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तीन लड़को ने मिलकर की सेक्सी चुदाई

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sexy stories मेरा नाम तान्या है। मेरी उम्र 19 साल की है। मैं बहुत हॉट और सेक्सी लगती हूँ। मेऱा कद 5 फ़ीट 4 इंच है। मै चुदाई करवाने के लिए किसी न किसी तरह से किसी मोटे लौड़े का सहारा ले लेती हूँ। कभीं कभी यो मुझे लौड़ा ना मिलने पर सब्जियों का सहारा लेना पड़ता है। मै हमेशा एक लौड़े से ही चुदवाती हूँ। लेकिन मुझे क्या पता था। कि ऐसा समय भी आ सकता है। जब मुझे चुदवाने को एक नहीं तीन लौंडे का सहारा लेना पड़ सकता है। मेरी चूंचिया बहुत ही आकर्षक लकती है। मैंने अपनी चूंचियो को पीने का मौका बहुत सारे लड़को को दिया। मेरी चूत हर रोज नई लगती है। मेरी चूंची को पीने के लिए लड़के बहुत ही परेशान होते हैं। मैंने भी लड़को के लंड को चूसने कोई कसर नहीं छोड़ती। दोस्तों अब मै अपनी कहानी पर आती हूँ।
दोस्तों मै अभी B. Com में पढ़ती हूँ। मै लखनऊ में रहती हूँ। इसीलिए मै लखनऊ में ही पढ़ती हूँ। मै यूनिवर्सिटी से अपनी ग्रैजुएशन कम्पलीट करना चाहती हूँ। कुछ लड़के मेरे बॉयफ्रेंड भी हैं। मै उनसे कभी कभी एक एक करके सब से चुदवाती हूँ। मै देखने में बहुत ही सीधी लगती हूँ। लड़के मुझे बहुत ही लाइन मारते है। लेकिन मैं भी किसी को लाइन मारने में नहीं चूकती। लड़कियां मुझसे बहुत ही जलती हैं। मुझे मेरे बॉयफ़्रेंड खूब चुदाई करके मुझे खूब मजे देते हैं। मै भी खूब चुदाई करवा कर उनको भी मजे देती हूँ। मैंने अब तक कई सारे लड़को को अपनी चूत का मजा दिया है। मै एक दिन अपने बॉयफ्रेंड से चुदने के लिए बात कर रही थी। उसके दोस्त भी वही पास में खड़े सुन रहे थे। मै उनसे भी कई बार चुदवा चुकी थी। मैंने अब तक कभी तीन लड़को से चुदाई नहीं करवाई थी। मैंने तो अभी तक एक ही लौड़ा एक समय पर खाया था। रात के समय मैंने जिस बॉयफ्रेंड से चुदने को बोला था। आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 

वो शाम को स्कूटी लेकर आया। मैं अपने घर के पास खड़ी थी। वो मुझे अपने रूम पर लेकर गया। मैं रूम में घुस कर पड़े बेड पर लेट गई। मैंने जिस बॉयफ्रेंड को बुलाया था। उसका नाम अंश था। अंश भी मेरे पीछे पीछे आया। उसका रूम सबसे ऊपर था। उस मकान में एक हो कमरा सबसे ऊपर था। मैंने बिना कुण्डी लगाए बिस्तर पर लेटकर चुदने का इंतजार कर रही थी। अंश बाहर से फोन करके अंदर आया। मै अंश से चिपक कर लेट गई। मै अंश को किस करने लगी। अंश ने बाहर जाकर अपने पास के रहने वाले दोनों दोस्तों को फोन कर आया था। अंश के होंठो को मै चूस रही थी। अंश का लौंडा मौसम बना रहा था। अंश भी मुझे किस कर रहा था। मेरी चूत भी मौसम बना रही थी। मेरी चूत का मौसम बनते ही मैं बेकाबू होने लगी। मेरे बेकाबू होते ही मैं अंश के होंठो को जम कर चूस रही थी।
अंश भी मेरी जम कर होंठ चुसाई कर रहा था। मैंने उस दिन काले रंग का सलवार कुर्ता पहन रखा था। मैंने अपने आप को कंट्रोल नहीं ककर पा रही थी। मैंने अब तक कई सारी बार चुदवा चुकी थी। मैंने अंश को पकड रखा था। अंश मेरे कोमल नाजुक होंठो को चूस चूस कर लाल लाल कर दिया। मैंने अंश से कई बार चुदवाया था। अंश को मुझे चोदने में बहुत मजा आता था। अंश का लौड़ा धीऱे धीरे बड़ा होने लगा। मैंने अपना कुर्ता निकालने के लिये अंश से छुड़ा लिया। अंश ने मेरा कुरता निकाल दिया। अंश के कुर्ता निकालते ही। मैं अंश से चिपक कर किस करने लगीं। अंश मेरी चूंचियों को दबा दबा कर पीने लगा। अंश के चूंचियो को पीते ही मैं गर्म होने लगती थी। अंश मेरी चूंचियां पी ही रहा था। की अचानक उसके दोनों दोस्त आ गए। मै उन्हें देखकर चौक गई। अंश तो खुश था क्योंकि उसी ने बुलाया था। वो लोग आते ही सीधे रूम में घुस आए। अंश ने दोनो को कहा-आ गए तुम लोग मै तुम्हाऱा ही इंतजार कर रहा था। डर के मारे मेरी चूत फ़टी जा रही थी। आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 

