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पड़ोस के अंकल ने मेरी कुवारी गांड चोद डाली (गे सेक्स कहानी)

sex stories दोस्तों मैं कई सालों से indiansexkahani.com पढ़ रहा। मेरे एक दोस्त ने मुझे इसके बारे में बताया था। तबसे हर रात मैं इसे पढता हूँ और मजे लेता हूँ। मेरा नाम कुंदन है। मैं अलीगढ़ का रहने वाला हूँ। मैं देखने में बहुत हॉट और सेक्सी लड़का हूँ। मेरा रंग बहुत गोरा है। कई बार लोग मुझे लड़की समझ लेते है। मेरी उम्र 20 साल है और मेरा कद 5’ 2” है। 60 किलो का वजन है मेरा। मेरी बॉडी चुस्त और पूरी तरफ से फिट है। मैं स्वाभाव से मीठा लड़का हूँ। गांड चुदाने का शौक है मुझे।
मेरे घर के पास में एक अंकल रहते थे। पहले वो फ़ौज में थे। अब रिटायर हो चुके थे। उनके बारे में लोग कहते थे की वो नये लड़को को अपने घर में बुलाकर उनकी गांड मार लेते है। मुझे अंकल में बारे में जादा पता नही था। हमारी कालोनी में एक पार्क था। शाम को मैं वहां क्रिकेट खेलने जाता था। कई बार अंकल हम लोगो के साथ क्रिकेट खेलने लग जाते थे। धीरे धीरे मेरी अंकल से दोस्ती हो गयी। सब बच्चे उनको शर्मा अंकल कहकर बुलाते थे। एक दिन मेरा बैट टूट गया था। शाम का वक्त था। मैं उदास अपने दोस्तों के पास पार्क में बेंच पर बैठा था। तभी शर्मा अंकल आ गये।
“अरे कुंदन बेटा!! आज तुम लोग मैच नही खेल रहे हो?? क्या हुआ???” शर्मा अंकल ने प्यार भरे लफ्जों में पूछा
“देखो ना अंकल!! हमारा बैट टूट गया। हमारे पास नया बैट खरीदने के पैसे भी नही है” मैंने उदास होकर कहा
“बस इतनी सी बात” शर्मा अंकल बोले और तुरंत अपनी जेब से 500 का नोट निकालकर दिया। मैं बाजार जाकर नया बैट खरीद लाया। फिर हम मैच खेलने लगे। दोस्तों धीरे धीरे शर्मा अंकल मुझे हर महिना कुछ न कुछ गिफ्ट देने लगा। एक दिन उन्होंने अपने घर पर पार्टी रखी। उस दिन शर्मा अंकल का जन्मदिन था। मैंने और सभी दोस्तों ने तरह तरह के केक, चोकलेट और मिठाई खायी। खूब सारी टॉफी शर्मा अंकल ने सब दोस्तों को दे दी। खूब मस्ती हुई। कुछ देर बाद मेरे सारे दोस्त चले गये। अंकल ने मुझे किसी काम से रोक लिया।

