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पैसे चुराने गया था पर चूत चोदकर आया

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पैसे चुराने गया था पर चूत चोदकर आया… Hindi Sex Kahani  
मेरा नाम दीपू है। मेरा यू पी में रहता हूँ। मैं एक छोटा चोर हूँ। इसी तरह मैं जिन्दगी जीता हूँ। मैं उन घरो में जाता हूँ जितने मालिक घर पर नही होते है। जब वो बाहर गये होते है, रात में मैं उनके घरो में घुस जाता हूँ और चोरी कर लेता हूँ। मैं एक माहिर चोर हूँ। बड़े बड़े ताले और तिजोरियों को मैं नकली चाभी की मदद से खोल लेता हूँ। आज अपनी जिन्दगी की अजीब घटना सूना रहा हूँ।
पिछले साल की बात है मैं एक घर में चोरी करने गया था। मैं पिछले 2 हफ्ते से उस घर की रेकी कर रहा था। फिर वो लोग बाहर चले गये। रात के 1 बजे जब पूरी तरह से सन्नाटा हो गया मैं खिड़की तोड़कर अंदर घुस गया। किसी बड़े पैसे वाले आदमी का घर था वो। काफी पैसा था उसके पास। घर में कोई नही था। मैं बहुत खुश था की चलो आज आराम से तिजोरी खोलकर सब नकदी, गहने लूट लूंगा। सब लाईट बंद थी। मैं पता करते करते तिजोरी तक पहुच गया। मैंने अपने मुंह में मंकी कैप पहन रखी थी और काले रंग के कपड़े मैंने पहने हुए थे। मैं खड़े होकर नकली चाभियों की मदद से तिजोरी खोल रहा था। कमरे में अँधेरा था।  आप यह स्टोरी indiansexkahani.com पर पढ़ रहे है। 
मैंने टोर्च की रौशनी में खोल रहा था। फिर अचानक से कमरे को बत्ती जल गयी। मैं पीछे मुड़ा तो एक 35 साल की जवान औरत बड़ी सी दो नाली बंदूक लेकर खड़ी थी।
“हरकत की तो सिर उठा दूंगी। घूम जाओ और अपनी टोपी उतारो” वो औरत बोली
मैं घूम गया। उसके हाथ में भरी हुई बंदूक देखकर मैं डर गया।

“देखो गोली मत चलाना। तुम जो कहोगी मैं करूंगा” मैंने कहा और अपनी मंकी कैप उतार दी। वो औरत काफी सुंदर थी। सेठानी लगती थी। जरुर वो मालिक की बीबी होगी।
“मैं पुलिस को फोन कर रही हूँ। हिलना मत” वो मेरी तरह बंदूक तानकर बोली
“देखो मैडम!! मैं कोई डाकू तो हूँ नही। एक छोटा मोटा चोर हूँ। मुझे जाने दो। फिर मैं कभी तुम्हारे घर में नही आऊंगा” मैंने कहा और गिडगिड़ाने लगा।
“चुप हो जाओ” वो बोली और उसने गोली चला दी। बड़ी तेज आवाज दी गोली की। गोली मेरे बाए कान के किनारे से निकल गयी। मैं डर गया। मुझे समझ नही आ रहा था वो औरत ऐसा क्यों कर रही है। पर वो बड़ी खतरनाक औरत थी। उसने गोली चला दी थी। अगर मुझे लग जाती तो मर ही गया होता।
“मैं तुमको पुलिस के हवाले नही करूँगी। पर तुमको मेरा एक काम करना होगा” वो सेक्सी जिस्म वाली औरत बोली
“मैं करूँगा। बस तुम मुझे गोली मत मारना” मैंने हाथ जोड़कर कहा
इस तरह से वो मुझे अपने बेडरूम में ले गयी। और मुझे कपड़े उतारने को बोली। मैंने अपनी शर्ट और जींस उतार दी। नंगा हो गया।
“चोर!! आज तुम मुझे रात चुदाई का मजा दो। सुबह तुम घर चले जाना” वो बोली और खुद ही नंगी हो गयी। उसने मुझे सीधा करने के लिए बंदूक अपने हाथ से बगल ही रख दी। जब वो पूरी तरह से नंगी हो गयी तो बहुत सेक्सी लग रही थी। मुझे उसने बाहों में भर लिया और किस करने लगी। मुझे अच्छा लग रहा था। पैसे नही मिले तो क्या चूत तो मिल ही रही थी। मैंने भी उसे किस करने लगा। वो काफी सेक्सी औरत थी। मुझसे जादा लम्बी थी। पूरे 6 फिट लम्बी थी वो। मर्दना बदन था उसका। साहसी औरत थी। मैं उसे डरा हुआ था। वो बिस्तर पर लेट गयी और मुझे अपने उपर लिटा लिया। मुझसे होठ पीने को कहने लगी। मैं भी जल्दी जल्दी उसके लब चूसने लगा। मुझे अच्छा भी लग रहा था।

