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तीन भाइयों के साथ मेरी सामूहिक चुदाई हुई

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हेलो दोस्तों मैं कविता आप सभी का indiansexkahani.com में स्वागत करती हूँ। मैं पिछले कई सालो से sex stories नियमित पाठिका रही हूँ।
मैं बहुत खूबसूरत और जवान लड़की हूँ। मेरी उम्र सिर्फ 22 है। मैं पूरी तरह से जवान हो चुकी थी और कई बार चुदवा भी चुकी हूँ। मैं अभी कॉलेज में पढ़ रही हूँ। मेरा छातियाँ अब पहले की तुलना में काफी बड़ी बड़ी, और रसीली हो गयी है। कोई भी लड़का अगर मुझे एक बार देख लेता है तो बार बार देखना चाहता है। जवान लड़कों और अधेड़ उम्र के मर्द भी मेरे 36” के बूब्स को बार बार ताड़ते है। कितने लड़के तो सिर्फ मुझे एक बार देखकर अपने घरों जाकर मुठ मार लेते है।
दोस्तों मेरे बॉयफ्रेंड का नाम रवीश था। वो मुझे कई बार चोद चूका था। वो मेरे साथ कोलेज में भी पढता था। हम दोनों सेक्स के मामले में काफी खुले हुए थे और खुलकर चुदाई की बाते करते थे। पर कुछ दिनों से मुझे मजा नही आ रहा था।
“क्या हुआ कविता ऐसे मुंह क्यूँ लटका कर बैठी हो????” मेरे बॉयफ्रेंड रवीश ने मुझसे पूछा
“रवीश! तुमसे चुदा चुदाकर मेरी चूत का छेद काफी बड़ा हो गया है। अब तुम्हारा लंड मेरी चूत में आराम से घुस जाता है इसलिए मुझे जरा भी मजा नही आता” मैंने कहा
“जान फिर तो सामूहिक चुदाई करवाओ। तब ही तुमको मजा आएगा” रवीश बोला
“पर रवीश सामूहिक चुदाई के लिए तो 2 -3 लड़के होने चाहिए” मैंने कहा
“मेरे भाई अमरीश और मनीष तुम्हारे साथ सामूहिक चुदाई कर देंगे। मैं आज बात कर लूँगा। तुम रेडी हो जाओ” मेरा बॉयफ्रेंड रवीश बोला
कुछ दिनों बाद हम चारो का प्लान बन गया। रवीश के घर वाले कहीं बाहर चले गये थे। उस दिन मेरे घर वाले भी कही शहर से बाहर चले गये थे। मैं शाम को अच्छी तरह सज धजकर अपने बॉयफ्रेंड रविश के घर पहुच गयी। उसने दरवाजा खोला तो तीनो भाइयो ने मेरा वेलकम किया। फिर हम चारो सोफे पर बैठ गये। मेरे बॉयफ्रेंड रविश की तरह ही उसके दोनों भाई अमरीश और मनीष भी अच्छी बॉडी के थे और रोज जिम जाते थे। फिर रवीश सबके लिए कोल्ड्रिंक ले आया। कुछ देर बाद हम चारो बेडरूम में चले गये।

