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रात के अँधेरे में भतीजे का मोटा लंड लील गयी

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रात के अँधेरे में भतीजे का मोटा लंड लील गयी Hindi Sex Kahani

मैं एक विधवा औरत हूँ। मेरी उम्र 35 साल है। मैं काफी जवान और सेक्सी औरत हूँ। मेरा जिस्म भरा हुआ है। मेरी खूबसूरती और जवानी देखकर कितने लड़कों के लंड खड़े हो जाते है। मेरे पड़ोस के मर्द मुझे चोदना चाहते है। आपको बता हूँ की मेरे चहरे की छवि बहुत सुंदर है। बड़ी मनमोहनी शक्ल है मेरी। जवान लड़के भी मुझे बार बार पलट पलट के देखते है। विधवा होने के बाद मैं सफ़ेद साड़ी ही पहनती हूँ। इसमें भी मैं बेहद सेक्सी औरत लगती हूँ। मेरे कसे कसे ब्लाउस से मेरे दूध बेहद चुस्त और फूले फूले दीखते है। मेरे दूध को देखकर लोगो के लंड उनकी पेंट के अंदर ही खड़े हो जाते है। पर मैं सिर्फ स्मार्ट मर्दों से ही चुदवाती हूँ। मुझे चूत के साथ साथ गांड मरवाना बहुत पसंद है। मुझे मर्दों का मोटा लंड लेना पसंद है। मैं आधे आधे घंटे तक मर्दों का लंड चूसकर अपने को गर्म कर लेती हूँ। उसके बाद ही मैं चुदवाती हूँ। मेरे दूध पीने को कितने लोग तरस रहे है। मेरी जवानी और खूबसूरती देखकर कितने लोग मुठ मार लेते है। जब मुझे लंड नही मिलता मैंने चूत में 3 ऊँगली डालकर फेट लेती हूँ। मुठ मार लेती हूँ और अपनी गुलाबी चुद्दी का पानी निकाल लेती हूँ। आज मेरी कहानी सिर्फ आपके लिए है।
10 साल पहले मेरे पति का एक्सीडेंट हो गया था। उनकी मौत होने के बाद मैं भरी जवानी में विधवा हो गयी थी। अब मुझे चोदने वाला भी कोई नही था। मेरे 2 बच्चे हो गये थे। पति के गुजरने के बाद मेरी ससुराल वालों ने मुझे घर से निकाल दिया। इसलिए अब मुझे मजबूरी में अपने बड़े भाई दीपक के घर आकर रहना पड़ा। मैंने अपने बच्चों का नाम पास के स्कूल में लिखा दिया था और अपने भाई और भाभी के साथ के साथ रहने लगी। मेरे भैया का एक लड़का था। उसका नाम सूरज था। अब वो 20 साल का हो चुका था। धीरे धीरे मेरा अपने भतीजे सूरज से चुदाने का दिल करने लगा।
दोस्तों मेरा भतीजा सूरज अब पूरी तरह से जवान हो चुका था। वो कई लड़कियाँ चोद चुका था। अब मेरा उससे चुदवाने का बड़ा दिल कर रहा था। एक रात सूरज मेरे कपड़े में ही सो रहा था। रात में बत्ती चली गयी थी। सब तरफ अँधेरा था। मैं साड़ी पहनकर सो रही थी। गर्मी की वजह से मैं अपनी साड़ी को उपर उठा रखा था। मेरी सफ़ेद और गोरी चिकनी जाँघ दिख रही थी। रात के 12 बजे थे। धीरे धीरे सूरज मेरे पास आकर लेट गया। उसका मुझे चोदने का मन कर रहा था। हिम्मत करके वो मेरे पैरो को सहलाने लगा। मुझे अच्छा लग रहा था। मैंने अनजान बनकर सोने का बहाना कर रही थी। अंदर ही अंदर मेरा मन था की आज वो मुझे अपने मोटे लौड़े से चोद डाले। धीरे धीरे मेरा भतीजा सूरज मेरी चूत में ऊँगली करने लगा। मुझे मजा आ रहा था। फिर अचनाक लाईट आ गयी। सूरज मुझे देख डर गया। वो बहुत शर्मिंदा हो रहा था। मैंने उसे कुछ नही कहा। अगले दिन जब सुबह हुई तो मैंने अपने भतीजे को अपने पास बुलाया।

