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रमजान भाई ने अकेला पाकर मुझे चोद डाला

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Hindi xxx Story मेरा नाम फातिया है। मेरी उम्र 37 साल की है। मैं देखने में बहुत ही लाजबाब लगती हूँ। मै हमेशा चुदासी रहती हूँ। मैने अब तक कई लड़को से चुदाई करवा चुकी हूँ। लड़के भी मुझे चोदने के लिए लाइन लगाए रहते हैं। मैंने कई लड़को को अपनी चूत दिखाकर चुदाई करवा चुकी हूँ। कम उम्र के लड़के भी मुझे चोदने को परेशान रहते हैं। कई छोटे छोटे लड़को ने भी मुझे चोदा है। जवान मर्दो से मुझे चूत चुदवान में बहुत मजा आता है। जवान मर्द तो मुझ पर फ़िदा हो जाते हैं। मैंने जवान मर्दो को अपनी जवानी का सुख दे रही हूँ। मेरी चूत को जवान मर्दो ने खूब चोदा है। मेरे मोहल्ले के सारे मर्दो ने चोदकर खुद आनन्द पाया है।
दोस्तों मै एक गरीब परिवार की हूँ। मेरी शादी एक गरीब परिवार में हुई है। मैं पास के ही मोहल्ले में एक अमीर आदमी के यहां झाड़ू पोंछा करती हूँ। वहां पर एक नौकर भी है जिसका नाम रमजान है। मैं और रमजान मिल कर घर का सारा काम करते है। रमजान को मेरी चूंचियां बहुत पसंद थी। मेरी चूंचियो को घूरता रहता है। मेरे मम्मो को रमजान ही क्या सारे मुहल्ले वाले मेरे मम्मो के पीछे पड़े रहते हैं। मैं जिससे एक बार चुदवा चुकी हूँ वो अक्सर कही पर मिलते ही मेरे मम्मो को दबा देते है। मै उनसे अपने मम्मो को दबवाकर कर चली जाती हूँ। मैं बचपन से ही 18 साल की उम्र से पहले ही मैं चुदवा रही हूँ। मैं और रमजान दोनों एक ही साथ कोई कोई काम करना पड़ जाता था। रमजान मुझसे खूब मजा लेता था। कई बार रमजान ने मेरे चूंचियो को छूकर कस कर दबा दिया करता था। वो भी मुझसे धीऱे धीऱे खुलने लगा। रमजान को मै पहले बहुत ही सीधा आदमी समझती थी।

