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नामर्द पति से तंग होकर देवर से चुदवायी

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New Sex Stories मेरा नाम निशा है। मैं 27 साल की गोरी चिट्टी औरत हूँ। indiansexkahani.com मैं देसी लड़की हूँ, मुझे सज धजकर रहना बहुत पसंद है। हमेशा बन ठनकर रहती हूँ। मुझे सेक्स करना और चुदवाना बहुत पसंद है। मेरी शादी हो चुकी है पर शादी से पहले मेरे कई मर्दों से शारीरिक सम्बन्ध रह चुके है। मुझे अपनी चूत में लंड लेने में विशेष मजा आता है। मुझे सेक्स करने में अद्भुत आनंद आता है। आपको बता हूँ की मैं एक स्लिम ट्रिम औरत हूँ। जरा भी मोटी नही हूँ। मेरे बूब्स 34” के गोल गोल बड़े सुंदर है। जो मर्द मेरे बूब्स को देख लेता है रुक कर ताड़ने लग जाता है। सब मुझे चोदना चाहते है। मुझे देख के मुठ मार लेते है। कई मर्द तो मेरी गांड में लंड घुसाना चाहते है। मेरा चेहरा बहुत गोरा और आकर्षक है।
मैं अपनी बूब्स और गांड मटका मटकाकर चलती हूँ। लोग मेरी जवानी देखकर पागल हो जाते है और कहते है की “वाह!! क्या माल है भाई…अगर एक बार चोदने की मिल जाए तो लाइफ सेट हो जाए” लोग इस तरह से बोलते है। मुझे देखकर आंहे भरने लग जाते है। सब मेरी रसीली चूत के दर्शन करना चाहते है। पर मैं सिर्फ जवान और हैण्डसम मर्दों से चुदवाती हूँ। काले कलूटे मर्द मुझे जरा भी पसंद नही है। दोस्तों मेरी शादी हो गयी थी। जब सुगाहरात पर पति मुझे चोद ना सका तो मैं खूब रोई।
“हे भगवान!! तूने मेरी किस्मत में एक नपुंसक पति क्यों लिखा था। अब मेरी चूत को कौन चोदेगा” इस तरह से जोर जोर से बोलकर मैं रोने लगी
मेरे साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ था। मेरे पति का लंड ही खड़ा नही होता था। वो नामर्द था, नपुंसक था। वो मुझे सुहागरात पर चोद ही नही पाया।

“देखो निशा! ये बात किसी से कहना मत। वरना समाज में मेरी इज्जत खत्म हो जाएगी। मैं अपना इलाज कराऊंगा” मेरा पति बोला
धीरे धीरे मेरी जिन्दगी एक काली रात में तब्दील हो गयी। मेरी सहेलियां मुझे रोज फोन करती और बताती की कैसे कैसे उनके पति उनको चोद चोदकर मजा देते है। पर मेरी तो किस्मत ही फूटी हुई थी। रात को खाना खाने के बाद पति दूसरी तरफ मुंह करके लेट जाते। मैं सारी सारी रात प्यासी रहती। रात 10 बजे से सुबह के 6 बजे तक मैं प्यासी और चुदासी रहती। कोई चोदने वाला नही था। कोई मेरे साथ सेक्स करने वाला नही था।
“सुनिए जी!! कोशिश करिये। शायद आपना लंड खड़ा हो जाए” मैंने पति से बार बार विनती करती
वो अपने लंड को फेटते पर दोस्तों कोई चमत्कार नही होता। पति का लंड खड़ा नही होता। मैं प्यासी रह जाती।
“निशा !! लाओ तुम्हारी चूत में ऊँगली करके मजा दे दूँ” पति बोलते
मैं नंगी हो जाती। मेरे पति मेरी चूत में ऊँगली करके मजे मजा देते। 1 -1 घंटे ऊँगली करते। पर दोस्तों इससे थोड़ा मजा ही आता था। जो मजा एक 6” का लम्बा लंड दे सकता है वो ऊँगली तो नही दे सकती।
“सुनिए जी!! अगर आप आज्ञा दे तो मैं देवर जी से चुदा लिया करूं??? आखिर कब तक मैं प्यासी रहूंगी। पूरे 6 महीने बीत चुके है, मैं एक बार भी चुदी नही हूँ” एक दिन मैंने पति देव से पूछ लिया
मेरी बात सुनकर वो परेशान थे। वो एक अच्छे पति थे। मेरे दिल को समझते थे। कुछ देर तक वो सोच विचार करते रहे। आखिर वो मान गये।
“ठीक है, ऐसा कर लो” उन्होंने अपनी रजामंदी दे दी
मेरे देवर का नाम इंदर था। हमारे साथ ही वो रहता था। इंदर पोलिटेक्निक कर रहा था। वो बिजली विभाग में इंजीनियर बनना चाहता था। वो बहुत हैंडसम था। धीरे धीरे मैंने इंदर को पटाना शुरू कर दिया। रोज उसके लिए तरह तरह के पकवान बनाने लगी। उसके कपड़े धोती थी। प्रेस करती थी। उसके जूते में पोलिश करती थी। रोज जब अपने कॉलेज पढने जाता था मैं उसे लंच बॉक्स लगाकर देती थी। इंदर समझ नही पा रहा था की मैं इस तरह से उसकी सेवा क्यों कर रही हूँ। दूसरे दिन मैं पति से साथ रात में सो रही थी। मुझे कामपीढ़ा हो रही थी। रोज की तरह आज भी पति दूसरी तरफ मुंह करके सो रहे थे। indiansexkahani.com