“सूरज!! कल तुम रात में मेरे साथ क्या कर रहे थे???” मैंने पूछा
“बुआ!! मेरा चुदाई करने का बड़ा दिल कर रहा था। आपकी सेक्सी टांगो को मैंने देखा तो खूद को रोक न सका। इसलिए सहलाने लगा” सूरज नीचे सिर करके बोला। वो मुझसे आँखें नही मिला पा रहा था। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“सूरज!! देखो चुदाई कोई बुरी बात नही होती है। देखो मैं भी विधवा हूँ। मुझे कोई चोदने वाला नही है। देखो आज रात में तुम चोद लेना। पर देखो ये बात सिर्फ मेरे तुम्हारे बीच रहे। किसी को पता न चले” मैंने कहा
मेरी बात सुनकर मेरा भतीजा बहुत खुश हो गया था। रात को वो मेरे कमरे में ही सो गया था। जैसे ही 12 बजे घर के सब लोग गहरी नींद में सो गये। सूरज ने सब खिड़की दरवाजे अंदर से बंद कर लिए। जिससे हम दोनों का चुदाई कारनामा कोई देख न सके। मैंने अपनी सफ़ेद विधवा वाली साड़ी उतार दिया। फिर अपना सफ़ेद ब्लाउस और पेटीकोट उतार दिया था। मैंने अपनी सफ़ेद ब्रा निकाल दी। अपनी पेंटी उतारकर मैं नंगी हो गयी। उसके बाद मैं लेट गयी थी। सूरज कपड़े उतारकर नंगा हो गया था। वो मेरे उपर लेट गया।
“बुआ तुम्हारी चूत पर तो झाटो का जंगल है” सूरज बोला और मेरी काली काली झांट में ऊँगली करने लगा। फिर उसने अपनी शेविंग मशीन निकाल कर मेरी झांट को छीलना शुरू कर दिया। मैं “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” करने लगी। मुझे अच्छा लग रहा था। आज कितने साल बाद कोई मेरी झाट बना रहा था। जब मेरे पति जिन्दा थे वो मेरी झांट बनाते थे उसके बाद मुझे चोदते थे। पर वही काम मेरा भतीजा सूरज कर रहा था। कुछ ही देर में उसने मेरी झाट का जंगल साफ कर दिया। मेरी चूत में उसने बोरोलीन मल दी।
“देखो बुआ !! अब बताओ तुम्हारी चूत कैसी दिख रही है?? सूरज ने पूछा
मैंने अपनी चूत को देखा। दोस्तों मेरा भोसड़ा किसी 16 साल की लड़की की तरह हॉट और सेक्सी दिख रहा था। मेरी चुद्दी कुवारी दिख रही थी।
“पी लो भतीजे आज!! तुमने बड़ी मेहनत की है। चाट लो मेरी रसीली चूत” मैंने कहा
उसके बाद दोस्तों सूरज जल्दी जल्दी मेरी चूत चाटने लगा। मैं “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” बोलकर तडप रही थी। मुझे अच्छा लग रहा था। सूरज तो जैसे आज मेरी भोसड़ी को खा जाना चाहता था। वो बस जल्दी जल्दी पी रहा था। धीरे धीरे मेरी चूत अपना रस छोड़ने लगी। सूरज सब माल पी जाता था। मैं बार बार अपने पैर उठाने लग जाती थी। वो जल्दी जल्दी मेरी चुद्दी चाट रहा था। जैसे कुत्ता कुतिया की चूत मुंह लगाकर चाटता है। उसी तरह मेरा भतीजा मेरी बुर पी रहा था। दोस्तों उसने पुरे 18 मिनट तक मेरी चुद्दी का सेवन किया। फिर लंड अंदर डाल कर मुझे चोदने लगा। मुझे बड़ा संतोष अब मिल रहा था। सूरज जल्दी जल्दी तेज तेज धक्के मेरी चूत में दे रहा था।