“क्या नाम है तुम्हारा चोर???” वो बोली
“जी दीपक” मैंने सहमकर कहा
“अब तुमको मेरे दोनों बूब्स अच्छी तरह से चूसने है। देखो अगर कोई होशियारी की तो गोली मार दूंगी। चलो शुरू हो जाओ” वो बोली
“जी” मैंने कहा
वो आराम से नंगी होकर लेट गयी। पेट पर चर्बी थी उसके। माल माल सेक्सी थी। बड़े घर की पैसे वाली औरत दिख रही थी। पता नही मैं बदनसीब था की किस्मत वाला। मैं समझ नही पा रहा था। वो सुंदर औरत थी। खूंखार भी। मैं उसकी चूचियों को हाथ से दबाने लगा और सहलाने लगा।
“शाबाश करो!! इसी तरह करो। अगर मुझे तुम्हारी चुदाई आज पंसद आ गयी तो मैं तुमको 10 हजार दूंगी। मेरे पास बहुत पैसा है। तुमको फ़िक्र मत करो। मेरा पति बहुत आमिर है। अब वो मेरी चूत नही मारता है क्यूंकि मैं मोटी हो गयी हूँ। वो बाहर जाकर 18 -18 साल की लौंडिया को चोदता है। इसलिए मैं लंड खाने को तड़पती रहती हूँ। आज मुझे खूब मजा दे दो” वो सेक्सी औरत बोली। उसके दूध बड़े बड़े थे। 36” से भी बड़ी बड़ी चूचियां थी। वो बहुत गोरी थी। मेरा लंड खड़ा हो गया था। मैं भी उसको चोदने के मूड में था। मैं उसके उपर लेट गया और उसके बूब्स मुंह में लेकर चूसने लगा। वो “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” करने लगी। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
उसे भी अच्छा लग रहा था। उसके मम्मे इतने विशाल थे की मेरा मुंह ही ढक लेते थे। जो जो वो कह रही थी मैं कर रहा था। मैं उसके अनार को कस कसके चूस रहा था। मजा लुट रहा था। उसके दूध पर काले काले गोले बेहद सेक्सी दिख रहे थे। बड़े बड़े आम थे उसके जो सेक्सी दिख रहे थे। शायद वो कई महीने से प्यासी थी।

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मैं भी उसको खुश करना चाहता था। मुंह चला चलाकर उसके मम्मे पी रहा था। वो मस्त हो रही थी। उसे भी मजा मिल रहा था। मैं उसकी दोनों निपल्स को दांत से कई बार काट लिया। चूस चूसकर उसे लाल कर दिया। चुदाई के नशे में आकर उसके दूध तन गये और कितने सुंदर दिख रहे थे। मेरा मुंह उसने पकड़ लिया और किस करने लगी। वो अब पूरी तरह से गर्म हो गयी थी। मुझे अपने बॉयफ्रेंड की तरह प्यार करने लगी। मेरा मुंह पकड़कर उसने अपने पेट में लगा लिया।
“प्यार करो मुझसे दीपक!! प्यार करो!!” वो बोली
मैं भी मजे लूटने लगा। उसका पेट और कमर बहुत सेक्सी थी। मैं हाथ लगाने लगा और सहलाने लगा। उसके पेट पर मैं कई बात चुम्मी ली। खूब चूसा। वो पूरी तरह से गर्म हो गयी। उसकी कमर को मैं जल्दी जल्दी अपने हाथ से सहलाए जा रहा था। मजा लुट रहा था। फिर उसने मेरा मुंह दोनों हाथो से पकड़ लिया और नीचे की ओर झुकाकर अपनी चूत पर रख दिया। आप यह स्टोरी indiansexkahani.com पर पढ़ रहे है। 
“मेरी चूत पीयो दीपक!! खुश करो मुझे! मैंने तुमको 10 हजार दूंगी” वो बोली
मैं उसकी चूत का दर्शन करने लगा। फिर जल्दी जल्दी चाटने लगा। उसकी चूत बहने लगी। वो पूरी तरह से गर्म हो गयी थी। मैं जल्दी जल्दी सुड़क सुड़क उसकी चूत का सूप पीने लगा। वो“……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….”बोल रही थी और कामुकता में आकर मेरे बाल नोच रही थी। मैं उसे खुश कर रहा था। जल्दी जल्दी उसकी चूत का रस पी रहा था। वो मस्त हो रही थी। मैं अपनी जीभ उसकी गुलाबी चुद्दी के अंदर तक डाल रहा था। मजा लूट रहा था। उसकी चूत बिलकुल चिकनी थी। एक भी झाट नही थी। अच्छी तरह से चूत बनाई हुई थी। इसलिए मैं मन लगाकर पी रहा था। फिर मैंने 2 ऊँगली उसके भोसड़े में डाल दी और अंदर बाहर करने लगा। वो अपनी चूत और गांड उपर उठाने लगी। जल्दी जल्दी मुंह खोलकर चिल्लाने लगी। साफ़ था की उसे भी भरपूर मजा मिल रहा था। मैं रुका नही और जल्दी जल्दी उसके गुलाबी भोसड़े को फेटता रहा। फिर उसके छेद से सफ़ेद ताजा मक्खन निकलने लगा। मेरे सिर को उसने कसके पकड़ लिया और चूत के अंदर दबाने लगी।