रात के 12 बजे थे। मैं उठकर अपने देवर इंदर के कमरे में चली गयी। वो बनियान और कच्छा पहनकर गहरी नींद में सोया हुआ था। मैं उसके बिस्तर पर उसके बगल लेट गयी। इंदर अभी 23 साल का जवान नया लौंडा था। उसका लंड कच्छे में खड़ा था। मैंने धीरे से उनके कच्छे को नीचे की ओर खिसका दिया। लंड को जल्दी जल्दी फेटने लगी। इंदर सो रहा था। उसे कुछ नही मालूम हुआ। आज पूरे 6 महीने बाद मैंने खड़ा हुआ मोटा 7” का लंड देखा था। मेरे मुंह में पानी आ गया था। मैं ललचा गयी और जल्दी जल्दी अपने देवर का लंड फेटने लगी।
इंदर सोता रहा। उसे कुछ नही मालुम हुआ। मैं उसके लंड से खेल रही थी। जोर जोर से हाथ को उपर नीचे चला रही थी। मजा लूट रही थी। इंदर का लंड उसी की तरह खूब गोरा, मोटा और खीरे की तरह दिख रहा था। मैं अपने मुंह को लंड से पीटने लगी। अपनी गाल पर लंड पकड़कर प्यार भरी थपकी दे रही थी। फिर जल्दी जल्दी चूसने लगी। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
दोस्तों मैं पूरे 6 महीने से प्यासी थी। आज मुझे किसी भी तरह अपनी जवानी की प्यास बुझानी थी। मैं जल्दी जल्दी चूसने लगी। आइसक्रीम की तरह चूस रही थी। 15 मिनट बाद मेरा सगा देवर इंदर जग गया। indiansexkahani.com
“भाभी!! ये क्या कर रही हो???? अगर भैया ने हम दोनों को चुदाई करते पकड़ लिया तो घर से निकाल देंगे” इंदर डरकर बोला
“तू फ़िक्र मत कर इंदर!! तेरे भैया नामर्द है। उन्होंने ही मुझे तेरे पास चुदाने के वास्ते भेजा है” मैंने कहा
अब इंदर शांत होकर लेट गया। मैं उसका लंड जल्दी जल्दी चूसने लगी। अब मुझे किसी बात का डर नही था। अपने देवर के कमरे में मैं उसे प्यार कर रही थी। खूब चूस उसका लंड मैंने। फिर इंदर ने मुझे नंगा कर दिया। बिस्तर पर लिटा दिया। इंदर मेरी जवानी को देखकर पागल हो गया था। मेरे 34” की गोल गोल बूब्स को वो हाथ से सहला रहा था। मैं “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ….अअअअअ आआआआ….” बोलकर आवाज निकाल रही थी। इंदर मेरे बूब्स को फिर दबाने लगा। मेरी रसीली चूचियों को वो आटे की मसल रहा था। मैं कामुक सिसकियाँ भर रही थी। खूब मजा लुट रही थी। इंदर मुझे सब जगह किस कर रहा था। मेरे गाल, गले, नाक, कान, गले पर सब जगह वो प्यार भरा किस कर रहा था। मैं चुदने को मरी जा रही थी। मेरी चूत में हलचल शुरू हो गयी थी। आज 6 महीने बाद मैं चुदने जा रही थी। मेरी चूत अब अपना रस छोड़ रही थी। इंदर मेरे बूब्स को लप्प लप्प दबा दबाकर पी रहा था। indiansexkahani.com

