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पति के जूनियर ने लंड को मेरी चूत में डाला. वाऊ क्या मस्त गरम और बड़ा लंड था

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मेरी एज 31 साल की हे और मैं एक हाउसवाइफ हूँ जिसका एक बेटा हे. मेरे हसबंड मेरे से पांच साल बड़े हे और उनकी जॉब में बहुत ट्रान्सफर और टूरिंग रहती हे. हमारी शादी को 8 साल हो चुके हे. मैं 5 फिट 6 इंच लम्बी हूँ और मेरा फिगर 38-32-36 हे. मेरा रंग साफ़ हे और चहरा एकदम सेक्सी हे. मेरा नाम ललिता हे.ये बात बताने से पहले मैं आप को बता दूँ की आखिर मैंने ये सेक्स क्यूँ किया? दरअसल मैं अपनी सेक्स लाइफ में उतनी खुश नहीं थी. और पति के सेक्स में कुछ साहस या नयापन भी नहीं था. मेरा पति डार्क कलर का और हाईट में मेरे से छोटा हे. और उनका लंड भी साड़े 4 इंच का ही हे. और वो बिस्तर में मुझे एक ही बार चोद पाता हे. और सेक्स की फ्रीक्वेंसी भी हफ्ते में केवल एक बार की हे. जब वो मेरे ऊपर आता हे तो लगता हे की कोई बच्चा हो. और जब वो चोदता हे तो लगता हे की चूत के ऊपर फिधर घूम रहे हो.

मेरे पति का एक जूनियर हे जिसकी उम्र 23 साल हे. वो अक्सर मेरे पति की प्रोफेशनल हेल्प लेने के लिए हमारे घर पर आता था. ये बात हुई तब मेरी उम्र करीब 26 साल की थी. वो लम्बा और गोरा था और उसकी बॉडी भी एकदम मस्क्युलर थी. उसके हाथ और छाती के ऊपर घने बाल थे जिन्हें देख के मैं उत्तेजित हो जाती थी. वो मेरे हसबंड की नजरें बचा के मुझे कातिल निगाहों से देखता था.और उसकी वो निगाहें मेरी चूत का पानी छुडवा देती थी. और मैं उसके बारे में सोच के फिंगर भी कर लेटी थी. एक दीन मेरे पति बहुत शराब पी के आये थे घर पर और आते ही वो सो गए. और उसके कुछ ही देर में ये लड़का अमित भी आ गया उन्के पीछे. वो बैठा और बोला सर को आज ज्यादा ही हो गई. और वो मेरी नाईट ड्रेस को देखने लगा. उसकी नजर मेरे बूब्स के ऊपर आ के अटक सी जाती थी.

वैसे मेरा भी मन कर रहा था की जा के उसे कर लूँ. लेकिन मेरे पति बगल की रूम में ही सो रहे थे. वो भी मुझे आँखों ही आँखों से चोद के कुछ देर में वहां से चला गया. तब तक तो मेरी चूत एकदम गीली हो गई थी और उसके अन्दर से पानी छुट गए थे.दुसरे सिन संडे था. और मैंने पति से कहा की चलो न सिटी के बहार वाले बिच पर चलते हे और मुझे रात तक वही पर रुकना हे. पति ने कहा अरे अभी मौसम सही नहीं हे नाईट के लिए. मैंने कहा, क्यूँ? वो बोले डेंजरस हे बाइक ड्राइविंग. मैंने कहा अमित को बुला लो एस्कॉर्ट के लिए. पति ने कहा ठीक हे. शाम के 7 बजे हम लोग चोटी के ऊपर थे जहां से निचे दरिया और ऊपर आसमान दिख रहा था. मेरे पति ने कहा मैं एक काम करता हूँ हमारे लिए निचे से कुछ खाने के लिए ले के आता हूँ. मैंने कहा उसमे तो बहुत देर होगी. वो बोले, जल्दी ही आता हूँ.

