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अंकल ने पूरा वीर्य मेरी चूत में छोड दिया

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केसे हो दोस्तों, आप सभी को नमस्ते, आपको और ज्यादा बोर ना करते हुए, सीधे अपनी kahani पर आती हु और बताती हु कि किस तरह मैंने सेक्स का स्वाद चखा. मेरा नाम विशाखा है और मेरी उम 23 साल है.
दोस्तों, मैं एक मस्त कामुक लड़की हु और मेरा फिगर 24-30-24 है. मेरे घर में मेरे अलावा मम्मी, पापा, दादी, भाई और एक सिस्टर है. मैं अपने घर में सबसे बड़ी हु और जब मैं 22 साल की हो गयी, तो मुझे अपना कॉलेज चेंज करना पड़ा. मैंने चंडीगढ़ के एक कॉलेज में एडमिशन ले लिया और मैं वहां पर हॉस्टल में रहने लगी.
मेरी वहां पर २ नई सहेलिया बन गयी और हम तीनो लोग हमेशा ही साथ रहते थे. एक दिन, मेरी एक सहेली रात को रूम में वापस नहीं आई और जब हमने उसे फ़ोन करने की कोशिश की, तो उसका फ़ोन भी नहीं लगा. जब वो अगले दिन वापस हॉस्टल में आई, तो उसने हमारे पूछने पर बताया, कि वो किसी होटल में अपने बॉयफ्रेंड के साथ थी और उसने पूरी रात अपनी चुदाई का आनंद उठाया. उसने हमें अपनी चुदाई की पूरी कहानी विस्त्रार से सुनाई और उसकी कहानी सुनकर मेरा पानी निकल गया. कॉलेज का टाइम होने लगा था, तो मैंने उनसे कॉलेज निकलने के लिए बोला.
मैं नहाने गयी, तो मैंने देखा कि मेरी पेंटी मेरे पेशाब करने वाली जगह के आगे से थोड़ी सी गीली हो गयी थी. मैं जल्दी से नहाई और बाहर आ गयी. रात को जब हम एक साथ फिर से बैठे और उसकी चुदाई की बातें सुनने लगे. मेरा मूब ख़राब हो गया, ख़राब क्या हुआ, मेरे मन भी चुदाई की हवस हिलोरे मारने लगी थी. रात के ११ बज चुके थे और सब सो चुके थे. लेकिन, मेरी आँखों से नीद कोसो दूर थी. मैंने चादर ओढ़ी अपनी चूत में अपनी ऊँगली डाल दी और लगभग ५ मिनट बाद, मेरा पानी निकल गया और फिर मुझे मस्त अच्छी नीद आई.
अगले हफ्ते मुझे कॉलेज से ३ दिन की छुट्टिया मिल गयी और मैं अपने घर चली गयी. स्टेशन पर मुझे मेरा भाई लेने आया था और फिर तीन दिन बाद, मैं घर से चंडीगढ़ वापस आ गयी. जब मैं वापस आई, तो मुझे पता चला, कि हॉस्टल में कुछ लडकियों को डेंगू हो गया और जब मैंने इस बारे में पापा से बाद की, तो उन्होंने मुझे पीज़ी ढूंढने का सुझाव दिया. मेरे फ्रेंड्स तो पहले ही पीज़ी में शिफ्ट हो चुके थे और इसी वजह से मुझे ५ दिन अकेले हॉस्टल में ही रुकना पड़ा. उस दिन दिन सन्डे था और मैंने अपने दोस्त की एक्टिवा ली और पीज़ी ढूंढने निकल पड़ी. लेकिन कोई बात नहीं बनी.

और फिर पता चला, कि कॉलेज से १० मिनट की दुरी पर एक पीजी है, तो मैंने सोचा – क्यों ना वहां पर ट्राई करू. कॉलेज से लौटते हुए, मैंने वहां पर जाने के बारे में सोचा, लेकिन कॉलेज से निकलते ही, मेरा पेर कीचड़ में गिर गया और मैं पूरी गन्दी हो गयी.
फिर मैंने सोचा – कि पहले घर से कपडे बदल आती हु और उसके बाद पीज़ी देख लेती हु.