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“दीपक!! चाट ले मेरा सब मक्खन। पीले आज” वो बोली
मैं भी उसके आदेश को सिर मत्थे पर लेकर उसकी भोसड़ी का ताजा मक्खन पीने लगा। खूब चूसा मैंने। अपनी जीभ घुमा घुमाकर उसे पूरी तरह से संतुस्ट कर दिया। मेरा सिर को बार बार पकड़ती और चूत के छेद में दबाने लगा लग जाती। धीरे धीरे मैंने पूरा हाथ ही उसकी चूत में डाल दिया। दोस्तों आप लोगो को लगेगा की मैं झूठ बोल रहा था पर ये पूरी तरह से सच है। उसकी चूत किसी लचकती रबर की तरह थी। मैंने अपनी कलाई तक अपना पूरी सीधी हाथ की मुट्ठी उसके भोसड़े में डाल दी। वो तड़प गयी। ““…..ही ही ही……अ अ अ अ .अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ…दीपक मेरे जानम!! आज तुमने मुझे जन्नत दिखा दी” वो घर की मालकिन बोली
मैं अपनी मुट्ठी को अंदर करता। बाहर करता, फिर अंदर करता। उसकी चूत को मैंने फाड़ दिया और चबूतरा बना दिया। वो सेक्सी औरत पागल हो गयी। करीब 16 -17 मिनट तक मैंने उसकी चूत में कलाई तक मुट्ठी की। उसके बाद लंड चूत में डाल दिया और चोदने लगा। उसे मजा आने लगा। पेट उठा उठाकर वो मजे से चुदवा रही थी। मेरा लंड करीब 7” का था। पूरा उसकी चूत में घुस गया था। मैं उस सेक्सी औरत का गेम बजा रहा था। उसकी हड्डियाँ चर चर करके चटक रही थी। घर की मालकिन की जांघ खूब गोरी गोरी और मोटी 2 थी। मैं मेहनत से उसे पेल रहा था। उसने मेरे हाथ उठाकर अपनी बड़ी बड़ी चूचियों पर रख दिए और दबाने को कहा। आप यह स्टोरी indiansexkahani.com पर पढ़ रहे है। 

मैं खुश हो गया। अब मैं उसके थन दबा दबाकर सहला रहा था और उसे कमर उठा उठाकर चोद रहा था। वो फुल जोश में आ गयी थी। “ओह्ह गॉड!… ओह्ह गॉड!….फक मी हार्डर!….कमाँन फक मी हार्डर!…फक माई पुसी!!” वो अंग्रेजी में बडबड़ा रही थी। और जादा सम्भोग करने को कह रही थी। मैं भी कम चोदू आदमी नही था। जल्दी जल्दी उसका गेम बजा रहा था। मैं किसी रोबोट या मशीन की तरह उसको पेल रहा था। बिना थके और बिना रुके। मैंने उसकी चूत का कचरा कर दिया। उसकी भोसड़ी को फाड़ दिया। उसका जूस निकाल दिया। अब घर की मालकिन हांफ हांफकर चुदवाने लगी। उसने अपने दोनों पैर किसी रंडी की तरह उठा दिए। मैंने भी सोचा की आज इसकी ऐसी सेवा कर दूँ की वो खुश हो जाए और मुझे हमेशा याद रखे। मैंने 50 मिनट उसकी चूत की सर्विसिंग कर दी। अंत में चूत में झड़ गया। वो बेहद संतुस्ट हो गयी। हम साथ में नंगे ही लेट गये। 1 घंटे बाद उसने मुझसे उसकी गांड मारने को कहा। मैंने तेल लगाकर उसकी गांड चोदी। रात में ऐसे राउंड कई बार हुए। एक बार मुझसे चूत चुदवाती। फिर गांड चुदवाती। मैंने उसे संतुस्ट कर दिया। उसने मुझे 20 हजार रुपये देकर विदा किया।

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