चेतावनी : इस वेब साइट पर सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है। कहानियां सिर्फ आप के मनोरंजन के लिए है, कहानियां काल्पनिक हो सकती है। कहानियां पढ़ कर इसे वास्तविक जीवन में आजमाने की कोशिस ना करें। सेक्स हमेशा आपसी सहमति से करें।

ससुर जी का लंड देख के चूत पानी पानी हो गई

loading...

Sex Stories मेरा नाम मधु है और मैं भोपाल मध्य प्रदेश की रहनेवाली हूँ. मेरी उम्र 37 साल की है और मेरे फेमली में मेरे सिवा मेरा एक बेटा, बेटी और मेरे पति है. मेरी ये हो कहानी जो आप लोगो के समक्ष ले के आई हूँ आज वो कुछ 5 साल पहले की है और ये एक सच्ची फेमली स्टोरी है. तो अब मैं ज्यादा टाइम वेस्ट किये बिना आप को सीधे ही कहानी बताती हूँ.
मैं भोपाल के एम् मिडल क्लास फेमली से हूँ और मेरे पति की एज अभी 55 साल की हो चली है. और अब इस उम्र में वो मेरे को वो सुख नहीं दे पाते है जो जवानी में दे सकते थे. मेरे बदन 34 इंच के दूध, 36 इंच के हिप्स और कमर भी 36 इंच की है. और मर्दों की वो नजर जो कपड़ो को फाड़ के अंदर नंगे बदन को देखती है वो मेरे ऊपर भी पड़ती थी. और मैं जानती थी की बहुत सारें मर्द थे जो मेरे भरे हुए बदन को सौख से फ़ांसना चाहते थे.  इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम 
और सच कहूँ तो मेरे को भी ये सब बड़ा अच्छा लगता था जब मर्द मेरे को देखते थे. और यही कारण था की मैं मॉडर्न फेशनवाले ड्रेस पहनती थी. एक बार की ये बात है जब मेरे पति के एक जूनियर की शादी थी दिल्ली के अंदर. और हम उस शादी को अटेंड करने के हम दिल्ली जाने वाले थे. पर घर पर मेरे ससुर और सास आने वाले थे. अब वो आये तो घर पर किसी का रहना भी जरुरी था. बच्चो को दिल्ली की बड़ी तमन्ना थी. इसलिए मैंने पति को अपने बच्चो के साथ भेज दिया और मैं यही भोपाल में रुक गई.
घर पर अब कोई ना होने की वजस से मैं बाथरूम का डोर खोल के ही नहाती थी. और घर के अंदर मैं ज्यादातर तो बिना कपड़ो के ही घुमती थी. और उसी तरह से नंगी ही सोती थी. पर अगले दिन जब मैं बाथरूम में नाहा रही थी तो डोरबेल बजी और मैं जल्दी जल्दी नहा के बिना ब्रा पेंटी पहन के सिर्फ गाउन बदन पर डाल के दरवाजा खोलने चली गई.

देखा तो मेरे सास और ससुर जी खड़े थे. मैंने उन्हें अंदर आने के लिए बोला और मैं पूरी गीली थी और मेरे निपल्स भी गाउन के ऊपर से साफ़ दिखाई दे रहे थे. और जब मैं उन दोनों के पैर छूने के लिए निचे झुकी तो ब्रा न होने की वजह से मेरे बूब्स निचे लटक पड़े और ससुर जी ने ये सब नोटिस कर लिया. और उन्होंने मुझे एक स्माइल दे दी तो मैं भी हंस ही पड़ी.
फिर मैंने हमारे लिए खाना बनाया और उन्हें खाने के लिए बुलाया. पेंटी ना पहनी होने की वजह से मेरी गांड साफ़ साफ़ दिख रही थी और मेरे ससुर जी मुझे देख के खुश हो रहे थे. उनके खाने के बाद मैं खाने को बैठी थी तब सास अपने कमरे में जा के लेट गई. और वैसे भी मेरी सास ज्यादातर बीमार ही रहती थी. ससुर जी ने टीवी ओन कर दिया और मेरे को पूछा बहु ये समाचार वाला चेनल किस नम्बर पर आता है?
मैंने उन्हें नम्बर बताया और उनसे लगा नहीं तो मैं उठ के जा के रिमोट ले के लगाने लगी. मैंने देखा की उतनी ही देर में उनका लंड मेरी सिर्फ गांड को देख के खड़ा हो गया था और वो उनकी धोती में से साफ़ साफ़ दिख रहा था. शायद उन्होंने अंदर अंडरवियर नहीं पहनी थी इसलिए लंड धोती में से झाँक रहा था और बड़ा सेक्सी भी लग रहा था.
मैंने समाचार लगा के ससुर जी को रिमोट दे दिया. और खाना ख़त्म कर के मैं अपने बेडरूम में आ गई. और मैंने अब जल्दी से गाउन उतार के अपनी ब्रा और पेंटी पहन ली और फिर गाउन पहन के दरवाजा खोल के बहार वापस आ गई. पर ससुर जी का लंड अभी भी उनकी धोती में खड़ा ही था और वो साफ़ साफ़ दिखाई भी दे रहा था की वो काफी बड़ा था. ऐसे लग रहा था की वो कड़ा हुआ लंड मेरे को ही देख रहा था. मैं ससुर जी के सामने वाले सोफे के ऊपर बैठ गई और उनकी धोती में खड़े हुए लंड को ही देखने लगी. और वो उस वक्त टीवी देख रहे थे मेरी नजर तो बार बार उस खड़े हुए लंड पर ही जा रही थी.  इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम 
तभी टीवी के पर कंडोम वाला एड आ गया और वो देख के मेरे ससुर जी मेरी तरफ देख के हंस पड़े. और उनके साथ मैंने भी हंस दिया और उठ के अपने रूम में चली गई. सेक्स न मिलने की वजा से मैं प्यासी ही थी और ऊपर से ससुर जी का इतना बड़ा लंड भी देख लिया था मैंने! मुझे तो कुछ कुछ होने लगा था. पर मैंने अपने ऊपर बहुत कंट्रोल किया हुआ था.