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मुझे पता था की वो जल्दी तो आने से ही रहे. क्यूंकि संडे की वजह से निचे इटरी में भी काफी भीड़ ही होनी थी. चोटी की जिस जगह को हमने चुना था वो भीड़भाड़ वाली नहीं लेकिन एकदम शांत थी. मेरे और अमित के सिवा अभी वहां कोई नहीं था.अचानक वो करीब आया और उसने मेरा हाथ पकड़ लिया. और मुझे भी पता नहीं क्या हुआ की मैंने उसे हग कर लिया. उसके बदन की खुसबू उसकी छाती की अकड वगेरह मुझे एकदम एक्साइट कर रही थी. और मैंने उसे एकदम जोर से हग कर लिया और मेरे चहरे को उसके चहरे से लगा दिया.उसने हाथ को गांड पर रख के दबाया और उसके शेप का जायजा लिया जैसे. उसने मेरी मिडी को ऊपर कर के गांड को सहलाई और बोला, वाऊ क्या मस्त एस हे आप की!

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फिर उसने अपने होंठो को मेरे होंठो के ऊपर रख दिए और किस करने लगा. आज से पहले वो मुझे मेडम मेडम करता था लेकिन आज मुझे नाम से ही बुला रहा था. मैंने उसके पेंट के बल्ज के ऊपर अपना हाथ रख के उसके पेनिस को महसूस किया. उसका लंड मेरे हसबंड के लंड से ऑलमोस्ट डबल लम्बा और कडक था. उसने मुझे अपनी स्कूटर के ऊपर बिठा दिया और मेरे टॉप का आगे का हिस्सा खोल दिया. मेरी ब्रा के अन्दर छिपे हुए बूब्स को देख के जैसे वो लकवा मार गया. मैंने हाथ पीछे कर के अपनी ब्रा को अनहुक किया और कप्स को ऊपर कर के असली बूब्स दिखाए उसे.मेरे बड़े और टाईट बूब्स मूनलाईट में चमक से रहे थे जिस से वो चौंधिया सा गया था. उसने निचे झुक के मेरे ब्राउन निपल्स को वो मुहं में दबा के चूसने लगा और वो मोअन करने लगा था.

और दुसरे बूब को वो अपने हाथ से मसल रहा था. मेरे बुर में पानी आ गया था जिस से मेरी पेंटी गीली होने लगी थी. उसने कुछ देर के बाद मेरी मिडी उठाई और पेंटी को साइड में कर दिया और चूत को चाटने लगा. और फिर वो अपनी मर्दानी उँगलियों से चूत को सहला भी रहा था. और उस वक्त वो मुझे डार्लिंग, जानू, स्वीटहार्ट बुला रहा था. फिर उसने मेरी चूत को जितना चौड़ा कर सकता था उतना कर के अपनी जबान को अन्दर डाला. और वो अपने हाथ से मेरे बूब्स, जांघ और गांड को पकड़ के दबा रहा था.फिर मैं कुछ देर में खड़ी हुई उसकी पेंट को खोला लंड देखने के लिए. अमित बोला, तुम्हारा पति आता ही होगा अभी रहने दो.

मैंने कहा, बस देख तो लेने दो मुझे एक बार.

अमित ने लंड बहार निकाला और मैं सोचने लगी की भले हसबंड आये लेकिन इस लंड को ले लूँ. लेकिन अमित ने मुझे धक्का दे के कपडे ज़िप बंद कर दी. और वो बोला आप भी सही कर लो अपने कपडे. और पांच मिनिट में मेरा हसबंड खाने का पार्सल ले के आ भी गया. हमने बैठ के खाना खाया. पूरी ट्रिप में मैं अमित के लंड के बारे में ही सोच रही थी कसम से!फिर मैं और मेरे पति आगे उनकी बाइक पर और अमित पीछे अपनी स्कूटर ले के आ रहा था. स्कूटर की लाईट में वो मुझे लाइन मार रहा था. और मैं भी हसबंड की नजरों को बचा के उसे ही देख रही थी पुरे रस्ते में. अमित ने जाते वक्त इशारा दिया की वो कल कॉल करेगा मुझे.

