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शादी से पहले मंगेतर को चोदकर सुहागरात मनाई

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sex stories हेलो दोस्तों मैं आप सभी का indiansexkahani.com में बहुत बहुत स्वागत करता हूँ। मैं कई सालों से इंडियन सेक्स कहानी पढ़ रहा है। मेरे एक दोस्त ने मुझे इसके बारे में बताया था। तबसे हर रात मैं इसे पढता हूँ और मजे लेता हूँ। आज मैं आपको अपनी कहानी सूना रहा है। आशा है आपको पसंद आएगी। दोस्तों मेरा नाम अरुण प्रताप सिंह है। मेरा घर बनारस में है। एक मिडिल क्लास परिवार से मैं हूँ। मेरे पापा यूनिवर्सिटी में सरकारी बाबू है। मैं 2 भाई और 2 बहन हूँ। मेरे बड़े भैया की शादी हो चुकी है। मेरी भाभी बहुत जवान और खूबसूरत औरत है। मेरी बहने अभी छोटी है और कॉलेज में पढ़ रही है। वो बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती है।
मेरे पापा और मम्मी अब बूढ़े हो चुके है। मेरी शादी होने वाली थी। मेरे लिए लड़कियाँ देखी जा रही थी। वैसे भी अब मेरी उम्र 30 साल की हो चुकी थी और आजतक कोई चूत चोदने को नही मिली थी। सिर्फ हाथ से मैंने मुठ मारकर काम चलाया था। कोई भी असली और रियल बुर चोदने को नसीब नही हुई थी। इसलिए मैं घर वालो पर जोर डाल रहा था।
“मम्मी मेरी जल्दी शादी करो। अब कितना इंतजार करूं” मैंने रोज कहता था
फिर एक एक करके मुझे आगरा, इटावा, लखनऊ और कानपुर में कई लड़कियाँ दिखाई गयी। कोई लड़की मुझे पसंद नही आई। कोई काली थी तो कोई मोटी थी। किसी की नाक बैठी थी। कोई पढ़ी लिखी नही थी। अंत में मुझे बनारस में ही लड़की दिखाई गयी। उस लड़की का नाम पारो था। मुझे पारो पसंद आ गयी। वो खूबसूरत और सेक्सी लकड़ी थी। साथ ही सरकारी नौकरी करती थी। वो टीचर थी। उसे देख के ही मेरा लंड खड़ा हो गया। मन हुआ की शादी तक क्या इन्तजार करना। अभी पारो को चोद लूँ।
“बेटा!! तुमको लड़की पसंद है ???” पारो की माँ ने पूछा
“अरे पसंद है सासु माँ….मुझे आपकी लड़की 100 % पसंद है। मेरी तरफ से ये शादी पक्की। जाओ शादी की तैयारियां करो” मैंने तेज आवाज में कहा
“देखो लड़का कितना बेसब्र लगता है” मेरी होने वाली बीवी की भाभी बोली
सब हंसने लगे। हम दोनों की उसी समय सगाई कर दी गयी। पारो और मैंने एक दूसरे को सोने की अंगूठी पहना दी। अब पारो मेरी मंगेतर बन चुकी थी। जब पारो के मम्मी पापा ने पंडित से बात की तो 6 महीने बाद शादी का मुर्हुत निकल रहा था। इसलिए हम दोनों को काफी इंतजार करना था। मैं पारो से फोन पर बात करने लगा।
“जान कैसी हो???” मैंने पारो को काल करके पूछा
वो हंस हंसकर बात कर रही थी।