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उसका लंड 6” से भी अधिक मोटा था। वो जल्दी जल्दी मुझे चोद रहा था। “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….भतीजे शाबाश!! और जोर जोर से धक्के मारो… अअअअअ….आहा …हा हा हा” मैंने चीख रही थी। सूरज ने मेरे मुंह पर अपना हाथ रख दिया जिससे मेरी आवाज कोई सुन ना पाए।
“चुप मादरचोद!! ऐसी रांड की तरह चिल्लाएगी तो घर में तेरी आवाज सब सुन लेंगे। अपने मुंह में बंद रख और रंडी की तरह आराम से शांति से चुदवा ले!!” सूरज मुझसे बोला
उसके बाद वो जल्दी जल्दी अपने लंड से मेरी चूत की पिटाई करने लगा। दोस्तों वो मेरी बुर फाड़ फाडकर चोद रहा था। मैं आपको बयाँ नही कर सकती। मेरा भतीजा मस्ती में आकर मुझे पेल रहा था। यौन उत्तेजना में उसने 5 -6 चांटे मेरे गाल पर जड़ दिए। वो मुझे चांटे मार मारकर चोद रहा था। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
मेरे गोरे गोरे गाल पर उसकी उँगलियों के निशाँन छप गये थे। मेरी गर्दन नीचे से दबोचकर भतीजा मुझे चोद रहा था। मैं किसी घोड़ी की तरह चुद रही थी। सूरज का ताकतवर लंड मेरी मखमली चूत की धज्जियां उड़ा रहा था। मैं पूरी तरह से मस्त हो गयी थी। सिर्फ “ हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” की आवाजे निकाल रही थी। इस तरह भतीजे ने मुझे चोद चोदकर मार डाला और करीब 50 मिनट बाद मेरी भोसड़ी में माल छोड़ दिया। फिर मैंने उसे सीने से लगा लिया। मैं पसीना पसीना हो गयी थी।
“भतीजे !! आज तो तूने मुझे जन्नत दिखा दी” मैंने कहा। मैं हांफ रही थी और लम्बी लम्बी सांसे ले रही थी। मेरा भतीजा मेरे दूध पर सर रखकर लेता हुआ था। वो भी हांफ रहा था। हम दोनों को चुदाई में काफी ताकत खर्च करनी पड़ी थी। हम दोनों ही लम्बी साँसे ले रहे थे। कुछ देर तक हम आराम करते रहे। सूरज का मौसम फिर से बन गया। अब वो मेरे मम्मो से खेलने लगा। दोस्तों मेरे बूब्स बहुत कातिलाना थे। मेरी चूचियां 34” की थी। सुंदर, सेक्सी और नुकीली। सूरज मेरी बायीं चूची को पी रहा था। वो तो बिलकुल पागल हो चुका था। बस जल्दी जल्दी चूस रहा था। उधर मेरी चूत फिर से गीली होने लगी थी। धीरे धीरे मुझसे रहा न गया।

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मैं खुद ही अपनी बुर में ऊँगली करने लगी। सूरज मेरे दूध को दबा देता था। वो मेरी जवानी का मजा लूट रहा था। उसे परम आनंद मिल रहा था। वो जल्दी जल्दी मुंह चलाकर मेरी चूची पी रहा था। मेरी उँगलियाँ मेरी ही चूत में सरक रही थी। मैंने नीचे देखा तो सूरज मेरे दूध चूसने में व्यस्त था। उसने मुझे आज मस्त कर दिया था। 30 मिनट तक सूरज मेरे दूध पीता रहा।
“बुआ गांड दोगी?? बोलो??” सूरज बोला
“चोद ले बेटा!! मुझे तो गांड चुदाने में मजा आता है” मैंने कहा
“चलो कुतिया बन जाओ” सूरज बोला
मैंने जल्दी से बिस्तर पर कुतिया बन गयी। अपना सिर मैंने नीचे रखा दिया और पिछवाडा उपर उठा दिया। अब मेरा भतीजा मेरे गोल मटोल पुट्ठे को हाथ से सहला रहा था। काफी देर तक वो मेरी सेक्सी पुट्ठो को किस करता रहा। पीता रहा। फिर वो मेरी गांड के छेद को पीने लगा। दोस्तों मेरी गांड कई मर्द मार चुके थे। इस वजह से मेरी गांड का छेद पहले से ही काफी बड़ा था। सूरज ने 10 मिनट तक मेरी गांड चुसी। फिर लंड भीतर डाल दिया। अब जल्दी जल्दी वो मेरी गांड मारने लगा। एक बार फिर से मैं “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…” की आवाजे निकालने को मजबूर हो गयी। सूरज से आधे घंटे मेरी गांड चोदी फिर अंदर ही माल गिरा दिया। DMCA.com Protection Status

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