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साड़ी बेचने आई जवान लड़की को चोद डाला

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मेरा नाम अमित है। दिल्ली के मदनगीर में घर है मेरा। मैं शादी शुदा मर्द हूँ। जवान और सेक्सी भी हूँ। sex stories मेरी बीबी पूनम बहुत सुंदर और सेक्सी माल है। मैं उसे हर रात चोदता हूँ। इसके अलावा मुझे बाहर की चूत मारना भी पसंद है। अपनी साली को पटाकर मैं कई बार चोद चूका हूँ। इसके साथ ही अपने ऑफिस की दो लड़कियों- पूजा और रीत को भी मैं पटाकर चोद चूका हूँ। मुझे हर तरह की चूत मारना पसंद है। अपनी बीबी को हर स्टाइल में चोद चूका हूँ। मिशनरी में, गोद में बिठाकर, कुतिया बनाकर। गांड भी उसकी मार चूका हूँ। मैं 30 साल का जवान और हैंडसम मर्द हूँ। रोज जिम जाकर अपनी बोडी बनाता हूँ। रोज फल और जूस पीता हूँ।
इसी वजह से मेरा लंड भी 7” लम्बा और 2” मोटा है। जिस लड़की के साथ मैं काम लगाता हूँ उसकी चूत को चोद चोदकर फाड़ डालता हूँ और “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा”की चीखे निकलवा देता हूँ। मैं उसे पूरी तरह से संतुस्ट कर देता हूँ। अब स्टोरी पर आता हूँ। पिछले हफ्ते मेरी बीबी पूनम आपने मायके चली गयी थी। अब मैं घर पर अकेला था। रविवार के दिन शाम को मैं आराम से अपने घर में सो रहा था की बेल बजी। मैं जग गया। दरवाजा खोलकर देखा तो एक सुंदर लड़की साड़ी लिए खड़ी थी। वो पूरी कालोनी में साड़ी घूम घूमकर बेच रही थी। मेरी नींद टूट गयी थी इसलिए मैं गुस्से में था।
“क्या है जी??? घंटी क्यों बजाती हो??” मैंने झुंझलाकर बोला
“साहब मैं साड़ी बेच रही हूँ। लो पसंद कर लो। जो अच्छी लगे ले लो” वो लड़की बोली
“चल भाग यहाँ से। अच्छा ख़ासा सो रहा था। खामखा जगा दिया मुझे” मैंने उसे कुतिया की तरह दुत्कार दिया
“साहब ले लो न। मैं दाम भी कम कर दूंगी। देख लो हर कलर की साड़ी है मेरे पास” वो लड़की फिर से बोली। वो देखने में मस्त माल दिख रही थी। मेरी नींद भाग गयी। जिस्म भी भरा हुआ था उसका। मैं खड़ा होकर उसे ताड़ने लगा। वो मेरी तरफ देखने लगी
“साड़ी तो नही चाहिये। चूत देगी तो बता” मैंने पूछा और हाथ में 500 का नोट दिखाकर कहा
उसकी हालत बता रही थी की उसको पैसो की जरूरत थी। वो कुछ देर सोचती रही। फिर मान गयी। उसने सिर हिला दिया। आप यह चुदाई स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
“चल अंदर आ जा” मैंने कहा
वो अपनी साड़ी का बंडल लेकर अंदर आ गयी। मैं उसे अंदर ले गया। उसने लॉबी में मेज पर बंडल रख दिया। मैं उसे अंदर ले गया सीधा बेडरूम में। मेरा आलिशान मकान देखकर वो हैरान थी।

