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पति के अत्याचार से तंग होकर पराये मर्द से चुदाई कर बैठी

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Hindi Sex मुझे सब लोग पिंकी वर्मा के नाम से जानते है. Stories मैं अभी मध्यप्रदेश के ग्वालिअर शहर में रह रही हूँ. मैं अब पूरी तरह से जवान हो चुकी और सेक्सी लड़की हूँ. मेरी शादी हो चुकी हूँ. दोस्तों शादी से पहले मैंने क्या क्या सपने देखे थे की मेरे सपनो का राजकुमार ऐसा होगा, वैसा होगा पर सब उल्टा हो गया. जब मैं शादी करके अपने पति ओमप्रकाश के घर गयी तो सब मेरे विपरीत हुआ. सुहागरात पर पति ने मुझसे खूब प्यार किया. मैं शादी के जोड़े में बिस्तर पर बैठी थी. मेरे पति ओमप्रकाश आ गये और मुझे बाहों में लेकर किस करने लगे.
मैं: सुनिए जी!! अभी इतनी जल्दी क्या है. घर वालो को सोने दीजिये. फिर मेरे से वो सब करना
पति: इसमें इतना शर्म करने की क्या बात है. तुमसे शादी की है. सारे समाज के सामने लाइसेंस लिया है. आज मुझे मत रोको
ये बोलकर मेरे पति मुझे बाहों में भरकर चुम्मा पर चुम्मा लेने लगे. फ्रेंड्स शादी के वक़्त मेरा जिस्म बिलकुल भरा हुआ था. मैं 25 साल की भरी पूरी और जवान चंचल नौयुवती थी. धीरे धीरे पतिदेव ने मुझे लहंगे में ही अपने पास लिटा दिया और ब्लाउस खोलने लगे. जब तक मैं उनको रोक पाती उनको मेरी हरी भरी दुधियाँ छातियाँ दिख गयी. पति जी हाथी की तरह मदमस्त हो गये और उन्होंने मेरे ब्लाउस को उतारकर ही चैन लिया. 36” के बड़े बड़े तने सफ़ेद दूध देखकर वो ललचा गये. दोनों हाथो से मेरे दूध मसलने और दबाने लगे. मैं “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” करने लगी. उसके बाद तो पति चालू हो गये और मेरे गर्व से तने दूध को हाथो से दबाने लगे. मैं कसमसाने लगी. फिर पति ने मेरे मम्मो को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया. मैं बिस्तर पर अंगराई लेने लगी. काफी देर तक पति मेरे दोनों दूध मुंह में लेकर चूसते रहे. इसी बीच मेरी चूत अपना मीठा रस छोड़ने लगी. मैं तो पानी पानी हो गयी.

पति जी ने खूब प्यार मुझे दिया. फ्रेंड्स मेरी निपल्स बड़ी बड़ी उभरी उभरी थी. सफ़ेद चूचियों के उपर काले काले बड़े बड़े चकोतरे तो बड़े सुंदर दिखते थे. पति जी ने खूब मेरी जवानी का रस चूसा. मुंह में लेकर मेरे यौवन का आनन्दमय रस पीते रहे. फिर धीरे धीरे करके मेरा लहंगा भी उतार दिया.
मैं: सुनिए जी!! क्या आज ही मुझे आप चोदेगे???”
पति: हाँ, इसमें हर्ज क्या है??? अब तुम मेरी बीबी हो
मैं: मैंने मन्नत मानी थी की जब मेरी शादी एक अच्छे युवक से हो जाएगी तो मैं सुहागरात को सम्बन्ध नही बनाउंगी और अगले दिन ही सम्भोग करूंगी
पति: ओह्ह हो पिंकी!! ये सब बेकार की बाते है. आज हमारी सुहागरात है और आज मुझे तो तेरी कुवारी चूत चोदनी ही है, इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम 
उसके बाद पति जी ने मेरा लहंगा उतार दिया. मेरी चड्डी उतार दी. मेरे दोनों पैर खोल दिए. फ्रेंड्स मैंने शादी के दिन सुबह की अपनी चूत के बाल अच्छे से बना लिए थे. पति उत्सुकता से मेरी चूत का दर्शन करने लगे. मैं पूरी तरह से कुवारी थी. उन्होंने ऊँगली से मेरी चूत खोलकर देखी. गुलाबी सफ़ेद झिल्ली उनको बंद मिली. ओमप्रकाश (मेरे पति) के चेहरे पर एक विशेष प्रकार की संतुसटी और संतोष मैं देख रही थी. उसके बाद वो जीभ लगाकर मेरे भोसड़े का रस लेने लगे और ऐसे चाटने लगे जैसे कोई बिल्ली रबड़ी चाटती है. जीभ लगाकर वो मेरी चूत का रस पीने लगे. मैं “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…धीरे धीरे चाटीये जी , लगती है” मैं बोली. पर उनको कहाँ होश था. आज वो पगला गये थे. काफी देर तक मेरे चूत के दाने को तरह तरह से चबाते रहे और मुझे मीठा मीठा दर्द देते रहे. उसके बाद पति जी ने अपने साड़े कपड़े उतार दिए. उनका लंड मुझे दिखा. 6 इंच का लम्बा लंड था जो 2 इंच मोटा था. पति जी जल्दी जल्दी अपना लंड फेटने लगे.
पति: पिंकी!! आज इसे अच्छे से चूस दो
मैं: नही! मुझे ये गंदा लगता है