अगले दिन सुबह 7 बजे के बाद मैं उठी और नहाने के लिए चली गई. पर मेरे दिमाग में अभी भी ससुर जी के लंड के ही ख़याल थे. तो मैंने नहाते हुए मैंने अपनी चूत को सहलाया साड़ी पहनी और बहार आ गई. फिर मैंने सास और ससुर जी के लिए चाय बनाई और नास्ता बनाया. पर मेरी सास उतने में बोलने लगी की उन्हें पैरो में दर्द हो रहा है जर्नी की वजह से तो वो पैर दबा दो. तो मैं अपनी सास के पैरों को दबाने लगी और सास लेटी हुई थी.
तभी पैर दबाते हुए मेरी साडी का पल्लू कब निचे गिर गया मुझे पता ही नहीं चला. पर मेरे ससुर जी मेरे बूब्स को बड़े ध्यान से देखने लगे और मैं सास के पैर दबाती रही. तब मैंने ससुर जी को देखा और जब उन्हें देखा की वो मुझे ही देख रहे थे तब मैंने देखा की साडी का पल्लू निचे है और मैंने जल्दी से पल्लू हाथ से पकड के बोली की मैं खाना बनाने जा रही हूँ. सास ने कहा हाँ जाओ बना लो बेटा.
और तब मैंने देखा की मेरे ससुर जी अपने लंड को खुजा रहे थे. तो मैं समझ चुकी थी की ये मेरा ससुर मुझे अपना लंड देने की तैयारी में ही है. तो मैंने किचन में जा के खाना बनाना चालू किया और मैं सोचने लगी की कैसे ससुर जी से चुदवाऊँ और मेरी चूत की प्यास को बुझाऊ. और मैं कुछ देर तक यही सब सोचती रही.
फिर नॉर्मली सब ने खाना खाया और मेरी सास हमेशा की तरह दोपहर में सो जाती थी इसलिए वो सोने के लिए चली गई. उसकी तबियत ढीली रहती है इसलिए वो दिन भर भी सोई ही रहती है वैसे भी. खाना खाने के बाद मेरे ससुर जी मेरे साथ हॉल में ही बैठे हुए थे.
मैं अपने रूम में आ के लेट गई और ससुर के बड़े लंड के बारे में सोचने लगी. और मैं साडी के ऊपर से ही अपनी चूत को धीरे धीरे से सहलाने लगी. तभी मेरे ससुर जी की आवाज आई और उन्होंने कहा की बहु मेरे को कोई मूवी लगा दो.  इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम 

loading...