अगले दिन मेरे पति को एक आउटस्टेशन पर जाना था तो वो चले गए. करीब 9 बजे अमित की कॉल आया. मैंने उसे कहा की आज मेरे पति बहार गए हे. वो बोला मुझे पता हे मैंने ही मेन बॉस को बोल के सेटिंग किया हे सब ताकि मैं अपनी जान से मिल सकूँ! उसने कहा की तुम्हारा पति कल आफ्टरनून से पहले आना नहीं हे और आज रात को मैं पूरा मजा दूंगा तुम्हे.मैंने शाम से ही तैयारी कर ली थी लंड के लिए. मैंने अपनी सब से अच्छी ब्रा, पेंटी और उसके ऊपर ट्रांसपेरेंट साडी पहन ली. वैसे मैं साडी कम ही पहनती हूँ, मेरे हसबंड को मैं साडी में बड़ी अच्छी लगती हूँ हालांकि. जब अमित ने आ के दरवाजे को नोक किया तो मेरा दिल जोर जोर से धडकने लगा था. मैंने डोर ओपन किया उसे अन्दर लिया और फट से दरवाजे को बंद कर दिया. मैंने उसे कहा की मेरा बेटा बेडरूम में सो रहा हे.

उसने मेरी कमर में अपना हाथ रखा और ड्राइंग रूम के दीवान बेड पर ले गया मुझे. उसने मुझे कहा कल से हम बिछड़े तब से तुम्हारे बारे में ही सोच रहा था. और उसने कहा की कल के बाद तो मैं तुमसे और भी प्यार करने लगा हूँ. और उसने ये कह के मुझे एकदम टाईट हग दे दी और मुझे किस करने लगा. वो मेरे क्यूट लिप्स को जैसे अपने होंठो से खाने लगा था.मेरी साडी का पल्लू निचे गिर चूका था. और वो मेरी एस यानी की गांड को दबा के मसल रहा था और मैंने भी उसके लंड को टच कर ही लिया. उसने अपना शर्ट खोला और उसकी ऊपर की सेक्सी बॉडी मुझे लुभा गई. मैं उसकी चेस्ट को लिक करने लगी क्यूंकि इतनी सेक्सी चेस्ट मैंने पहले कभी नहीं देखि थी. तब मैं अपनी पेंटी, साडी और ब्लाउज में उसके सामने खड़ी हुई थी.

उसने मुझे पीछे घुमाया और पीछे का सिन देखा. और फिर वो मेरी ब्रा के हुक्स को खोलने लगा. उसने कहा डार्लिंग तुम्हारी गांड बड़ी ही सेक्सी हे! मैंने हंस के उसके चहरे के ऊपर एक हाथ मारा और वो बोला, आज नहीं जाने दूंगा मेरी जानेमन को मैं!उसने अब मुझे पूरा न्यूड कर दिया और मेरी चूत को खोल के उसको किस देने लगा. मेरी हालत तो एकदम खराब हो गई थी. मेरे पति को ये सब कभी आया ही नहीं था, वो सिर्फ खोलो, डालो और निकालो वाला सेक्स करते थे. अमित ने अपनी पेंट और अंडरवेर भी निकाल दी और मैं उसके लंड को पकड़ के स्ट्रोक देने लगी थी. अमित के लंड के साथ साथ उसके बॉल्स भी एकदम बड़े बड़े थे जैसे की कोई बड़ा लेमन लटका हो वहां पर.

