चेतावनी : इस वेब साइट पर सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है। कहानियां सिर्फ आप के मनोरंजन के लिए है, कहानियां काल्पनिक हो सकती है। कहानियां पढ़ कर इसे वास्तविक जीवन में आजमाने की कोशिस ना करें। सेक्स हमेशा आपसी सहमति से करें।

पापा की एक रात की बीबी बन गई

loading...

New Sex Stories  मेरा नाम नीरू है। हरिद्वार में घर है मेरा। आज आपको अपनी जिन्दगी का राज बताने जा रही हूँ। ये बात तब की है जब मैं 19 साल की लड़की थी। अब मैं 28 की हो गई हूँ। इस घटना का बारे में कोई नही जानता है। मेरी मम्मी की केंसर से मौत हो गयी थी। पापा उनको बहुत प्यार करते थे। वो आये दिन शराब पीने लगे और अपनी नौकरी की तरह भी ध्यान देना बंद कर दिया। पापा रेलवे में tt थे। अक्सर छुट्टी मारने लगे। उनके बोस ने मुझसे फोन पर बात की और समझाया की अगर पापा इसी तरह से बिना बताये नौकरी पर नही जाएंगे तो नौकरी भी चली जाएगी। सारी सारी रात पापा अपने कमरे में रहते। बाहर निकलते ही नही। ना नहाते, ना कुल्ला करते, बिलकुल चरसी बन गये। मैं बहुत परेशान हो गयी। अब मम्मी की मौत के बाद घर में सिर्फ 2 लोग ही बचे। पापा और मैं।
वो रात पर अपने कमरे में बत्ती बुझाकर रखते और बस बोतल से गिलास में शराब डाल डालकर पीते रहते। मैं पूरी तरह से तंग आ गयी। मुझे डर था की अगर पाप मम्मी की मौत के सदमे से बाहर नही निकले तो उनकी नौकरी चली जाएगी। फिर हम दोनों की जिन्दगी कैसे चलेगी। दूसरे दिन रात के 10 बजे तो पापा का रोज का नाटक शुरू हो गया। अपने कमरे में बत्ती बुझाकर बैठे थे। शराब पिए जा रहे थे। मैंने मम्मी की अलमारी से साड़ी निकाली और पहन ली। फिर मैं पापा के कमरे में अँधेरे में चली गयी।
“शेखर!! ओ शेखर!! तुम रो क्यों रहे हो। मैं मरी नही हूँ। देखो मैं ज़िंदा हूँ” मैंने कमरे में जाकर मम्मी की आवाज में कहा।

मेरी और मम्मी की आवाज एक तरह से थी। मम्मी भी 5’ 4” की थी। मैं भी इतनी लम्बाई की थी। मेरा चेहरा मम्मी से बिलकुल सेम टू सेम मिलता था। मम्मी की तरह मैं भरे हुए जिस्म की थी। 34” की गोल गोल बड़ी बड़ी चूचियां थी मेरी। देखने में मैं अपनी मम्मी की फोटो कॉपी थी। मेरी आवाज सुनकर पापा चौंक गये।   आप यह स्टोरी indiansexkahani.com पर पढ़ रहे है। 
“लता तुम आ गयी??? क्या तुम सच में मेरी लता हो???” पापा बोलने लगे और उन्होंने शराब का गिलास रख दिया और जहाँ पर कमरे की लाईट का प्लग था उस तरफ बढ़ने लगे। मैंने सोचा की अगर उन्होंने लाईट जला दी तो भंडा फूट जाएगा। मैं जल्दी से पापा के पास अँधेरे में चली गयी और उनको लाईट लगाने से रोक दिया।
“शेखर!! लाईट क्यों जला रहे हो। तुम तो मुझसे अँधेरे में प्यार करते हो। बोलो आज भी प्यार करोगे” मैंने कहा और पापा को गले से लगा लिया 
उसके बाद वो विश्वास कर लिए की मैं ही उसकी बीबी लता हूँ। वो मुझसे बहुत तेज चिपक गये। कुछ देर बाद रोने लगे। मैंने उनको चुप कराया। फिर वो मेरे साथ ही लेट गये। अब वो अपने गम से बाहर निकल आये थे। 2 घंटे बाद मेरे पापा मुझे प्यार करने लगे और मेरी साड़ी ब्लाउस उतार दिया। मेरा पेटीकोट उतारकर चड्ढी उतार दी। मैं अब पूरी तरह से नंगी थी। सेक्सी माल लग रही थी। उन्होंने अपना लोअर और बनियान भी उतार दिए। मेरी ब्रा खोल दी और किनारे रख दी। उसके बाद पापा मेरे मस्त मस्त दूध से खेलने लगे। वो जान ही नही पाये की अपनी लड़की को आज रात अँधेरे में चोदने जा रहे है। पापा मेरे 36” की भरी भरी चूचियों को जोर जोर से मसल रहे थे। मैं “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….”की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। पापा मेरी चूचियों को उसी तरह से मसल रहे थे जैसे मम्मी के मसलते थे। खूब आंनद मिला उस दिन। फिर वो मेरे उपर लेट गये और होठ पर होठ रखकर चूसने लगे। मैं भी उनको प्यार करने लगी। मैं 19 साल की जवान लड़की थी। मैं भी कई दिनों से चुदना चाहती थी। आज मेरी भी तम्मना पूरी होने जा रही थी। मैं पापा की पीठ को अपने हाथों से सहलाने लगी। लम्बी लम्बी सांसे मैं नाक से छोड़ रही थी। पापा मेरी साँसों को सूँघ रहे थे।