“कुंदन बेटा!! मेरे पास आओ” अंकल बोले
उस समय मैं बड़ा मासूम लड़का था। मुझे नही मालुम था की अंकल लोग हम बच्चो की गांड मार लेते है। धीरे धीरे शर्मा अंकल ने मेरे सारे कपड़े उतार दिए।
“देखो कुंदन बेटा!! आज मैं तुम्हारी गांड चोदूंगा पर देखो किसी से इसके बारे में बताना नही। मैं हर बार तुमको 500 रूपये दूंगा। मेरे पास बहुत पैसा है। तुम कुछ भी खरीद सकते हो” शर्मा अंकल बोले
“ठीक है अंकल! मैं किसी से नही बोलूँगा” मैंने कहा
धीरे धीरे शर्मा अंकल ने मेरी शर्ट पेंट निकाल दी। धीरे धीरे उन्होंने अपने कपड़े उतार दिए। वो भी अब नंगे हो गये थे। उसके बाद शर्मा अंकल ने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरा लंड जल्दी जल्दी फेटने लगे। दोस्तों आप लोगो को मैं बताना चाहूँगा की मेरा लंड 7” लम्बा था। पर आजतक मैं किसी लकड़ी को चोदा नही था। मुझे सेक्स के बारे में अब तक कोई ज्ञान नही था। धीरे धीरे अंकल मेरे लंड जल्दी जल्दी फेटने लगे। फिर मुंह में लेकर चूसने लगे। मुझे मजा आ रहा था। धीरे धीरे मेरा लौड़ा लोहे की तरह हार्ड हो गया था। मैं उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. कर रहा था। शर्मा अंकल किसी लड़की की तरह मेरा लंड जल्दी जल्दी फेट रहे थे। मैं सिसकारी भर रहा था।
फिर वो लेटकर मेरा लौड़ा चूसने लगे। मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था। शर्मा अंकल किसी लड़की की तरह मेरा लंड जल्दी जल्दी चूस रहे थे। वो बहुत सेक्सी आदमी थे। इसके बारे में दोस्तों मुझे आज मालुम हुआ था। वो बस जल्दी जल्दी अपना हाथ उपर नीचे मेरे लंड पर दौड़ा रहे थे और जल्दी जल्दी चूस रहे थे। मुझे बड़ा मजा आ रहा था। अंकल मेरी गोलियों को भी चूस चूस रहे थे। फिर वो नंगे नंगे ही मेरे पास आ गये। मेरे उपर लेट गये। अंकल ने अपना मुंह मेरे मुंह पर रख दिया और मुझे किस करने लगे। दोस्तों आज से पहले किसी मर्द ने मुझे किस नही किया था। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
आज पहली बार मैं किसी आदमी को किस कर रहा था। शर्मा अंकल रिटायर्ड थे। उनका लंड कोई 8” लम्बा था। वैसे भी *** लोग तो पहलवान होते है। अंकल मेरे साथ किस कर रहे थे। मुंह चला चलाकर वो मेरे लब चूस रहे थे। दोस्तों मैं काफी गोरा चिकना लड़का था। शायद तभी अंकल का दिल मुझपर आ गया था। उन्होंने मुंह चला चलाकर मेरे गुलाबी होठो का सारा रस चूस लिया। फिर मेरे सीने को सहलाने लगे।

“शर्मा अंकल!! क्या आपको सिर्फ लड़को की गांड चोदना पसंद है। क्या आपको लडकियों की चूत चोदना पसंद नही???” मैंने पूछा
“अरे कुंदन बेटा!! जो मजा कसी कसी गांड चोदने में आता है वो लड़की की बुर चोदने में नही आता है” अंकल बोले
फिर वो मेरे सीने पर चुम्मा देने लगे। अंकल मेरे पेट को हाथ से सहला रहे थे। मेरी नाभि को किस कर रहे थे। उसमे ऊँगली कर रहे थे। धीरे धीरे शर्मा अंकल मेरे पुरे बदन को अपने हाथो से सहलाने लगे। मुझे किस करने लगे। फिर उन्होंने मुझे पेट के बल लिटा दिया। मेरी पीठ पर वो किस देने लगे। धीरे धीरे शर्मा अंकल ने मेरे गोल मटोल पुट्ठो को हाथ से सहलाना शुरू कर दिया। दोस्तों मैं बहुत गोरा चिट्टा लड़का था। इसलिए मेरे पुट्ठे भी बड़े खूबसूरत और सेक्सी थे। शर्मा अंकल मेरे पुट्ठो को हाथ से जोर जोर से दबा रहे थे। वो पूरा मजा ले रहे थे। मेरे पुट्ठे बहुत सेक्सी थे, बहुत मुलायम थे।
कुछ देर बाद शर्मा अंकल पूरी तरह से ठरकी हो गये थे। अब वो मुझे चोदना चाहते है। कैसे?? मुझे नही मालुम था। अंकल लेटकर मेरे पुट्ठो को किस कर रहे थे। मुझे अच्छा लग रहा था। वो बार बार चुम्मा ले लेते थे। मैंने पेट के बल बेड पर लेटा हुआ था। “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाजे निकाल रहा था। अंकल मेरे पुट्ठो पर दांत गडाकर काट रहे थे। अब मुझे चुदाई वाला नशा चढ़ने लगा था। काफी देर तक अंकल मुझसे प्यार करते रहे। फिर वो लेट गये।
“कुंदन बेटे!! अब एक अच्छे बच्चे की तरह मेरा लंड चूस दो। देखो मैं तुमको अभी कितना मजा दिया है” अंकल बोले।
वो लेट गये। मैं बैठ गया। धीरे धीरे मैंने उनका 8” का लंड चुसना शुरू कर दिया। दोस्तों अंकल का लंड मूसल की तरह बड़ा था। मैं तो देखकर डरा हुआ था। आखिर कैसे ये मेरी गांड चोदेगा मैं ये बात बार बार सोच रहा था। कुछ देर बाद मैं जल्दी जल्दी अंकल का लंड फेटने लगा। इतना मोटा था की मेरे हाथ में नही आ रहा था। मैं झुककर अब लंड चूस रहा था। धीरे धीरे मुझे मजा मिलने लगा। मैं फेट फेटकर चूसने लगा। चूसने वाला खेल 20 मिनट चला।
“चलो कुंदन बेटा!! अब तुम कुत्ता बन जाओ” शर्मा अंकल बोले
मैंने अपने हाथ और घुटनों पर कुत्ता बन गया। अंकल मेरी गांड जल्दी जल्दी चाटने लगे। दोस्तों आजतक किसी ने मेरी गांड नही चोदी थी। आज पहली बार मैं गांडू बनने जा रहा था। अंकल तो पूरी तरह से ठरकी हो चुके थे। वो मेरी गांड को किस कर रहे थे। फिर उन्होंने उसने ढेर सारा तेल भर दिया और ऊँगली करने लगे। मैं “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की आवाजे निकालने लगा। आज फर्स्ट टाइम कोई मर्द मेरी गांड के छेद में ऊँगली कर रहा था। अंकल की ऊँगली में ढेर सारा तेल लगा हुआ था। वो बस जल्दी जल्दी ऊँगली कर रहे थे। धीरे धीरे मुझे मजा आने लगा।