“अच्छी हूँ। आप कैसे है???” पारो बोली
“अरे मैं तो तुम्हारी मुनिया रानी को देखने को परेशान हूँ। क्या तुम्हारा चुदाने का मन नही करता है जान” मैंने पूछा
“करता है जी….मेरा भी सेक्स करने का बड़ा मन करता है। पर क्या करे???” वो उदास होकर बोली
“जान आज पिज्जा हब में आ जाओ शाम को 4 बजे। मेरी होने वाली सास कुछ पूछे तो कह देना की मुझसे मिलने आ रही हो। आज तुम्हारी चूत की सेवा करता हूँ” मैंने कहा
“ठीक है जी” पारो हंसकर बोली
मैंने फोन पर ही उसे किस्सी दी। बदले में उसने भी मुझे किस किया। उसके बाद मैंने जल्दी से अपनी झांटे साफ कर ली। आज मुझे कैसी भी अपने मंगेतर पारो को चोदना था। मैंने अपने दोस्त रोहन से उसके फ्लैट की चाभी ले ली जो बनारस के मेन मार्किट में था। उस फ्लैट में अभी कोई नही रहता था। रोहन के पापा उस फ्लैट को किराये पर देते थे। पर अभी कोई किरायेदार नही था। शाम को 4 बजे मेरी मंगेतर और होने वाली बीबी पारो बिलकुल टिप टॉप होकर सफ़ेद शर्ट और नीली जींस में पिज्जा हब आ गयी। ओह्ह क्या हॉट माल लग रही थी पारो आज। मन कर रहा था की जल्दी से उसकी रासिली चूत में लंड डालकर चोद लूँ। पारो बहुत ही सुंदर सेक्सी और हॉट माल थी। उसका जिस्म भरा हुआ और काफी गदराया था। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
उसके बाल तो किसी घोड़ी की तरह लम्बे लम्बे और बहुत खूबसूरत थे। उसकी चुस्त शर्ट से उसके 36” के बूब्स का उभार मुझे साफ़ साफ दिख रहा था। पारो हंस हंस कर मेरी ओर गांड मटकाती हुई जा रही थी। उसकी नीली जींस बहुत ही टाईट और चुस्त थी और उसकी गांड दिख रही थी। वहां पर सभी जवान लड़की मेरी मंगेतर को घूर घूर कर देख रहे थे जैसे उसे चोद लेना चाहते हो। दोस्तों पारो नॉ 1 क्वालिटी की माल थी। वो मेरे करीब आ गयी।

“हाय बेबी!!” मैंने कहा
पारो से अपना गाल आगे किया और मैने किस कर लिया। फिर हम दोनों पिज्जा शॉप में एक कोर्नर में बैठ गये। यहाँ पर जादातर लव बर्ड्स [बॉयफ्रेंड्स और गर्लफ्रेंड्स] ही आते थे। सब अपनी अपनी माल को पटा रहे थे। कुछ लड़के टेबल के नीचे से अपनी अपनी गर्लफ्रेंड्स की चूत में ऊँगली कर रहे थे। मैंने एक बिग साईज पिज्जा आर्डर किया जो 250 रूपये का था। फिर मैं अपनी मंगेतर के साथ इश्क लड़ाने लगा। और लड़को की तरह मैं भी अपना हाथ टेबल के नीचे डाल दिया और धीरे धीरे पारो की जींस की चेन मैंने खोल दी और उसकी चूत में ऊँगली करने लगा। मेरी मंगेतर पिज्जा शॉप में ही “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” करने लगी।
“जान मजा आ रहा है????” मैने पूछा
“बहुत मजा आ रहा है जी” मेरी खूबसूरत मंगेतर पारो बोली
हम लोगो का पिज्जा भीड़ की वजह से 20 मिनट बाद आया। तब तब मैने पारो की चूत में ऊँगली कर करके उसकी पूरी पेंटी गीली कर दी। मेरी ऊँगली में उसके भोसड़े से निकला ताजा मक्खन लग चुका था। मैं मुंह में लेकर चाट गया। पिज्जा खाने के बाद हम दोनों का चुदाई का मौसम बन गया था।
“पारो बेबी!! तुम्हारा चुदवाने का दिल है तो बोलो जुदाड करूं” मैंने कहा
“पर मुझे कहाँ चोदोगे अरुण??” पारो थोड़ी परेशान होकर बोली
“तुम टेंशन मत लो” मैंने कहा और हम दोनों पिज्जा शॉप से बाहर आ गये। मैंने उसे अपनी बाइक पर बिठा लिया। फिर मैंने उसे अपने दोस्त रोहन के खाली पड़े फ्लैट में ले आया। यहाँ पर हम दोनों को देखने वाला कोई नही था। फ्लैट में अंदर जाते ही हम दोनों को बेड मिल गया। मैंने पंखा चालू कर दिया। फिर मैंने अपनी मंगेतर पारो को पकड़ लिया और किस करने लगा। वो भी मेरी तरह काफी बेताब थी। हम दोनों बेताबी से एक दूसरे को किस करने लगे। उसके होठ बहुत मुलायम और खूबसूरत थे। वो पूरी तरह से कुवारी थी। मैंने पारो को बाँहों में भर लिया और उसकी शर्ट के उपर से उसके दूध को सहलाने लगा। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“पारो!! कितना साइज है तुम्हारे दूध का???” मैंने पूछा
“36” की ब्रा मुझे फिट होती है” पारो बोली
ये सुनकर मैं और जोश में आ गया। हम दोनों बेड पर लेट गये। मैंने उसके दोनों बूब्स को हाथो से सहला रहा था। धीरे धीरे मैंने उसकी शर्ट की सब बटन खोल दी और निकाल दी। सफ़ेद ब्रा में मेरी मंगेतर की छातियाँ बेहद बड़ी बड़ी और सेक्सी लग रही थी। दोस्तों ब्रा के उपर से ही मैंने पारो के मम्मे को दाबना शुरू कर दिया। टमाटर की तरह मुलायम और बेहद सॉफ्ट मम्मे थे उसके। मैं दाबने लगा। पारो “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” करने लगी। ब्रा के उपर से ही मैं दूध पीने की कोशिश करने लगा।

