने अपना 10” का लंड मम्मी के भोसड़े में दे दिया और जल्दी जल्दी पेलने लगे। मेरी मम्मी गर्म गर्म आवाजे निकाल रही थी। उनकी हालत बता रही थी की उनको कितना आनन्द मिल रहा था। समधी जी धीरे धीरे मम्मी को 10” अंदर तक चोदने लगे। मम्मी “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” की आवाजे निकालकर मचल रही थी। समधी जी अपनी रफ्तार में आ गये और जो चुदाई उन्होंने मेरी मम्मी की की उसके बाद तो मम्मी की बुर ही फट चुकी थी।
समधी जी के लंड से बड़ी तेज रफ्तार से मम्मी की चूत चोद चोदकर उसका हलुआ बना डाला। वो अपनी और पुट्ठे उठा उठाकर मेरी मम्मी को चोद रहे थे। दोनों ने कमरे में खूब मजे लिए। समधी जी को चोदने में बड़ा मजा आ रहा था। उधर मम्मी को चुदाने में बड़ा मजा आ रहा था। दोनों ने 1 घंटे तक गरमा गर्म सम्भोग किया। अंत में समधी जी ने मम्मी की चूत में अपना सारा माल छोड़ दिया। अब वो शांत होकर मम्मी पर लेट गये थे। दोनों काफी देर तक किस करते रहे। फिर बाहर निकले।DMCA.com Protection Status

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