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शराफत भाई ने मुझे मालिक के बिस्तर पर लिटाकर चोदा

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Sex Stories  मेरा नाम सबीना है। मैं गरीब अबला बेसहारा औरत हूँ। मैं घरो में कामवाली का काम करके गुजर बसर करती हूँ। मैं बिजनौर की रहने वाली हूँ। मैं जहाँ पर काम करती थी वहां का मालिक अपना घर बेच कर लंदन चला गया था। और जिसको घर बेजा था उसे अभी रहने का काम नही था। इसलिए उसने घर में ताला मार दिया था। अब मेरे पास काम नही था।
फिर कुछ दिनों बाद मुझे एक बंगले में काम मिल गया। वो लोग गुजराती थे और बहुत अच्छे लोग थे। बंगले का मालिक तो बहुत ही अच्छा था। कपड़े की मिल थी उसकी। बहुत पैसे वाला आदमी था पर फिर फिर कितनी प्यार से बात करता था।
“कितना पैसा तुम पगार लोगी??” मालिक बोला
“8 हजार” मैंने कहा
“मैं तुमको 10 हजार देगा पर मेहनत से काम करना। मुझे कोई शिकायत नही चाहिए” गुजराती मालिक बोला
मैं काम करने लगी। ये नया वाला बंगला तो बहुत सुंदर और बड़ा था। पर बड़े होने के कारण मुझे रोज काम करना पड़ता था। मेरी दोस्तों शराफत भाई से हो गयी। वो बंगले का पुराना नौकर था। वो मालिक की कार रोज साफ करता था। कुत्तो को सुबह टहलाने ले जाता था। लेडीस काम मैं सम्हालती थी। मैं खाना पकाती थी और झाड़ू पोछा करती थी। धीरे धीरे मेरी दोस्ती शराफत भाई से हो गयी। उसकी उम्र 40 साल की थी। सिर पर बाल नही थे, गंजा था। मैं उसके साथ काम करती थी। कभी कभी मैं झुककर पोछा लगाती थी तो मेरे 36” के दूध सराफत भाई को साफ़ साफ़ दिख जाते थे। जब मैं उसे देखने लगती थी तो वो दूसरी तरफ ताड़ने लग जाता था। वो छुप छुपके मेरे दूध को ताड़ता था। धीरे धीरे मेरा शराफत भाई से चुदने का दिल करने लगा। indiansexkahani.com
“शराफत भाई आपके बीबी बच्चे है क्या??” मैंने पूछा
“अरे नहीं सबीना!! मेरी तो शादी नही हुई” वो बोला
ये सुनकर मुझे अच्छा लगा। धीरे धीरे मैं उसे लाइन देने लगी। जब उसके साथ बंगले की साफ़ सफाई करती गहरे गले वाले ब्लाउस मैं पहनती जिसमे मेरी मस्त मस्त चूचियां दिख जाती। शराफत भाई का तो लौड़ा ही खड़ा हो जाता। एक जान जानबुझकर मैंने अपनी साड़ी का पल्लू गिरा दिया।

मैंने कट स्लीव वाला ब्लाउस पहना था जिसमे मेरी गोरी गोरी बाहे और कंधे दिख रहे थे। मैं मेज पर खडी होकर छत का जाला साफ़ कर रही थी। शराफत मेज को पकड़े हुए थे। किनारे का जाला साफ़ करते करते और मेज से आगे बढ़ गयी और नीचे गिरने लगी। तभी शराफत भाई ने मुझे गोद में कैच कर लिया। मैं उनकी बाहों में आ गयी और वो मेरी नजरों में ही देख रहा था। मेरा दिल धक धक कर रहा था। आज मैं शराफत भाई की गोद में थी। मैं भी उसे ही देख रही थी। हम दोनों एक दूसरे से प्यार करते है ये बात मुझे भी मालुम थी और शराफत भाई को भी। फिर वो भी सेंटी हो गयी। गोद में लेकर वो मेरे होठो पर किस करने लगा।
“सबीना आई लव यू। मैं तुमसे प्यार करता हूँ” शराफत भाई बोला
“मैं भी आपसे प्यार करती हूँ शराफत भाई” मैंने कहा
उसके बाद वो मुझे गोद में लेकर ही जल्दी जल्दी किस करने लगा। फिर मुझे जमीन पर उताकर नीचे रख दिया हम दोनों प्यार करने लगे। उसने मुझे गले से लगा लिया। मैं भी कितने दिनों से एक मर्द की प्यासी औरत थी। चुदने का बड़ा दिल था मेरा। शराफत मेरे हाथों को पकड़कर मेरे गाल, गले, और चेहरे पर किस कर रहा था। मुझे अच्छा लग रहा था। मेरा पति तो बहुत पहले ही मर गया था इसलिए मैं भी लंड खाने को तडप रही थी। मैं भी उससे चिपक गयी और अपना जानम समझकर प्यार करने लगी। काफी देर तक वो मुझे होठो पर किस करता रहा। अब मेरा उससे चुदने का दिल था।
“सबीना सराफत! कहाँ हो तुम दोनों। मेहमान आये है जल्दी से चाय नास्ता लेकर आओ” मेरी मालकिन बोली
हम दोनों जल्दी से अलग हो गये। अगर बंगले की मालकिन जान जाती की मेरा और सराफत का चक्कर चल रहा है तो नौकरी भी जा सकती थी। मैं जल्दी से किचेन में चली गयी और जल्दी से चाय काफी बनाकर नाश्ता लगा दिया। सराफत आया तो मुझे देख देखकर मुस्कुरा रहा था। indiansexkahani.com