पति: पागल हो तुम!! दुनिया इसकी दीवानी होती है. हर औरत को लंड चूसना बहुत पसंद होता है. आओ चूसो!!
उसके बाद वो मजे से बिस्तर पर लेट गये. मुझे ये करना ही पड़ा. मैं अपने हाथ से पतिदेव का लौड़ा फेटने लगी. जल्दी जल्दी फेट कर खड़ा करने लगी. ऐसा लग रहा था की उन्होंने मुझसे पहले अनेक लड़कियाँ चोदी है. बल्ब की रौशनी में उनका लंड का सुपारा साफ़ साफ़ साफ़ चमक रहा था. पति के लंड की खाल नीचे को उतरी थी इसलिए मुझे समझने में देर न लगी की वो कुवारे मर्द तो नही है. उनका लंड फेटते फेटते और मुठ देते देते लोहे की रॉड बन गया. अब मैं चूसने लगी तो मुझे वासना जाग गयी. मेरे अंदर की सेक्सी औरत की वासना की आग जल गयी. और मैं सब भूल कर पति का लंड मुंह में लेकर चूसने लगी. हाथ से फेट भी रही थी. उनकी तरफ देखा तो जनाब दोनों आँखे बंद किये जन्नत की सैर कर रहे थे. पति जी “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” कर रहे थे. तो मैं और जल्दी जल्दी चूसने लगी.
उनकी गोलियां अब अन्तर्वासना से बिलकुल लड्डू की तरह सख्त और कठोर हो गयी. मुझे भी रोमाच पैदा हो गया. मैंने उसकी उनके दोनों लड्डू यानी उसकी कसी कसी ठोस अवस्था वाली गोलियों को हाथ से सहलाने लगी. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम 
पति जी: चूसो!! और चूसो जानम!! मुझे अच्छा लग रहा है. और जल्दी जल्दी लैंड पर मुठ दो
मैं: जी चूस रही हूँ. आज आपको पूरा मजा दूंगी!
उसके बाद मैं और जल्दी जल्दी लंड को फेटने लगी और किसी रंडी की तरह चूसने लगी. कुछ देर बाद उन्होंने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और मेरी गांड के नीचे एक मोटा तकिया लगा दिया. अब मेरी कमर के संग मेरी चूत भी उपर आ गयी. पति जी ने 6 इंच का तन्दुरुस्त लंड मेरे भोसड़े पर रख दिया और जोर का झटका अंदर मारा. मेरी चूत किसी फुटबाल की बाल की तरह पंचर हो गयी. सील टूट गयी और पति जी के लंड का गुलाबी सुपाडा मेरी चूत के लाल रंग के खून में रंग हो गया.
मैं: आराम से चोदिये जी…दर्द होता है

