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रंडी भाभी की चूत चुदाई उसके ही घर में

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Hindi Sex Kahani लास्ट लोकल में अभी 12-13 मिनिट की देर थी. और सुहास अपनी बेग को पकड के खड़ा हुआ था विरार स्टेशन पर. मन ही मन में वो अपने बोस को बहुत सब गालियाँ दे रहा था. उसने ही सुहास को रोके रखे हुए था जिसकी वजह से ये नौबत आ गई की डेली 7 बजे की लोकल में जाने वाले सुहास को आखरी लोकल में जाना पड़ रहा था. लेकिन सुहास को अब तक ये पता नहीं था की उसकी ये लोकल यात्रा उसकी लाइफ की सब से अच्छी ट्रेवलिंग होने वाली थी. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
ट्रेन के आने से पहले ठंडी पवन की लहर आई और अभी तो जगह पकड़ने का कोई टेंशन था नहीं. सुहास प्लेटफोर्म से थोडा अंदर हुआ ट्रेन के आने से पहले. जैसे ही ट्रेन आ के प्लेटफोर्म से लगी की एक 30 -32 साल की भाभी सीड़ियों पर भागती हुई आई. सुहास ने उसे देखा और वो सोचने लगा की शायद तो वो ट्रेन मिस्ड कर देगी. लेकिन वो भाभी ने जल्दी से भाग के ट्रेन को पकड ही लिया. और वो ठीक वही डिब्बे में बैठी जिसमे सुहास चढ़ा था.

सुहास ने इस लेडी को ऊपर से निचे देखा. सुहास की और उस लेडी की नजरें मिली. ट्रेन में और भी दो तिन लोग बैठे हुए थे. सुहास और वो लेडी एक ही कम्पार्टमेंट में आमने सामने बैठे हुए थे. सुहास की समझ में ये नहीं आया की वो लेडी उसके सामने ऐसे कैसे आ के बैठ गई जब की ट्रेन का वो कम्पार्टमेंट शायद 90% से अधिक खाली था. सुहास को लगा शायद वो अच्छे कपड़ो में था इसलिए वो लेडी उसके पास बैठी थी. लेकिन दो मिनिट में ही सुहास को पता चल गया की वो भाभी अच्छे घर की नहीं लेकिन एक धंधेवाली थी. क्यूंकि भाभी जी ने दो मिनिट में ही अपना काम दिखाना चालू कर दिया. पहले अपने बोबे निचे झुक के दिखाए और फिर एक दो बार पाँव से सुहास को मारा.
सुहास समझ गया की वो रंडी ही है. लेकिन उसने कभी किसी रंडी के साथ सेक्स नहीं किया था इसलिए थोडा झिझक जरुर रहा था. लेकिन वो भाभी (या रंडी) ने अपनी तरफ से पूरा दाँव चल दिया था. उसने सुहास को देख के आँख मार दी. अब सुहास के लंड में ललक आने लगी थी. वो अब उस रंडी के साथ बातें करने लगा.
सुहास: कहाँ जा रही है आप?
भाभी: वनगाँव, और आप?
सुहास: जी मैं भी वही जा रहा हूँ. आप जॉब करती है क्या?
भाभी हंस के बोली: मेरी तो जॉब गिनो या धंधा सब एक ही है, वो क्या कहते है बिजनेश!
सुहास को देख के अब भाभी ने अपनी ब्लाउज को थोडा सही किया, जैसे की जानबूझ के वो अपने बूब्स का साइज़ दिखा रही थी अपने इस प्रोस्पेक्टिव कस्टमर को.
सुहास का दिल जोर जोर से धडक रहा था. अब इस भाभी ने उसके लंड की तरफ बार बार देखना चालू कर दिया था. सुहास ने हिम्मत कर के पूछ लिया, वनगाँव में आप कहा रहती हो?
भाभी ने एक ही पल में जवाब दिया: क्यूँ साथ में चलना है?
सुहास: सोरी!
भाभी: अरे सोरी नहीं, मैं सच में पूछ रही हूँ, साथ में चलना है क्या, 1500 लुंगी?
एक पल के लिए तो सुहास के दिमाग में आया ही नहीं की वो क्या जवाब दे इस लेडी को. वो डर भी रहा था की कुछ गरबड़ ना हो जाए. लेकिन वो रंडी शायद ज्यादा ही मसक्कत में लगी हुई थी. शायद उसे आज दिनभर कोई ग्राहक नहीं मिला था इसलिए वो सुहास को कुछ भी कर के अपने घर ले के जाना चाहती थी. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
सुहास ने धीरे से पूछा, कोई प्रॉब्लम तो नहीं होगा न?
भाभी: अरे कुछ नहीं होगा, पहली बार है क्या?
सुहास हँसते हँसते रुक गया, वो नहीं चाहता था की इस रंडी को पता चले की वो पहली बार चुदाई करनेवाला था. इसलिए उसने कहा नहीं पहली बार तो नहीं है.