हॉस्टल वापस आई, तो देखा कि मेरी ब्रा पूरी गन्दी हो चुकी है और कोई धुली हुई ब्रा भी नहीं थी. मैंने नहाकर पेंटी पहनी और उसके ऊपर जीन्स और कुरता डाल लिया और अपने बूब्स को छिपाने के लिए एक स्टोल ऊपर से ले लिया. जब मैं वहा पीज़ी में पहुची, तो पूरी पसीने से भीग चुकी थी. वो किसी का घर थे और एक ५५ साल का अंकल और ५० साल की आंटी वो पी जी चला रहे थे. मुझे पसीने में भीगा देखकर, आंटी ने मुझे बेसिन पर जाकर मुह दोनों के लिए और बोला और खुद मेरे लिए पानी लेने चली गयी.
अंकल मुझे बेसिन की तरफ ले गये और मुझे ध्यान नहीं रहा, कि मैंने ब्रा नहीं पहनी है और अंकल से बात करते हुए, मुह धोने से पहले, मैंने अपना स्टोल साइड में रख दिया. जब मुझे ब्रा के बारे में ध्यान आया, जब तक अंकल की नज़र उनपर पड़ चुकी थी. मैंने अपने कुरते के बटन भी नहीं लगाये हुए थे और अंकल मेरे कुरते से झाकते हुए, मेरे उभारे को घुर रहे थे. तभी आंटी पानी लेकर आ गयी और उन्होंने ३५०० रुपया में पीजी फाइनल कर दिया. उन्होंने मुझे उनके साथ उनके घर के काम में हाथ बटाने के लिए ही बोला. मुझे कोई एतराज़ नहीं था, तो मैंने हाँ कर दी.
और उसी शाम को अपना सामान के कर उनके यहाँ रहने आ गयी. हम सबने साथ बैठकर डिनर किया और रात को १० बजे मैं सोने चली गयी. अगले दिन, जब मैं उठी; तब तक अंकल और आंटी उठ चुके थे और जब तक मैं नहाकर बाहर आई, तो नाश्ता बन चूका था. मैं नाश्ता करके कॉलेज चली गयी और जब तक कॉलेज से वापस आई, तो दोपहर का खाना भी बन चूका था.
मेरा मन वहां लग गया था और मैं अंकल आंटी के साथ सेट हो चुकी थी. कुछ दिन निकल गये थे और मैं आंटी का हाथ उनके काम में बटाने लगी थी. एक दिन, जब मैं कॉलेज से वापस आई. तो देखा, आंटी कहीं जा रही थी. उन्होंने मुझे बताया कि उनकी बेटी की तबियत ठीक नहीं है और वो १० दिन के लिए उसके पास जा रही है. उन्होंने मुझे घर का और अंकल का ध्यान रखने को बोला और फिर अंकल उन्हें स्टेशन छोड़ने चले गये. मैंने रात का खाना बना लिया. अंकल और मैंने साथ में खाना खाया और सों गये.
अगले दिन, मैंने थोडा जल्दी उठ गयी और जब अंकल को उठाने गयी, तो देखा. अंकल नंगे सोये है और उनका लंड आधा खड़ा है, मुझे कुछ अजीब सा लगा. तो मैं वापस किचन में आ गयी और नाश्ता बनाने लगी. तब अंकल उठ चुके थे और जब मैंने उन्होंने नहाकर आने को बोला, तो उन्होंने मुझे कहा – अभी मूड नहीं है और उनको नाश्ता देकर मैं कॉलेज की तैयारी करने लगी. मैंने नहाकर अपने कपडे बाथरूम में ही छोड़ दिए और सोचा, कॉलेज से आकर धो लुंगी. और जब वापस आई, तो बाथरूम में अपने कपडे ना देखकर अंकल से उसके बारे में पूछा. उन्होंने कहा – कि उन्होंने सारे कपडे धो दिए है. मेरे मन आई, कि अंकल ने मेरी ब्रा-पेंटी भी धोयी होगी. मुझे बहुत शर्म आ रही थी. लेकिन अंकल मुस्कुरा रहे थे. अब अंकल मेरे पास आ जाते और बहाने से मुझे पकड़ लेते या छुने की कोशिश करते. २-३ दिन ऐसे ही निकल गये.
५ दिन बाद, मेरा जन्मदिन था. मेरी फ्रेंड ने अंकल से रात को रुकने की परमिशन ले थी और पूरी रात शोरशराबा किया. १२ बजे हम लोगो ने केक काटा और खूब मस्ती की. हम पूरी रात सोये नहीं और सुबह वो जल्दी अपने पीजी की तरफ चली गयी. सुबह मेरी आँख थोड़ी देर से खुली और जब मैं अंकल को जगाने गयी, तो देखा अंकल नंगे सोये है और उनका लंड पूरा तन्ना हुआ खड़ा है और उनकी जांघ पर मेरी ब्रा पड़ी है. मुझे आश्चर्य हुआ और मैं उनके पास गयी और जब अपनी ब्रा उठाने लगी, तो उनका लंड मेरी नाक पर लग गया और उसमे से बड़ी गन्दी स्मेल आ रही थी. मुझे उत्सुकतावश, उनके लंड को पकड़ना चाहा, तो उन्होंने करवट ले ली. तो मैं डरके मारे भाग कर बाहर आई और काम करने लगी. अंकल अब तक उठ चुके थे और हमने नाश्ता किया. लेकिन अंकल ने मुझे विश नहीं किया.
