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नेपालिन की चिकनी चूत चोदी बिना कंडोम

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sex stories हेलो दोस्तों,,,,, मेरा नाम अपूर्व रस्तोगी है। मैं शहजहाँपुर में रहता हूँ। मेरे परिवार में कुल 30 लोग है। घर में, दादा दादी, चाचा चाची, काका काकी , भैया भाभी और सबके बच्चे साथ ही रहते है। बड़ी और जॉइंट फैमिली है हमारी। कुछ दिन पहले हमारे घर की पुरानी नौकरनी काम छोड़ गयी तो मम्मी ने कहा की किसी नई नौकरानी को मैं ढूढ़ लाऊं। मैं खोज शुरू कर दी। पड़ोस वाली आंटी ने एक नेपालिन के बारे में बताया तो मैं उसके घर पता करने चला गया। वो नेपालन अभी जल्दी ही अपने भाई के साथ रहने के लिए आई थी। 2 किमी की दुरी पर रहती हूँ। उसका भाई रात में चौकीदारी का काम करता था। मैं उससे मिला।
“क्या आप हमारे घर में काम करेगी??” मैंने उससे पूछा
वो बहुत सेक्सी लड़की थी। 20 -22 की उम्र होगी उसकी। उसका नाम लुआन था। गरीब घर की लड़की थी।
“कितना पैसा मिलेगा??” वो अपनी नेपाली भासा में बोली
“5 हजार” मैंने कहा
वो मान गयी। अलगे दिन से हमारे घर में काम करने आने लगी। दोस्तों उसके आने से मेरी तो किस्मत जाग गयी थी। लुआन बहुत खूबसूरत लड़की थी। रोज सुबह सुबह उसके दर्शन हो जाते है। आप लोगो को तो पता ही होगा की नेपाल की लड़कियाँ कितनी गोरी चिकनी माल होती है। जब उसे देख लेता तो लंड में हलचल शुरू हो जाती। काश …अगर लुआन मुझसे किसी तरह पट जाए तो मजा आ जाए। इसे जी भरकर चोद लूँ इसे मैं। यही बात मैं बार बार सोचता। मैं जब जब उससे बात करता वो कोई न कोई बहाना मार देती। शायद शरमाती होगी। काम करने में लुआन का कोई सानी नही था। सलवार कुर्ता पहनकर आती। दुप्पटे को कमर पर बाँध लेती और बिजली की रफ़्तार से काम करती। मेरा घर 2 मंजिला था। घर में 10 से जादा कमरे थे पर लुआन बिजली की तेजी से काम करती। आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 

झाड़ू पोछा करती। सबके कपड़े धोती। बर्तन मांजती। मेरी मम्मी उसे खाना बनाना छोड़कर सब काम करवाती थी। शाम को भी लुआन आती और सारे बर्तन मांज देती। एक दिन मैंने उसका हाथ पकड़ लिया। वो छुड़ाने लगी।
“अपूर्व भैया!! मेरा हाथ छोड़ो” लुआन बोली। वो जादातर नेपाली भासा में मुंह दबाकर घसीटकर बोलती पर मैं मतलब समझ जाता।
“तेरा मन नही करता की तेरा कोई आशिक हो। तुझसे प्यार करे। तुजे मजे दे??” मैंने उससे पूछा
“ये प्यार व्यार सब पैसो वालो के लिए है। हम गरीब तो दिन रात मेहनत करते है तब 2 वक़्त की रोटी मिलती है” लुआन बोली
“देख लुआन!! मैं तुझसे प्यार करता हूँ। मैं अभी खाली हूँ। कोई गर्लफ्रेंड नही है। अब किसी न किसी को तो पटाना ही है तू सोच रहा हूँ तुमको पटा लूँ” मैंने कहा और उसके हाथ पर किस करने लगा
कुछ देर बाद वो हाथ छुड़ा कर भाग गयी। मैं बाथरूम में चला गया और उसकी जवानी सोच सोचकर मुठ मार दी। लुआन देसी नेपाली मॉल थी। बड़ा, गोल , थोडा नेपाली चेहरा। झक सफ़ेद दुधिया रंग। 36” की बड़ी बड़ी रसीली चूचियां। कद नाटा सिर्फ 5”। मेरे कंधे के बराबर आती थी। बहुत नाटी थी मेरे सामने। पर माल मस्त थी। मैंने हार नही मानी और उसे लाइन पर लाइन देता रहा। एक दिन उसके भाई को पुलिस ने पकड़ लिया। लुआन मेरे पास दौड़ी दौड़ी आई। उसका भाई जिस कालोनी में चौकी दारी करता था वहां किसी बड़े घर में चोरी हो गयी थी। चोर लाखों का माल उड़ा ले गए थे। घर का मालिक लुआन के भाई पर आरोप लगा रहा था की उसने चोरो को आने जाने का रास्ता बता दिया और चोरी करवा दी। उसके भाई को पुलिस से पकड़कर जेल में बंद कर दिया था।
लुआन रोने लगी। मैंने जाकर उसके भाई की जमानत अपने नाम पर करवाई। उसका भाई छूट गया। अगले दिन शाम को लुआन मेरे कमरे में खुद ही चली आई और अहसान जताने लगी।
“मेरी गर्लफ्रेंड बनेगी बोल??” मैंने कहा
लुआन कुछ नही बोली। खड़ी खड़ी शर्माती रही। मैं उसे पकड़ लिया और बाहों को भर लिया। प्यार करने लगा। उफ्फ्फ!! क्या सेक्सी आइटम थी भाई। मेरा लंड उसी वक़्त खड़ा हो गया। पर मैं उसे दिखाना चाहता था की उससे प्यार करता हूँ। मैं उसका भरोसा जीतना चाहता था। मैं उसको कसके सीने से चिपका लिया। 36” की गोल गोल छातियाँ मेरे सीने से दबने लगी तो कितना आनद मिला मुझे। खूब मजे लूटे मैंने। लुआन मुझसे पट गयी। आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 