फिर वो नाश्ते की ट्रे ले गया और मेहमानों को दे आया। चोरी छिपे हम मिलने लगे। अपने बंगले के मालिक और मालकिन के सामने हम एक दूसरे की तरफ बिलकुल नही देखते थे। पर जैसे ही हम अकेले होते थे सराफत मेरे ब्लाउस पर हाथ रखकर मेरे दूध दबा लेता था। मेरे रसीले ओंठ मनभरकर चूस लेता था। अगले सप्ताह हमारे मालिक मालकिन और उनकी पूरी फेमिली साईं वाले शिर्डी बाबा को चले गये। अब बंगले में और सराफत भाई अकेले थे। आराम से चुदाई कर सकते थे।
“सबीना डार्लिंग!! बोलो आज घर में कोई नही है। क्या करने का मन है तुम्हारा??” सराफत मेरी तरह शरारत भरी नजरो से बोला। आज वो भी मुझे चोदना चाहता था।
“जान!! मेरा तो मन आज तुमसे जी भरकर प्यार करने का है” मैंने कहा
फिर वो मेरे पास आकर किस करने लगा। मुझे गोद में उठा लिया और मालिक के बेडरूम में ले गया। इसी कमरे में हमारे मालिक मालकिन की चुदाई करते थे। बहुत मस्त बेड था ये। बड़ा और मुलायम। फिर वो बार से व्हिस्की की एक बोतल ले आया और दो गिलास में उसने व्हिस्की निकाली और आइस क्यूब डालकर मुझे दे दी। कुछ ही देर में हम दोनों नशे में झुमने लगे। सराफत भाई ने मेरे ब्लाउस की बटन खोल दी। उतार दिया। फिर ब्रा भी खोल दी और उतार दी। फिर वो मेरे 36” के मस्त मस्त आम हाथ से दबाने और सहलाने लगा। मैं “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….”करने लगी।  indiansexkahani.com
मुझे बड़ा मजा आ रहा था। कितने सालो बाद आज कोई मर्द मेरे दबा रहा था। सराफत भाई मुंह में लेकर मेरी राईट साइड वाली चूची चूसने लगा। मैं तो पागल ही हुई जा रही थी। वो जोर जोर से मेरे निपल्स चूस आ रहा था। मेरे दूध बहुत सुंदर और सेक्सी थे। जहाँ जादातर औरतो की चूचियां गोल गोल होती है मेरी नुकिल रोकेट जैसे चूचियां थी और निपल्स अंगूर जैसी दिखती थी। सराफत मेरे बूब्स के दर्शन कर रहा था। मजे से सहला रहा था और दबा दबाकर चूस रहा था। मैं उसका हाथ दे रही थी। मैं पागल हुई जा रही थी। सराफत तो बड़ा रसिया आदमी निकला। खूब चूसा उसने मेरे अनार को। मेरी मुसम्मी को। कितना आनंद मिला मुझे।