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“कविता सामूहिक चुदाई कैसे होती है तुम जानती हो ना?? मनीष बोला
“जानती हूँ जान” मैंने कहा
तीनो भाई ने अपनी अपनी जींस की बटन खोल दी और अपने अपने लौड़े बाहर निकाल लिए। वो खड़े होकर मुझसे अपना लंड चुस्वाने जा रहे थे। मैं जमीन पर घुटनों के बल बैठ गयी और अमरीश और मनीष का लौड़ा मैंने हाथ में पकड़ लिया और हाथ से फेटने लगी। दोस्तों तीनो भाइयों के लौड़े एक से बढकर एक और बहुत शानदार थे। सबके लंड 8” से जादा लम्बा था। देखने में बिलकुल हॉटडॉग की तरह दिख रहे थे। देखने में बहुत क्यूट थे। रविश मेरी आँखों और चेहरे पर अपना लंड लगाने लगा। मैंने अपना जींस टॉप पहना हुआ था और मैं नंगी नही हुई थी। फिर मेरा बॉयफ्रेंड रवीश काफी देर तक मेरे चेहरे पर लंड रगड़ता रहा। फिर उसने मेरे मुंह में लंड दे दिया। मैं जल्दी जल्दी चूस रही थी और मनीष और अमरीश के लौड़े जल्दी जल्दी फेट रही थी। फिर रवीश ने मेरे टॉप को उतार दिया। मेरी लाल रंग की ब्रा को भी उसने उतार दिया। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
मैं उपर से नंगी हो गयी। पर अभी भी मैंने जींस पहने थी। उसके बाद तो मैं सामूहिक चुदाई में मस्त हो गयी। रवीश का लंड मैं जल्दी जल्दी चूसने लगी और अमरीश और मनीष का लंड मैं हाथ से फेट रही थी। 10 मिनट तक मैंने अपने देसी बॉयफ्रेंड रवीश का लंड चूसा। उसके बाद रवीश किनारे हट गया। मनीष ने अपना मोटा लंड मेरे मुंह में डाल दिया। मैं चूसने लगी। इस तरह दोस्तों तीनो भाइयों ने मेरे मुंह में लंड दिया और चुसाने का मजा लिया
“चलो कविता! अब जल्दी से कपड़े उतार दो” मेरे बॉयफ्रेंड रवीश ने कहा
मेरी जींस बहुत कसी थी। उतरने का नाम नही ले रही थी। किसी तरह मैंने उतारी। फिर अपनी पेंटी भी मैंने खींच कर निकाल दी। मैं पूरी तरह से नंगी हो गयी और बिस्तर पर लेट गयी। मनीष मेरे पैरों को सहलाने लगा। मेरे गोरे, दूधिया संगमरमर जैसे पैर बहुत खूबसूरत थे। उसे बहुत सुंदर लग रहे थे। मनीष मेरे पैरो को चूम रहा था। हाथों से सहला रहा था। रवीश और अमरीश मेरे बगल आकर लेट गये और मेरे मम्मो को पीने लगे। उधर मनीष मेरी भरी हुई जांघ को हाथ से सहला रहा था और होठो से चुम्मी ले रहा था। रवीश ने मेरी बायीं चूची मुंह में भर ली और चूसने लगा जबकि उसके भाई अमरीश ने मेरी दाई चूची को हाथ से दबाना शुरू कर दिया और फिर चूसने लगा। दोस्तों इस तरह आज मैं भरपूर सामूहिक चुदाई का मजा ले रही थी। मेरे तीनो दोस्त मेरे जिस्म के 3 अंगो को चूस और पी रहे थे। आखिर में मनीष ने मेरे पैर खोल दिए और जल्दी जल्दी मेरी चूत चाटने लगा। मैं “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” की कामुक आवाजे निकालने लगी। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

आज के जितना मजा मुझे आजतक नही मिला था। रवीश और अमरीश मेरी गोल मटोल रसीली चूची को चूस रहे थे उधर मनीष मेरी चूत को कुत्ते की तरह चाटकर मजा ले रहा था। मेरे जिस्म में चुदाई और वासना की आग लग चुकी थी। मैं “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” बोलकर कामुक आवाजे निकाल रही थी। मेरे तीनो दोस्त अपने अपने काम कर लगे हुए थे। दोस्तों आधे घंटे तक वो मेरे जिस्म से खेलते रहे। रवीश और अमरीश ने मेरे बूब्स को अच्छे से चूस लिया और उधर मनीष ने मेरी चूत को चाट चाट कर गिला कर दिया था। फिर वो सब नंगे हो गये।
“कविता जान!! आज हम तीनो भाई तुमको कई तरह से चोदेंगे और भरपूर मजा देंगे” मनीष बोला
उसके बाद उसने मेरी कमर के नीचे 1 मोटा गुलगुल तकिया लगा दिया और मेरे पैर खोल दिए। मेरी चूत में लंड डाल दिया और मुझे चोदने लगा। उधर अमरीश मेरे बगल ही पैरों को मोड़कर बैठ गया और मेरे मुंह में लंड दे दिया। मैं चूसने लगी और मनीष से चुदाने लगी। मेरा बॉयफ्रेंड रविश मेरे दूसरी तरह बैठ गया और मेरी चूची को हाथ से सहलाने लगा। फिर से मैं 3 -3 लड़कों से एक ही समय में मजा ले रही थी। मनीष मुझे अपने 8” के लंड से दनादन पेल रहा था। मेरी चूचियां हिल रही थी जिसे मेरा बॉयफ्रेंड रवीश दबा रहा था और निपल्स को ऊँगली से ऐठ रहा था। अमरीश का मोटा लंड मेरे मुंह में था। उसे मैं जल्दी जल्दी चूस रही थी। मैं “…..ही ही ही……अ अ अ अ .अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ…” की कामुक आवाजे निकाल रही थी। रवीश ने अपना स्मार्टफोन निकाला और मेरी कई तस्वीर खीच ली। मैं बिलकुल प्रोफेशनल रंडी लग रही थी। मेरे जिस्म के दोनों छेद में लंड था। मेरी चूत और मुंह में लंड था। इस तरह से काफी देर मेरी ठुकाई हुई। फिर मनीश हट गया। अमरीश ने अपना लंड हाथ से पकड़कर मेरी चूत में सरका दिया और मेरा गेम बजाने लगा। अब रविश ने मेरे मुंह में लंड दे दिया और चुसाने लगा। दोस्तों इस तरह मैंने ख़ूब मजा लिया। अमरीश ने मेरी चूत को गमागम पेला और 15 मिनट बाद वो हट गया। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

