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सगी भाभी की चुदाई लाइव देखी और मुठ मारी

New Sex Stories आज मैं आपको अपनी सनसनीखेज स्टोरी सूना रहा हूँ। उस दिन मैं दोपहर में बहुत सो लिया था। इसलिए रात में मुझे नींद नही आ रही थी। मेरे कमरे के ठीक बगल मेरे बड़े भैया का कमरा था। मुझे सुबह उठकर कॉलेज की जाना था इसलिए मैं मजबूरी में बिस्तर पर लेट गया और आँखें बंद कर दी। करीब 2 घंटे बाद मेरी नींद अचानक से टूट गयी थी। बगल वाले कमरे में “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की आवाज आ रही थी। ये गरमा गर्म आवाजे सुनकर मेरी नींद टूट गयी थी। मुझे समझते देर नही लगी की भैया भाभी की चुदाई कर रहे है। दोस्तों मेरे मन में बड़ी तीव्र इक्षा थी की अगर आज अपनी भाभी को नंगी चुदते हुए देख लूँ तो समझ लो की जिन्दगी सफल हो गयी। मेरी भाभी का नाम बबली। बड़ी कंटीली माल। जिस दिन भाभी शादी के समय भैया के गले में जयमाल डाल रही थी उसी वक्त मेरा लंड खड़ा हो गया था। बार बार मैं यही सोच रहा था की काश अगर मैं बड़ा भाई होता तो आज इस छमिया की शादी मुझसे हो जाती। कितना अच्छा होता तब। मस्त चूत बजाता उसकी। पर दोस्तों बबली भाभी की शादी भैया से हो गयी और सुहागरात वाले दिन भैया ने भाभी को कसके चोद भी लिया और मैं गांडू बस हाथ मलता ही रह गया। पर आज मेरे पास सुनेहरा मौका था। आज मैं अपनी खूबसूरत बबली भाभी को चुदते हुए देख सकता था। भैया अपने कमरे की लाईट जलाकर भाभी को चोद रहे थे। बबली भाभी तो “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” की कामुक आवाजे निकाल रही थी।

मैं जल्दी से अपने कमरे का नाईट लैप्म बुझा दिया। जिससे ये ना मालूम हो की मैं जग रहा हूँ। उनका कमरा मेरे कमरे से सटा हुआ था। उपर दिवार में एक रोशनदान लगा हुआ था जिस पर कांच था। मैंने जल्दी से एक स्टूल अपने बेड पर रख दिया और उस पर चढ़ गया। और मैं रोशनदान से भैया की कमरे में ताड़ने लगा। दोस्तों उस दिन तो मेरी लोटरी लग गयी थी। बबली भाभी पूरी तरह से नंगी थी। आज जाकर मैंने उनका खुला हुआ जिस्म देखा। बस समज लीजिये की खुदा ने बबली भाभी को बड़ी फुर्सत में बैठकर बनाया था।
उफ्फ्फ्फ़!! भाभी के क्या नर्म नर्म दूध थे। मेरे भैया उनके मम्मे को हाथ में लेकर सहला रहे थे। भाभी की चूचियां 36” की थी। 36 30 34 का फिगर था उनका। लग रहा था की कोई गद्दा बिस्तर पर बिछा हुआ है। बड़े भैया जल्दी जल्दी भाभी के आम दबा रहे थे। वो “…..ही ही ही……अ अ अ अ .अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ…” बोलकर कामुक आवाजे निकाल रही थी। फिर भैया भाभी पर लेट गये और उनकी चूची को मुंह में भर लिया और चूसने लगे। बबली भाभी कसमसाने लगी। दोस्तों मैं अपने कमरे में था और स्टूल पर खड़े होकर सारा नजारा देख रहा था। मुझे बड़ा आनंद आ रहा था। आज पहली बार मैं किसी औरत को चुदते हुए लाइव देख रहा था। मैं बिलकुल चुप था और किसी तरह की कोई आवाज नही कर रहा था। बड़े भैया तो भाभी के अमृतसमान दूध को जल्दी जल्दी चूस रहे थे। उनका बस चलता तो वो उनकी चूची काट के खा जाते। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