“आप तो बहुत पैसे वाले आदमी लगते हो??” वो बोली
“हाँ मेरे पास बहुत पैसा है। तू अगर अच्छे से चुदवाएगी तो और पैसा दूंगा” मैंने कहा
उसने अपना नाम रुपाली बताया। देखने में सांवली रंग की थी पर माल मस्त था। नारंगी रंग का सलवार सूट उसने पहना था। उसके सूट के उपर से ही उसके 36” के बड़े बड़े दूध के दर्शन हो गये थे मुझे। मैंने उसे लेकर बेड पर बैठ गया। उसका दुपट्टा मैंने हटा दिया। अब करीब से उसके दूध दिख रहे थे। मैंने दूध के उपर हाथ रख दिया और हल्का हल्का दबाने लगा। फिर सहलाने लगा। मैंने उसे बाहों में भर लिया। फिर किस करने लगा। उसके होठ सुंदर और गुलाबी थे। मैं चूसने लगा। धीरे धीरे वो भी मेरा साथ निभाने लगी। मेरे होठो को वो अच्छी तरह से चूस रही थी। धीरे धीरे उसके चूतड़ पकड़ कर मैंने उसे अपनी गोद में बिठा लिया। सूट के उपर से ही उसकी कमर और पीठ को सहलाने लगा। खूब किस वाला सीन हुआ।
“रुपाली!! चल नंगी हो जा। कपड़े उतार दे सब” मैंने कहा
फिर अपना बनियान और बर्मूडा मैंने कच्छे के साथ ही उतार दिया। धीरे धीरे रुपाली ने अपना सूट और सलबार उतार दी। फिर ब्रा और अंडरवियर भी उतार दिया। फिर मेरे बेड पर लेट गयी। मैं भी उसके उपर चढ़ गया। उसको बाहों में भर लिया और सब जगह किस करने लगा। अंदर से काफी सेक्सी और गोरी थी रुपाली। मस्त आइटम लग रही थी। मैंने उसके कंधे, गले, गाल पर किस करने लगा। उसके गालो पर कई बार मैंने दांत गड़ाकर काट लिया। अब उसके दूध के दर्शन करने लगा। 36” की 2 कसी कसी तनी तनी चूचियां बहुत कसी थी। जैसे जवान बॉर्डर पर सजग मुद्रा में खड़े हुए होते है ठीक उसी तरह उसके दूध खड़े हुए थे। मैं दूध पर हाथ रख दिया और सहलाने लगा। रुपाली “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” करने लगी। मेरी वासना बढती चली गयी। मैं गोल गोल हाथो को घुमाकर दूध दबाने लगा। कितने मुलायम स्तन थे उसके। खूब आनन्द मिलने लगा। मेरे हाथ अब और तेज तेज उसके दूध को मसलने लगे। मैं नीचे सरक आया। मुंह में लेकर रुपाली के अनार का रसपान करने लगा। जल्दी जल्दी चूसने लगा। आप यह चुदाई स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
“आराम से चूसो साहब! लगती है” वो बोली

पर मैंने उसकी बात नही सुनी और किसी वासना के पुजारी की तरह जल्दी जल्दी चूसता रहा। उफ्फ्फ! कितने बड़े बड़े और रसीले आम से उसके। खूब चूसा मैंने। बायीं चूची चूस ली। फिर दाई वाली चूची मुंह में भर ली। उसे भी 5 मिनट तक चूसा। उसके पेट को मैंने कई बार हाथ से छुआ और सहलाया। बड़ा सेक्सी और गोरा मखमली पेट था उसका। मैं कई बार पेट पर चुम्मा ले लिया। रुपाली “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” करने लगी। अब उसकी नाभि पर आ गया। कुछ देर उसनी नाभि का दीदार करता रहा। फिर उसने ऊँगली करने लगा। वो कामुक सिसकियाँ लेने लगी। फिर अपनी जीभ नाभि के गड्ढे में घुसाने लगा। रुपाली को गुदगुदी होने लगी। उसके पैरो तो बहुत ही सुंदर थे। बाहर से वो इतनी सेक्सी माल नही दिख रही थी पर अंदर से कयामत थी। उनके घुटने, टांग, और जांघ तो कयामत थी। बिलकुल गोरी गोरी मक्खन की तरह। मैंने कई बार उसके घुटनों और टांगो पर किस किया। फिर उसकी सफ़ेद संगमरम जैसी जांघ को हाथो से सहलाकर मजा लूटने लगा। किस भी खूब किया। उसने ही अपने पैर खोल दिए।
आखिर में उसकी चूत का दीदार हो गया। बिलकुल साफ़ और चिकनी चूत थी उसकी। मैंने ऊँगली से चूत खोली तो देखा की अच्छी खासी चुदी हुई थी रुपाली।
“तू तो खूब चुदी चुदाई खाई खेलाई माल है” मैंने कहा