लेकिन बाद में उसकी असलियत देख रही थी। मैं भी कुछ नहीं करती थी। मैंने तो अपने आप को चुदाई के लिए फ्री कर रखा था। मै बहुत सारे लोगो से अपनी चुदाई पैसे लेकर भी करवा चुकी हूँ। मैने कुछ इसी तरह से ही रमजान से भी करके चुदवाना चाहती थी। मैंने कई बार उसे अपनी चूत चुदवाने के लिए पटाया। लेकिन हर बार मेरी चूत की चुदास अधूरी रह जाती थी। रमजान मेरी चूत फ्री में चोदना चाहता था। लेकिन मैं अपनी चूत फ्री में नहीं चुदवाना चाहती थी। रमजान का कोई नहीं था। वो अकेला ही रहता था। इसीलिए मैं उसकी तड़प को ज्यादा नहीं देख पाती थी। शादी के 1 साल बाद ही उसकी बीबी मर गई। तब से उसने दूसरी शादी ही नहीं की। आज तक भी वो अकेला ही था। रमजान का कोई खर्चा भी तो नहीं था। न बीबी थी न बच्चा था। मैं तो अपने पूरे परिवार का खर्चा चलाती थी। एक दिन मेरी और रमजान की पैसे पर चोदने की बात तय हो गई। तब से हमे मौके का इंतजार था।
तब तक रमजान मेरी चूंचियो को ही दबा कर कुछ देर के लिए मजा ले लेता था। रमजान के चूंचियों को दबाते ही मैं अपने मूड में आ जाती थी। लेकिन किसी तरह से कंट्रोल करके चुप हो जाती थी। रमजान की चुदाई की प्यास अधूरी ही रह जाती थी। रमजान की अधूरी चूत चोदने की प्यास अब बहुत ही जल्द ख़त्म होने वाली थी। रमजान दो दिन काम पर नहीं आया था। मैंने उसके ना आने का कारण पूछा। तो उसने मुझे अपनी बीबी के ना होने की वजह से सोच सोच कर परेशान था। रमजान की चुदाई की तड़प बढ़ती ही जा रही थी। वो मेरी चूत जल्द ही चोदना चाहता था। रमजान की ये तड़प बहुत जल्द ही पूरी होने थी। दूसरे दिन घर के सारे लोग बाहर जाने वाले थे। मै भी सोच रही थी। किसी तरह से कल घर खाली होगा। मौक़ा भी है कल चुदवाने को। मैं दूसरे दिन का इंतजार कर रहीं थी। मैं दूसरे दिन खूब सज धज कर काम पर गई। रमजान भी मुझ पर घात लगाए बैठा था। मेरे पहुचने से पहले घर के सारे लोग चले गए थे। रमजान बाहर ग्राउंड में बैठा घास निकाल रहा था। रमजान ने मुझे देखा तो देखता ही रह गया। रमजान की देखने की नजर बहुत ही अच्छी लग रही थी। बहुत ही प्यार से मेरी तरफ देख रहा था।
मैंने रमजान से पूछा क्या देख रहे हो। रमजान कहने लगा- आज तुम बहुत ही अच्छी लग रही हो। मैंने कहा रमजान ये सब मैंने तुम्हारे लिए किया है। रमजान ने चौक कर सर ऊपर उठाकर मेरी तरफ देखा था। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
रमजान वहाँ से उठकर घर में जाकर हाथ धोने लगा। उसने कहा क्यों मजाक कर रही हो। वो मेरी चूंची को हमेशा की तरह आज भी दबा कर मजे ले रहा था। मैंने रमजान को आज चूंचियो को दाबने से आगे की भी अनुमति दे दी। वो मेरी चूंचियो को दबा रहा था। मैंने आज उसे अपनी बीबी की तरह व्यवहार करने को कहने लगी। उसने इतनी बात सुनते ही अपने जेब से तय हुए पैसे निकाल कर मुझे देने लगा। मैंने पैसा रख लिया। रमजान को अभी तक यकीन ही नहीं हो रहा था। कि मैं पैसे पर भी चुदवाती हूँ। रमजान मेरे होंठ पर अपने होंठ चिपका कर चूंसने लगा। उसके होंठ मेरे होंठो पर आते ही मैं चुदवाने को बहुत ही बेकरार हो रही थी। उसने मेरे होंठो को चूसना शुरू किया। रमजान की होंठ भी बहुत सॉफ्ट थी। अपने मुलायम होंठो से मेरे मुलायम होंठो को चूस रहा था। उसकी होंठ चुसाई से मेरी साँसे तेज हो रही थी। वो मेरे होंठ का रस निचोड़ कर पी रहा था। रमजान के होंठ चुसाई से मेरी चूत में खुजली होने लगी।

उसने मेरे होंठ को चूस चूस कर मेरी चूंचियो को दबा रहा था। वो मेरी चूंचियों को दबा दबा कर चूंसने से मेरे होंठ लाल लाल हो गई। रमजान ने मेरी समीज को निकाल कर मेरी ब्रा सहित चूंचियो को हाथ में लेकर खडा हुआ था। रमजान मेरे दोनों चुच्चो को हिला हिला कर मजा ले रहा था। उसने मेरी चूंचियो को दबाते हुए मेरी ब्रा की हुक को निकाल दिया। मेरी ब्रा को दूर फेक कर मेरी चूंचियो से चिपक कर दूध पीने लगा। मैंने अपने चूंचियो से रमजान को चिपका लिया। उसने मेरा निप्पल अपने मुह में रखकर चूंचियो को पीने लगा। रमजान मेरे निप्पल को अपने दांतों से काट काट कर पी रहा था। उसके चूंचियो को काटते ही मैं “…अहहह्ह्ह्हह स्सीई ई ई इ….अ अ अ अ अ…आहा …हा हा हा” की सिसकारियां निकल जाती थी। मैंने रमजान को खूब दूध पिलाया। रमजान भी काफी दिनों से भूखे थे। मैंने उसको जी भर के चूंचियो को चूसने को कहा। रमजान चूंचियो को चूस कर दबा कर मुझे बहुत ही गर्म कर दिया।
चूंचियो को दबाते ही मै उसको अपने चूंचियो से चिपका कर दबा देती थी। रमजान ने भी अब मेरी चूंचियों को पीना छोड़कर मेरी सलवार का नाडा खोल रहा था। मैं भी काफी दिनों बाद चुदवा रही थी। उसने मेरी सलवार निकाल कर मेरे चूत पर हाथ रख् दिया। सलवार को निकालने के कुछ देर बाद मेरी पैंटी निकाली। मेरी पैंटी को रमजान ने सोफे पर फेक दी। सोफे पर मेरी पैंटी फेंक कर रमजान ने मेरी चूत चाटने के ये मुझे पास ही सोफे पर बिठा दिया। रमजान की नजर मेरी चूत पर ही थी। वो मेरी चूत को चाटने कर लिए अपना मुँह आगे बढ़ा कर मेरी चूत में लगा दिया। मेरी चूत पर रमजान का जीभ लगते ही। मैं बहुत ही गर्म हो गई। उसने मुझे अपने जीभ से मेरी चूत चाटने का आंनद दे रहा था। रमजान का चूत चाटना मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। उसने अपनी जीभ मेरी चूत पर घुमा घुमा कर खूब मजे से चाट रहा था। मेरी चूत को चाट चाट कर बहुत ही गर्म कर दिया। रमजान अपना जीभ मेरी चूत की दरारों में लगा लगा कर मुझे गर्म कर दिया। मै जोर जोर से “….अई…अई….अई… .अई….उहह्ह्ह्ह. ..ओह्ह्ह्हह्ह…” की सिसकारी निकल जाती थी।