““……अई…अई….अई……धीरे धीरे पीजिये जी! लगती है। आराम से मेरे दूध पीजिये जल्दी किस बात की है!! पूरी रात पड़ी है मुझे चोदने के लिए। जितना दिल करे चोद लीजियेगा” भाभी बोली पर मेरे बड़े भैया ने उसकी एक बात नही सुनी। वो पूरी गहराई तक उनके आम को मुंह में भर रहे थे फिर मुंह चला चलाकर चूस रहे थे। मैं अपने कमरे के रोशनदान से खड़े होकर नारा नजारा देख रहा था। मेरा लंड मेरी चड्डी में खड़ा हो गया था। मन कर रहा था की काश मुझे भी आज बबली भाभी को चोदने को मिल जाता तो जिन्दगी सफल हो जाती। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। बड़े भैया तो भाभी की जवानी पर पूरी तरह से लट्टू हो गये थे। वो बस भाभी की चूची चूसे जा रहे थे….चुसे जा रहे थे और छोड़ने का नाम ही नही ले रहे थे। उधर बबली भाभी तडप रही थी। तभी मैंने देखा की उन्होंने खुद अपने हाथ की 2 ऊँगली अपनी रसीली चूत में डाल दी और जल्दी जल्दी अपनी चूत खुद ही फेटने लगी। मेरे भैया तो उसकी एक चूची चूसते फिर छोड़ देते और दूसरी चूची मुंह में भर लेते और चूसने लग जाते। उधर भाभी जल्दी जल्दी अपना भोसड़ा फेट रही थी। अब मेरे लंड से रस टपकने लगा था। मुझे मैं ये सारा काण्ड देख रहा था। कुछ देर बाद बबली भाभी की ऊँगली में उसकी ही चुद्दी का सफ़ेद रस लग गया। उन्होंने भैया के मुंह में अपनी रस से भीगी ऊँगली डाल दी। भैया सारा माल पी गये। फिर भाभी ने भैया को नीचे लिटा दिया और अपना बैठ गयी और उसके 8” लौड़े को हाथ में पकड़ लिया और जल्दी जल्दी फेटने लगी। बहनचोद!! ये हो क्या रहा है??? मैंने खुद से कहा
बड़े भैया अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” बोलकर सिसक रहे थे। मेरी बबली भाभी की बड़ी चुदक्कड औरत निकली। मुझे तो उसके इस रूप के बारे में पता ही नही था। वो जल्दी जल्दी बड़े भैया का लंड फेट रही थी। भाभी को खूब मजा मिल रहा था। फिर वो झुक गयी और उन्होंने बड़े भैया का लंड मुंह में ले लिया और जल्दी जल्दी चूसने लगी। मैंने देखा तो मेरी गांड फट गयी। बबली भाभी ऐसी चुदक्कड औरत होगी मैंने कभी सोचा नही था। बाहर से कितनी मासूम बनती है। लगता है कुछ जानती थी नही। अब मैंने इनका असली चेहरा देखा है। दोस्तों मैंने किसी तरह की कोई आवाज नही की और चुप चुप रोशनदान की खिड़की से सारा नजारा देखता रहा। बबली भाभी जल्दी जल्दी मेरे बड़े भैया का लौड़ा फेट रही थी और मुंह में अंदर गले तक लेकर चूस लेती थी। वो जल्दी जल्दी अपना सिर उपर नीचे हिला रही थी। उनको भैया का लंड चूसने में बेहद मजा आ रहा था। भाभी ने 20 मिनट तक मेरे भैया का गधे जैसा लंड चूसा और गोलियां भी मुंह में लेकर चूस ली।