उसके गोरे गाल पर मैं पप्पी लेने लगा। हाईट में काफी छोटी थी वो। इसलिए मुझे झुकना पड़ रहा था। मेरा उसे आज ही चोदने का दिल कर रहा था। पर ऐसे तो वो जान जाती की मैं उससे प्यार व्यार नही करता। सिर्फ उसकी चूत बजाना चाहता हूँ। मैं उसके चेहरे पर कई बार हाथों से सहलाया। वो मुझसे पूरी तरह से पट गयी।
मैंने उसकी कमर में हाथ डाल दिया और उसके होठ चूसने लगा। नेपाली माल होने के कारण लुआन के होठ इकदम गुलाबी थे। मैं पीने लगा। वो भी पीने लगी। आज उसने सफ़ेद रंग का सलवार कुर्ता पहना हुआ था। वो अच्छी लग रही थी। मेरे होठ वो भी चूसने लगी। मैंने अपना हाथ उसके दुपट्टे के अंदर डाल दिया और उसके गोल गोल बड़े बड़े मम्मो को सहलाने लगा। वो “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” करने लगी। मैंने उसके दूध दाबना शुरू कर दिया कर दिया। उसने कुछ ही कहा। मैं सहला सहलाकर दूध दबा रहा था। लुआन को भी मजा मिल रहा था। इतने में पता नही कहाँ से मेरी मम्मी टपक गयी।
“लुआन!! कहाँ है बेटी” मेरी मम्मी आवाज लगाने लगी
इसलिए उसे जाना पड़ा। 1 हफ्ते बाद एक मस्त मौका मिल मिल गया। सुबह ही मेरा पूरा घर जगननाथ पूरी को निकल गया दर्शन करने। अब 5- 6 दिन तक घर में सन्नाटा हो गया। अब मैं लुआन के साथ खुलकर चुदाई का मजा लूट सकता था। अगले दिन जो घर में आई तो कोई नही था। मैंने उसे आँख मारी और मेरे कमरे में जाने को कहा। वो सीधा मेरे कमर में चली गयी। मैंने उसे फिर से इशारा लिया और कपड़े उतारने को कहा।   आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
लुआन ने अपने सारे कपड़े उतार दिए। मैंने अपने हाथ से उसकी ब्रा पेंटी उतारी। वो पूरी तरह से नंगी हो गयी। मैं भी नंगा हो गया और लंड पर मुठ मारने लगा। मेरा लंड किसी मोटे पेन की तरह दिख रहा था। मैं बिस्तर पर नेपालन लुआन के साथ ही लेट गया। उसे बाहों में भरके प्यार करने लगा। वो मेरा पूरा साथ निभा रहा थी। मैं 5 -6 मिनट उसके लब चुसे। खूब मजा लिया। उसके मस्त मस्त संगमरमर जैसे दिखने वाले 36” के दूध को मैं हाथ से दबा दबाकर पीने लगा। वो “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” करने लगी।