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“अरुण!! ऐसे कैसे पी रहे हो। रुको ब्रा उतारती हूँ” पारो बोली। वो बैठ गयी और अपने हाथ उसने पीछे किये और ब्रा का हुक खोल दिया। ब्रा निकाल दी। उसके सफ़ेद संगमर्मर जैसे दूध देखकर मैंने पगला गया। मैं पारो पर लेट गया और उसे बाहों में मैंने किसी पागल आशिक की तरह भर लिया। मैंने जल्दी जल्दी उसके कुवारे होठ, गले, और मम्मो को किस करने लगा। मेरे हाथ उसके दूध को जल्दी जल्दी सहलाने लगे। पारो को अच्छा लग रहा था। वो “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” कर रही थी। मैंने टमाटर की लाल लाल दिखने वाले उसके दूध को हाथ से दबाना शुरू कर दिया। मेरी मंगेतर सिस्कारियां लेने लगी। उसकी आवाजे सुनकर मैं और अधिक गर्म हो गया था। जल्दी जल्दी मैंने उसके आमों को दबाना शुरू कर दिया। मन मर्जी तरह से मैं उसके आमो को दबा रहा था। पारो मेरा साथ निभा रही थी। वो बिलकुल भी मना नही कर रही थी।
उसे भी अच्छा लग रहा था। मजा आ रहा था उसे। फिर मैंने उसके दूध को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। वो प्यार से मुझे पिला रही थी। कोई नखड़ा नही मार रही थी। मैं किसी सच्चे आशिक की तरह जल्दी जल्दी मुंह चलाकर उसके दूध चूस रहा था। चूं चूं की आवाज उसकी चूची से निकल रही थी। हम दोनों को बड़ा मजा आ रहा था। 10 मिनट मैंने उसकी 1 चूची चुसी। पारो की चूत गीली हो गयी। उसने अपनी नीली जींस की चेन खोल दी और अपनी चूत में ऊँगली करने लगी। अब मैंने उसकी दूसरी चूची मुंह में भर ली और जल्दी जल्दी चूसने लगा। पारो “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा आराम से चूसो अरुण वरना मेरे मम्मे पर दांत के निशान पढ़ जायेंगे। कोई पूछेगा तो मैं क्या बताउंगी …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ— ” पारो कहने लगे।

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पर मैं अभी धुन में था और कस कसके मैंने उसके दूध चूस लिए। फिर हम दोनों ने अपने अपने कपड़े उतार दिए। पारो ने अपनी जींस उतार दी और अपनी सिल्क पेंटी भी उतार दी। वो लेट गयी। उसने अपनी टांग खोल दी। मैंने जल्दी जल्दी उसकी बुर चाटने लगा। ओह्ह दोस्तों कितनी सुंदर गुलाबी बुर थी मेरी मंगेतर की। बड़ी सी उभरी हुई और गदराई चूत। मैं जल्दी जल्दी चाटकर उसे गर्म करने लगा। फिर मैने अपना 8” लम्बा लंड उसकी चूत में दरवाजे पर रख दिया और जोर का धक्का मारा। पहली कोशिश में मेरे लंड से उसकी चूत की सील टूट गयी। “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…” पारो चिल्लाई। मैंने उसके होठो पर अपने होठ रख दिए और किस करने लगा। धीरे धीरे मैंने उसे चोदना शुरू कर दिया
शुरू शुरू में उसे काफी दर्द हो रहा था। पर वो बर्दास्त कर गयी। कुछ देर बाद उसका दर्द खत्म हो गया। मैं जल्दी जल्दी अपनी मंगेतर को चोदने लगा। दोस्तों आज मैंने शादी से पहले ही अपनी होने वाली बीबी को चोद लिया था। मैं उसकी बुर में कम से कम 200 -250 गहरे धक्के मारे। चुदाते चुदाते पारो का जिस्म आग की तरह तपने लगा। आधे घंटे बाद हम दोनों साथ में स्खलित हो गये। वो मुझसे छिपकली की तरह आगे घंटे तब चुदाई के बाद भी चिपकी रही। कुछ देर बाद मैंने उसकी गांड चोदी। दोस्तों 6 महीने बाद हम दोनों की शादी हो गयी। पर तब तक मैं उसे हजारों बाद चोद चुका था। और उसकी बुर को फाड़ फाड़कर चौराहा बना डाला था। कहानी आपको कैसे लगी, अपनी कमेंट्स इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर जरुर दे।DMCA.com Protection Status

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