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मैं बोली. पर पति तो अपनी सेक्सी दुनिया में मस्त थे. रुके ही नही और जल्दी जल्दी चूत में लंड अंदर बाहर करने लगे. मैं चुदने लगी. थोडा दर्द थोडा मजा मिल रहा था. मैं अपने दोनों पैर उपर उठा दिए और हाथो से पकड़ लिए पति जी जल्दी जल्दी चूत में झटके देते रहे. मैं “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” करती रही. कुछ देर बाद मेरी सीलबंद चूत का रास्ता बन गया और अब पति का मोटा तन्दुरुस्त लंड आराम से मेरी चूत की गुफा में सरक रहा था. अब उनके झटके तेज होने लगे और उसकी कमर बड़ा कमाल दिखा कर गोल गोल नाच रहे थे. पति चुदाई में बड़े माहिर खिलाडी निकले. अब मैं समझ गयी की वो आज से पहले भी कई बार चुदाई का आनन्द ले चुके है. फ्रेंड्स मेरे पति ने 2 घंटे तक मेरे भरे हुए जिस्म को चोद चोद कर अपना भी मजा लिया और मेरे को पसीने ही छुडवा दिए. फिर पति जी सो गये. अपनी चूत में अच्छे से साफ़ करके मैं सो गयी.

दोस्तों इस तरह से रोज होने लगा. शुरू शुरू में पति जी ने मुझे खूब प्यार किया. हर रोज मुझे प्यार करते थे, हर रोज मेरी चूत बजाते थे. बड़ा आनन्द देते था. कई बार मेरे साथ गुदा मैथुन (गांड में चुदाई) भी करते थे जिसमे एक विशेष प्रकार का आनन्द आता था. इस तरह से एक साल तक सब ठीक चला. पर उसके बाद दोस्तों जैसे मेरी खुशियों पर किसी की बुरी नजर लग गयी. मेरे पति ओमप्रकाश को उनके दोस्तों ने शराब पीना सिखा दिया. पहले तो दोस्तों ने अपने पैसे से उनको पिलाई. फिर पति को लत लग गयी. रोज रात में ऑफिस ने सीधे शराब के ठेके पर चले जाते और चढ़ा लेते. कई बार तो शराब की बोतल लगाकर झूमते हुए घर आते थे. धीरे धीरे मेरे सास ससुर, देवर और समस्त परिवार को पति के पीने की जानकारी हो गयी. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम 
अब तो सब उल्टा हो गया. रोज रात में पीकर आते और फिर मुझे कोई न कोई बात पर पीट देते. मेरी खूबसूरती का भी उनपर कोई असर नही होता था. मैं उनको कोई बहाना नही देती पर वो जब चढ़ा लेते तो कोई न कोई मुद्दा ढूढ़ लेते और मुझे मारने लग जाते. कभी हाथ से मारते तो कभी डंडे थे. अब तो मेरे पुरे दिन आ गये थे. जब मैं सुबह नहाने जाती तो मेरे सुंदर जिस्म पर चोट के निशान रहते. पर क्या कर सकती थी. भारतीय औरत के लिए पति ही देवता होता है. अब तो ओमप्रकाश रोज की पीकर आते और रोज ही मेरी पिटाई कर देते. एक दिन वो शाम के वक्त पुरे मोहल्ले के सामने ही मुझे पीटने लगे. ऐसे में पडोस का लड़का श्याम आ गया और उसने मेरे पति को मुझसे दूर कर दिया. वो मेरे पति का दोस्त था. अब अक्सर श्याम मेरे घर आ जाता था. वो मुझसे मेरा हाल पूछता तो मैं रो देती और उसे अपने बदन के जख्म दिखा देती. श्याम मुझे भाभी कहकर बुलाता था.
श्याम: भाभी!! कहाँ कहाँ चोट लगी है. मुझे दिखाओ. मैं मरहम लगा देता हूँ