सुहास और रंडी ने और भी कुछ बातें की (लेकिन वो आप के लंड को ठंडक नहीं देगी इसलिए उन्हें इस सेक्स कहानी में नहीं लिखा है.) कुछ पौने घंटे के बाद वनगाँव आने को था. भाभी के साथ सुहास खड़ा हो के ट्रेन के दरवाजे के पास गया. और तब उसने पीछे से इस भाभी की पिछाड़ी को देखा. वो काफी बड़ी थी और कसी हुई भी. सुहास का दिल एकदम जोर जोर से धडक उठा.
सुहास और वो भाभी ट्रेन से उतर के बहार आये तो स्टेंड के ऊपर एक भी ऑटो नहीं थी. सुहास को पता ही था की बहार ऑटो नहीं होगी. भाभी को उसने बोला, ऑटो नहीं है अब?
वो बोली: अरे मैं यही करीब में रहती हूँ.
दो चार मिनिट की वाकिंग में ही दोनों भाभी के घर जा पहुंचे. भाभी ने दरवाजे पर नोक किया तो एक मर्द ने दरवाजा खोला. वो भाभी का पति लग रहा था. उसे देख के तो सुहास की पेंट ही जैसे ढीली हो गई. वो एकदम से डर सा गया की साली इस रंडी का इरादा क्या है! वो नहीं जानता था की ये रंडी का पति एक नम्बर का निकम्मा है और वो पूरा दिन घर में बैठ के शेर ट्रेडिंग करता है और आज तक वो इतना नहीं कमा सका की अपनी बीवी और बच्चे को दो वक्त की रोटी दे सके. यही वजह से तो भाभी रंडी बनी और लोगों के लंड लेती है. और उसके पति को भी जैसे अब इस सब से फर्क नहीं पड़ता है.
भाभी सुहास को ले के कमरे में गई और उसने दरवाजा बंद कर दिया.
फिर वो सुहास की तरफ बढ़ी. सुहास ने पूछा: वो कौन है?
भाभी बोली, वो मेरा मरद है, घबराओ मत वो कुछ नहीं बोलेगा, उसकी औकात नहीं है बोलने की.
और फिर भाभी ने सुहास की पेंट के पट्टे को खोला और फिर ज़िप खोल के उसने अंदर हाटथ डाला. कुछ देर पहले जो लंड पूरा खड़ा था वो भाभी के पति को देख के सिकुड़ गया था. लेकिन अब इस भाभी के हाथ लगाने से उसके अंदर फिर से जान आने लगी थी. भाभी ने लंड को बहार निकाल के थोडा हिलाया. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
और वो लंड में फिर से जैसे हवा भरने लगी थी. और भाभी ने अब पतलून को निचे खिंच ली. और फिर वो खुद खड़ी हो के सुहास के सामने नंगी होने लगी. पहले उसने अपनी साडी का पल्लू हटाया और फिर ब्लाउज के बटन खोले. उसने अंदर ब्लेक कलर की ब्रा पहनी थी जिसके अंदर उसकी बड़ी चुन्चिया बड़ी ही सेक्सी लग रही थी. सुहास के सामने जैसे ही वो ब्रा खुली तो उसकी आँखे एकदम से खुल गई. वो बूब काफी मोटे थे और निपल्स भी एकदम काले रंग के थे. भाभी ने पेटीकोट का नाडा खोल दिया और फिर पेंटी भी निकाल फेंकी. एक रांड को भला कपडे निकालने में काहे की शर्म.