मैंने आवाज दी की आ रही हूँ. और अपनी साडी ठीक कर के मैं हॉल में जा के ससुर जी के साथ मूवी देखने लगी और सोचने लगी की किअसे मैं अपनी प्यास बुझाऊं और क्या ससुर जी मेरी चूत मारेंगे भी या नहीं. तब मैंने ये चेक करने के लिए सोचा. मैंने सोचा की क्यों न ससुर जी को मैं ही सेड्युस करूँ!
तो मैं ससुर जी के साथ यहाँ वहां की बातें करने लगी और मैंने मेरी साडी का पल्लू भी एक साइड में खिसका दिया और मेरी गोरी कमर और मेरे बड़े दूध के बिच की लाइन यानी की क्लीवेज साफ दिख रहे थे. और ससुर जी की आँखे बार बार मेरे बड़े दूध पर जा रही थी. उतने में मैंने मेरे हाथ से टीवी का रिमोट निचे गिरा दिया. और रिमोट की सेल भी इधर उधर हो गई. और रिमोट भी सोफे के निचे चला गया. मैं झुक के रिमोट निकालने लगी तब मेरी 36 इंच की गांड देख रहे थे मेरे ससुर जी. मैंने ससुर जी से कहा पापा जी सेल सोफे के निचे है और मेरा हाथ वहां तक नहीं पहुँच रहा है आप निकाल दो ना प्लीज.
तो ससुर जी मेरे सामने आ के निचे झुके और मैं भी उनके मुहं के सामने अपने बूब्स को लटका के पड़ी हुई थी. ये सब देखने से उनका लंड खड़ा हो चूका था और मैं समझ गई थी की उनका लंड भी मुझे चोदना चाहता है. तो मैंने मौका देखते हुए बेझिझक हो के मेरे ब्लाउज के हुक को खोल दिया और उनके सामने बैठ गई!
ससुर जी से भी रहा नहीं गया और वो भी मुझे देख ही रहे थे और मैंने आगे बढ़ के उनके लंड को पकड लिया जो मेरी सोच से भी कही ज्यादा बड़ा था. उनका लंड पुरे 8 इंच का था और उसकी मोटाई भी कम से कम 3 इंच से ऊपर ही थी. और ससुर जी ने अपने हाथ को मेरे दूध के ऊपर रख के दबाना चालू किया तो मैंने ससुर जी का मोटा लम्बा लंड बहार निकाला और उसे चूसने लगी. ससुर जी पागल हो चुके थे क्यूंकि शायद उनका काफी सालो के बाद में किसी ने मुहं में लिया था. वो मेरे मुहं में ही झड़ गए कुछ देर में ही. और मैंने उनका माल पी लिया. और वो मुझे बोलने लगे की खड़ी ह जा. तो मैं खड़ी हो गई. वो मुझे जोर जोर से चूमने लगे और मेरे कपडे उतारने लगे. ससुर जी तो पुरे नंगे ही थे. वो धीरे धीरे मेरे को भी एक एक कपडा उतार के नंगी करने लगे. जिस अंदाज से ससुर जी मेरे दूध को दबा रहे थे और चूस रहे थे; उसमे एक अलग ही नशा मेरे को भी चढ़ रहा था.

loading...

15 मिनिट मेरे बूब्स और होंठो को चूसने के बाद वो बोलने लगे की बहुत दिन हो गए किसी रंडी को चोदे और तू तो मेरे बेटे की बीवी है ! तो मैंने हँसते हुए सर हिलाया और मुझे पूरा नंगा खड़ा कर दिया. हम दोनों अब बिना कपड़ो के एक दुसरे के सामने थे वो भी हॉल के अंदर. उन्होंने मुझे बोला चल अपने एक एक पैर को सोफे पर रख दे. मैंने वैसे ही किया.
और उन्होंने पीछे से मेरी चूत में ऊँगली से थूंक लगा दिया. और फिर एक ही बार में अपना लंड डाल दिया. मैं चिल्ला पड़ी अह्ह्ह्हह अह्ह्ह धीरे से! क्यूंकि मैंने अभी तक अपनी लाइफ में 8 इंक का लंड पहले कभी नहीं लिया था इसलिए बहुत दर्द हुआ मेरे को. ससुर जी ने मुझे एक कस के थप्पड़ मारा और मेरे मुहं पर हाथ रख के मेरे को जोर जोर से चोदने लगे. मुझे बहुत दर्द हो रहा था पर थोड़ी देर बाद जब ससुर जी का लंड मेरी चूत में अच्छे से जाने लगा तो मुझे मजा आ रहा था.  इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम 
मेरी तो सिसकियाँ निकल पड़ी अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हम्म्म्म अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ससुर जी मुझे बोले की धीरे धीरे से चिल्ला रंडी. और फिर बोले की चल सोफे में लेट जा. मैं लेट गई और वो मेरे ऊपर चढ़ के मेरी चूत में मुहं डालने लगे और किस करने लगे और मैं तो पूरी पागल हो चुक थी. मैंने उनके मुहं को खिंचा और सर को पकड के मेरी चूत में अंदर तक जीभ डालने को कहा. और मैं वही पर झड भी गई. फिर ससुर जी ने मुझे 10 मिनिट तक और चोदा और अपने सब पानी को मेरी चूत में ही निकाल दिया.
मेरे पति और बच्चो को दिल्ली में 7 दिन रहना था. और अभी पांच दिन बाकी थे. सास के लिए ससुर जी नींद की गोलियां ले आये और मुझे बोले की इस दवाई को उसकी दवाई में मिक्स कर के पिला देना. और फिर रोज रात को वो मेरे से सेक्स करने के लिए सास को सुला के मेरे कमरे में आ जाते थे और सुबह तक खूब चोदते थे!

DMCA.com Protection Status

loading...