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रमजान ने मेरी चूत में अपनी जीभ डाल कर चूत को साफ़ करने लगा। मेरी चूत को साफ़ करने लगा। मेरी चूत में अपनी जीभ डालकर मेरी चूत की खुजली को औऱ बढ़ा दी। रमजान ने मेरी गीली चूत का सारा माल चाट लिया। मै बहुत ही गर्म हो गई थी। रमजान ने मेरी चूत पीना छोड़ कर अपना पैंट निकालने लगा। उसका बड़ा मोटा लौड़ा खड़ा होकर मेरी चूत में नहाना चाहता था। मै रमजान के लंड को पकड़कर आगे पीछे करके मुठ मारने लगी। रमजान का लौड़ा बहुत बड़ा था। रमजान के लौड़े को देख कर मै बहुत ही खुश थी। बहुत दिनों बाद इतना बड़ा मोटा लौड़ा खाने को मिल रहा था। रमजान ने अपने लौड़े को मेरी में डाल दिया। मैंने रमजान के लौड़े को खूब चूसा। रमजान के लौड़े का सुपारा बहुत ही गुलाबी हो गया। रमजान मुझे चोदने को परेशान होने लगा। रमजान ने कुछ देर तक लौड़ा चुसाया। फिर मेरी दोनों टांगो को फैला कर दिया। उसने अपना लंड मेरी चूत में रगडने लगा। रमजान का लौंडा मेरी चीखे निकाल हा था।

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मै “आई….आई…आई….अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी…हा हा हा…” की चीख निकाल रही थी। रमजान ने अपना लौड़ा मेरी चूत के छेद पर सटा कर जोर से धक्का मारा। रमजान का लौड़ा मेरी चूत में घुस गया। मै खूब तेज से “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…आह आह उ उ उ उ उ…अ अ अ अ अ….आआआआ—-”चिल्लाने लगी। रमजान मेरी चूत में लौड़ा डाल कर झटके पर झटका लगा कर। मेरी चूत चुदाई कर रहा था। रमजान का लौड़ा बहुत ही मोटा था। मैंने इससे पहले एक बार ही इतने मोटे लौड़े से चुदवाई थी। रमजान ने मेरी चूत को चोदने में खूब झटके लगाए। उसने मेरी चूत से पानी निकलवा दिया। रमजान ने मुझे चोद चोद कर चुदाई का भरपूर आनन्द दे रहा था। उसने मुझे कुतिया बनाकर अपना लौड़ा सीधे मेरी चूत में डाल कर मेरी चुदाई कर रहा था। मेरी कमर पकड़ कर अपना लौड़ा जोर जोर से जड़ तक पेल रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था।
मैं भी “…उंह उंहउंह..हूँ..हूँ…हूँ…हमममम अहह्ह्ह्हह..अई….अई…अई…” की आवाज निकाल कर चुदवा रही थी। रमजान का लौंडा मेरी चूत को फाड़ने लगा हुआ था। मेरी चूत को रमजान ने चोदकर अच्छे से फाड़ डाला। रमजान ने अब मेरी चूत की चटनी बना डाला। रमजान ने मेरी चूत से अपना लौड़ा जल्दी ही निकाल कर मेरी मुह में रख दिया। मैंने रमजान के लौड़े को चाट कर साफ़ किया। रमजान के लौड़े को कुछ देर तक चूंसने के बाद उसने भी सारा माल मेरी मुह गिरा दिया। रमजान का सारा माल पी गई। मै रमजान से खूब चुदवाती हूँ। रमजान मौक़ा पाते ही मुझे खूब चोदता है। मैंने रमजान का लौड़ा मौक़ा पाकर ही खूब चूसती हूँ।DMCA.com Protection Status

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