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सुहास के लंड को पकड़ के इस रंडी भाभी ने अब उसके ऊपर कंडोम पहना दिया. सुहास का लंड टाईट हुआ था. भाभी अपनी जांघे फैला के बिस्तर में लेट गई सुहास कंडोम वाला लंड ले के उसके मुहं के पास गया और बोला: मुहं में ले लो ना!
भाभी ने मुहं बना के कहा, उसके 3०० एक्स्ट्रा लुंगी.
सुहास ने कुछ नहीं कहा और सीधे उस भाभी के बाल पकड के अपने लंड को उसके मुहं में दे दिया. कंडोम का ब्लेंड सवाद को नजरअंदाज कर के भी भाभी लंड को मुहं में चलाने लगी थी. और बिच बिच में वो अपने हाथ से भी लंड को हिला रही थी. सुहास तो जैसे सपनो की दुनिया में विहार कर रहा था. उसके अंग अंग में जैसे वासना का सैलाब उमड़ पड़ा था. आजतक उसने लंड को मुहं में देने की बात सिर्फ सेक्स की कहानियों में पड़ी थी और पोर्न की मूवीज में देखी थी. और यही सब से बड़ी वजह थी की वो लंड के पानी को रोक नहीं सका. एक मिनिट के ब्लोव्जोब में ही उसके लंड ने कंडोम को भर दिया.
भाभी ने जल्दी से मुहं से लंड को निकाला और बोली: अरे इतनी जल्दी पानी निकल गया!
सुहास ने कहा: हाँ किसी ने ऐसे चूसा नहीं कभी इसलिए.
भाभी ने कंडोम को निकाला और उससे फोल्ड कर के एक कौने में डाल दिया. और एक फ्रेश कंडोम निकाल के उसने सुहास के लंड पर पहना दिया. सुहास ने अब इस रंडी भाभी की टांगो को फैला दिया. उसकी चूत एकदम क्लीन शेव्ड थी और उसके अंदर से पानी आ चूका था. अपने लंड को सुहास ने चूत पर लगा के हौले से अपनी कमर को हिलाई. उसका लंड जैसे फिसल के इस भाभी की चूत में घुस गया. सुहास को अपने लंड की सब तरफ चिकनाहट का अहसास हुआ जो भाभी की चूत के पानी की वजह से था.

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उसके लंड में एक अजब सी ठंडक सी आ गई चूत में पहली बार जाने की वजह से. उसने निचे हो के भाभी को अपनी बाहों में ले लिया और पुरे लंड के फ़ोर्स को भाभी की चूत में मारा. रंडी भाभी को दर्द तो नहीं हुआ लेकिन उसने सुहास को मजे देने के लिए अह्ह्ह अह्ह्ह्ह कर दिया. जो रंडी ऐसे नाटक नहीं करती है उसके कस्टमर कम होते है!
सुहास का लंड भाभी की चूत में था और वो कमर को आगे पीछे कर के उसकी चूत को मार रहा था. भाभी अह्ह्ह अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह अह्ह्ह्ह कर रही थी और सुहास ने अब भाभी की कमर के निचे दोनों हाथो को डाला हुआ था. वो उसे कमरे से थोडा ऊपर कर के चूत को चोद रहा था. और भाभी भी उसे सेक्स का पूरा सुख देने के लिए कराह रही थी और उसके लंड की तारीफ़ भी कर रही थी. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
दो मिनिट के बाद अब सुहास ने भाभी की टांगो को पूरा खोला और उसकी दोनों जांघ पर हाथ रखे हुए अपने लंड को पूरा बहार निकाल के वो चूत में घुसा रहा था. भाभी की चूत से चट चट की आवाजें आ रही थी जो कमरे के माहोल को और भी मादक बना रही थी. बस 3 -4 मिनिट और चला ये चुदाई का खेल और फिर सुहास का लंड फिर से हार गया इस रंडी भाभी की चूत के सामने. उसके लंड से पानी निकल के कंडोम में आ चूका था.

सुहास ने एक लम्बी सांस ली और अपने लंड को भाभी की चूत से निकाल लिया. भाभी ने कंडोम को लंड से निकाला और दोनों कंडोम को साथ में मिला के एक पोलीथिन बेग में भर लिए. फिर वो दोनों खड़े हो के अपने अपने कपडे पहनने लगे. भाभी ने अपने बाल सही किये जो चुदाई की वजह से अस्तव्यस्त हो गए थे. फिर सुहास ने इस रंडी भाभी को जो नक्की किया था उस से 300 रूपये एक्स्ट्रा दिए.
वो जाने को ही था की भाभी ने कहा रुको, अभी ऑटो नहीं मिलेगा मेरी पहचान वाला है एक उसे बुलाती हूँ. भाभी ने ऑटो वाले को कॉल कर के बुला लिया. और फिर उसने सुहास को कहा की मेरा नाम रेखा है, कभी बैठना हो तो नम्बर दूँ?
सुहास ने नम्बर लिया और फिर ऑटो वाला भी आ गया. सुहास ने उसे घर का पता नहीं दिया और सोसायटी से 10 घर छोड़ के वो उतर के चला गया!

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