“करो ….और करो अंकल अच्छा लग रहा है…. सी सी सी सी मैंने कहा
अंकल मेरी बात सुनकर और जादा ठरकी हो गये। अब वो और तेज तेज ऊँगली करने लगे। कसी कसी गांड में उनकी ऊँगली अंदर बाहर सरक रही थी। धीरे धीरे मेरा लंड माल छोड़ने लगा। 10 मिनट बाद शर्मा अंकल मेरे लंड को पकड़कर मुठ देने लगे। मेरी गांड में ऊँगली भी कर रहे थे। 10 मिनट बाद मैं झड गया। मेरे लंड ने अपनी पिचकारी छोड़ दी। सारा माल बिस्तर पर ही गिर गया। मैं अपने हाथों और घुटनों पर कुत्ता बना था। अंकल मेरे पीछे आ गये। अब उन्होंने अपने 8” के लौड़े पर 100 ग्राम तेल लगा लिया। अच्छी तरह से मल लिया। फिर मेरी गांड के छेद पर रख जोर का धक्का मारा।
दोस्तों मेरी कुवारी गांड की सील टूट गयी। अंकल का लंड 6” अंदर घुस गया था। दर्द से मैं मर रहा था। मुझे दर्द हो रहा था। अंकल ने कुछ देर बाद एक धक्का और मारा और 8” पूरा अंदर धंस गया। मैं चीख रहा था। धीरे धीरे अंकल मेरी गांड मारने लगे। धीरे धीरे मुझे अच्छा लगने लगा। तेल लगा होने की वजह से अंकल का लंड जल्दी जल्दी सरक रहा था। दोस्तों आज लाइफ में फर्स्ट टाइम मैं गांड चुदा रहा था। अंकल तो जल्दी जल्दी मेरी कुवारी गांड का भोग लगा रहे थे। किसी कुवारी लड़की की चूत की तरह टाईट थी मेरी गांड। अंकल का लौड़ा सट सट मेरी गांड में दौड़ रहा था। मैं “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” की सेक्सी आवाजे निकाल रहा था।

अंकल हांफ हांफकर मुझे चोद रहे थे। मेरा बुरा हाल था। 25 मिनट तक अंकल इसी तरह मेरे साथ गुदा मैथुन करते रहे। अब मेरी गांड का छेद बड़ा हो गया था। खुल गया था। अंकल ने लंड बाहर निकाला और मेरा छेद देखा।
“आह !! देखो कितना बड़ा छेद हो गया है कुंदन बेटा!!” अंकल बोले
उन्होंने गांड पर किस्सी दी। फिर अंदर डालकर जल्दी जल्दी दबाकर मुझे चोदने लगे। कुछ देर बाद वो मेरे छेद में ही झड़ गये। अब मैं उनके हर हफ्ते गांड चुदवा लेता हूँ। वो मुझे मनचाहा पैसा देते है। DMCA.com Protection Status

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