अचानक तीनो बिस्तर पर आकर लेट गए। एक ने जाकर दरवाजा बंद किया। उसका नाम  अमन था। दूसरा आकर मेरी चूंचियो से खेलने लगा। अंश मेरे होंठो को चूस रहा था। राजेश नाम था दुसरे वाले का। अचानक अमन ने आकर मुझे सहलाने लगा। अमन के सहलाने से मै कुछ ज्यादा ही गरम जो गई थी। तीनों से मै पहले भी चुदवा चुकी थी। लेकिन वो तब अकेले अकेले ही होते थे। एक साथ तीनो से मै पहली बार चुदवाने जा रही थी। पहली बार मैंने तीनो को एक साथ एक बिस्तर पर इतने हवस की नजरो से देखते जो देखा था। अमन को मैंने पीछे कर दिया। अमन मेरी पीठ को सहला रहा था। अंश भी मेरे होंठ को चूस रहा था। राजेश मेरी चूंचियो से खेल खेल कर मजे ले रहा था। कभी वी मेरी दाई तो कभी बाई चूंची को उछाल उछाल कर गेंद की तरह खेल रहा था। मै भी मजा ले रही थी।
आबि तक तो मुझे तीनो से चुदवाने में डर लग रहा था। अब मैं गर्म हो गई थी। अब मुझे चुदवाने में कोई डर नहीं लग रहा था। मै बहुत ही गरम हो चुकी थी। लेकिन तीनो मुझे और ज्यादा ही तड़पा रहे थे। मै अकेली वो तीन मुझे बेरहमी से इधर उधर हाथ लगाकर गुदगुदी करके गर्म कर रहे थे। मै भी अपनी चूत ने उंगली कर रही थी। राजेश ने पीछे से मेरी ब्रा का हुक खोल दिया। मेरी ब्रा का हुक खुलते ही तीनो मेरी चूंचियो को पीने को झपटने लगें। अचानक राजेश ने मेरी एक चूंची को अपने मुह में भर कर चूसने लगा। राजेश मेरी चूंचियो को पीता देख कर। आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 

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अंश ने भी मेरी दूसरी चूंची का निप्पल अपने मुह में भर कर पीने लगा। अंश मेरे चूंचियो को छोटे बच्चे की तरह पी रहा था। लेकिन राजेश बहुत ही धीऱे धीऱे मेरी चूंचियो को पी रहा था। मेरी मुह से “… ह्हह स्सीईईईइ…. अअअ अअ…आ हाआआगए…हा हा हा” की आवाज निकाल कर सिसकारियां भर रही थी। अमन बेचारे ने कुछ न पाकर मेरे होंठो पर ही अपना होंठ सटा कर मेरे होंठो को चूसने लगा।
अमन मेरे होंठनको चूस चूस कर लाल लाल कर दिया। मेरे होंठो की ज्यादा चुसाई करने पर मेरी होंठ लाल लाल खून जैसी हो जाती है। देखते ही देखते अमन भी पूरा मजा ले ले कर मेरे होंठ को चुसा रहा था। राजेश मेरी चूंचियो को अपने दांतो से काट रहा था। दांत से चूंचियो के काटते ही मैं “आई….आई… आई….अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी…हा हा हा…” की आवाज निकाल देती थी। अंश भी मेरी चूंचियो को पी रहा था। अंश को मैंने पकड़ कर मैं अपनी चूंचियो में दबा रही थी। अमन की मेरी सलवार का नाड़ा खोल रहा था। अमन ने मेरी सलवार का नाड़ा खोल कर मेरी सलवार निकाल कर मेरी पैंटी को सूंघने लगा। अमन को मैंने अपने चूत में कस कर दबा लिया। अमन मेरी चूत को सूंघकर खुद ही मस्त हो रहा था। अमन मेरी चूत की मादक खुशबू से बहुत ही मदमस्त हो गया। आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 