मेरे रसीले सेक्सी होठो को काट काटकर मुझे उत्तेजित कर रहे थे। खूब मजा मैंने भी लूटा। फिर पापा नीचे की तरह खिसक गये और बायीं चूची को मुंह में लेकर जोर जोर से चूसने लगे। मैं “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” करने लगी क्यूंकि आजतक मेरी बड़ी बड़ी खूबसूरत को किसी ने नही चूसा था। पापा तो मुझे अपनी बीबी ही मान बैठे थे। बस जल्दी जल्दी मेरे रसीले मम्मो को चूस रहे थे। मुंह चला चलाकर मुंह से चबा रहे थे। मुझे दर्द हो रहा था पर मजा भी खूब मिल रहा था। मैं पापा के बालों को कामुकतामें आकर उँगलियों से नोचने लगी। पापा को सेक्स के नशे में आकर मैंने 2 थप्पड़ भी मार दिए। फिर उसने मेरी दाई चूची को पकड़ लिया और लप्प लप्प दबाना शुरू कर दिया। खूब दबाया और फिर मुंह में लेकर चूसने लगे। मेरी चूत तो किसी नदी की तरह बहने लगी। मैं अब गर्म हुई जा रही थी। पापा 15 मिनट तक मेरे दूध से खेलते रहे।
फिर नीचे चले गये। मेरे पेट को सहलाने लगे। किस करने लगे। दोस्तों आपको मैं बताना चाहूंगी की पापा मेरी नाभि बहुत गहरी और सेक्सी थी। पापा उसमे ऊँगली करने लगे। फिर उसने जीभ डालने लगे। मेरी वासना अब बढती जा रही थी। मैं तडप रही थी। कितना जादा मजा मुझे आ रहा था मैं आपको बता नही सकती। मैं “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” की तेज तेज आवाजे निकाल रही थी।

loading...
loading...

मेरे घर में सिर्फ मेरी आवाजे ही चारो तरफ गूंज रही थी। पापा चुदासे हो गये थे। मेरी नाभि को 5 मिनट तक चूसते रहे। इस वजह से मुझे इतनी जादा सेक्सी वासना मिल गयी की मेरी चूत से पानी बहने लगा। पापा अब सबसे नीचे चले गये। मेरे दोनों पैर खोल दिए
“लता!! आज भी तुम्हारी चूत का पानी कितना नमकीन है। कितना स्वादिस्ट है” पापा बोले
“तो देख क्या रह है जी!! चाटिये चाटिये ….मजे से चाटिये” मैंने कहा
पापा जल्दी जल्दी मेरा भोसडा पीने लगे खूब मजा ले रहे थे। ऐसा मजा मुझे कभी नही मिला था। पापा ने 20 मिनट मेरे चूत के अमृत समान रस का सेवन किया। अब जल्दी जल्दी चूत में ऊँगली करने लगा। मैं “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” बोलने लगी। ओह्ह कितना सुख मिला मुझे आज। पापा जब 1 ऊँगली कर रहे थे तो कुछ पता नही चल रहा था पर जब 2- 2 ऊँगली साथ में करने लगे तो मैं आनंद के समुन्द्र में दुबकी लगाने लगी। वो जल्दी जल्दी 2 ऊँगली डालकर चूत को फेटने लगे। मैं पागल हुई जा रही थी। लगता था माल छूट जाएगा। पापा की ऊँगली में बार बार मेरी चूत का ताजा मक्खन लग जाता था जिसे वो मुंह में डालकर चाट लेते थे। आज पापा पर सेक्स का भूत पूरी तरह से चढ़ गया था। वो जल्दी जल्दी ऊँगली से फेट रहे थे। मैं अपनी गांड बार बार उपर उठा रही थी। बार बार मैं बेकाबू होकर पेट उठा रही थी। अंत में पापा ने लंड मेरी चूत पर रख दिया और लंड अंदर डाल दिया। मेरी दोनों टांग उठाकर अपने कन्धो पर रख दिया। पापा ने मुझे जल्दी जल्दी चोदना शुरू कर दिया। उनका लौड़ा 6.5” लम्बा और 2” मोटा था इसलिए मैं बदहवास हुई जा रही थी। इससे पहले सिर्फ 3 बार मेरे बॉयफ्रेंड ने मुझे चोदा था पर उसका लंड सिर्फ 5” का पेंसिल जैसा था। पर आज पापा का लौड़ा तो मेरे भोसड़े में कोहराम मचा रहा था। मुझे डर था की कहीं मर ना जाऊं। कुछ देर पापा मुझ पर पूरी तरह से हावी हो गये और दनादन मुझे पेलने लगे। आज मेरी चूत को अच्छे से फाड़ रहे थे। आप यह स्टोरी indiansexkahani.com पर पढ़ रहे है। 