फिर बड़े भैया ने उनको बिस्तर पर लिटा दिया और उनकी कमर के नीचे 1 मोटा तकिया लगा दिया। दोनों पैर खोल दिए। सामने बबली भाभी का क्लीन शेव्ड भोसड़ा था। दोस्तों आज वो ऐतहासिक दिन था जब मैंने अपनी सगी भाभी का भोसड़ा देखा था। ओह माय गॉड!! कितना बड़ा और कितना सुंदर भोसड़ा था। बिलकुल सफा चट। एक भी झांट नही थी उसपर। मेरे बड़े भैया लेट गये और उन्होंने बबली भाभी की रसीली चूत पीना शुरू कर दी। धीरे धीरे भैया पूरी तरह से पागल हो गये थे। उन्होंने अपने बेड की दराज से शहद की एक शीशी निकाली और भाभी की चूत पर उड़ेल दी। उसके बाद बड़े भैया भाभी की मीठी मीठी चूत चाटने और पीने लगे। कुछ ही देर में भैया सारा शहद किसी भालू की तरह चाट गये थे। वो लपर लपर करके अपनी जुबान बाहर तक निकाल कर बबली भाभी का भोसड़ा पी रहे थे। कुछ शहद की बूंद भाभी की बुर के छेद के भीतर तक चली गयी थी। इसलिए बड़े भैया ने दोनों अंगूठे की मदद से भाभी की चूत खोल दी और अंदर तक जीभ डालने लगे। भाभी “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” की गर्म गर्म आवाजे निकाल रही थी। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

बड़े भैया की जीभ अब भाभी की बुर के छेद में 2 इंच तक अंदर पहुच गयी थी और वो मीठा शहद का मजा ले रहे थे। भाभी कामवासना के सुख से तडप रही थी। फिर वो समझ आ गया था जिसक मुझे बड़ी बेसब्री से इंजतार था। आखिर बड़े भैया से अपना 8” का हाथी जैसा लौड़ा हाथ में ले लिया और जल्दी जल्दी फेटने लगे। कुछ ही मिनट में उनका लंड किसी लोहे के सरिया की तरह हो गया था। फिर बड़े भैया ने अपना लंड भाभी की चूत में डाल दिया। फिर जल्दी जल्दी चोदने लगे। दोस्तों ये वाला सीन देखकर मेरे लंड ने अपना माल छोड़ दिया। मैंने दीवाल पर ही अपने माल की पिचकारी छोड़ दी। इसी दीवाल के किनारे मैं सहारा लेकर खड़ा हुआ था। जैसे ही मैंने बबली भाभी को चुदते देखा मैं उतेजित हो गया और मेरे लौड़े ने माल गिरा दिया। दीवाल गंदी हो चुकी थी पर मुझे उसकी जरा भी परवाह नही थी। मैं तो चुदाई वाला काण्ड देखने में बिसी था बैनचो। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

उसके बाद बड़े भैया जल्दी जल्दी भाभी को चोदने लगे। कुछ ही देर में भाभी “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स् की गर्म गर्म आवाजे निकालने लगी। उन्होंने अपनी दोनों जांघ जब खोली तो मैं चकित था। कितनी गोरी संगमरमर की तरह खूबसूरत जांघे थे। मेरे बड़े भैया तो भाभी की चूत का चोकलेट वाला भूरे रंग का केक काट रहे थे। वो जल्दी जल्दी भाभी को किसी रंडी की तरह चोद रहे थे। बबली भाभी ने अपने दोनों पैर हवा में उठा लिए थे। मैं सोच रहा था की क्या सारी औरते चुदाते समय अपने पैर इसी तरह हवा में उठा लेती है। क्या उनको दर्द नही होता। फिर बड़े भैया लहर लहर मार कर भाभी को चोदने लगे। कुछ देर बाद उन्होंने अपनी रफ्तार बढ़ा था। 18 – 20 मिनट के गरमा गर्म सम्भोग के बाद बड़े भैया भाभी की भोसड़ी में झड़ गये। फिर उनके उपर लेट गये। भाभी फिर से मेरे भैया के होठ चूसने लगी। दोस्तों ये वाला काण्ड देखकर मैं स्टूल ने नीचे उतर आया और 2 बार मैंने मुठ मार दी। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
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