मैं कॉलेज चली गयी और जब शाम को थोड़ी देर से वापस आई तो ७ बज चुके थे. जैसे ही मैं अपने कमरे में घुसी, तो देखा मेरे कमरे का पूरा नक्शा ही बदला हुआ था. मेरा कमरा पूरा सजा हुआ था. अंकल पीछे से आये और मुझे पीछे से पकड़कर अपनी बाहों में उठा लिया और मुझे चूमकर विश किया. फिर उन्होंने मुझे केक काटने को बोला. मैंने केक काटा और अपना गिफ्ट माँगा. जब उन्होंने मुझे गिफ्ट दिया. तो मैंने उसे एकदम से खोल दिया. उसमे रेड और ब्लैक कलर की नेट वाली ब्रा-पेंटी थी. मैंने उनको देखा. तो उन्होंने बोला – कि उस दिन तुम्हारे कपडे धोये थे. तो तुम्हारी ब्रा-पेंटीपुरानी हो चुकी थी. इसलिए नयी लाकर दी है. मैंने अंकल को कहा – अंकल अपनी उम्र देखो और मेरी उम्र देखो. उन्होंने कहा – “आई लव यू” और मेरी जांघो पर हाथ फेरने लगे. हम दोनों सोफे पर बैठ गये.
अंकल मेरे बालो को अपने हाथो से सहलाने लगे और उनके हाथो के स्पर्श से मुझे मदहोशी सी चड़ने लगी. फिर वो मेरे और भी करीब आ गये और मेरी गर्दन पर अपने होठो को रख दिया. मेरा बदन गरम हो गया था और मेरी शरीर में एक करंट सा दौड़ने लगा था. तभी, मेरे मन में आया कि मैं कुछ गलत कर रही हु, तो मैंने अंकल को पीछे धक्का दे दिया और भागकर रूम से बाहर आ गयी. अंकल मेरे पीछे आये और मुझे पीछे से उठकर लिया और अपनी गोदी में उठाकर कमरे में वापस ले गये और बोले – क्या हुआ? मैंने कहा – ये सब गलत है. लेकिन अंकल ने बिना कुछ सुने ही, उन्होंने अपने होठ मेरे होठो पर लगा दिए और मेरे होठो को चूसने लगे. उनके हाथ मेरे बूब्स पर थे और वो उसको मस्ती में दबा रहे थे.
मुझे लगा, कि मेरी चूत से कुछ रिसाव होने लगा है और फिर अंकल में मेरे कपडे उतार दिए और अपने भी. मुझपर अब मेरा कोई कण्ट्रोल ही नहीं रहा और मुझे अपनी सहेली की चुदाई की कहानी याद आने लगी. अंकल का लंड हिल रहा था और उन्होंने बिना देरी के मुझे सोफे पर लिटा दिया और मेरे बूब्स को अपने मुह में भर लिया और एक साथ से अपने लंड को मेरी चूत के दाने पर रगड़ने लगे. क्या कामुक और गरम पल था. फिर, उन्होंने मेरी चूत पर अपने लंड को रखकर धक्का मारा और उनका लंड मेरी चूत में घुस गया. उम्र की वजह से उनका अपने वीर्य पर कुछ ज्यादा देर कण्ट्रोल नहीं था. लेकिन, १५-२० झटको में उन्होंने अपना वीर्य मेरी चूत में छोड दिया. तब तक मेरा भी २ बार काम हो चूका था.
अंकल मेरे ऊपर गिर गये और मुझे आधा घंटा चुमते रहे. फिर, अंकल ने मुझे बताया, कि आज उन्होंने १० साल बाद सेक्स किया है. आंटी अब उन्हें हाथ तक लगाने नहीं देती है. जब भी उनका लंड खड़ा होता है, तो वो अपने हॉस्टल में रहने वाली लडकियों की ब्रा-पेंटी लगाकर मुठ मार लेते है और अपने को शांत करते है. आंटी के आने तक हम दोनों ने बहुत मस्ती की.

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