अब रवीश ने मेरी चूत में लंड डाल दिया और मुझे ठोकने लगा। इस तरह तीनो भाई बारी बारी से मेरे साथ सम्भोग कर रहे थे। मैं सिर्फ “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। आज 3 -3 लंड मैं एक साथ खा रही थी। दूसरे राउण्ड में तीनो ने मुझे फिर से 20 -20 मिनट पेला और माल मेरी चूत में ही छोड़ दिया। दोस्तों मेरी चूत में आज 3 -3 जवान लड़को का सफ़ेद रंग का माल भरा हुआ था। सफ़ेद रंग के वीर्य की जैसी बाढ़ सी आ गयी थी। अमरीश, रवीश और मनीष मुझे चोदकर हांफ गये थे और बिस्तर पर तीनो लेटकर सुस्ता रहे थे। मुझे बाथरूम लगी तो मैं नंगी ही बिना कपड़ों के बाथरूम चली गयी। फिर मैंने पेशाब की और अपनी चूत को पानी से अच्छे से धो लिया।

मेरी चूत में अभी भी जलन हो रही थी क्यूंकि आज 3 -3 लंड मैंने बारी बारी से खाये थे। फिर मैंने तौलिया से अपनी चूत अच्छे से पोंछ ली और आकर तीनो भाइयों के पास आकर लेट गयी। नंगे नंगे ही हम चारो लेते हुए थे। फिर हम चारो से एक होरर फिल्म टीवी पर साथ में देख डाली। कुछ देर बाद मैं चूदने को फिर से रेडी थी। मैंने फिर से तीनो के लंड बारी बारी से चूसना शुरू कर दिया। कुछ देर देर में रवीश, मनीष और अमरीश तीनो के लंड पूरी तरह से खड़े हो गये थे। रवीश ने अपने लंड में ढेर सारा तेल लगा लिया और मुझे अपने लंड पर बिठा लिया। मेरी गांड में उसने अपना लंड डाल दिया। दर्द के मारे मैं रोने लगी। किसी तरह उसका लंड मेरी गांड में धंस गया। मेरी पीठ रविश की तरफ थी यानी की मैं उल्टा मुंह करके उसके लंड को गांड में लेकर बैठी थी। फिर उसने मुझे अपने उपर लिटा लिया। फिर अमरीश आ गया और उसने मेरे पैर खोलकर मेरी चूत में लंड डाल दिया। मैं “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” करके चिल्ला पड़ी। दोस्तों इस तरह रवीश मेरी गांड चोदने लगा और अमरीश मेरी चूत मारने लगा।
2 -2 लंड मैं एक साथ खा रही थी। कुछ देर बाद अमरीश ने अपना माल मेरी चूत में छोड़ दिया और हट गया। अब मनीष मेरी चूत में आकर लंड डाल दिया। फिर रवीश मेरी गांड मारने लगा और मनीष मेरी चूत। दोनों ने मुझे 15 मिनट पेला। फिर मेरी सामूहिक चुदाई सम्पन्न हो चुकी थी।  इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

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