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फिर वो लेफ्ट साइड वाली चूची को मुंह में लेकर दबाने लगा। मैं “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…”करने लगी। हम दोनों आज व्हिस्की के नशे में गरमा गर्म चुदाई करने जा रहे थे। खूब मजे लेट हुए थे। सराफत किसी छोटे बच्चे की तरह मेरी  चूस रहा था। उसे अत्यधिक आनंद आ रहा था। उसने कई बात मेरे अंगूर जैसे दिखने वाली निपल्स में अपने दांत गड़ा दिए जिससे निशान पड़ गया। दर्द हुआ पर मजा भी खूब मिला। खूब चूसा सराफत भाई ने मुझे। फिर एक एक करके मेरी साड़ी उतार दी। पेटीकोट और पेंटी उतारकर मुझे नंगा कर दिया।
“ओह्ह सबीना जान! तुम कितनी सुंदर हो। तुम्हारा जिस्म तो बहुत गोरा है” सराफत बोला
“तो आज मुझे तुम कसके चोद लो। मजा ले लो आज तुम मेरी जवानी का” मैंने कहा
सराफत अब मेरे पैरो को किस करने लगा। उसके सामने मैं पूरी तरह से नंगी हो गयी थी। मैं सुंदर और सेक्सी दिख रही थी। मैं कोई मॉडल जैसी दिख रही थी। सराफत मेरे जिस्म का दीदार कर रहा था। अपनी आँखें सेक रहा था। मैं उसका पूरा साथ निभा रही थी। उसने अपने कपड़े उतार दिए और नंगा हो गया। उसका लंड 6” लम्बा और 2” मोटा था। सराफत भाई का लौड़ा देखकर मैं बहुत खुश थी। वो मेरे पैर की उगंलियां लेकर मुंह में लेकर चूसने लगा। मेरे पैरो को वो हाथ से टच कार रहा था। मेरी चिकनी सफ़ेद सुंदर जांघो को वो बार बार हाथ से छू रहा था। फिर मेरी चिकनी चूत के दर्शन करने लगा।
जल्दी जल्दी जीभ लगाकर उसने मेरी चूत चाट ली। अपना लंड उसने मेरे भोसड़े पर रख दिया और मुझे गपा गप चोदने लगा। “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। मैं चुद रही थी और मजा लूट रही थी। आज 7 साल के बाद मैं लंड खाया था इस लिए कुछ जादा ही अच्छा लग रहा था। खूब आनंद होने लगा। सराफत भाई मुझे जल्दी जल्दी कमर उठाकर पेलने लगा। मैं दोनों टागों को खोलकर अपनी चूत को खोलकर उसके 6” लौड़े का स्वागत कर रही थी और जल्दी जल्दी चुद्दी में ले रही थी।  indiansexkahani.com
मेरी मखमली चूत में उसका लंड जल्दी जल्दी फिसल रहा था। कितना सेक्सी और मीठा अहसास था वो। मैं दोनों टांग उठाकर चुदवा रही थी। सराफत भाई मेरी चूत का चुकन्दर बना रहा था। जल्दी जल्दी मेरे भोसड़े को फाड़ रहा था। मैं तो बिस्तर से उछल उछल कर चुदवा रही थी। बड़ा आनंद मिल रहा था मुझे। सराफत भाई ने मेरी दोनों टांगो को उपर हवा में रोकेट की तरह उठा दिया। और इसके बाद तो मुझे ऐसा ठोंका की आपको क्या बताऊं। मेरी चूत से चट चट की आवाज बज रही थी जैसे बच्चे ताली बजा रहे है। मैं अपने दूध को खुद ही मसल रही थी। सराफत मुझे जल्दी जल्दी पेल रहा था। 25 30 मिनट बाद वो झड गया। मेरी भोसड़ी में उसने गर्म गर्म पानी छोड़ दिया। मैं उसको प्यार करने लगी। हम दोनों नंगे ही लेटे रहे।

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आधे घंटे बाद उनसे मुझे कुतिया बना दिया।
“सबीना जान!! चलो जल्दी से कुतिया बन जाओ” सराफत बोला
मैंने जल्दी से अपने दोनों हाथो पर घुटनों पर कुतिया बन गयी। वो मेरे पीछे आ गया और मेरी चिकनी गांड को जल्दी जल्दी चाटने लगा। अब वो मेरी गांड चोदने वाला था। उसने अपने लौड़े पर तेल लगाकर मेरी गांड के छेद पर रख दिया और जोर का धक्का दिया। सराफत भाई का सख्त लोहे जैसा लंड मेरी गांड को फाड़कर अंदर घुस गया। मैं “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” करने लगी। क्यूंकि मुझे बहुत दर्द हो रहा था। मेरी तो जान ही निकली जा रही थी। धीरे धीरे सराफत लंड को अंदर बाहर करने लगा। मैं तो मरी जा रही थी। फिर वो जल्दी जल्दी मेरी गांड चोदने लगा। 15 मिनट बाद वो अंदर ही झड़ गया। 

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