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“भाभी!! अच्छा रहा तुम चुदाने चली आई। मैं भी आपकी चूत का बहुत दिनों से प्यासा था। आपको देख देखकर मैं हर रात आपके नाम की मुठ मार लेता था” इंदर बोला
वो जल्दी जल्दी मेरे दूध पी रहा था जैसे मैं उसकी बीबी हूँ। वो तो बहुत प्यासा दिख रहा था। जल्दी जल्दी चूस रहा था। मजे लूट रहा था। मुझे आज बहुत सुख मिल रहा था। मेरे देवर इंदर ने आधे घंटे तक मेरे दोनों चूची को चूस डाला। मेरे पेट पर उसने उपर से नीचे तक किस करना शुरू कर दिया और नीचे की ओर बढ़ने लगा। वो नाभि बहुत गहरी और सेक्सी, सुंदर थी। इंदर जल्दी जल्दी नाभि में किस कर रहा था। जीभ घुसा रहा था, ऊँगली कर रहा था। मैं अब चुदने को परेशान थी। वो मेरे पेडू को हाथ से सहला रहा था। मेरे जांघ को उपर से नीचे तक सहला रहा था। indiansexkahani.com
“इंदर!! अब मुझसे कंट्रोल नही हो रहा है। सी सी सी सी…. प्लीस जल्दी से मेरी चूत में लंड डाल दो और जल्दी से चोदो!!” मैंने बेचैन होकर कहा
इंदर ने मेरी टांगो को खोल दिया। मेरी चूत का दर्शन करने लगा। 10 मिनट तक मेरी चूत को घुर रहा था। मेरी रसीली चूत बहुत सुंदर और सेक्सी थी। अगर कोई मर्द एक बार मेरी चूत के दर्शन कर लेता तो मुझे चोदे बिना नही छोड़ता। ऐसी रसीली गुलाबी चूत थी मेरी। भरी हुई। कुप्पा जैसी फूली हुई। 10 मिनट तक ताड़ने के बाद इंदर किसी भूखे शेर की तरह मेरी चुद्दी पर टूट पड़ा और पीने लगा। जल्दी जल्दी किसी प्यासे आशिक की तरह चाट रहा था। मैं “ओहह्ह्ह..ओह्ह्ह्ह..अह्हह्हह….अई उ उ उ उ उ…” कर रही थी। मचल रही थी। मेरी चुद्दी से पानी बह रहा था। मैं सिसकियाँ भर रही थी। मेरी सांसे उखड़ रही थी। मेरा देवर इंदर तो एक नम्बर का चोदू आदमी निकला। जल्दी जल्दी पी रहा था। जीभ अंदर तक डालकर सब रस को पी जाता था। मैं सेक्सी फील कर रही थी। अपने 36” के दूध को खुद ही जोर जोर से दबा रही थी। मजा आ रहा था। इंदर किसी कुत्ते की तरह मेरी बुर की एक एक फांक को पी रहा था। जैसे उसे मेरी चुद्दी में भगवान मिल गया था। उसने 35 मिनट तक मेरी चूत को खाया और चबा डाला। भरता बना दिया बेचारी का। उसके बाद इंदर ने चूत में ऊँगली करना शुरू कर दिया। indiansexkahani.com

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कुछ देर बाद उसने अपना 7” लम्बा और 3” मोटा लंड मेरी रसीली चूत में डाल दिया और हुसड़ हुसड़ के मुझे पेलने लगा। इंदर के धक्को में बहुत दम था। जोर जोर से मुझे ठोंक रहा था। मुझे डर था की कहीं आज मेरी चूत का चौराहा न बन जाए। मैं बिस्तर पर उछल उछलकर चुदवा रही थी। इंदर मेरी चूत की सवारी कर रहा था। मेरी बुर का भोग लगा रहा था। सटा सट उनका लौड़ा मेरी चूत की अँधेरी गुफा में सरक रहा था। मैं पागल हो रही थी। बार बार अपनी गांड और कमर उठा देती थी।
“हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… चोदो चोदो…. आज मेरी चूत फाड़ फाड़कर इसका भरता बना डालो जाननननन….” मैं इंदर से कह रही थी। उसने 45 मिनट मुझे नंगा करके ही चोदा। मैं भी उसका पूरा साथ निभा रही थी। टांग फैलाकर चुदवा रही थी। उसके गाल पर चुम्मा दे देकर चुदवा रही थी। अंत में हांफ गया और चूत में माल छोड़ दिया। अब मैं उसके बच्चे की माँ बनने वाली हूँ।DMCA.com Protection Status

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