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“हाँ मेरा एक बॉयफ्रेंड है। वही मुझे रोज रात में आकर चोद लेता है। उसने ही मेरी बुर को फाड़ दिया है” रुपाली बोली
ये बात सुनकर मैं खुश हो गया। उसकी चूत पर मैंने अपना हाथ रख दिया और गोल गोल करके सहलाने लगा। वो गर्म होने लगी। मैं जल्दी जल्दी सहलाता ही रहा। कुछ ही देर में रुपाली पूरी तरह से गर्म हो गयी।
मैं लेटकर उसकी चूत चाटने लगा। जल्दी जल्दी चाट रहा था। वो “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” करने लगी। धीरे धीरे माल उसकी भोसड़ी से बाहर निकलने लगा। सफ़ेद रंग का गाड़ा क्रीम जैसा दिखने वाला माल था। अब उसकी भोसड़ी बड़ी नर्म और गीली हो गयी थी। मैं किसी कुत्ते की तरह जल्दी जल्दी चाट रहा था। रुपाली को अब सेक्स का नशा चढ़ रहा था। वो मुंह खोलकर कामुक आवाजे निकाल रही थी। अपने दूध खुद ही दबा रही थी। मैंने अपनी एक ऊँगली ली। अपने मुंह में डालकर गीला किया और फिर रुपाली की बुर में डाल दी। जल्दी जल्दी ऊँगली से चूत फेटने लगा। वो फिर से “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाजे निकालने लगी। साफ़ था की उसे भी अत्यधिक आनंद आ रहा था। फिर मैंने 2 ऊँगली उनकी बुर में डाल दी और जल्दी जल्दी फेटने लगा।
“उंह उंह उंह ….आह साहब!! आराम से मेरी चूत फेटो। दर्द हो रहा है। प्लीस आराम से करो” वो अपनी कमर उठाकर बोली
अपना पेट भी बार बार उठा रही थी। मुझे उसकी अदाये अच्छी लग रही थी। मैं मेहनत से उसकी भोसड़ी को फेट रहा था। जो माल बाहर निकल रहा था उसे पी जाता था। फिर मैंने उसके पैर खोल दिए। चूत पर अपना 7” लम्बा और 2” मोटा रोकेट जैसा दिखने वाला लंड रखा और हल्का सा धक्का मारा। लंड आराम से उसकी चूत में प्रवेश कर दिया। मैं जल्दी जल्दी उसे पेलने लगा। रुपाली “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की सेक्सी आवाजे निकालने लगी। उसकी आवाजे मुझे और जादा जोश दिला रही थी। मैं कमर उठा उठाकर उसके बजाने लगा। आप यह चुदाई स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
वो चुदने लगी और मुझसे लिपट गई। मैं भी उसे अपनी बीबी की तरह प्यार करने लगा। लम्बे लम्बे गहरे धक्के मैं दे रहा था। वो मचल रही थी। हीटर की तरह गर्म लग रही थी। ऐसा लग रहा था की उसे बुखार चढ़ गया हो। मैं उसे गालो पर खूब किस कर रहा था। उसके होठो को चूस रहा था। दांत से काट काटकर चूस रहा था और चुदाई कर रहा था।

धीरे धीरे वो मेरी बाहों में पूरी तरह से समा गयी। उसके दूध को मैं फिर से पकड़कर दबाने लगा। सहलाने लगा और मसलने लगा। वो बार बार अपना पेट उपर को उठा देती थी। रुपाली अब पूरी तरह से गर्म हो गयी थी। मैं अपनी तरफ से कोई कमी नही करना चाहता था।
और तेज तेज धक्के देने लगा। वो मुझसे किसी सांप की तरह लिपट गयी। हम दोनों के पसीना आ गया। मैंने नीचे उसकी भोसड़ी की तरफ नजर डाली। उसकी चूत से खूब मक्खन निकल रहा था।सेक्स के नशे से चूत डबलरोटी की तरह फूल गयी थी। वो संतुस्टी पा रही थी। मुझे ख़ुशी हुई की आज एक असली मर्द का लंड का स्वाद वो चख रही है। मैं अब फिर से उसके होठ चूसने लगा। फिर दूध पीने लगा।
““उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… साहब !! फाड़ दो आज इस बुर को। चोद चोदकर इसका हलुआ बना दो। बहुत खुजली होती है इस कामिनी चूत में। आज इसकी प्यास बुझा दो!!” रुपाली जोश में आकर बोली
ये सुनकर मेरी ख़ुशी का ठिकाना नही था। मैंने और मेहनत करनी शुरू कर दी। जल्दी जल्दी उसे पेलने लगा। उसके दूध उपर नीचे गेंद की तरह हिल रहे थे। बेहद सेक्सी लड़की दिख रही थी। मैं एक सेकंड को भी नही रुका। जल्दी जल्दी चोदता रहा। फिर झड़ने का वक़्त आ गया। पर सोचा की जाते जाते क्यों न अपने लंड का नाम रोशन कर दूँ। इसलिए गहरे और तेज धक्के मारने लगा। अब रुपाली “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….”की सेक्सी आवाजे निकलाने लगी। वो तो बेकाबू होकर बिस्तर से उछली जा रही थी। उसके दोनों हाथो की उँगलियों में मैंने अपनी उँगलियाँ फंसा दी। हम दोनों आगे पीछे होने लगे। हम दोनों की कमर गोल गोल नाचने लगी। धक्के मारते मारते हम दोनों साथ में झड़ गये। दोनों के माथे पर पसीना आ गया। रुपाली भी झड़ गई। मैं तेज सांसे लेते हुए, हांफते हुए उसके उपर ही गिर गया। उसके मीठे पसीने की खुशबू मेरी नाक में जा रही थी। वो मुझे फिर से प्यार करने लगी। होठो पर किस करने लगी। फिर हम दोनों ने अपने अपने कपड़े पहन लिए। मैंने उसे 500 का नोट दिया। फिर वो चली गयी।

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