अब मेरी बेताबी एकदम ही बढ़ चुकी थी. मैंने निचे झुक के उसके बॉल्स को चूसा और फिर उसके लंड को अपने मुहं में डाल के चूसने लगी. वो अह्ह्ह अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह करने लगा था. मैंने उसके बॉल्स पकडे और पुरे लंड को गले तक भर के चुस्से लगा दिए. वो मदहोश हो के अह्ह्ह अह्ह्ह्ह नाईस, वाऊ अह्ह्ह कर रहा था.फिर अमित ने मुझे दीवान के ऊपर लिटा दिया और वो मेरे पेट के ऊपर चढ़ गया. उसने मेरे दोनों बूब्स को साथ में लगा दिया और बोला, इन्हें जोर से दबाओ दोनों तरफ से. मैंने ऐसे ही किया. अमित ने एक हाथ से अपने लंड को पकड़ा और वो मेरे निपल्स के ऊपर अपने लंड को घिसने लगा. मेरे बदन में उत्तेजना की एक लहर दौड़ गई. फिर उसने मेरे दोनों बूब्स के बिच में लंड को डाला और बूब्स फकिंग देने लगा.

उसका लोडा एकदम गरम था और बूब्स फकिंग करवाने का बड़ा ही मजा आ रहा था मुझे तो. उसका लंड बूब्स के बिच से होता हुआ मेरे होंठो के पास आता था तब मैं उसके ऊपर चुम्मा दे देती थी. वो भी मजे लुट रहा था और मैं भी.फिर वो बोला, चलो अब मेरे लंड को चुसो. वो ये कह के बेड में बैठ गया. मैं उसकी दोनों जांघो के बिच में आ गई और उसके लंड को चूसने लगी. वो जोर जोर से मेरे बाल पकड़ के मुहं में स्ट्रोक देने लगा था., मुश्किल से आधा पौना लंड ही मुहं में ले पा रही थी मैं.

करीब पांच मिनिट के बाद अमित ने मुझे टाँगे खोल के लिटाया. फिर वो बिच में आ के खड़ा हुआ. उसने मेरी दोनों टांगो को उठा के अपने शोल्डर के ऊपर रख दिया. और अपने लंड को मेरी चूत में डाला. वाऊ क्या मस्त गरम और बड़ा लंड था. मैंने उतने बड़े लंड से पहले कभी नहीं चुदी थी इसलिए मैं जैसे सातवें आसमान के ऊपर थी. वो जोर जोर से अपने लान के धक्के दे रहा था और मैं आह्ह्ह्ह अह्ह्ह ओह ओह एस अह्ह्ह कर के मरवा रही थी अपनी.अमित ने पांच मिनिट ऐसे चोदने के बाद फिर से अपने लंड को मेरे मुहं में डाला. मैंने लंड को चाट लिया और उसके ऊपर लगे हुए सब पुसी ज्यूस को लिक कर गई. फिर उसने मुझे घोड़ी बना दिया. वो पीछे आया और उसने निचे झुक के मेरी चूत के ऊपर हाथ फेरा और एक किस कर दी. मेरी बॉडी में करंट लगा जो जैसे.

फिर उसने लंड को एक हाथ से पकड़ के चूत पर दबाया और अन्दर घुसा दिया. मैं जोर से चीख पड़ी क्यूंकि इस बड़े लंड को इस पोज़ में लेने से मेरी चूत फट गई थी जैसे. लेकिन मजा भी बहुत आ रहा था. अमित ने अपनी एक ऊँगली मेरे मुहं में दी जिसे मैं चूसने लगी. और वो पीछे से मुझे चोदता गया.दोस्तों पूरी रात कभी इस पोज़ में तो कभी उस पोज़ में अमित से चुदवाय मैंने. वो भी जबरदस्त चोदु था जिसने पूरी रात मुझे चोदा बिना थके हुए.सुबह को मैंने उसका लंड आखरी बार चूसा और वो घर से निकल गया. लेकिन मैंने उसे कहा की जब भी मेरे हसबंड ऐसे नाईट में बहार होंगे तो उसे आना पड़ेगा!

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