मैं रो रोकर उससे अपना दुःख साझा करने लगी. अब श्याम रोज ही मेरे घर शाम को आ जाता और मेरे बदन पर जख्म पर मालिश कर देता. फ्रेंड्स ऐसे करते करते मुझे उससे प्यार हो गया. दुसरे दिन घर पर कोई नही था. मेरे पति ओमप्रकाश तो रात में आते है. मैंने श्याम को घर में बुला लिया और उसे लेकर अपने बेडरूम में चली गयी. श्याम भी मुझे एक तक देखे जा रहा था. वो मेरे पैरो पर चोट पर मरहम लगाने लगा. धीरे धीरे मैं पिछल गयी और उसका हाथ मैंने पकड़ लिया और फिर उसे सीने से लगा लिया.
श्याम: ये क्या भाभी???
मैं: इस घर में सब मुझे मारते पीटते है. कोई मुझे प्यार नही करता पर एक तू ही है जो मेरे सामने में कितना सोचता है
ये बोलकर मैं श्याम को गालो पर किस देने लगी. वो 22 साल का नया लड़का था. मेरे खुबसुरत जिस्म को देखकर वो भी मुझसे इश्क कर बैठा. और उसके बाद हम दोनों पिछल गये. मुझे श्याम से कसके सीने में छुपा लिया और अपनी गर्लफ्रेंड की तरह से प्यार करने लगा. उसने मुझे हर जगह, मेरे बदन के एक एक अंग पर किस करके अपना प्यार दिखा दिया. फ्रेंड्स मैं भी अपने दुष्ट पति के अत्याचार से तंग आ गयी थी. एक श्याम ही था जो मेरा ख्याल रखता था. वो मेरे बिलकुल करीब आ गया और अंत में उसने मुझे बाहों में पकड़कर मेरे होठो पर अपने होठ रख दिए. तो मैं इंकार नही कर सकी.
मैं भी किस करने लगी. खूब चुम्मा चाटी हुई. श्याम मेरे जिस्म पर हाथ लगाने लगा. मैंने बैकलेस ब्लाउस पहना था. श्याम मेरी गोरी चिकनी पीठ को बार बार सहलाए जा रहा था. अंत में उसने मुझे पूरी तरह से नंगा कर दिया. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम 
श्याम: भाभी!! ब्रा और पेंटी भी उतार दो
उसके बाद मैं भी चुदने के मूड में आ गयी. जैसे मैंने अपनी ब्रा उतारी मेरे 36 इंच के सफ़ेद दूध किसी बछड़े की तरह आजाद हो गये. श्याम मेरे यौवन को बर्दास्त न कर सका और कामांध होकर मुझपर आसक्त हो गया. मेरे दोनों अनार हाथ से मसलने लगा और मुंह में लेकर ऐसे चूसने लगा जैसी मैं ओमप्रकाश की नही उसकी बीबी हूँ. मेरे जानम श्याम से आधे घंटे तक मेरे मस्त मस्त अनारो को मुंह में लेकर चूसा और फिर मुझे घोड़ी बना दिया.

मैं भी आज उसका प्यार पाने को मर रही थी. अपने हाथो को बेड से टीकाकर और घुटनों को मोड़कर मैं घोड़ी बन गयी. शयाम से अपना 5 इंची मजबूर लंड मेरी फूली चूत में ताकत देकर घुसा दिया और फिर जल्दी जल्दी मुझे चोदने लगा. मैं जवानी के मजे लेकर “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” करने लगी. श्याम भी बिलकुल जवान मर्द था. वो जोर जोर से झटके मेरी चूत में मारने लगा जिसमे मुझे बड़ा आनन्द मिला. मैं सिहर सिहर और कसमसा कसमसा कर चुदवा रही थी. समय के साथ मेरे प्रेमी श्याम के धक्को की रफ्तार बढ़ गयी और मेरे चूतडो को चट चट मारकर उसने मुझे अलग तरह का मजा दिया. कुछ देर बाद श्याम मेरी चूत में ही झड़ गया और चला गया. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम 
फ्रेंड्स तबसे वो सिलसिला आज भी कायम है. मैं जब भी मौका पाती हूँ अपने प्रेमी श्याम से चुदवा लेती हूँ. आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज indiansexkahani.com पर पढ़ते रहना. आप स्टोरी को शेयर भी करना.

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