अमन ने मेरी पैंटी निकाल दी। अमन ने मेंरी पैंटी को निकाल कर मेरी चूत को चाटने लगा। अमन अपनी जीभ लगा लगा कर मेरी चूत को चाट रहा था। अमन अपना लौड़ा पकड़ कर दबा रहा था। राजेश अपना लौड़ा निकाल कर मेरे सामने कर दिया। मैंने राजेश का लौड़ा अपने मुँह में रख कर चूसने लगी। राजेश का लौड़ा कर चूस चूस कर मैंने उसका सुपारा लाल लाल कर दिया। अमन भी मेरी चूत को चाटकर लाल लाल कर दिया। अंश भी अपना लौड़ा निकालने के लिए अपना पैंट निकाल रहा था। अंश भी अपना लौड़ा निकाल कर मेरे सामने कर दिया। मै अंश का लौड़ा पकड़ कर आगे पीछे कर रही थी। राजेश ने अपना लौड़ा छुडाकर मुझे लिटा दिया। मै लेटे लेटे ही अंश के लौड़े को चाट रही थी। राजेश ने मेरी दोनों टांगो को फैला कर मेरी चूत के दर्शन करके मेरी चूत में अपना लौड़ा रगड़ने लगा। राजेश का लौड़ा मेरी चूत को रगड कर तड़पा रहा था। राजेश का लौड़ा मेरी चूत की दोनों दरारों के बीच में रगड़ाई कर रहा था।
मैंने अंश का लौड़ा पकड़ कर खूब अच्छे से चूस रही थी। अमन एक किनारे खड़ा होकर अपना लौड़ा निकाल कर हिला रहा था। मैं भी अब चुदवाने को तड़पने लगी। राजेश मुझे खूब तड़पा तड़पा कर चोदना चाहता था। मैंने अमन को इशारा करके अपने पास बुलाया। अमन का लौड़ा मुझे सबसे अच्छा लग रहा था। राजेश ने अपना लौड़ा मेरी चूत के द्वार पर रख़ कर धक्का माऱा। राजेश के लौड़े का टोपा बहुत ही जल्दी मेरी चूत में घुस गया। मेरी मुँह से “उ उ उ उ उ…अ अ अ अ अ आ आ आ आ….सी सी सी सी…ऊँ…ऊँ…ऊँ…” की आवाज निकल गई। राजेश को मेरी चूत की चुदाई करने में बहुत ही मजा आ रहा था। मै अपनी दोनों टांगो को फैलाई लेटी हुई थीं। राजेश मेरी चूत में अपना लौड़ा खूब जोर से धक्का मार कर पूरा घुसा दिया। अमन भी अपना लौड़ा मुझे पकड़ाये बैठा हुआ था। मैं भी अपनी चूत उठा उठा कर चुदवा रही थी। मैंने अमन का लौड़ा पकड़ कर चूसने लगी। अब मैं दो लौडो को हाथो में लेकर खेल रही थी। राजेश मुझे अपने लौड़े से लगातार खूब जोर जोर से चोदने लगा। आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 

राजेश के लौड़े ने अपना पानी छोडं देने वाला था। राजेश अपना लौड़ा निकाल कर मेरी मुँह की तरफ भाग कर आ गया। मैंने अपना मुह राजेश का माल पीने के लिए खोल लिया। राजेश अपना लौड़ा मेरे मुह में रख कर अपना सारा माल निकाल दिया। राजेश का लौडे का सारा माल मै पी गई। मैंने राजेश का लौड़ा चूसने लगी। उधर से अमन मेरी चूत की चुदाई करने के लिए राजेश के स्थान पर पहुच गया। अमन ने भी अपना लौड़ा मेरी चूत में डालने लगा। अमन का लौड़ा सबसे मोटा था। अमन का लौड़ा मेरी चूत को फाड़ने के लिए तैयार था। अमन ने अपना लौड़ा मेरी चूत में घुसा दिया। मै जोर से चिल्लाई “आ आ आ अह्हह्हह. ..ईईईईईईई.. .ओह्ह्ह्हह्ह… .अई…अई..अई…अई…मम्मी….” की आवाज निकल गई। मैंने अपनी चूत पर अपनी हाथ से दबाकर मसलने लगी।
मुझे अपनी चूत मसलने से कुछ मजा आ रहा था। अमन मुझे खूब जोर जोर से चोदने लगा। अमन का लौड़ा मेरी चूत को फाड़कर उसका भरता बना डाला। अमन की चोदने की स्पीड बढती ही जा रही थी। अमन भी झड़ने वाला हो गया। अमन भी आकर मेरे मुह में झड़ गया। अमन ने जैसे ही झड़ कर किनारे खड़ा हुआ। अंश ने आकर मुझे उल्टा लिटा दिया। अंश के उल्टा लिटाते ही मैं चौक गई। अंश मेरी गांड़ चोदने के लिए तैयार था। अंश ने अपना लौड़ा मेंरी गांड में घुसा दिया। अंश का लौड़ा गांड़ में घुसते ही मैं जोर से “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…आह आह उ उ उ उ उ…अ अ अ अ अ….आआआआ—-” की चीख निकालने लगी। अंश ने मेरी खूब गांड़ चुदाई करके वो भी झड़ गया। तीनो ने मुझे चोदकर खूब आंनद दिया। मै भी कई बार झड़ी थी। हम तीनों अब अक्सर मिल कर खूब चुदाई करते हैं। आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। DMCA.com Protection Status

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