मेरी तो जान ही निकली जा रही थी। उपर से पापा मेरी दोनों चूचियों को मसल मसल कर जन्नत का मजा लूट रहे थे। मैंने भी हार नही मानी। उनको नही रोका और खूब सेक्स किया। खूब चुदवाया। फिर पापा का जिस्म अकड़ने लगा। मैं समझ गयी की वो झड़ने वाले है। मैंने उसकी कमर को कसके पकड़ कर अपनी चूत की तरफ दबा दिया जिससे 6.5” लंड जड तक मेरे भोसड़े में घुस जाए और मुझे चाँद तारों को सैर करवा दे। कुछ मिनट बाद पापा ने अपना गर्म गर्म लावा मेरी चुद्दी में ही छोड़ दिया। पापा झड़ गये। हांफ गये और मेरे उपर लेट गये। मैं भी हांफ गयी थी। अब हम दोनों शांत होने लगी। मैं आज अपने पापा को अपने पति की तरह प्यार कर रही थी।
पापा सो गये। मैं भी सो गई। दोस्तों सुबह के 4 बजे पापा जग गये।
“लता !! मुझे प्यास लगी है” वो बोले
“रुकिए जी मैं पानी लेकर आती हूँ” मैंने कहा और पानी लाकर दिया।
अब पापा का मौसम फिर से बन गया।
“जान !! एक राउंड चुदाई और हो जाए” पापा बोले
मैंने मना करना चाहती थी क्यूंकि पहले राउंड में उन्होंने मेरी चूत फाडकर रख दी थी। चूत दुःख रही थी दर्द भी हो रहा था। पर सोचा की कहीं उनको फिर से मम्मी की मौत का शोक न जग जाए।
“जी जरुर” मैंने कहा
“आओ जान!! मेरा लंड चूसो आकर” वो बोले और बिस्तर के सिरहाने मोटा तकिया लगाकर बैठ गये। अपने पैर उन्होंने खोले रखे जिससे मैं उनका लंड चूस सकूं। मैंने भी मजा लेना शुरू कर दिया और जल्दी जल्दी उनके 6.5” लंड को फेटने लगी। फिर मुंह में लेकर चूसने लगी। धीरे धीरे मेरी मेहनत रंग लाने लगी। पापा का लौड़ा किसी डरावने साप की तरह खड़ा होने लगा। मैं अच्छे से सिर उठा उठाकर किसी रंडी की तरह चूस रही थी। पापा के सिर को पकड़कर नीचे दबा रहे थे जिससे लंड गले तक पहुच रहा था। उनका लंड अब माल छोड़ने लग गाया था। आधे घंटे लंड चूसा मैंने।

“लता!! अब जल्दी से कुतिया बन जाओ। कितना दिन हो गया तुमको कुतिया बनाकर नही चोदा” पापा बोले
“तो आज चोद लीजिये जी” मैंने हंसकर कहा और जल्दी से कुतिया बन गयी।  आप यह स्टोरी indiansexkahani.com पर पढ़ रहे है। 
पापा पीछे से आकर मेरी चूत चाटने लगे फिर से मैं ऐश करने लगी। पापा ने कुछ मिनट चूत पी पीकर नर्म और मुलायम कर दी। फिर अपना 6.5” लम्बा लंड पीछे से डाल दिया और किसी डॉगी की तरह डॉगी स्टाइल में मुझे चोदने लगे। मेरे पिछवाड़े पर पापा ने कितने बार चांटे मारे और लाल कर दिया। जल्दी जल्दी चूत लेने लगे। बड़ी देर बाद वो स्खलित हो गये। आगे घंटे बाद पापा ने मेरी गांड पीछे से चोद ली। इस तरह मैं रोज रात में मम्मी के कपड़े पहनकर उनके कमरे में अँधेरे में चली जाती और रोज ही चुदवा लिया करते। 6 महीने बाद पापा पूरी तरह से स्वस्थ हो गये। फिर वो रोज अपनी रेलवे की नौकरी पर जाने लगे।

DMCA.com Protection Status

कहानी शेयर करें :
loading...