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मैं मजे लेकर चूस रहा था। मुंह चला चलाकर उसकी छाती को पी रहा था। हाय!! कितनी सेक्सी छातियाँ थी उसकी। कोई जवाब नही था। बिलकुल अंग्रेजो की तरह सफ़ेद थी वो। मैं दबा दबाकर उसके आम का रस चूस रहा था। वो कराह रही थी। लम्बी लम्बी सांसे भर रही थी। उसे भी अच्छा लग रहा था। मैं उसे अपनी गर्लफ्रेंड की तरह चूस रहा था। वो भी मुझे प्यार कर रही थी। मेरी नंगी पीठ और कन्धो पर हाथ घुमा रही थी। मुझे अपने बॉयफ्रेंड की तरह प्यार कर रही थी। लुआन की छातियाँ बहुत सेक्सी थी। निपल्स तो मैं मुंह में भरके चूस रहा था। लाल लाल गोले थे उसके बूब्स पर। इंडियन लडकियों के बूब्स पर काले रंग के गोले निपल्स के चारो ओर होते है।
पर उसके लाल रंग के गोले थे बिलकुल अंग्रेजो की तरह। मैं 40 मिनट तक लुआन के दोनों दूध को जी भरकर पिया। मैंने उसके पेट, कमर, पुट्ठो के उपर खूब हाथ फेरा। खूब सहलाया। लुआन भी मुझे खूब प्यार कर रही थी। मेरी पीठ को सहला रही थी। मैंने उसके पैर खोल दिए। आय हाय!! ऐसी चिकनी चूत ना देखी थी मैंने आजतक। जहाँ इंडियन लड़कियों की चूत काली काली होती है नेपालन लुआन की चूत इकदम लाल लाल मलाई जैसी थी जैसे किसी इटेलियन या फ्रेच चूत की तरह। मैं कुछ देर चूत की कली को ऊँगली से खोल खोलकर दर्शन कर रहा था। ऐसी पिंक कलर की चूत चोदने में न मिली थी आज तक। फिर मैं जीभ लगा लगाकर सब रस चूस रहा था। मेरी कामवाली “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। मैं जल्दी जल्दी अपनी नेपालन माल को पी रहा था। उसे अच्छा लग रहा था। अपनी गांड उठा उठाकर चूत पीला रही थी। मैं चाता मैंने। फिर चूत में 2 ऊँगली डालकर जल्दी जल्दी फेटने लगा। लुआन पागल हुई जा रही थी।
“अपूर्व भैया!! अब कितना पियोगे! मेरी चूत प्यासी है। जल्दी से इसमें अपना लंड डाल दो। मेरी प्यास बुझा दो आज” लुआन बोली
मैंने कंडोम का पैकेट निकाला। एक कंडोम फाड़ा और लंड पर लगाने लगा।   आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
“ये क्या अपूर्व भैया!! कंडोम में चुदाई करोगे तो मजा नही आएगा। मुझे ऐसे ही पेलो” मेरी नेपालन गर्लफ्रेंड बोली
“तो कहीं पेट से हो गयी तो??” मैंने पूछा
“तुम मुझे बिना कंडोम के चोदो। मैं गोली खा लुंगी” वो बोली

मैं हंसने लगा। बिना कंडोम पहले ही लंड उसकी बुर में डाल दिया और मजे लेकर चोदने लगा। आह कितना मजा मिला मुझे। कितना आनंद आया। मैं जल्दी जल्दी लंड को अंदर बाहर करने लगा। लुआन मजे लेने लगी। कसी चूत थी उसकी। भरपूर मजा आ रहा था मुझे। मैं उसे दबाकर साथ के चोद रहा था। मैं आउट नही होना चाहता था। इसलिए मैं सम्हल पर ठुकाई कर रहा था। लुआन बिना कोई नखड़ा किये चुदवा रही थी। मैं तेज और गहरे धक्के दे रहा था। उसकी गांड फटी जा रही थी। नेपालन की ऑंखें टंगी जा रही थी। मैं उसकी पिंक बुर की तरफ देखकर उसे पेल रहा था। उसका गेम बजा रहा था।   आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
वो “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” कह रही थी लम्बी साँसे लेकर मजा आ रहा था यारो। मैं आराम से उसे ले रहा था। अगर जल्दबाजी करता तो 5 मिनट में झड़ जाता। इसलिए दिमाग से उसे चोद रहा था। लुआन के उपर लेटकर मैं उसके मम्मे चूस चूसकर सम्भोग कर रहा था। वो बार बार मुंह खोलकर किसी रंडी की तरह चिल्लाने लग जाती थी। मुझे उसकी आवाजे और जोश दिलवा रही थी। अंत में 25 मिनट की ठुकाई के बाद मैंने माल गिरा दिया। कहानी आपको कैसे लगी, अपनी कमेंट्स इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर जरुर दे।DMCA.com Protection Status

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